Ghazal Usne Chhedi 3
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Book Details
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ISBN9788192664859
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Pages236
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Avg Reading Time8 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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‘नेपाली’ एक शोषणमुक्त समतामूलक समाज की स्थापना के पक्षधर कवि हैं—
वे आश्वस्त हैं कि समतामूलक समाज का निर्माण होगा। मनुष्य रूढ़ियों से मुक्त होकर विकास पथ पर अग्रसर होगा। प्रेम और बन्धुत्व विकसित होंगे और मनुष्य सामूहिक विकास की दिशा में अग्रसर होगा—
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बोलेगा पतितों-दलितों के गरम लहू का क़तरा-क़तरा
होंगे भस्म अग्नि में जलकर धरम-करम और पोथी-पत्रा
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सड़ी-गली प्राचीन रूढ़ि के भवन गिरेंगे, दुर्ग ढहेंगे
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