Vyavharik Anuvad
(0)
Author:
N.E. Vishwanath IyerPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
600
₹ 480 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद प्रशासन में राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रयोग और प्रगामी प्रयोग पर जोर दिया गया। अनुवाद शीघ्र ही एक व्यापक विषय बन गया। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, विधि, वाणिज्य तथा सर्वसुलभ रूप में साहित्य के क्षेत्र में भी अनुवाद का स्थान अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं अनिवार्य लगने लगा। प्रस्तुत ग्रंथ के कुछ अध्यायों में व्यावहारिक अनुवाद के क्षेत्र में उतरनेवालों के लिए आवश्यक मार्ग निर्देश दिए गए हैं। अनुवाद के मूल्यांकन के मानक अभी नहीं बने हैं। साहित्य में सृजनात्मक वाड्मय की रचना के बाद लक्षण ग्रंथ एवं व्याकरण ग्रंथ की जरूरत पड्ती है। अनुवाद के संदर्भ में एक लघु प्रयास ‘अनुवाद की स्तरीयता’ नामक अध्याय में किया गया है। हिंदी क्षेत्र में सिद्धांत एवं विशेषज्ञ ‘तत्काल भाषांतरण’ अथवा ‘इंटरप्रेटेशन’ पर अभी अधिक ध्यान नहीं दे सकते हैं; जबकि यह आज बहुत जरूरी एवं उर्वर क्षेत्र है। इस विशेष अनुवाद विधा की कुछ बारीकियों के विश्लेषण का प्रयास भी इस ग्रंथ में किया गया है। अंग्रेजी-हिंदी अनुवाद आज निरंतर किया जाता है; परंतु उसके व्यावहारिक बिंदु (चेक प्वाइंट) पर सोदाहरण प्रकाश कम ही डाला गया है। इस पुस्तक में दो बड़े अध्यायों में इसीके विभिन्न पहलुओं पर विशद विवेचन प्रस्तुत किया है। विश्वास है, यह पुस्तक अनुवाद कला में कुशलता प्राप्ति में सहायक होने के साथ-साथ आम पाठकों के लिए भी ज्ञानवर्द्धक सिद्ध होगी।
Read moreAbout the Book
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद प्रशासन में राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रयोग और प्रगामी प्रयोग पर जोर दिया गया। अनुवाद शीघ्र ही एक व्यापक विषय बन गया। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, विधि, वाणिज्य तथा सर्वसुलभ रूप में साहित्य के क्षेत्र में भी अनुवाद का स्थान अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं अनिवार्य लगने लगा। प्रस्तुत ग्रंथ के कुछ अध्यायों में व्यावहारिक अनुवाद के क्षेत्र में उतरनेवालों के लिए आवश्यक मार्ग निर्देश दिए गए हैं। अनुवाद के मूल्यांकन के मानक अभी नहीं बने हैं। साहित्य में सृजनात्मक वाड्मय की रचना के बाद लक्षण ग्रंथ एवं व्याकरण ग्रंथ की जरूरत पड्ती है। अनुवाद के संदर्भ में एक लघु प्रयास ‘अनुवाद की स्तरीयता’ नामक अध्याय में किया गया है। हिंदी क्षेत्र में सिद्धांत एवं विशेषज्ञ ‘तत्काल भाषांतरण’ अथवा ‘इंटरप्रेटेशन’ पर अभी अधिक ध्यान नहीं दे सकते हैं; जबकि यह आज बहुत जरूरी एवं उर्वर क्षेत्र है। इस विशेष अनुवाद विधा की कुछ बारीकियों के विश्लेषण का प्रयास भी इस ग्रंथ में किया गया है। अंग्रेजी-हिंदी अनुवाद आज निरंतर किया जाता है; परंतु उसके व्यावहारिक बिंदु (चेक प्वाइंट) पर सोदाहरण प्रकाश कम ही डाला गया है। इस पुस्तक में दो बड़े अध्यायों में इसीके विभिन्न पहलुओं पर विशद विवेचन प्रस्तुत किया है। विश्वास है, यह पुस्तक अनुवाद कला में कुशलता प्राप्ति में सहायक होने के साथ-साथ आम पाठकों के लिए भी ज्ञानवर्द्धक सिद्ध होगी।
