Robotopia
(0)
₹
175
₹ 140 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
मनुष्य और रोबोट संबंधों के 100वें वर्ष का जश्न1920... ये वह साल था जब दुनिया को पहली बार पता चला कि रोबोट क्या होता है। चेक लेखक ‘कैरेल चैपेक’ ने यन्त्रमानवों पर केन्द्रित अपने नाटक आर.यू.आर. (रोशुम के यूनिवर्सल रोबोट्स) में, जिसका पहला मंचन 25 जनवरी 1921 को हुआ, हमें रोबोट नाम की ऐसी शय से मिलाया, जो हमारे लिए एकदम अनजानी थी। लेकिन बीते सौ सालों में यह हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुकी है। आज के उन्नत रोबोट्स हमारे सेवक से ऊपर उठकर सहचर की भूमिका में आ पहुंचे हैं। वेटर, गायक, खिलाड़ी, नर्स, गाइड, गार्ड, वकील, जज, लेखक, चित्रकार, दोस्त, प्रेमी, जीवन साथी, श्रमिक... आज रोबोट्स हर वह काम करने में सक्षम है, जो हम कर सकते है। यही वजह है कि इंसानों की रोजमर्रा की ज़िन्दगी में रोबोट्स का दखल, जरूरत और अहमियत बढ़ती जा रही है।रोबोटोपिया की कहानियां, हमारे जीवन में यन्त्रमानवों की लगातार बदलती भूमिकाओं पर केंद्रित है और मानव सदृश मशीनों से हमारे भावी रिश्तों के नए आयाम प्रस्तुत करती है।
Read moreAbout the Book
मनुष्य और रोबोट संबंधों के 100वें वर्ष का जश्न1920... ये वह साल था जब दुनिया को पहली बार पता चला कि रोबोट क्या होता है। चेक लेखक ‘कैरेल चैपेक’ ने यन्त्रमानवों पर केन्द्रित अपने नाटक आर.यू.आर. (रोशुम के यूनिवर्सल रोबोट्स) में, जिसका पहला मंचन 25 जनवरी 1921 को हुआ, हमें रोबोट नाम की ऐसी शय से मिलाया, जो हमारे लिए एकदम अनजानी थी। लेकिन बीते सौ सालों में यह हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुकी है। आज के उन्नत रोबोट्स हमारे सेवक से ऊपर उठकर सहचर की भूमिका में आ पहुंचे हैं। वेटर, गायक, खिलाड़ी, नर्स, गाइड, गार्ड, वकील, जज, लेखक, चित्रकार, दोस्त, प्रेमी, जीवन साथी, श्रमिक... आज रोबोट्स हर वह काम करने में सक्षम है, जो हम कर सकते है। यही वजह है कि इंसानों की रोजमर्रा की ज़िन्दगी में रोबोट्स का दखल, जरूरत और अहमियत बढ़ती जा रही है।रोबोटोपिया की कहानियां, हमारे जीवन में यन्त्रमानवों की लगातार बदलती भूमिकाओं पर केंद्रित है और मानव सदृश मशीनों से हमारे भावी रिश्तों के नए आयाम प्रस्तुत करती है।
Book Details
-
ISBN9788194113133
-
Pages179
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Vigyan Fantasi Kathayen
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description: "किस्से कहानियों की तरह विज्ञान की दुनिया भी कम अचरज से भरी नहीं है। विज्ञान फंतासी कथाएँ प्रकाश मनु की विज्ञान कथाओं का ताजा संग्रह है, जिसमें वैज्ञानिक तथ्यों के साथ ही खेल और कल्पना का भी वितान तना हुआ है और हर क्षण कुछ नया घटित हो रहा है, जो परीकथाओं की दुनिया से कहीं अधिक चित्ताकर्षक और जादुई है। मनुजी की विज्ञान कथाओं में कहीं उड़ते हुए रोबोटनुमा पेड़ की कल्पना है तो कहीं मन को नियंत्रित करनेवाले हाइटेक सुपर कंप्यूटर की। कहीं कोई रोबोट गिलगिल सेवन चौकीदार बनकर अपने रहस्यपूर्ण कारनामे से सबको अचंभित कर डालता है तो कहीं वह अनोखी चिडि़या शिंगाई फू शुम्मा के रूप में एक छोटे बच्चे को लंबी अंतरिक्ष यात्रा पर ले चलता है। ‘मंगल ग्रह की लाल चिडि़या’ और ‘चंद्रलोक की अदृश्य दुनिया’ सरीखी कहानियाँ चाँद और मंगल ग्रह पर मनुष्य अस्तित्व की संभावना की कुछ अधिक कल्पनाशीलता के साथ पड़ताल करती हैं। ‘गोपी की फिरोजी टोपी’ और ‘पप्पू की रिमझिम छतरी’ में कंप्यूटर और लेजर किरणों की दुनिया का एक आश्चर्यलोक है, जो आज भले ही खेल की तरह लग रहा हो, पर कल हकीकत में बदल सकता है। पुस्तक में ‘दुनिया का सबसे अनोखा सुपर हाइटेक चोर’ जैसी रोमांचक कहानियाँ हैं तो ‘प्रोफेसर जोशी बादलों के देश में’ जैसी अद्भुत कथाएँ भी, जो परीकथाओं के समांतर उड़ती हुई अपनी राह बनाती हैं।"
Sultan Suleiman and Tilismi Gufayein
- Author Name:
Dr. Manjari Shukla
- Book Type:

- Description: सात हमशक्लों को खोजने के बाद सुल्तान-सुलेमान, अपने महल में सुकून से दो पल भी ना बिता पाए थे कि जादूगर बड़गम और जादूगरनी हुस्ना ने अपना बदला लेने के लिए उनके मामाजान, सातों हमशक्लों और सभी दोस्तों को कर दिया है गायब! इस बार उनके रास्ते में हैं, दो चोंच वाली चिड़िया जो समुद्र का सारा पानी तक पी सकती है और साथ ही एक चलने वाला बर्फ़ महल और आकाश तक जाने वाली सुनहरी सीढ़ियाँ! इस बार सुलतान-सुलेमान के साथ हैं, रज़िया, नाज़मा और माशा! रज़िया जो पाताल लोक तक देख सकती है तो माशा जिसके पास हैं अद्भुत जादुई शक्तियाँ! जादूगर बड़गम की बनाई हुई तिलिस्मी दुनियाँ और वहाँ तक पहुँचने का एक रोमांचक सफ़र सुलतान-सुलेमान और तिलिस्मी गुफाएँ
Kinchulka : Nainam Chindanti Shastrani
- Author Name:
Vikas Bhanti
- Rating:
- Book Type:

- Description: "पापा, क्या हम राक्षस हैं?" "तो फिर हमारे पूर्वज किंचुलका को किंचुलकासुर क्यों कहते हैं?"भूत, भविष्य और वर्तमान कभी भी एक पटल पर नहीं आने चाहिए, क्योंकि कहते हैं अगर ऐसा हुआ तो प्रकृति जाग जाती है और कभी-कभी प्रकृति को सुसुप्ति से जगाना वीभत्स हो जाता है। विज्ञान ने हमें उत्सुकता दी और उत्सुकता ने प्रयोग, ऐसे ही प्रयोगों की कहानी है 'किंचुलका : नैनम छिंदंति शस्त्राणिउत्सुकता का एक परिणाम आकांक्षा भी होती है। राक्षसों से लड़ने के लिए उत्पन्न किये गए सर्वशक्तिशाली किंचुलका की जब आकांक्षाएं बढ़ गई तो उसे लंबी नींद सुला दिया गया। फिर विज्ञान की आकांक्षाओं ने उसे कलियुग में जगा दिया। जब देवताओं से अधिक शक्तिशाली और राक्षसों से अधिक वीभत्स एक महामानव जागा तब क्या हुआ? विकास या विनाश? विज्ञान और आस्था की इसी लड़ाई का नाम है किंचुलका : नैनम छिंदंति शस्त्राणिआखिर में एक सवाल और "जब रक्षा करने के लिए उत्पन्न शक्ति विनाशक हो जाये तब क्या उचित है, एक और शक्ति का उदय!"
The Real Time Machine
- Author Name:
Abhishek Joshi
- Book Type:

- Description: विश्वास करना मुश्किल है, शायद नामुमकिन भी लगे। मगर उसने आविष्कार कर लिया था उसने टाइम मशीन बना ली थी। एक नहीं, दो नहीं, तीन नहीं, उसने दर्जनों टाइम मशीन बनाई थी। मगर वह इतनी टाइम मशीने क्यों बना रहा था? वह उनका क्या करने वाला था? मुझे कुछ भी नहीं पता था, पर मैं जानना चाहता था। इसलिए मैंने दो लोगों को तैयार किया जावेद और इरफान, जिनसे मैं हाल ही में मिला था। दोनों डॉ. रामावल्ली की लैब में घुसकर टाइम मशीन चुराने वाले थे। उन्होंने टाइम मशीन चुराई भी, लेकिन मुझे नहीं पता था कि वे अतीत या भविष्य, जहाँ भी गए थे, वापस नहीं लौटने वाले थे। मुझे यह तब पता चला जब डॉ. रामावल्ली ने मुझे बताया, " द रियल टाइम मशीन मेरी खोज है, पत्रकार महोदय! इसलिए मैं तय करूँगा कि वे वापस लौटेंगे या वहीं मर जाएंगे। वैसे बता दूं, इतिहास और न ही भविष्य इतना सुंदर है जितनी लोग कल्पना करते है!" मुझे उन्हें वापस लाना होगा। -सहस्त्रबाहु
Science Comics Isaac Newton By Gokce Akgul
- Author Name:
Gokce Akgul
- Book Type:

- Description: Newton remained the president of the Royal Society until 1727. He passed away at the age of 85 on the 20th of March, 1727. Newton is considered among the most influential scientists in history. Centuries after his death, his name is remembered among the greatest physicists of all time.
Journey to the Centre of the Earth
- Author Name:
Jules Verne
- Book Type:

- Description: एक रहस्यमय पांडुलिपि… प्रागैतिहासिक दानव… और सांसों को थमा देने वाली पृथ्वी के केंद्र तक की साहसिक यात्राप्रोफेसर वॉन हार्डविग और उनके भतीजे हैरी को एक रहस्यमय पांडुलिपि का पता चलता है, जो हमेशा के लिये उनके जीवन को बदल देता है। उस पांडुलिपि के अध्ययन के पश्चात जब वे उसमें छिपी पहेली को सुलझा लेते है तब उन्हें पता चलता है यह पांडुलिपि सोलहवीं शताब्दी के एक आइसलैंडिक दार्शनिक द्वारा लिखी गई थी। दार्शनिक, जिसने पृथ्वी के केंद्र तक जाने का एक गुप्त मार्ग खोजने का दावा किया था।क्या वाकई में ऐसा कोई मार्ग था? यदि यह सच था तो यह अब तक की सबसे बड़ी वैज्ञानिक खोज साबित हो सकती थी। लेकिन इस खोज की पुष्टि करने का एक ही तरीका था, उस मार्ग की खोज करना और उसमें प्रवेश करके पृथ्वी के केंद्र तक पहुंचना, जिसका रास्ता एक सुषुप्त ज्वालामुखी से होकर जाता था।
Mission to Mars
- Author Name:
Alok Kumar
- Book Type:

- Description: नासा ने अपने अपोलो मिशन से जुड़े कुछ दस्तावेज सार्वजिक किए, जिसने ‘भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी’ को वर्ष 2014 में मार्स की कक्षा में एक उपग्रह स्थापित करने के लिए प्रेरित किया था। किन्तु उस उपग्रह से प्राप्त डाटा का विश्लेषण करने के बाद कुछ ऐसा सामने आया जिसके बाद भारत ने दुनिया की नज़रों से छुपाकर एक मिशन शुरु किया जिसका उद्देश्य था, तीन भारतीयों को मार्स की सतह पर उतारना। मार्स की सतह पर उन्हें कुछ ऐसा मिला जिसने भारत को एक जिम्मेदारी सौंपी, जिसमें असफल होने का अर्थ था - धरती का अंत।
Ensnared
- Author Name:
Prashant Wase
- Rating:
- Book Type:

- Description: Life is an impossible puzzle,but we happen to attempt it all the time; let's deep dive into this ocean, let's discern ZINDAGI - the story of life.
40 Hours
- Author Name:
Vineet Singh
- Book Type:

- Description: What if a single journey could unmake your past and rewrite your future? For T. Jaydevan, numb with grief and drifting through life, forty southbound hours become anything but routine. The deeper he travels into India, the more the world he knows begins to split. Long-buried truths stir. Identities blur. And a revelation he never imagined breaks through: his parents' deaths were no accident. From crowded northern platforms to the ocean edge at Kanyakumari, he is drawn into a covert world where espionage, memory, and hidden stories collide. A conspiracy capable of reshaping civilization rises into view, and fate gathers unlikely allies beside him, each carrying their own untold pasts. As the boundary between destiny and deception thins, he must face not only the threat ahead, but the truth woven through his life since childhood. Because some journeys don't just show us who we are, they unfold the selves we believed were gone.
The Time Machine
- Author Name:
H.G Wells
- Book Type:

- Description: The Time Machine is a post-apocalyptic science fiction novella by H. G. Wells, published in 1895. The work is generally credited with the popularization of the concept of time travel by using a vehicle or device to travel purposely and selectively forward or backward through time. The term "time machine", coined by Wells, is now almost universally used to refer to such a vehicle or device. It tells the story of an inventor in Victorian England who travels to the distant future in a time machine. About Author H. G. Wells (1866-1946) H. G. Wells was an English writer who is remembered mostly for his science fiction novels. He is also known as the father of science fiction. He wrote more than fifty novels and dozens of short stories.
THE INVISIBLE MAN
- Author Name:
H.G Wells
- Book Type:

- Description: The Invisible Man, a science-fiction novel by H.G. Wells, published in 1897. The story concerns the life and death of a scientist named Griffin who has gone mad. Having learned how to make himself invisible, Griffin begins to use his invisibility for nefarious purposes, including murder. When he is finally killed, his body becomes visible again. About Author H. G. Wells was an English writer who is remembered mostly for his science fiction novels. He is also known as the father of science fiction. He wrote more than fifty novels and dozens of short stories. In addition to his fame as a writer, he was prominent in his lifetime as a forward-looking, even prophetic social critic who devoted his literary talents to the development of a progressive vision on a global scale. H. G. Wells (1866-1946)
Atharv aur Mayalok
- Author Name:
Manish Pandey 'Rudra'
- Book Type:

- Description: लाईब्रेरी में काम करने वाले अथर्व का बस एक ही मकसद था, अपने माता-पिता की खोज। इसी खोज में उसके हाथ लगा एक जादुई लॉकेट, जिसे पाने को बेताब थे मायालोक के खूँखार पशुमानव। उन इच्छाधारी पशुमानवों से बचता हुआ अथर्व जा पहुँचा मायालोक!!! जहाँ छिड़ा हुआ था एक महासंग्राम! क्या अथर्व उन पशुमानवों से खुद को बचा पाया? क्या उसके माता-पिता की खोज कभी पूरी हुई? क्या हुआ मायालोक के महासंग्राम का अंत? यह सब जानने के लिए, चलिए एक जादुई दुनिया मायालोक के रोमांचक सफर पर, अथर्व के साथ।
Gigi Zara 2.0
- Author Name:
Pragya Mishra
- Book Type:

- Description: ज़ारा इसबार अचानक 4500 साल पहले के संसार में पहुँच गई है । उसे वापसी का रास्ता नहीं पता, लेकिन यह ही अकेली मुसीबत नहीं है । उसे 4500 साल पुरानी धोलावीरा की सभ्यता को बचान है । हर डर जिससे हारा- उस ज़ारा ने यह सफ़र कैसे पूरा किया ? जानना है तो यह किताब पढ़ जाओ । यहाँ ज़ारा को वास्तविक साथी भी मिलते हैं वर्चुअल भी। एक मज़ेदार और थ्रिलिंग कहानी, जो जितनी इमोशनल है- उतनी ही साइंटिफिक । उपन्यास
Jadui Jungle aur Ashwamanavon ki wapsi
- Author Name:
Mithilesh Gupta
- Book Type:

- Description: ये कहानी कई सौ बरस पुरानी है.. ये कहानी है उस जंगल की, जो न सिर्फ जादुई था, बल्कि कुछ अजीबोगरीब रहस्यों से भरा हुआ था। ये कहानी है उन अश्वमानवों की, जिन पर कभी इस जंगल का भविष्य निर्भर था। ये कहानी उन तिलिस्मी वृक्षों की भी है जिन्होंने जंगल के इतिहास को करीब से देखा और जिनकी हुकूमत उस जादुई जंगल के कोने-कोने तक फैली हुई थी! लेकिन वक्त बदला और एक दुष्ट सर्प 'सर्पांग' ने उस सुनहरे जंगल को अपनी विषैली शक्तियों के आगोश में ले लिया। और फिर वह जादुई जंगल व उसके विलक्षण प्राणी फिर कभी किसी को नजर नहीं आए। 1300 साल बाद, फिर समय बदला और अब 'अश्वमानवों' को देखा जाना इस बात का सुबूत है कि वाकई कुछ जादुई घटनाएं घटने वाली है। लेकिन क्या... कोई नहीं जानता...
Shaiwal : Samudra Ka Mahayoddha
- Author Name:
Kshama Kumari
- Book Type:

- Description: हर सदी में एक बार... समुद्र के गर्भ से एक हवेली बाहर आती है, जिसे देखने वाला मंत्र-मुग्ध होकर उसके पीछे भागता है और डूबकर मर जाता है। क्या ये कोई मरीचिका थी या सचमुच में ऐसी किसी समुद्री हवेली का अस्तित्व था? तन्मय को भी यह हवेली दिखाई दी, जिसने उसके सामने समुद्री संसार के वे राज खोले, जिनसे बाहरी दुनिया अंजान थी। तब उसके सामने आई 'समुद्र के एक महायोद्धा - शैवाल' की कहानी जो इस तिलिस्मी हवेली के श्राप का अंत कर सकता था। क्या तन्मय उस जादुई हवेली से बच पाया या दूसरे लोगों की तरह उसकी भी बलि ले ली उस समुद्री हवेली ने?
Taandav - Lava Series
- Author Name:
Parshuram Sharma +2
- Book Type:

- Description: भूलोक और असुरों के बीच अंतिम अवरोध बनकर खड़े हैं महाराज बलि पर क्या ये अवरोध पर्याप्त होगा? या ढह जाएगी ये दीवार? क्या अपनी शक्ति के मद में चूर मानवजाति इसके लिए तैयार भी है? जब उनसे कहीं शक्तिशाली असुरों का भूलोक पर होता विनाश का....तांडव।
Rahashyamayi Safar
- Author Name:
Devendra Prashad
- Rating:
- Book Type:

- Description: अनजान रहस्यमयी टापू, खौफनाक कहानी और रहस्यमयी सफ़र डबडबा टापू की भूमि पर जहाँ वीरता और बलिदान की कहानियाँ कदम-कदम पर नज़र आती थी, वहीं अब कदम-कदम पर नज़र आता है, रहस्य और रोमांच से परे एक ऐसा अद्भुत संसार जो अपनी बर्बरता की दास्तां ख़ुद कहता है। वहीं दूसरी तरफ़ है कालुभर टापू, जहाँ शाम के साये गहराने लगते हैं तो हवा में एक रहस्यमयी-सी सरसराहट घुल जाती है। अपनी ही आहट से हृदय की धड़कने रुकने को अक्सर विवश हो जाती है। अटल के घुमक्कड़ी के शौक ने उसे निशा से मिलवाया, जिसके मोहपाश में फँसकर वह पहुँच गया, हर चौबीस साल में जलमग्न हो जाने टापुओं पर। यहाँ उसका सामना हो रहा था ऐसे अतीत से, जिसके वर्तमान में खुद को पाकर, वह अपने भविष्य को लेकर चिंतित हो चला था। कैसा था ये रहस्यमयी सफर ? क्या अटल को मिल पाई थी निशा? आखिर कौन थी ये निशा? क्या निशा कोई थी या थी कोई मरीचिका?
Samarshankh
- Author Name:
Namrata Singh
- Book Type:

- Description: महाभारत युद्ध समाप्त हुए पाँच सौ वर्ष बीत चुके थे। धरती पर अन्याय, अशांति और अधर्म का वातावरण व्याप्त हो चुका था। सम्पूर्ण आर्यावर्त मनुष्यों के अधिकार में था। तक्षक नाग के वंशज आश्रयहीन हो चुके थे। पक्षीराज जटायु के वंशज गरुड़, कलियुग के प्रारम्भ में अत्यधिक शक्तिशाली हो गए और उन्होंने धरती पर बचे-खुचे नागों का संहार करना प्रारम्भ किर दिया। मनुष्यों और गरुड़ों के पास एक अपराजेय महायोद्धा था, जिसके नाम से असुर और नाग थर-थर कांपते थे। नागों को भी एक महावीर योद्धा की तलाश थी और एक दिन अचानक ऐसा एक योद्धा प्रकट हो जाता है। सम्पूर्ण भारतवर्ष उसे ‘नागपुत्र’ कहकर बुलाने लगता है। उस नागपुत्र के परिचय से समस्त गरुड़ जाति कांप उठती है। समरशंख फूँक दिया जाता है और एक भयानक और भीषण महायुद्ध का प्रारम्भ हो जाता है।
Arnayam Ka Rakshak
- Author Name:
Bhanupratap Yadav 'Shubharambh'
- Book Type:

- Description: रामायण काल की एक घटना जो इतिहास के पन्नों से मिट चुकी है। जिसने क्रूरता और षड्यंत्र की सारी सीमाएँ लांघ कर रच दिया था एक रक्त रंजित इतिहास। यह कहानी है इतिहास के अंधकार में खो चुके एक विशाल साम्राज्य की। एक घटना और जिसके पीछे छिपा हुआ है वह भयावह रहस्य जो आने वाले समय में शापित भूमि एर्यनम को फिर से पुनर्जीवित कर देने वाला था। इस संतप्त भूमि के उद्धार हेतु अवतरित हुआ वह योद्धा, जो कहलाया एर्यनम का रक्षक। जागृत हो चुके हैं ग्यारह हज़ार वर्षों तक मृत पड़े दानवीय योद्धा। तो क्या प्रारंभ हो चुका है एक और विध्वंस? लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न क्या एर्यनम का रक्षक कर पाएगा इन सभी दुष्टों का संहार और बचा पाएगा अपनी मातृभूमि को? एक महागठा, संतप्त भूमि बेरुंडा रचना (चतुर्थांश) की पहली कड़ी
Pratihari - Andhkar ka Daitya
- Author Name:
Abhinav Jain
- Book Type:

- Description: प्रतिहारियों की महासभा में हुआ असुरों का आक्रमण और मुक्त हो गयी सदियों से कैद एक अजेय महाशक्तिशाली असुर शक्ति। समस्त संसार पर छाया काली शक्तियों और पाप का राज्य। संसार को बचाने का उत्तरदायित्व अब प्रतिहारियों पर है और अभिजीत की नियति फिर से उसे ले आई है एक अनोखे मोड़ पर। कौन है ये महाशक्तिशाली असुर? क्या अभिजीत उस महाशक्ति से लड़ पाया? क्या अभिजीत का इलाक्षी के साथ बना प्रेम का बंधन पूर्ण हो पायेगा? कैसे मिलेगी संसार को असुरों से मुक्ति? पढ़िए प्रतिहारी -असुर, प्रेम, दिव्यशक्तियों और भूतकाल की यात्रा की एक और रोमांचक गाथा!
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book