Pratihari - Andhkar ka Daitya
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प्रतिहारियों की महासभा में हुआ असुरों का आक्रमण और मुक्त हो गयी सदियों से कैद एक अजेय महाशक्तिशाली असुर शक्ति। समस्त संसार पर छाया काली शक्तियों और पाप का राज्य। संसार को बचाने का उत्तरदायित्व अब प्रतिहारियों पर है और अभिजीत की नियति फिर से उसे ले आई है एक अनोखे मोड़ पर। कौन है ये महाशक्तिशाली असुर? क्या अभिजीत उस महाशक्ति से लड़ पाया? क्या अभिजीत का इलाक्षी के साथ बना प्रेम का बंधन पूर्ण हो पायेगा? कैसे मिलेगी संसार को असुरों से मुक्ति? पढ़िए प्रतिहारी -असुर, प्रेम, दिव्यशक्तियों और भूतकाल की यात्रा की एक और रोमांचक गाथा!
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प्रतिहारियों की महासभा में हुआ असुरों का आक्रमण और मुक्त हो गयी सदियों से कैद एक अजेय महाशक्तिशाली असुर शक्ति। समस्त संसार पर छाया काली शक्तियों और पाप का राज्य। संसार को बचाने का उत्तरदायित्व अब प्रतिहारियों पर है और अभिजीत की नियति फिर से उसे ले आई है एक अनोखे मोड़ पर। कौन है ये महाशक्तिशाली असुर? क्या अभिजीत उस महाशक्ति से लड़ पाया? क्या अभिजीत का इलाक्षी के साथ बना प्रेम का बंधन पूर्ण हो पायेगा? कैसे मिलेगी संसार को असुरों से मुक्ति? पढ़िए प्रतिहारी -असुर, प्रेम, दिव्यशक्तियों और भूतकाल की यात्रा की एक और रोमांचक गाथा!
Book Details
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ISBN9789392723278
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Pages254
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Avg Reading Time8 hrs
-
Age11-18 yrs
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Country of OriginIndia
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