Book Details
-
ISBN9789387980617
-
Pages286
-
Avg Reading Time10 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Vedic Ankganit
- Author Name:
Virendra Kumar +1
- Book Type:

- Description: अंकगणित का मूल आधार संख्याएँ तथा उनका योग, व्यवकलन, गुणन, विभाजन आदि प्रमुख संक्रियाएँ हैं । इसके अतिरिक्त संख्याओं के गुणनखंड, मूल तथा घात निकालने की भी आवश्यकता पड़ती है । दो संख्याओं का मध्यानुपाती ज्ञात करने, दिए क्षेत्रफल के वर्गाकार क्षेत्र की भुजा ज्ञात करने, दिए क्षेत्रफल के वृत की त्रिज्या ज्ञात करने, मानक विचलन निकालने आदि अनेक प्रकार के प्रश्नों में वर्गमूल निकालने की आवश्यकता होती है । क्षेत्रफल और आयतन के प्रश्नों में, बोधायन-पाइथागोरस प्रमेय के अनुप्रयोग में, दो बिंदुओं के बीच की दूरी की गणना करने में, चक्रवृद्धि ब्याज के प्रश्न हल करने में, संख्याओं के वर्गफल या घनफल निकालने की आवश्यकता होती है । हमारे देश के विद्वानों ने ऐसी अनेक विधियाँ खोजी हैं, जो गणनाओं को अति अल्प समय में करने में सहायक होती हैं तथा मौखिक रूप से गणनाएँ सरलता से की जा सकती हैं । प्रस्तुत पुस्तक का उद्देश्य ' वैदिक गणित ' के ज्ञान को व्यावहारिक बनाना है, जिससे जन-जन में इसकी पैठ हो सके । इसमें मात्र अंकगणित के क्षेत्र में ' वैदिक गणित ' की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया है । वैदिक विधियाँ अत्यंत सरल हैं, जो गणनाओं के करने में छात्रों के समय तथा श्रम की बचत करती हैं, जिसका लाभ प्राथमिक से लेकर उच्च कक्षाओं तक के सभी छात्र उठा सकते हैं । व्यावहारिक जीतन में तो. ये विधियों अति उपयोगी हैं ही, साथ ही जनसामान्य के लिए भी अति उपयोगी हैं ।
Lokbharti Hindi Muhaware Aur Lokokti Kosh
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

- Description: मुहावरे और लोकोक्तियाँ जन-जीवन की अभिव्यक्ति के सहज उपकरण हैं। मुहावरा पद या पदबन्ध होता है, वाक्य का अंग बनता है तथा उसका अर्थ शब्दों की लक्षणाशक्ति से निकलता है। इसके विपरीत लोकोक्ति अपने में एक पूर्ण विचार, फलत: वाक्य रूप होती है तथा उसका अर्थ शब्दों की व्यंजना शक्ति से निकलता है। मुहावरे भाषा का शृंगार होते हैं और उसमें चमत्कार और चुटीलापन लाते हैं। लोकोक्तियाँ सत्यकथन या परमार्श के रूप में होती हैं और होती हैं समाज के सामूहिक चिन्तन का निचोड़।
Uttar Pradesh Police Constable Male & Female
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: उत्तर प्रदेश (UP) पुलिस कांस्टेबल पुरुष एवं महिला | आरक्षी नागरिक भर्ती परीक्षा, भर्ती परीक्षा-2025 | नवीनतम पाठ्यक्रम | 25 हल किये गए प्रश्न पत्र (2009 से 2024 तक) यह किताब उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा (पुरुष और महिला) के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शिका है। यह पुस्तक उम्मीदवारों के लिए विस्तृत रूप से तैयार की गई है, जो परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। इस पुस्तक में निम्नलिखित विशेषताएँ शामिल हैं 25 हल