Aadhunik Bharat Ke Mahan Vaigyanik

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Author:

Gunakar Muley

Language:

Hindi

Category:

Science

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हमारे प्राचीन वैज्ञानिकों ने अपने ग्रन्‍थ संस्‍कृत भाषा में लिखे। आधुनिक काल के वैज्ञानिक अपने शोध-निबन्‍ध अंग्रेज़ी में लिखते हैं। अत: इन वैज्ञानिकों के कृतित्‍व को आज की जनभाषा में प्रस्‍तुत करने में जो कठिनाइयाँ होती हैं, उनकी कल्‍पना करना कठिन नहीं है। पुराने संस्‍कृत ग्रन्‍थों के ज्ञान को आज की भारतीय भाषाओं में समझाना उतना कठिन नहीं हैं। परन्‍तु विरेशी भाषाओं में प्रस्‍तुत किए गए आधुनिक विज्ञान को जनभाषा में समझाने में अनेक कठिनाइयाँ हैं। आधुनिक विज्ञान अब विशेष सांकेतिक चिन्‍हों और पारिभाषिक शब्‍दों में प्रस्‍तुत किया जाता है। आधुनिक भारत के दस वैज्ञानिकों को मैंने चुना है। दस को ही चुनना था, इसीलिए यह चुनाव। वरना, और भी कई वैज्ञानिकों को चुना जा सकता है। अक्‍सर यह होता है कि ‘प्रशासक-वैज्ञानिक’ को अधिक प्रसिद्ध मिल जाती है और अपने क्षेत्र में विशेष कार्य करनेवाले वैज्ञानिक जनसाधारण के लिए गुमनाम बने रहते हैं। आशा है, पाठक इस पुस्‍तक को पसन्‍द करेंगे। —‘अपनी बात’ से

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ISBN
9788126717149
Pages
118
Avg Reading Time
4 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

Format:

Piracy Free

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About the Book

हमारे प्राचीन वैज्ञानिकों ने अपने ग्रन्‍थ संस्‍कृत भाषा में लिखे। आधुनिक काल के वैज्ञानिक अपने शोध-निबन्‍ध अंग्रेज़ी में लिखते हैं। अत: इन वैज्ञानिकों के कृतित्‍व को आज की जनभाषा में प्रस्‍तुत करने में जो कठिनाइयाँ होती हैं, उनकी कल्‍पना करना कठिन नहीं है।

पुराने संस्‍कृत ग्रन्‍थों के ज्ञान को आज की भारतीय भाषाओं में समझाना उतना कठिन नहीं हैं। परन्‍तु विरेशी भाषाओं में प्रस्‍तुत किए गए आधुनिक विज्ञान को जनभाषा में समझाने में अनेक कठिनाइयाँ हैं। आधुनिक विज्ञान अब विशेष सांकेतिक चिन्‍हों और पारिभाषिक शब्‍दों में प्रस्‍तुत किया जाता है।

आधुनिक भारत के दस वैज्ञानिकों को मैंने चुना है। दस को ही चुनना था, इसीलिए यह चुनाव। वरना, और भी कई वैज्ञानिकों को चुना जा सकता है। अक्‍सर यह होता है कि ‘प्रशासक-वैज्ञानिक’ को अधिक प्रसिद्ध मिल जाती है और अपने क्षेत्र में विशेष कार्य करनेवाले वैज्ञानिक जनसाधारण के लिए गुमनाम बने रहते हैं।

आशा है, पाठक इस पुस्‍तक को पसन्‍द करेंगे।

—‘अपनी बात’ से

Book Details

  • ISBN
    9788126717149
  • Pages
    118
  • Avg Reading Time
    4 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

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