Happiness A New Model Of Human Behaviour
Author:
Tarun PithodePublisher:
Shivna PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Self-help1 Ratings
Price: ₹ 100
₹
125
Available
This is A Book of Positive Thinking and Self Grooming by Young IAS Officer Tarun Pithode, his Previous book I Am Possible is Best Seller Book.
ISBN: 9789387310117
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Jai Hind
- Author Name:
Shrikrishna 'Saral'
- Book Type:

- Description: "यह सुनकर कि अंग्रेजी सेनाएँ मीकतिला और पोपा की ओर बढ़ रही हैं, नेताजी भयभीत नहीं हुए । खतरे के क्षेत्र मीकतिला में तो वे थे ही, उन्होंने पोपा पहुँचकर अपनी लड़ती हुई सेना का साथ देने का निर्णय कर डाला । जिस स्थान पर अपने कुछ साथियों के साथ बैठकर वे विचार-विमर्श कर रहे थे, वहाँ उन्हें बार- बार बिजली की चमक जैसी दिखाई दे जाती थी । यह चमक अंग्रेजी तोपों के चलने से उत्पन्न हो रही थी । शत्रु उस स्थान पर किसी समय भी पहुँच सकता था । नेताजी पोपा पहुँचने की अपनी जिद पर अड़े हुए थे । नेताजी की जिद देखकर मेजर जनरल शहनवाज खाँ ने एक चुभती हुई बात उनसे कही- '' नेताजी, अब स्वयं अपने जीवन पर आपका अधिकार नहीं है । वह राष्ट्र की अमूल्य निधि बन चुका है । जरा सोचिए तो कि यदि आपको कुछ हो गया तो आजाद हिंद फौज और आजाद हिंद अभियान का क्या होगा?'' बात अपनी जगह ठीक थी, पर नेताजी पर उसका कोई असर नहीं हुआ । वे मुसकराकर बोले- '' शहनवाज, मुझसे बहस करने से कोई फायदा नहीं है; मैंने पोपा पहुँचने का निश्चय कर लिया है और मैं वहाँ जा रहा हूँ । तुम्हें मेरी सुरक्षा के लिए चिंतित होने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मैं यह जानता हूँ कि इंग्लैड अभी वह बम नहीं बना पाया जो सुभाषचंद्र बोस के प्राण ले सके । '' -इसी पुस्तक से
Aao Prayog Karen
- Author Name:
Shyam Sunder Sharma
- Book Type:

- Description: "प्रयोग हमेशा बड़े ही नहीं होते और न ही हमेशा वे सुसज्जित प्रयोगशालाओं में, जिनमें सब प्रकार की सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं, किए जाते हैं। अनेक प्रयोग घरों में भी आसानी से, उपलब्ध सामानों से, किए जा सकते हैं। हम इस पुस्तक में कुछ ऐसे प्रयोग बता रहे हैं, जिन्हें तुम अपने घरों में भी, आसानी से उपलब्ध चीजों की सहायता से, कर सकते हो। प्रयोगों के बाद उनमें निहित सिद्धांतों को समझाने का भी प्रयत्न किया गया है। आशा है, तुम रुचि लेकर ये प्रयोग करोगे और उनसे कुछ सीखोगे। हो सकता है कि तुममें से कुछ बच्चों को इन प्रयोगों से वैज्ञानिक बनने की प्रेरणा मिल जाय। यदि ऐसा हो जाए तो हम सबको बहुत खुशी होगी"
Satya-Vrat Katha
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