किए गए प्रश्न पत्र (2009 से 2024 तक): इस पुस्तक में पिछले 15 वर्षों के 25 हल किए गए प्रश्न पत्र शामिल हैं, जो उम्मीदवारों को परीक्षा की प्रकृति और पैटर्न से परिचित कराते हैं। प्रत्येक प्रश्न पत्र के उत्तर भी दिए गए हैं, जो उम्मीदवारों की तैयारी को मजबूत बनाते हैं। विभिन्न अनुभागों का समावेश: सामान्य ज्ञान: जो परीक्षा में पूछे जाने वाले ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, और राजनीतिक ज्ञान को कवर करता है। गणित: अंकों की सही गणना, अनुपात, प्रतिशत, लाभ-हानि, समय और कार्य, और अन्य गणितीय प्रश्नों का अभ्यास। रीजनिंग (तार्किक सोच): पजल, अंकगणितीय प्रश्न, दिशा, चित्रों से संबंधित समस्याएँ। हिंदी और अंग्रेजी भाषा: भाषा ज्ञान, व्याकरण, वाचन क्षमता।
CTET/TETs Solved Papers (2023-2011) Paper-2 (Class 6 - 8) Samajik Adhyayan/Samajik Vigyan (Social Study / Social Science)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Persian Hindi Dictionary : Vols. 1-2
- Author Name:
Chandrashekhar
- Book Type:

- Description: फ़ारसी भाषा, हिन्दी की ही तरह, भारतीय आर्य भाषा उपकुल का एक भाग है। ईरान एवं भारत, दोनों कृषि–प्रधान देश रहे हैं। दोनों की संस्कृतियों में अनेक समानताएँ आज भी विद्यमान हैं। मुग़ल–पूर्व, मुग़ल और मुग़लोत्तर शासन के दौरान हिन्दुस्तान में फ़ारसी भाषा का प्रसार एवं प्रचार अपनी चरम सीमा पर था। कबीरदास, सूरदास, मलिक मुहम्मद जायसी जैसे हिन्दी के कालजयी महान कवियों ने फ़ारसी भाषा के अनेक शब्दों को अपनी भावाभिव्यक्ति का साधन बनाया और उनका रचनात्मक प्रयोग किया। इस प्रकार कहा जा सकता है कि फ़ारसी ने हिन्दी साहित्य की रचनाधर्मिता पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है। फ़ारसी के अनेक शब्द ऐसे भी हैं, जिनका चलन आज ईरान में लगभग समाप्त हो चला है, लेकिन हिन्दी में वे अब भी जीवित हैं और साहित्य में ही नहीं, आम बोलचाल की भाषा में प्रयोग किए जा रहे हैं। फ़ारसी के अनेक मुहावरे अनूदित होकर हिन्दी की निधि बन चुके हैं। प्रस्तुत ‘फ़ारसी–हिन्दी शब्दकोश’ हज़ारों वर्षों में फैले भारत–ईरान के सांस्कृतिक सम्बन्धों को रेखांकित करनेवाला प्रथम शब्दकोश है। विभिन्न विषयों एवं अलग–अलग परिप्रेक्ष्यों से सम्बन्धित लगभग 25,000 शब्द–प्रविष्टियों से सम्पन्न यह शब्दकोश, जिसमें पुरातन और नवीन दोनों प्रकार की अर्थ–परम्पराओं का समावेश है, प्राचीन और अर्वाचीन शब्दों का सुन्दर मिश्रण है। आशा है, यह शब्दकोश विभिन्न प्रकार के अध्ययनकर्ताओं तथा सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।
Dhandhe Matram
- Author Name:
Piyush Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC PRARAMBHIK PARIKSHA-2021 SAMANYA ADHYAYAN 30 DINON MEIN
- Author Name:
Jha Evam Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Janane ki Batein : (Vol. 11)
- Author Name:
Deviprasad Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: Janane ki Batein : Vol. 11
Savdhan! Cigarette Pina Mana Hai
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kala-Mann (Essays)
- Author Name:
Dr. Rajesh Kumar Vyas
- Book Type:

- Description: कला-मन' का अपना ही एक ललित स्वाद और संवाद है। राजेश कुमार व्यास कलाओं को लेकर एक खिड़की और आकाश एक साथ रचते हैं—खिड़की कलाओं को देखने-सुनने की और आकाश वह, जहाँ कुछ रचनात्मक घटित हो रहा है, जिसे देखने में हमें आनंद मिलता है। कलाएँ स्वयं अपने रचनाकारों के माध्यम से, मानो कुछ नया खोजती रहती हैं और पुराने को सहेजती भी हैं, जिसका नया होना, होते रहना कभी समाप्त नहीं होता। व्यास के लेखन में इस तथ्य का, इस बोध का, कलाओं के मर्म का भान सदा बना रहता है। एक जगह वह लिखते हैं-कला क्या है? आकार, रंग, अंतरिक्ष (स्पेस) का सम्मिलित सौंदर्य ही तो है !''''संगीत, नृत्य-चित्र, नाट्य को अपने में बसाते हम कला के समय में रूपांतरित हो जाते हैं। हम वह नहीं रहते, जो पहले थे। कला के समय का इससे बड़ा सच और क्या हो सकता है ! कलाओं का अंतर्सबंध भी राजेश कुमार व्यास की इस रचना में लगातार ध्वनित होता है। कलाओं के बारे में लिखते हुए वह, मानो पाठक को कलाओं के संसार में आने का निमंत्रण देते हैं। सुखद है कि व्यास नियमित ढंग से कलाओं पर लिखते हैं । उनको उत्सव- सा मानते हैं और उनमें विन्यस्त विचारों को रेखांकित करते हैं । निश्चय ही उनके लेखन से हिंदी में कला-लेखन समृद्ध हो रहा है। इसमें भला क्या संदेह कि एक बड़ा पाठक वर्ग उनकी इस पुस्तक को भी प्रीतिपूर्वक अपनाएगा, जिस तरह वह पहले भी अपनाता रहा है। —प्रयाग शुक्ल
Germany Ki Shreshtha Kahaniyan
- Author Name:
Bhadra Sen Puri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SSC Staff Selection Commission Constable (GD) (Male and Female) Computer Based Examination (15 Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Adyatan Hindi Vyakaran
- Author Name:
B.N. Pandey
- Book Type:

- Description: "यह पुस्तक चार अध्यायों में विभक्त है : प्रथम अध्याय में हिंदी भाषा में उपलब्ध सभी ध्वनियों एवं उनके लिखित रूप अक्षरों एवं संयुक्ताक्षरों की लेखन विधि, उच्चारण एवं उनसे शब्द-निर्माण की व्याख्या की गई है, ताकि हिंदीतरभाषी भारतीय एवं विदेशी परीक्षार्थी उनकी स्पष्ट समझ के साथ-साथ कम-से-कम समय में उनका अभ्यास कर उनपर अधिकार कर सकें। दूसरे अध्याय में सभी प्रकार के शब्दों की प्रकृति, निर्माण एवं पहचान की व्याख्या के साथ-साथ वाक्य गठन के दौरान लिंग, वचन विभक्ति, काल आदि के प्रभाव से उनमें होनेवाले रूप परिवर्तन को विवेचित-विश्लेषित किया गया है। तीसरे अध्याय में हिंदी भाषा में उपलब्ध सभी प्रकार के वाक्यों के गठन के अंतर्निहित नियमों को विश्लेषित किया गया है। वाक्य किसी भाषा के दैनिक प्रयोग की सबसे महत्त्वपूर्ण इकाई हैं और सभी प्रकार के अधिक-से-अधिक वाक्यों के निरंतर अभ्यास से ही भाषा का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है। चौथे अध्याय में उपसर्ग, प्रत्यय, संधि एवं समास समाहित हैं : व्याकरण पुस्तकों की महत्ता विषय के चयन में नहीं उनकी सुबोध एवं सुग्राह्य प्रस्तुति में होती है। व्याकरण की सार्थकता इसमें है कि वह साध्य नहीं, अपितु भाषा की सम्यक् समझ एवं प्रयोग का साधन बने।
