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Hare Ko Harinaam

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‘केवल कवि ही कविता नहीं रचता, कविता भी बदले में कवि की रचना करती है' जैसी अनुभूति को आत्मसात् करनेवाले दिनकर की विचारप्रधान कविताओं का संकलन है 'हारे को हरिनाम', जिसमें उनके जीवन के उत्तरार्द्ध की दार्शनिक मानसिकता के दर्शन होते हैं। इसमें परम सत्ता के प्रति छलहीन समर्पण की आकुलता से भरी ऐसी कविताओं की अभिव्यक्ति हुई है जिनमें मनुष्य मन की विराटता है। हम कह सकते हैं कि ओज और आक्रोश से भरी राष्ट्रीय कविताओं के सर्जक दिनकर की भक्ति-भावनाओं से विह्वल रचनाओं का यह संग्रह संवेदना और आस्था के विरल आयामों से जोड़ने का एक सफल उपक्रम है। और संग्रह का नाम ‘हारे को हरिनाम’ से कुछ मित्रों के चौंकने पर सच स्वीकार करने की साहस-भरी वह मनुष्यता भी, जिसे राष्ट्रकवि दिनकर अपने इन शब्दों में व्यक्त करते हैं–“...किन्तु पराजित मनुष्य और किसका नाम ले? मैंने अपने आपको क्षमा कर दिया है। बन्धु, तुम भी मुझे क्षमा करो। मुमकिन है, वह ताज़गी हो। जिसे तुम थकान मानते हो। ईश्वर की इच्छा को न मैं जानता हूँ, न तुम जानते हो।”

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‘केवल कवि ही कविता नहीं रचता, कविता भी बदले में कवि की रचना करती है' जैसी अनुभूति को आत्मसात् करनेवाले दिनकर की विचारप्रधान कविताओं का संकलन है 'हारे को हरिनाम', जिसमें उनके जीवन के उत्तरार्द्ध की दार्शनिक मानसिकता के दर्शन होते हैं। इसमें परम सत्ता के प्रति छलहीन समर्पण की आकुलता से भरी ऐसी कविताओं की अभिव्यक्ति हुई है जिनमें मनुष्य मन की विराटता है। हम कह सकते हैं कि ओज और आक्रोश से भरी राष्ट्रीय कविताओं के सर्जक दिनकर की भक्ति-भावनाओं से विह्वल रचनाओं का यह संग्रह संवेदना और आस्था के विरल आयामों से जोड़ने का एक सफल उपक्रम है।

और संग्रह का नाम ‘हारे को हरिनाम’ से कुछ मित्रों के चौंकने पर सच स्वीकार करने की साहस-भरी वह मनुष्यता भी, जिसे राष्ट्रकवि दिनकर अपने इन शब्दों में व्यक्त करते हैं–“...किन्तु पराजित मनुष्य और किसका नाम ले?

मैंने अपने आपको

क्षमा कर दिया है।

बन्धु, तुम भी मुझे क्षमा करो।

मुमकिन है, वह ताज़गी हो।

जिसे तुम थकान मानते हो।

ईश्वर की इच्छा को

न मैं जानता हूँ,

न तुम जानते हो।”

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Paperback
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
3rd
Publication year
2019
Weight
228 grams
ISBN-13
9789389243093
Pages
168
Reading time
~6 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 21.5 cm
Language
Hindi

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