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‘प्रेमगली’ एक शृंखला हो सकती है, ये गली में कुछ दूर जाने के बाद समझ में आया। ‘प्रेमगली अति साँकरी’ और ‘जिस्म जिस्म के लोग’ के बाद ‘झिलमिल’ लिखते हुए लगा कि अनजाने में ही ये एक शृंखला हो गई जिसमें मैं कड़ियाँ जोड़ता जा रहा हूँ, और शायद जोड़ता जाऊँगा—क्योंकि प्रेमगली सँकरी हो सकती है, ख़त्म नहीं हो सकती। यानी आने वाले वक़्त से उम्मीद हर उम्र में बनी रहनी चाहिए।
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‘प्रेमगली’ एक शृंखला हो सकती है, ये गली में कुछ दूर जाने के बाद समझ में आया। ‘प्रेमगली अति साँकरी’ और ‘जिस्म जिस्म के लोग’ के बाद ‘झिलमिल’ लिखते हुए लगा कि अनजाने में ही ये एक शृंखला हो गई जिसमें मैं कड़ियाँ जोड़ता जा रहा हूँ, और शायद जोड़ता जाऊँगा—क्योंकि प्रेमगली सँकरी हो सकती है, ख़त्म नहीं हो सकती। यानी आने वाले वक़्त से उम्मीद हर उम्र में बनी रहनी चाहिए।
Book Details
-
ISBN9789360865986
-
Pages104
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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"एक बात समझ में नहीं आई कि, ख़ुद कभी इमानदार रहे नहीं और उससे ईमानदारी, वफादारी, पारदर्शिता की अपेक्षा करते रहे। तुमको क्यार लगता है, ये सब एकतरफा होता है ? अरे ! ये सब पाना है तो अपने आपको भी उसी तरह बनाना होता है। ये तो आपसी विश्वाेस का संबंध है। विश्वा स दो, विश्वाास लो। अगर इतना ही समझ चुके थे उसे, तो इस रिश्तेव से बाहर हो जाते ? वैसे चले तो गए ही थे उसकी ज़िंदगी से, तो जी लेने देते उसे भी अपनी ज़िंदगी ?
Dil Raazi Ishqbaazi
- Author Name:
Anuj Tiwari
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क्या जिंदगी के नियमों और शर्तों के बाद भी आप उसे आसानी से गुजार सकते हैं? या उसकी वैधानिक चेतावनियों के बावजूद खुलकर सपने देख सकते हैं और उसे पूरी तरह जी सकते हैं? यह उपन्यास एक ऐसी युवा जोड़ी की कहानी है जो मानती है कि जीवन में कोई रिप्ले या रिवाइंड बटन नहीं होता। अनुज ने कभी सोचा भी नहीं था कि उस जिंदादिल पाखी के लिए उसके एहसास एक दिन उसकी कल्पना से परे परवान चढ़ेंगे जो प्यार में यकीन तक नहीं करती थी। अभी सबकुछ ठीक होता दिख रहा था कि हमेशा की तरह जिंदगी उनके मंसूबों पर पानी फेरने लगती है। आसान शब्दों में यह कहानी हमें परिवार, भरोसा, समर्पण और दोस्ती के महत्त्व को बताती है। ‘किसी से प्यार करना मुश्किल नहीं, मगर सच्चा साहस सदा के लिए उसका हो जाने में है।’
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