The Nightingale His Poems and Paintings of Dawn
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Joyous music surrounds the tree of life and envelops its inhabitants in pure bliss, yet a single nightingale perch on a branch, as it looks at the souls it has to comfort, down below, below the joyous canopy of the tree of life, into the deep dark depths, 28 souls 28 mysteries 28 stations of life, all of which will resonate within us, no matter where we are on the tree of life.
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Joyous music surrounds the tree of life and envelops its inhabitants in pure bliss, yet a single nightingale perch on a branch, as it looks at the souls it has to comfort, down below, below the joyous canopy of the tree of life, into the deep dark depths, 28 souls 28 mysteries 28 stations of life, all of which will resonate within us, no matter where we are on the tree of life.
Book Details
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ISBNN/A
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PagesN/A
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Avg Reading Time3 hrs
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Age11-18 yrs
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Country of OriginLebanon
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- Book Type:

- Description:
देवीशरण ठेठ आदमी हैं। वे अपने उपनाम ‘ग्रामीण’ को सार्थक करते हैं। गाँव का आदमी रूप, रंग और शृंगार की परवाह किये बिना अपनी मूल वस्तु के भरोसे जीवन जीता है। उसमें कुंठायें नहीं होतीं। आइने के सामने होकर वह फूलता नहीं। वह आदमी अपनी रचना के लिये जो भी चुनता है, वह उपयोग की प्रेरणा से बनती है। देवीशरण ‘ग्रामीण’ इसी प्रकृति की छाया में कविता, कहानी या गाँवनामा लिखते हैं। धूल, लाटा, चना, मजदूर, नदी-नाले, घर-छप्पर उनकी कविताओं के शीर्षक हैं। इन वस्तुओं के विश्लेषण के बजाय ‘ग्रामीण’ जी अपनी रचनाओं के द्वारा उनकी वस्तुओं से अपने अभिप्राय व्यक्त करते हैं। उनसे अपने मन की बात कहलवाते हैं। मानवीकरण करते हैं। इन वस्तुओं के प्रति अपना राग व्यक्त करते हैं। वे वस्तुओं को बुद्धि के आकाश में नहीं उड़ाते। वे आम आदमी को सम्बोधित करते रहते हैं। वे सिखाने-समझाने की प्रतिज्ञा से आगे बढ़ते हैं। देवीशरण जी की अपनी आस्था है। आस्था ऐसी जो मनुष्य की समानता के लिये प्रतिबद्ध है। और आगे कहें तो यह कि वे मार्क्सवाद पर भरोसा करते हैं। मार्क्सवाद की बुनियादी निष्पत्तियाँ उनके भावबोध का अंग बन गई हैं। वे स्वाभाविक सी हो गई हैं, उनके लिये। अतः रचनाओं का स्फुरण इसी आस्थाजन्य स्वाभाविक प्रक्रिया से होता है। ग्रामीण जी मानते हैं कि श्रमिकों की संगठित शक्ति अपराजेय होती है। वे अपनी अनेक कविताओं में इसे व्यक्त करते हैं। उनका कविता संसार जीवन का वास्तविक क्षेत्र है। वह ज्यादातर अभिधा में हैं। उसमें गहरा आशावाद है। इस तरह की निरलंकृत कविता जनता की प्राथमिक दीक्षा के काम आती है। जनता के भावों का सीधा-साझापन इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। इन कविताओं की प्रासंगिकता लम्बे समय तक रहेगी। — कमला प्रसाद
Dhoomil Ki Shreshth Kavitayan
- Author Name:
Brahma Dev Mishra +1
- Book Type:

- Description:
‘धूमिल की श्रेष्ठ कविताएँ’ अत्यन्त प्रखर और हिन्दी काव्य-जगत में नई हलचल पैदा करनेवाले सुदामा पाण्डेय ‘धूमिल’ की कविताओं का प्रथम सम्पादन है। एक लम्बी भूमिका के साथ सम्पादकों ने उनकी श्रेष्ठ कविताओं का चयन किया है, साथ ही भाषा के माध्यम से गाँव को शहर की होड़ में लानेवाले कवि की कविताओं पर संक्षिप्त टिप्पणी भी प्रस्तुत की है। लक्ष्य, धूमिल की अनगढ़ भाषा और नए मुहावरे को पाठकों तक सहजता से पहुँचाना है। सम्पादकों की दृष्टि में धूमिल का सर्जनात्मक व्यक्तित्व उनकी कविता में सक्रियता से मुखर है। ‘धूमिल को उनके कथ्य और भाषा के स्वीकृत स्वरूप के लिए जानना चाहिए, न कि प्रयोगात्मक शैलीकार के रूप में।’
Verses in Bloom
- Author Name:
Swati Sani
- Book Type:

- Description:
“Verses in Bloom” is a rare collection of 150+ timeless couplets from the most prominent poets of Urdu. The book contains these couplets in Urdu, Devanagari and Roman scripts, accompanied by an English translation, capturing their true essence. Through these couplets, the book also provides an insight about different stages of life and love.
Thank You for Leaving
- Author Name:
Rithvik Singh Rathore
- Book Type:

- Description:
Dear reader, I wrote this book for the ones who feel everything too deeply. The rare souls who still listen to their hearts and believe in love. The ones who don’t hurt others just because they’re in pain. The ones who wear their hearts on their sleeves and carry kindness within. The ones who overthink, over-invest in people and over-love, always. This book is an ocean full of feelings, so if at any point, you feel like you’re drowning, take a moment to remind yourself that it’s a privilege to feel emotions as intensely as you do. Some people are so disconnected from their hearts that they don’t allow themselves to feel anything at all. That being said, I wish you a happy reading. This book will make you cry. Love, Rithvik
Kuchh Ishq Kiya Kuchh Kaam Kiya
- Author Name:
Piyush Mishra
- Book Type:

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सिनेमा और थिएटर के अन्तरिक्ष में विधाओं के आर-पार उड़नेवाले धूमकेतु कलाकार पीयूष मिश्रा यहाँ, इस जिल्द के भीतर सिर्फ़ एक बेचैन शब्दकार के रूप में मौजूद हैं। ये कविताएँ उनके जज़्बे की पैदावार हैं जिन्हें उन्होंने अपनी कामयाबियों से भी कमाया है, नाकामियों से भी। हर अच्छी कविता की तरह ये कविताएँ भी अपनी बात ख़ुद कहने की क़ायल हैं, फिर भी जो ख़ास तौर पर सुनने लायक़ है वह है इनकी बेचैनी जो इनके कंटेंट से लेकर फ़ार्म तक एक ही रचाव के साथ बिंधी है। दूसरी ध्यान रखने लायक़ बात ये कि इनमें से कोई कविता अब तक न मंच पर उतरी है, न परदे पर। यानी यह सिर्फ़ और सिर्फ़ कवि-शायर पीयूष मिश्रा की किताब है।
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