To Hell With Failure!
(0)
₹
249
₹ 206.67 (17% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Damn, These Exams....! Exams again! And I am not ready for it! Aren't these exams really useless? Isn't there a way to escape them? If I get bad results, wonder what I'll do. Will my life will be ruined forever? How come everyone is tensed about results? But then, are results really that important? Or have Exams become Education? Isn't it time to question the Education System? Well, there is an open secret about this- A bad report card is not the end of life! No life can be destroyed by FAILURE in exams. If you don't believe, do read this book
Read moreAbout the Book
Damn, These Exams....! Exams again! And I am not ready for it! Aren't these exams really useless? Isn't there a way to escape them? If I get bad results, wonder what I'll do. Will my life will be ruined forever? How come everyone is tensed about results? But then, are results really that important? Or have Exams become Education? Isn't it time to question the Education System? Well, there is an open secret about this- A bad report card is not the end of life! No life can be destroyed by FAILURE in exams. If you don't believe, do read this book
Book Details
-
ISBN9788119745302
-
Pages168
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age11-18 yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Rupaye Ka Bhraman Package
- Author Name:
Sudha Kumari
- Book Type:

- Description: "‘‘कई साल पहले इस अद्भुत परंपरा को दलबदलू परंपरा का नाम दिया जाता था। आज इसे एक सम्मानजनक नाम—‘घोड़ों की खरीद-फरोख्त’ के नाम से जाना जाता है। ऐसे घोड़ो को ‘चुनावी मौसम विज्ञान विशेषज्ञ’ का नाम भी दिया जाता है। हमारे घोडे़ कोई मामूली नहीं जो औने-पौने में बिक जाएँ। ये तो अरबी नस्ल से भी उम्दा घोडे़ हैं और बेशकीमती भी। औने-पौने भाव पर ये बिकते नहीं, बिदकते हैं।’’ —इसी पुस्तक से सरकारी विभाग पर व्यंग्य लिखना बहुत आम बात है, मगर सरकारी अधिकारी द्वारा व्यंग्य लिखना आम नहीं है। लेखिका अपने समय को बारीकी से विश्लेषित करने में प्रयत्नशील हैं ताकि मानव समाज की बेहतरी के लिए साहित्य के माध्यम से विषमताओं पर प्रहार किया जाए। आज के समय में न्याय और सामयिक व्यवस्था से ऐसे सवाल करना बहुत कठिन है। विषय वैविध्य, व्यापक, प्रखर एवं सामाजिक सरोकारों से युक्त सकारात्मक सोच के साथ लेखिका स्वतंत्रचेता सृजनधर्मी के रूप में सिर्फ सरकारी क्षेत्र पर नहीं, बल्कि सामाजिक जीवन के प्रायः हर क्षेत्र— उद्योग-धंधों, पत्रकारिता और आम जन-जीवन में व्याप्त विसंगतियों से मुठभेड़ करती हैं। "
Zindagi Itni Sasti Kyon Hai
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: दवा कंपनियों ने मीडिया, टेलीविज़न और प्रचारतंत्र से चिंता तनाव और डिप्रेशन से लगभग सभी को पीड़ित घोषित कर दिया है तथा इसका उपचार दवाइयों को बताने में सफल हो चुकी है। कारण कुछ भी हो और उपचार एक ही तरह का ये तो चिकित्सा के सिद्धांत के विपरीत है। जानिए की हमने ज़िंदगी को इतनी सस्ती क्यों बना दिया है।
Classroom ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: मेरी बेटी बेहतर विकल्पों के लिए बाहर चली गई है, मेरी पत्नी अपने कॅरियर में व्यस्त है तो खाना अब पहले की तरह ‘स्वादिष्ट’ नहीं रहा, जिसमें प्रेम, लगाव, देखभाल करनेवाले शब्दों के साथ पूछताछ होती थी। सबसे बढ़कर वह वात्सल्य होता, जो इस धरती पर तो केवल माँ ही दे सकती है, खासतौर पर अपने बच्चों को। जब भी किसी दिन मैं अकेला भोजन के लिए बैठता हूँ तो मेरे कानों में माँ के शब्द गूँजते, ‘क्या तुम कुछ और खाओगे,’ ‘आज तुमने क्या खाया है,’ और मैं मूर्खों की तरह चारों ओर देखता हूँ, जबकि मुझे अच्छी तरह मालूम है कि ऐसे पूछनेवाला आस-पास कोई नहीं है। भीतर कहीं हूक सी उठती है कि कोई यह पूछनेवाला नहीं है। साफ कहूँ तो अब उन शब्दों में संगीत सुनाई देता है, फिर चाहे आँखें भीग ही क्यों न आई हों। कभी-कभी तो मैं अकेले खाने से घबराने लगता हूँ। शायद इसलिए बडे़-बुजुर्ग कहते हैं कि पूरे परिवार को कम-से-कम एक बार भोजन साथ लेना चाहिए। —इसी पुस्तक से क्लासरूम की ये प्रेरक कहानियाँ हमारे आस-पास तथा दैनिक जीवन से संबंधित हैं। कुछ नया करने की प्रेरणा देनेवाली कहानियाँ।
Dheeraj ka Jadu
- Author Name:
Sirshree Tejparkhi
- Book Type:

- Description: "धीरज के जादू से जुबान, कान, आँख, नाक और हाथ सब असली खुशी पाने का साधन बन जाते हैं। बिना धीरज यही इंद्रियाँ रोग और विकार का कारण बन जाती हैं। जैसे... जुबान - धीरज = साँप का जहर, गाली, बद्दुआ। जुबान + धीरज = विकास की सीढ़ी, रिश्तों में मिठास कान - धीरज = युद्ध का मैदान, शोर कान + धीरज = सत्य श्रवण का द्वार आँख - धीरज = माया का विज्ञापन आँख + धीरज = करुणा की लहरों का महासागर नाक - धीरज = डर, यम का बैल, कम साँसें नाक + धीरज = प्राणायाम, लंबा स्वस्थ जीवन हाथ - धीरज = पाप कर्म हाथ + धीरज = महानिर्वाण निर्माण का साधन धीरज में ताकत है, धीरज में जादू है। धीरज निरंतर प्रयास है, प्रहार है, जो हर मुसीबत से आपको निकाल सकता है। हर कार्य के साथ यदि धीरज जुड़ जाए तो जीवन सीधा, सहज, सरल बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप धीरज पाने के लिए धीरज के साथ प्रयत्नशील रहें। कुछ नहीं करना, केवल इंतजार करना धीरज नहीं है। तो सवाल आ सकता है कि यह कैसे करें? जवाब बिल्कुल आसान है। इसके लिए आपको केवल यह पुस्तक पढ़कर इसमें दिए गए मार्गदर्शन को अपने दैनिक जीवन में उतारना है। www.watchwaitandwonder.com यानी थोड़ा देखें, थोड़ा इंतजार करें, मगर आश्चर्य के साथ!"
Vriddhvastha Mein Sukhi Jeevan
- Author Name:
Satendra Nath Ray
- Book Type:

- Description: "बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं हुआ करती, अगर व्यक्ति मानसिक बीमारियों जैसे-काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि से ग्रस्त हैं तो भी वह बीमार ही माना जाएगा। अत: पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति वह है, जो शारीरिक एवं मानसिक दृष्टि से स्वस्थ है। बीमारियों का कारण हम स्वयं बनते हैं। शारीरिकबीमारियों केनिवारण केलिए 'प्रात: भ्रमण' तथा 'योग' को दिनचर्या में अपनाना जरूरी है। इससे बिना दवा खाए भी व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक ने यह बताया है कि स्वस्थ रहने के लिए प्रात: भ्रमण कैसे करना चाहिए भोजन तथा आहार कैसा होना चाहिए तथा कब करना चाहिए दांपत्य जीवन को कैसे सफल बनाया जा सकता है, वृद्धावस्था की समस्याएँ एवं उनका समाधान, सुख क्या है और कहाँ?, जल ही जीवन है आदि। स्वस्थ रहने के लिए सबसे अहम बात यह है कि हम उन चीजों के सेवन से परहेज करें, जिनकी हमें जरूरत नहीं है, जो हानिकारक हैं। पान, पान मसाला, खैनी, शराब, मांसाहार के बिना भी हम अधिक स्वस्थ बने रह सकते हैं, अत: इनका सेवन करकेबीमार क्यों पड़े? यह हमेशा ध्यान रखें कि स्वस्थ रहना प्राकृतिक है, अस्वस्थ रहना अप्राकृतिक। आज हर कोई-क्या गरीब, क्या अमीर-अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। ऐसे में इस पुस्तक की उपयोगिता और बढ़ जाती है। आशा है, सुधी पाठक पुस्तक में दिए सुझावों को अपने जीवन में अपनाकर पूर्ण स्वस्थ तथा निरोग रह सकते हैं। "
Mahan Chanakya Ki Jeevan Gatha
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Happiness A New Model Of Human Behaviour
- Author Name:
Tarun Pithode
- Rating:
- Book Type:

- Description: This is A Book of Positive Thinking and Self Grooming by Young IAS Officer Tarun Pithode, his Previous book I Am Possible is Best Seller Book.
Kaise Banain balak Sanskari Aur Swasth
- Author Name:
Prem Bhargav
- Book Type:

- Description: जिज्ञासा मानव-विकास की आदि एवं मूलभूत आवश्यकता है। उसकी रक्षा से ही हम समाज को विकसित, सम्पन्न एवं उन्नत बना सकते हैं। पर प्रायः देखा जाता है कि व्यस्त माता-पिता बच्चों के प्रश्नों से खीज जाते हैं और उनको सदैव अपने काम में बाधा उपस्थित करनेवाले प्राणी समझते हैं। उनको उद्दंड और मूर्ख ठहराकर उन्हें चुप करा देते हैं और उनकी जिज्ञासा प्रवृत्ति को कुचल देते हैं। ऐसे बालक ख़ुद को उपेक्षित, अनभीष्ट और प्रेमवंचित महसूस करते हैं। इसका परिणाम बहुत ही भयावह होता है। बालक संसार में सुरक्षा और स्थिरता चाहता है। बालक के भावनात्मक विकास के लिए पिता के अधिकार, माँ के ममत्व और भाई-बहन की उदारता एवं सौहार्द की बहुत आवश्यकता है। ऐसा न होने पर उसके मन में भाँति-भाँति की ग्रन्थियाँ पड़ जाती हैं, जो भविष्य में उसके सारे व्यवहारों को प्रभावित करती हैं। कई बार देखा गया है कि पिता के बढ़ते वर्चस्व को देखकर माँ में असुरक्षा की भावना घर करने लगती है। अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए वह अपनी ही बात मनवाना चाहती है, पिता के बीच में बोलने पर रोक देती है, ऐसी स्थिति में बच्चे उद् दंड और बदतमीज़ हो जाते हैं। पिता को अहमियत नहीं देते। इसके विपरीत माँ के डाँटने-मारने के समय यदि पिता बच्चों का पक्ष लेता है तब भी बच्चे बिगड़ जाते हैं और माँ का सम्मान नहीं करते। वास्तव में होना यह चाहिए कि यदि माँ किसी ग़लत बात पर डाँट रही है, तो पिता को चाहिए कि बीच में न बोले और पिता कुछ कह रहा है, तो माँ उस समय चुप रहे।
Bhad Mein Jaye Vo Naukri
- Author Name:
Vijeta Dahiya
- Book Type:

- Description: "नौकरी ने खून चूस लिया है बिल्कुल! 15-16 घंटे काम करो. काम इतना बोरिंग, इतना stress! क्या खाक़ नौकरी है!" क्या आपको भी ऐसा लगता है अपनी नौकरी में? या आप बेरोज़गार हैं और ऐसी ज़हरीली नौकरी में आने की कोशिश कर रहे हैं? भाड़ में जाए वो नौकरी! अपना पैशन ढूँढो और उसी को अपना प्रोफ़ैशन बना लो। कहना आसान है, करना मुश्किल। माँ-बाप और समाज का प्रैशर अपने मन में भी घबराहट होती है। फ़्लैट और कार के लोन की किश्तें जा रही हैं। ये पता नहीं कि अपना पैशन है क्या! दूसरों से निर्देश लेने की आदत है, क्योंकि कभी ख़ुद का तो कुछ किया नहीं। नौकरी के बिना गुज़ारा कैसे होगा? इसलिए जब आपका दोस्त आपको मोटिवेशन देता है कि छोड़ इस नौकरी को, या आप फ़स्ट्रेशन में ख़ुद से ऐसा कहते हैं, तो यह काफ़ी नहीं होता। लेकिन कैसा होगा, अगर कोई इन सब समस्याओं को सुलझाते हुए आपको एक डिटेल्ड प्लान दे - 275 पन्नों की एक किताब में! इस किताब के लेखक एक ग्रामीण मिडिल क्लास परिवार से हैं। उन्होंने एक कॉरपोरेट नौकरी, 'ग्रुप-बी' सरकारी नौकरी और मीडिया नौकरी को छोड़ा और आख़िरकार, अपने लेखन और फ़िल्ममेकिंग के पैशन को अपना प्रोफ़ैशन बनाने में कामयाब रहे। सपनों के इस सफ़र में जो कुछ उन्होंने सीखा, वह सबकुछ इस किताब में डाल दिया है। जब आप इस किताब को पढ़ेंगे, तो वे 9-10 घंटे आपकी पूरी ज़िंदगी बदल देंगे।
Mann Ke Chamatkar
- Author Name:
Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: मन के चमत्कार आपका मन आपका ख़ुद का है। बेहतर जीवन जीने के लिए आपको बाहरी परिस्थितियों को नहीं, बल्कि अपने मन को बदलना होगा । आप अपनी खुद की तक़दीर बनाते हैं। परिवर्तन की शक्ति आपके मन में है और अपने अवचेतन मन का इस्तेमाल करके आप बेहतरी के ये परिवर्तन कर सकते हैं । यह डॉ. जोसेफ़ मर्फ़ी की सबसे मशहूर पुस्तक 'द मिरैकल ऑफ़ माइंड' का अनुवाद है। इसे सर्वश्रेष्ठ सेल्फ हेल्प पुस्तकों में से एक क़रार दिया गया है । इसकी लाखों प्रतियाँ बिक चुकी हैं ।
BILL GATES KE MANAGEMENT SOOTRA
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: बिल गेट्स, स्व-निर्मित अरबपतिहैं। जबवे केवल 20 वर्षके थे, उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना कर ली थी। 30 पार होते-होते वे सबसे कम उम्र के अरबपति बन गए और 39 साल की उम्र में उनकी संपत्ति तबके सबसे अमीर व्यक्ति वॉरेनबफे को पीछे छोड़ते हुए वे दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बनगए। बिल गेट्स कभी आपके और मेरे जैसे एक साधारण व्यक्ति थे, लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के बल पर माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना की और तबउन्हें वह सबकुछ मिल गया है, जिसके वे हकदार थे—धन, शक्ति, विश्वसनीयता। उन्होंने भी कठिन समय से सीखा और उसका सामना करने में सक्षम बने। बिल गेट्स ने सफल होने के लिए कुछ सरल नियम बनाए और उनका पालन किया प्रस्तुत पुस्तक में यही बताया गया है कि हम किस प्रकार अपने जीवनका मनचाहा निर्माण कर सकते हैं।
Success-O-Dynamics: Beyond 8000 Stepwalks…
- Author Name:
Tanay Karnatak +1
- Book Type:

- Description: Success is your birthright. Ensure no one snatches it.” With a vision of transforming the nation from ‘Good to Great’, the author has spearheaded a mission to inspire professionals, especially youth, to develop self-belief with a ‘Yes, I Can (YIC)’ attitude. Although he is a Post-doctorate in management and an alumnus of IIT Delhi, the author has taken inputs & suggestions from his son, a young manager in an MNC, making this book a good read for the younger generation. He is a visionary thought leader promoting Positivity, Growth, and Sustainable progress for the youth by following the MESH concept (Make Everyone Successful and Happy). The author introduced a disruptive ‘Three-Engine’ model to succeed and emphasized the YIC approach to ignite minds to make them believe in their inherent dormant capabilities to ascend to their Everest of success. Further, he has developed 21+ Disruptive innovative management theories. This book will be published in two volumes with three modules Self-Exploration, Self-Empowered, and Self-Actualization. This book is about Self-Exploration and will facilitate the readers to know and prepare themselves to ascend their Everest ‘Beyond 8000’, the first step in their Success journey. The other volume will guide readers on Self-Empowerment & Self-Actualization, leading to being an Achiever and Super-Achiever (Outlier). It would help to purge the ‘Alas’ moment to have a regret-free Successful, and Happy life. The learning’s from this book would be helpful for professionals, including next-generation youth, in developing contours of Progress & Success.
Karamati Mann
- Author Name:
Preeti Shenoy
- Book Type:

- Description: करामाती मन अगर कोई चीज़ आपके लिए जादू कर सकती है तो वह है - आपका मन | लेकिन क्या आप अपने मन की करामातों के बारे में जानते हैं। क्या आप में इसके एक-एक दरवाज़े को खोलने का हुनर है। क्या आप यह हुनर सीखना चाहते हैं। अगर हाँ, तो यह किताब शानदार प्रशिक्षक हो सकती है। यह किताब आपको अपनी ही क्षमताओं से स्वरू कराती है। यह आपके मन की उन्हीं चिनगारियों को पकड़ना सिखाती है जिसे आप कभी-कभी महसूस तो करते हैं, लेकिन असावधानी में उसकी अनदेखा कर जाते हैं। यह किताब अपने ही भीतर उतरने और अपना मालिक बनने का अभ्यास है। प्रीति शिनॉय का अनुभव, मानवीय अन्त क्षेठना की समझ और उनकी भाषा का प्रभाव पाठक को ऐसे बांधता है कि वह अध्याय-दर- अध्याय किसी रोमांचक उपन्यास पढ़ता चला जाता है। और अनजाने ही कहीं बहुत गहरे में बदलता जाता है। यह हमेशा अपने करीब रखी जाने वाली चुक है।
Bheetar ki goonj
- Author Name:
Vikas Chandra
- Book Type:

- Description: यह किताब पढ़ने के बाद एक बात साफ़ महसूस होती है - 'भीतर की गूंज' सिर्फ़ पढ़ी नहीं जाती, जी ली जाती है। लेखक ने किसी समाधान का दावा नहीं किया, बस मन के छिपे कमरों में रोशनी जलाई है। रोज़मर्रा के थकान भरे जीवन, झूठी “मैं ठीक हूँ” वाली मुस्कान, और अपने ही भीतर दबे सवालों को जिस सादगी और ईमानदारी से शब्द दिए गए हैं, वह कम ही देखने को मिलता है। एक पाठक के रूप में, यह किताब बताती है कि मनुष्य की सबसे बड़ी लड़ाई बाहर से नहीं, अपने भीतर से होती है। इसमें कहानियाँ नहीं, हमारे ही जीवन के प्रतिबिंब हैं। लेखक ने कहीं भी उपदेश नहीं दिया, बल्कि धीरे से यह एहसास करवाया है कि शांति बाहर नहीं, सिर्फ़ खुद को सुनने में है । जो भी इंसान दिन भर दुनिया को जवाब देता हो, पर रात में खुद से भाग जाता हो - उसके लिए यह किताब एक शांत, सच्चा, भरोसेमंद साथी है।
Atalji Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Dr. Rashmi
- Book Type:

- Description: "एक दोपहर अटलजी और दीनदयालजी जमीन पर चटाई बिछाकर लेट गए। वहीं सिराहने कुछ ईंटें रखी हुई थीं। दोनों ने उन्हीं ईंटों को तकिए की तरह अपने सिर के नीचे लगा लिया। उस समय भारत प्रेस के हिसाब-किताब का काम श्री राधेश्याम कपूरजी देखा करते थे। वैसे तो उनकी अमीनाबाद में अपनी दुकान भी थी, लेकिन वे उसमें कम ही बैठते, क्योंकि उनका दिल तो भारत प्रेस में ही लगा रहता था।...तो अचानक वे आ गए और दोनों को ऐसे सोता देख द्रवित हो उठे, जबकि सच तो यह है कि अटलजी और दीनदयालजी को किसी भी प्रकार का कोई कष्ट महसूस ही नहीं हुआ था, वे दोनों तो थकान के बाद की नींद का आनंद ले रहे थे। बाद में तो यह अकसर ही होने लगा। कोई भी सोता तो उन्हीं ईंटों का तकिया लगा लेता। उन दिनों संघ की शाखा में रोज कबड्डी खेली जाती थी। अटलजी को भी कबड्डी खेलना बड़ा अच्छा लगता था, लेकिन वे ठीक से खेल ही नहीं पाते थे। खेल के नियम तो सारे जानते थे, लेकिन दरअसल कारण यह था कि उन दिनों वे बहुत दुबले-पतले हुआ करते थे, इसलिए वे जिसके भी पाले में आते, उस पाले के स्वयंसेवक अपना सिर पकड़ लेते। —इसी संग्रह से भारत रत्न अटलजी जननायक थे, कवि-साहित्यकार थे, सबको साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता लिये संवेदना से भरपूर एक महान् विभूति थे। उनकी स्मृतियाँ सँजोने का एक विनम्र उपक्रम है यह पुस्तक, जो पाठकों को प्रेरित करेगी। "
Aviral
- Author Name:
Dr. Anand Prakash Maheshwari
- Book Type:

- Description: जन सेवा में रहकर जन व्यवस्था के अनेक आयाम देखने को मिलते हैं। पुलिस सेवा और भी करीब से कई रूप दिखा देती है। बात कुछ नहीं होती। फिर भी बात से बतंगड़ बन जाता है। अलग-अलग पहलुओं से उन्हें परखा जाता है। विभिन्न घटक उन्हें अपने सामर्थ्य के हिसाब से अपने रंग में ढालने का प्रयास करते हैं। व्यवस्थागत आयाम भी राजनैतिक, प्रशासनिक, वैधानिक एवं साक्ष्यगत पहलुओं से गुजरते हैं। फिर शुरू होता है अनियंत्रित विडंबनाओं का सिलसिला। एक लहर से अनेक लहरें। फिर वह सैलाब कब थमेगा और किस स्वरूप में नए आयाम उभरकर सामने आएँगे, यह कह पाना कठिन हो जाता है। स्मृतियों में अनेक कुंठाएँ घर कर लेती हैं, जो कि कब विकराल हो उठेंगी, यह भी कहना मुश्किल है। जन व्यवस्था की यह यात्रा अविरल है। विभिन्न जातियों, समूहों एवं संस्कृतियों में समरूपता, सामंजस्य एवं सद्भाव की दिशा में प्रयास अथवा मध्यम मार्ग एवं परस्पर संतुलन के विकल्प? इस पुस्तक के माध्यम से कथानक के रूप में कई रुचिकर पहलुओं को उजागर किया गया है, जो कि जन व्यवस्था के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हैं और जनजागृति की दिशा में मुक्त रूप से सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करते हैं।
Kar Dikhao Kuch Aisa By RJ Kartik
- Author Name:
RJ Kartik
- Book Type:

- Description: RJ कार्तिक की किताब ‘कर दिखाओ कुछ ऐसा’ मोटिवेशनल तो है ही इसमें ऐसी अद्भुत कहन और किस्सागोई है कि लगता है किताब नहीं पढ़ रहे कार्तिक को रूबरू सुन रहे हैं. 21 चैप्टर्स में ज़िंदगी के 21 पहलुओं को समेटे ‘कर दिखाओ कुछ ऐसा’ में RJ कार्तिक आपको, परिवार, ऑफिस, मन और अध्यात्म के बहुत सारे डायमेंशंस में सहजता से ले चलते हैं और गहराई के साथ चिंतन करने की जगह पर पहुँचा देते हैं. कार्तिक कहते हैं - ‘नज़रिया एक छोटी चीज़ है जो एक बड़ा अंतर पैदा कर देती है.' इस किताब से गुज़रने के बाद आप ज़िंदगी को पुराने नज़रिए से नहीं देखते, भीतर ऐसा कुछ बदल जाता है जो आपको शांत, एकाग्र और अधिक क्रियेटिव बना देता है. एक ऐसी किताब जिसे हमेशा सिरहाने रख सकते हैं कि जब मन हुआ किसी भी जगह से खोलकर पढ़ लिया
Jaisi Soch, Vaisa Jeevan & Kushhali Ke 8 Stambha (Hindi Translation of As A Man Thinketh & Eight Pillars of Prosperity)
- Author Name:
James Allen
- Book Type:

- Description: क्या दिन भर के उस पल को याद कर सकते हैं, जब आपका दिमाग खाली और विचार-शून्य रहा हो? क्या आप जानते हैं कि हर विचार कितना शक्तिशाली होता है? अपने सपनों को संजोएँ, अपने आदर्शों को सँजोएँ, अपने दिल में हलचल मचानेवाले संगीत को सँजोएँ, जो सुंदरता आपके मस्तिष्क में रूप लेती है, वह सुंदरता जो आपके शुद्धतम विचारों को ओढ़े रहती है, क्योंकि उनमें से ही सारी रमणीय स्थितियाँ, सारे अलौकिक वातावरण विकसित होंगे, इनके प्रति, अगर आप बने रहेंगे सच्चे, तो आखिरकार आपकी दुनिया का होगा निर्माण। विचारों की शक्ति में अंतर्दृष्टि देना, उनका हमारे स्वास्थ्य, शरीर और परिस्थितियों पर क्या प्रभाव पड़ता है और हम जैसा सोचते हैं, वैसा कैसे बनते हैं, इन सारी बातों को अपने अंदर समेटे जेम्स एलन की इस सम्मोहक पुस्तक में व्यावहारिक ज्ञान है, जो हमें प्रेरित करेगा, प्रबुद्ध करेगा और हमारी छिपी शक्तियों को खोजने में मदद भी। विचारों को धार और स्थिरता देनेवाली यह पुस्तक आपकेजीवन में आमूलचूल परिवर्तन करने की अद्भुत क्षमता रखती है। यह आपको परिपक्व करेगी, जीवनमूल्य विकसित करेगी और आप एक संतुष्ट तथा सार्थक मानव बन पाएँगे।
As A Man Thinketh
- Author Name:
James Allen
- Book Type:

- Description: जेम्स एलन का जन्म 1864 में लीसेस्टर, इंग्लैंड में हुआ। अपनी पहली किताब, 'फ्रॉम पॉवर्टी टू पॉवर' पूरी करने के बाद वे इल्फ्राकूम्ब में रहने चले गए। जहाँ उन्होंने अपनी यह अमर कृति जैसा मनुष्य सोचता है (Asa Man Thinketh)' लिखी जो कि उनकी कालजयी रचना है। यह पुस्तक 1902 में प्रकाशित हुई और इसे सेल्फ हेल्प किताबों की क्लासिक माना जाता है। इस पुस्तक को जेम्स एलन की पत्नी लिली ने प्रकाशित करवाया था। एलन का लेखक जीवन काफी छोटा रहा सिर्फ़ 9 साल का। 1912 में 48 वर्ष की उम्र में एलन इस दुनिया को छोड़ कर चले गए।
Paise Se Parmatma Ki Or
- Author Name:
Swami Parmanand
- Book Type:

-
Description:
“पैसे का सर्वोत्तम संस्कारित समान्तर लक्ष्मी है। लक्ष्मी का उद्देश्य है नारायण को वरण करना। यदि कोई नर, नारायण के गुणों को अपनाकर स्वयं नारायण बन जाता है तो सोने में सुहागा वाली बात चरितार्थ होती है, और अगर आप किसी कारणवश नारायण नहीं बन सकते हैं तो आप उनके घर जाकर उनका दर्शन कीजिए, उनसे मिलिए, उनका आशीर्वाद लीजिए। मैंने लक्ष्मी और नारायण दोनों का आवास बता दिया है। यह आपकी मर्ज़ी है, आप उनसे मिलना चाहते हैं अथवा नहीं।”
उपरोक्त कथन लेखक के हैं। यह पुस्तक सीधे तौर पर यह बताती है कि इस जीवन में रहकर भी आप परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं, आप जैसा जीवन जी रहे हैं, उसमें सन्तोष और आमदनी के स्रोत पैदा कीजिए। यह स्रोत ईमानदारी और मेहनत का होना चाहिए। आपको परमात्मा की अवश्य ही प्राप्ति होगी।
निस्सन्देह, जीवन-प्रबन्धन की एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण पुस्तक है ‘पैसे से परमात्मा की ओर’।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book