-
Description:
यह प्रबन्धन का युग है। हर क्षेत्र में हर बात में प्रबन्धन है। जीवन में सफलता अर्जित करने के जितने सूत्र हैं, उनमें से एक प्रमुख है सत्य और सत्य का भी अपना प्रबन्धन होता है। वैसे तो ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ बहुत प्राचीन है लेकिन इसमें प्रबन्धन के जो सूत्र आए हैं, वे बिलकुल नवीन हैं, आज के लिए उपयोगी हैं और हर क्षेत्र में सफलता को सुनिश्चित करते हैं। इस कथा में पाँच अध्याय हैं और प्रत्येक में प्रबन्धन के गूढ़ सूत्र हैं। पहले अध्याय में सेवा प्रबन्धन, दूसरे में सम्पत्ति प्रबन्धन, तीसरे में सन्तान प्रबन्धन, चौथे में संघर्ष प्रबन्धन और पाँचवें में संस्कार प्रबन्धन को देखा जा सकता है।
हम देख रहे हैं कि वर्षों से अनेक परिवारों में, कई स्थानों पर ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ हो रही है। हमने ही इसको एक पारम्परिक, पारिवारिक और सामान्य-सा धार्मिक आयोजन बना दिया है। या तो हम स्वयं कथा करते हैं या किसी विद्वान् से करवाते हैं। पंडित जी आते हैं, संस्कृत या हिन्दी में कथा करते हैं। घर की महिलाएँ रसोईघर में प्रसाद बनाने में व्यस्त रहती हैं। बच्चे इस दिन जितना हो सके उपद्रव कर लेते हैं। यजमान या तो फ़ोन सुनेंगे या कौन आया, कौन नहीं आया यह सब देखने में ही उनका समय बीत जाता है। कथा आरम्भ होती है, कथा समाप्त हो जाती है। हमने इसको एकत्र साधारण-सा आयोजन बना दिया है। यह कथा ऐसी सामान्य कथा नहीं है। इस कथा के पीछे भाव यह है कि जीवन में ‘सत्य’ उतरे। इस कथा में दो प्रमुख विषय हैं। एक है संकल्प की विस्मृति और दूसरा है प्रसाद का अपमान। संकल्प की विस्मृति और प्रसाद का अपमान ये दो थीम हैं, जिनके आसपास यह कथा चलती है। संकल्प, जीवन में सत्य उतारने का। इसका प्रसाद क्या है? क्या पंजीरी या शुद्ध घी में बना हुआ हलवा...? वास्तव में ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ का प्रसाद है ‘सत्य’।
तो जीवन में जो भी सत्य को विस्मृत करेगा, जब-जब भी उसको भूल जाएगा, तब-तब परेशानी में पड़ेगा। जीवन में जब-जब भी हम सत्य के प्रसाद का अपमान करेंगे यानी सत्य का अपमान करेंगे, तब-तब हम अपने-आप को संकट में पाएँगे। इस कथा में जो प्रसंग आए हैं यदि उनके भाव को ठीक से समझा जाए तो स्पष्ट सन्देश निकलकर आता है कि यह सत्य के अन्वेषण की कथा है। इसमें विशेषता है कि सत्य के साथ नारायण जोड़े गए हैं। सत्य को नारायण का भगवान् का टेका, सहारा, आधार और बल दिया गया है।
Spoken English Digest
- Author Name:
Rashmeet Kaur
- Book Type:

- Description: भाषा संवाद का माध्यम है। बोलियाँ क्षेत्र-विशेष तक सीमित रहती हैं, वहीं भाषाएँ बढ़ते संचार माध्यम के सहारे अपनी क्षेत्रीय सीमाएँ तोड़कर प्रांतीय, देशीय और अंतरराष्ट्रीय बन जाती हैं। आज अंग्रेजी भाषा को इसी श्रेणी में रखा जा सकता है। यह न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों को परस्पर जोड़ रहीं है, बल्कि बैंक, अस्पताल, स्कूल, कोर्ट, हवाईअड्डों इत्यादि स्थानों पर संचार और संवाद की प्रमुख भाषा के रूप में प्रयुक्त होती है। इतना ही नहीं अंग्रेजी आज रोजगार की भी प्रमुख भाषा बन गई है। अच्छी अंग्रेजी के ज्ञान के लिए अंग्रेजी बोलने की शुरुआत अपने घर से ही की जाए तो सबसे बढ़िया है, क्योंकि यहाँ बोलचाल का अभ्यास बेझिझक किया जा सकता है। प्रस्तुत पुस्तक में इसी तरह के अभ्यास से अंग्रेजी सिखाने की शुरुआत की गई है, जो बोलने, सीखने और व्यवहार में बेहद सरल है। छोटे-छोटे सरल वाक्यों द्वारा बैंक, घर, अस्पताल, रेलवे पूछताछ, हवाई अड्डों, दुकानों आदि पर किए जानेवाले संवाद को अंग्रेजी के सरल वार्त्तालाप द्वारा समझाया गया है। इसके नियमित अभ्यास से आप कुछ ही दिनों में ही अंग्रेजी बोलने में सक्षम हो सकते हैं।
Yasho Thosha
- Author Name:
Dr. H. B. Chandrashekhar
- Book Type:

- Description: Personality Development - Self-help book
Swami Vivekananda Se Seekhen Leadership Ke Gurumantra
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: स्वामी विवेकानंद युगप्रवर्तक थे। पराधीनता की बेड़ियों में जकड़े भारतवर्ष की स्वाधीनता के लिए उन्होंने निराश समाज को जाग्रत किया; उसकी पराजित मनस्थिति को संबल दिया। उनके विचार जटिल थे और तत्समय की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों पर आधारित थे। तत्कालीन समाज पतन की ओर अग्रसर था और तरह-तरह के अंधविश्वासों में जकड़ा हुआ था। विवेकानंद इससे दुःखी और परेशान थे। अंग्रेज औपनिवेशिक शासन के कुप्रभावों से भी वे अनजान नहीं थे। विवेकानंद का सबसे बड़ा योगदान यह था कि उन्होंने औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए संघर्ष को आध्यात्मिक आधार दिया और नैतिक व सामाजिक दृष्टि से हिंदू समाज के उत्थान के लिए काम किया। यह पुस्तक स्वामी विवेकानंद के नेतृत्वकर्ता के अप्रतिम विचारों का मणिरत्न है। इसका अध्ययन कर हर वर्ग के पाठक अपनी आत्मिक, आध्यात्मिक एवं वैयक्तित्व उन्नति का पथ प्रशस्त कर सकते हैं और जीवन में सुख-संतोष-सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
Kar Vijay Har Shikhar
- Author Name:
Premlata Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Leader In You
- Author Name:
Dale Carnegie
- Rating:
- Book Type:

- Description: To be a successful leader, one needs to not only carry out good work but also, present his or her thoughts effectively like a great speaker. Great leaders always hold faith in their deeds and decisions. They understand the value and power of their words. Deep understanding of human psychology enables Dale Carnegie to guide his readers choose right and fruitful alternatives in life. The present book, The Leader In You, equips the readers with the skills of delivering effective and enthusiastic speeches, and plays an important role in the process of making them great leaders.
Atmavishvas
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Acres Of Diamonds
- Author Name:
Russell H. Conwell
- Book Type:

- Description: स्टीवर्ट यह नहीं जानते थे कि लोगों को किस चीज़ जरूरत थी, इसलिए उन्होंने ग़लत चीजें खरीद लीं, जो उनके पास बेकार पड़ी रहीं। लेकिन स्टीवर्ट ने इस घटना से अपने व्यावसायिक जीवन का सबसे महान सबक सीख लिया और कहा, "मैं भविष्य में कोई चीज़ तब तक नहीं खरीदूंगा, जब तक कि मैं यह व जान लूँ कि लोगों की जरूरत किस चीज की है। इसके बाद ही मैं अपना माल खरीदूँगा।" वे घर-घर जाकर लोगों से पूछने लगे कि उन्हें कौन सी चीजें पसंद हैं । जब उन्हें यह पता चल गया कि लोग क्या चाहते हैं, उन्होंने अपने बचे हुए साढ़े बासठ सेंट का निवेश ऐसी चीजों में किया, जिन्हें लोग खरीदना चाहते थे। अब वे एक "सही माँग" की पूर्ति कर रहे थे। मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि जिंदगी में आपका व्यवसाय या पद क्या है। मुझे इस बात की परवाह भी नहीं है कि आप वकील, डॉक्टर, हाउसकीपर, टीचर या कुछ और हैं। आप चाहे जो हाँ, सिद्धांत वही रहता है। हमें सबसे पहले यह जानना चाहिए कि दुनिया को किस चीज़ की ज़रूरत है और फिर हमें उस आवश्यकता की पूर्ति करने के लिए अपना निवेश करना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपको विश्चित रूप से सफलता मिलेगी। दोस्तो, इसी सिद्धांत पर चलकर ए. टी. स्टीवर्ट ने अपनी संपत्ति को साढ़े बासठ सेंट से चालीस मिलियन डॉलर तक पहुँचाया था।
Every Child Matters
- Author Name:
Kailash Satyarthi
- Book Type:

- Description: Society has celebrated children even as it has denied fundamental rights and dignity to millions of them. Mass movements and social awareness against injustices like child labour, lack of access to health and education, child sexual abuse and trafficking have been catalysed by reformers like Nobel Peace Laureate Kailash Satyarthi. As a result of his untiring efforts, child labour is now universally considered to be a social evil that has to be abolished. Equally important, societies and governments across the world have accepted that access to quality education is the fundamental right of every child. Even as he has fought for justice and dignity for children, Mr. Satyarthi has found time to provoke, inspire and illuminate young minds by writing about children, their dreams and the power of their humanity. This book is a compilation of columns and interviews which highlight the continuing struggle to create safe childhoods. Readers will find much to introspect after going through this collection.
Uske Pankhon Ki Udaan
- Author Name:
Swati Lahoti
- Book Type:

- Description: ‘IIT-JEE की तैयारी करना आसान नहीं है, यह अच्छे-अच्छों के छक्के छुड़ा देता है। ऐसे में बड़ा स्वाभाविक है कि आप दबाव में आ जाएँ, अपनी काबिलियत पर शक करने लगें या फिर हताश हो जाएँ। यह किताब आपको बताती है कि आप फिर से पटरी पर कैसे आ सकते हैं, कि कैसे परिवार के सदस्य, खासकर माँएँ इस दौरान अपने बच्चों के लिए मददगार हो सकती हैं। ‘उसके पंखों की उड़ान’ यह साबित करती है कि अगर आप कुछ हासिल करना चाहते हैं तो उसे पाने के लिए दिलोजान से जुट जाइए। मुमकिन है कि छोटी-मोटी खरोंचें आप के हिस्से में आएँ, लेकिन कामयाबी आपके कदम चूमेगी, यह तय है।’’ —नीतेश तिवारी डायरेक्टर, दंगल, IIT, बॉम्बे, 1996 ‘‘जैसा कि सब जानते हैं IIT-JEE सबसे मुश्किल प्रवेश-परीक्षाओं में से एक है, टीचर्स को मालूम है कि कैसे पढ़ाना है, स्टूडेंट भी जानता है कि कैसे पढ़ना है। लेकिन माता-पिता नहीं जानते कि इस मुश्किल सफर में अपने बच्चे को कैसे सपोर्ट करना है। तैयारी के दौरान, कई बार अच्छे-अच्छे छात्र भी हिम्मत हार बैठते हैं। मेरा मानना है कि इस किताब को पढ़ने के बाद माता-पिता अपने बच्चे को सही तरीके से सपोर्ट कर पाएँगे, जिससे बच्चे हौसलामंद रहकर अच्छी पढ़ाई कर सकते हैं। यह किताब अभिभावकों का नजरिया बदल देगी।’’ —प्रवीण त्यागी डायरेक्टर, IITians’ PACE, IIT, दिल्ली, 1997
Rewire Your Brain | How To Change Your Anxious Mind and Habits Through Affirmation By Saloni Suri Rewire Your Brain - A Guided Journal Book In Hindi
- Author Name:
Saloni Suri
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Greatest Speeches of India
- Author Name:
Ram Kumar
- Book Type:

- Description: We present here, a collection of 25 great speeches made by some of the tallest Indian personalities. Many of these personalities are men and women who have made invaluable contributions to our coming together as a nation of people and are the pride and honour of the country. These are people who have made a great impact on the lives around them and thus their words are the gems which had the power to evoke the courage and emotion in people and inspire them to make history. The power of a great speech, especially when everyone listens is something that sets the wheels of history in motion to many great events that changed the face of our known world. Some of these are from the era of the struggle for Indian independence from the colonial rule such as, Subhas Chandra Bose, Dr. B.R. Ambedkar, Mahatma Gandhi and Jawaharlal Nehru to mention a few. Polar contemporaries such as Nathuram Godse, Vinayak Damodar Savarkar also make an appearance in this collection to present a different perspective. In today’s times, Ratan Tata, N.R. Narayana Murthy, Kiran Bedi, Sachin Tendulkar are defining trailblazers in their own fields. The quality of a great speech is not only the wisdom that comes from the experience of their unique lives but the timelessness of these words which work their magic anytime you hear or read it.
Prerna : Nai Soch Nai Manzil
- Author Name:
Rajesh Aggarwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rajbhasha Sahuliyatkaar
- Author Name:
Dr. V. Venkateswara Rao
- Book Type:

-
Description:
राजभाषा नीति-कार्यान्वयन के महत्त्वपूर्ण कार्य में वांछित योगदान करने के लिए इस आदर्श कार्य से जुड़े राजभाषा कर्मियों को बहुआयामी प्रज्ञा और क्षमता से लैस होने की आवश्यकता है। उन्हें सफल मार्गदर्शक, पर्यवेक्षक, निरीक्षक, अनुवादक, अध्यापक, संप्रेषक, समन्वयक और प्रचारक की भूमिका एक साथ निभानी पड़ती है। यूं तो वरिष्ठ और अनुभवी राजभाषा अधिकारियों का सान्निध्य कनिष्ठ राजभाषा सहकर्मियों को मिलता ही है पर तत्काल आवश्यकता होने पर एक संकलित मार्गदर्शिका अधिक सहायक होती है।
‘राजभाषा सहूलियतकार’ ऐसी आवश्यकता को पूरा करने का एक प्रयास है। आज के ‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’ को ध्यान में रखकर राजभाषा एवं इसके कार्यान्वयन सम्बन्धी सभी पहलुओं को एक ही स्थान पर सहेजा गया है ताकि सभी श्रेणियों के राजभाषा कार्यान्वयनकार इससे लाभान्वित हो सकें।
राजभाषा नीति, समारोहों, पुरस्कार-योजनाओं, हिन्दी सेवी संगठनों, तकनीकी उपकरणों इत्यादि पर उपलब्ध कराई गई जानकारी राजभाषा कार्यान्वयनकारों के अतिरिक्त हिन्दी भाषा-प्रयोग से जुड़े सभी भाषाकर्मियों के लिए भी समान रूप से सहायक होगी।
निस्सन्देह ‘राजभाषा सहूलियतकार’ के प्रत्येक अध्याय के प्रत्येक शीर्षक की विषयवस्तु से हर पाठक लाभान्वित होंगे।
Saras Baal-Boojh Paheliyan
- Author Name:
Shiv Avatar Rastogi 'Saras'
- Book Type:

- Description: "बाल-वर्ग के मनोरंजन एवं ज्ञानवर्द्धन के लिए ‘सरस बाल-बूझ पहेलियाँ’ एक सरल, सहज, सुलभ एवं सस्ता साधन है। कारण यह है कि इनके लिए न कोई संसाधन अपेक्षित है और न कोई मैदान। इसी कारण ‘अमीर खुसरो’ के समय से आज तक ये ‘बूझ पहेलियाँ’ बाल जगत् में अजस्र रूप से प्रवाहित हैं। ‘ ‘सरस’ बाल-बूझ पहेली’ पुस्तक में ‘एक सौ पहेलियाँ’ उस बाल-वर्ग के लिए हैं, जो अभी ज्ञानार्जन के पहले, दूसरे और तीसरे सोपान पर हैं। ये एक सौ पहेलियाँ 4 पंक्तियों के आकार में सीमित हैं और प्रायः प्रत्येक पंक्ति, अभीष्ट उत्तर की ओर संकेत करती है। शेष 85 पहेलियाँ, जो आकार में ‘गीत पहेली’ जैसी हैं, वे उन बड़े और समझदार बच्चों के लिए हैं, जो प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में अध्ययनरत हैं। इनमें से ‘पर्यायवाची’ एवं ‘तुकांत शब्दों’ पर आधारित पहेलियाँ बच्चों के शब्द-भंडार को बढ़ाने और साहित्यिक अभिरुचि पैदा करने में सहायक सिद्ध होंगी। किसी भी पहेली को दो पंक्तियों में समेटकर जटिल बनाने का प्रयास नहीं किया गया है। हर बालक के लिए उपयोगी एवं पठनीय पुस्तक। "
Stock Market Mein Maine Zero Se 10 Crore Rupaye Kaise Kamaye
- Author Name:
Nicolas Darvas
- Book Type:

- Description: आधे मिलियन डॉलर की खबर ने मुझे बहुत आत्मविश्वास दिया। मेरे पास एक बहुत स्पष्ट अवधारणा थी कि मैंने यह कैसे किया था और मुझे इस बात का भी यकीन था कि मैं यह फिर से कर सकता था। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं था कि मैंने अपनी कला में महारत हासिल कर ली थी। अपने टेलीग्रामों के साथ काम करते हुए मैंने एक तरह की छठी इंद्रिय विकसित कर ली थी। मैं अपने शेयरों को महसूस कर सकता था। मैं लगभग बता सकता था कि स्टॉक क्या करेंगे। यदि एक आठ अंक की बढ़त के बाद एक शेयर चार अंक पीछे आ जाता था तो मैं चिंतित नहीं होता था। मैं उससे ऐसा ही करने की अपेक्षा करता था। यदि कोई शेयर मजबूत होने लगता था तो मैं अकसर अनुमान लगा लेता था कि उसका बढ़ना किस दिन शुरू होगा। यह एक रहस्यमयी, समझाई न जा सकनेवाली वृत्ति थी; लेकिन मेरे मन में कोई संदेह नहीं था कि यह मेरे पास थी। इसने मुझे एक जबरदस्त शक्ति की भावना से भर दिया था। —इसी पुस्तक से यह पुस्तक निकोलस डरवास की असफलता, संघर्ष और अंततः अभूतपूर्व सफलता की यात्रा के बारे में है, जहाँ वह 6.5 वर्षों के दौरान 10 करोड़ रुपए से अधिक कमाते हैं। ध्यान रहे, यह 1950 के दशक के 2 मिलियन हैं। स्टॉक मार्केट में असामान्य और अद्वितीय सफलता की कहानी, जो निवेशकों को आत्मविश्वास देगी और सही निवेश करके अपनी कमाई को बढ़ाने के व्यावहारिक सूत्र बताएगी।
As A Man Thinketh
- Author Name:
James Allen
- Book Type:

- Description: जेम्स एलन का जन्म 1864 में लीसेस्टर, इंग्लैंड में हुआ। अपनी पहली किताब, 'फ्रॉम पॉवर्टी टू पॉवर' पूरी करने के बाद वे इल्फ्राकूम्ब में रहने चले गए। जहाँ उन्होंने अपनी यह अमर कृति जैसा मनुष्य सोचता है (Asa Man Thinketh)' लिखी जो कि उनकी कालजयी रचना है। यह पुस्तक 1902 में प्रकाशित हुई और इसे सेल्फ हेल्प किताबों की क्लासिक माना जाता है। इस पुस्तक को जेम्स एलन की पत्नी लिली ने प्रकाशित करवाया था। एलन का लेखक जीवन काफी छोटा रहा सिर्फ़ 9 साल का। 1912 में 48 वर्ष की उम्र में एलन इस दुनिया को छोड़ कर चले गए।
Make Mathematics Your Best Friend
- Author Name:
Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: As the name suggests, Make Mathematics Your Best Friend deals with around 140 questions which every student must know to understand the basic fundamentals and upgrade his mathematical skills. Topics include numerical operations, measurements and geometry, patterns and functions, probability and statistics, sets, inequalities, fundamentals of algebra, decimals, common fractions, motions, direct and inverse proportions, averages, divisi-bility, rational and radical expressions, degrees and radians, trigonometry, complex numbers, quadratic equations, transformations, circle rules and many more. The questions have been taken from different branches of mathematics with the aim of reducing the phobia and making it an entertaining and interesting subject. This book is an attempt to make clear the basic fundamental concepts which you always wanted to know. It has been designed for students in the age group of 10-18 years who are inquisitive by nature and want to understand and master the basic reasoning of every why and how in mathematics. The beauty of this book is that its simple and logical explanations can be understood even by a layman.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
3 out of 5
Book