IBPS Clerk Prarambhik Pariksha-2022 (IBPS Clerk Pre Exam 20 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Antarrashtriya Sangathan
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: अंतर्राष्ट्रीय संगठन ऐसे संगठन होते हैं, जो एकांतिक रूप से किसी विशेष राष्ट्र या राज्य के न होते हुए भी अंतरराष्ट्रीय संबंधों के संचालन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जैसे संयुक्त राष्ट्र संघ, उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो), दक्षेस/सार्क, आसियान, एपेक, यूरोपीय संघ, राष्ट्रमंडल, अरब लीग, अफ्रीकी संघ, ओपेक, विश्व बैंक, विश्व व्यापार संगठन इत्यादि। विगत दशक में अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर अनेक ग्रंथ अंग्रेजी में प्रकाशित हुए हैं, किंतु हिंदी में इस विषय पर एक संपूर्ण पुस्तक का सर्वथा अभाव रहा है। अत: इसी अभाव की पूर्ति हेतु इस ग्रंथ 'अंतरराष्ट्रीय संगठन' का सृजन किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक में सौ से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सांगोपांग वर्णन है। प्रत्येक संगठन के अंत में उससे संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्यों को कोष्ठक में दिया गया है। पुस्तक की विषयवस्तु को उपयोगी बनाने हेतु अंतरराष्ट्रीय संगठनों से संबंधित कई पुस्तकों से संदर्भ भी लिये गए हैं। आशा है, यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।
Adhunik Vividh Kala Shabdsagar
- Author Name:
Roop Narayan Batham
- Book Type:

- Description: ‘आधुनिक विविध कला शब्दसागर’ तेईस आधुनिक सर्जनात्मक और व्यावसायिक कलाओं के सामान्य प्रचलित और महत्त्वपूर्ण शब्दों का संग्रह है। इसमें चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, नृत्य, नाटक, काव्य, फैशन, पाककला, गृहसज्जा, फोटोग्राफी, विज्ञान, फिल्म, टेलीविजन, संग्रहालय विज्ञान, पुरातत्त्व, अभिलेख, डिजाइन, शिल्प, सौन्दर्यशास्त्र, कला-समीक्षा, छापाकला आदि कलाओं से सम्बन्धित शब्द शामिल हैं। कोश के आरम्भिक पृष्ठों में सभी कला विषयों के शब्दों को अंग्रेजी के वर्णक्रमानुसार प्रस्तुत किया गया है, जिसमें उसका वर्गीकरण, उच्चारण, हिन्दी पर्याय तथा साधारण शब्दों में उसकी सामान्य व्याख्या प्रस्तुत की गई है। अनेक कम प्रचलित किन्तु महत्त्वपूर्ण शब्दों के साथ कई अन्य तत्सम्बन्धित शब्दों के भी अंग्रेजी समानार्थी शब्द दिये गए हैं ताकि पाठक सहजता से कोश में प्रयुक्त शब्दों के भाव समझ सकें। शब्दों के शुद्ध उच्चारण के सम्बन्ध में सदैव मतभेद रहा है, मुख्यतः विदेशी भाषाओं के सन्दर्भ में। इस समस्या के निदान के लिए इसमें विदेशी शब्दों के शुद्ध उच्चारण में एक व्यावहारिक समझौता किया गया है, जैसे— Colour के वास्तविक उच्चारण ‘कलअॅ’ के स्थान पर ‘कलर’ ही रखा है, इस प्रकार ‘अ’, (R) ‘र’ की ध्वनि से समझौता किया गया है। उसी तरह Art के शुद्ध उच्चारण में ‘आट’ के स्थान पर ‘आर्ट’ स्वीकारा है। नाटक के एक शब्द ‘Daddy’ के लिए ‘पितातुल्य’ प्रतिष्ठित ‘नाट्यकर्मी’ के साथ उर्दू के शब्द ‘उम्रदराज फनकार’ को भी लिया गया है। अंग्रेजी शब्दों के हिन्दी सुबोध पर्यायों के लिए विभिन्न भारतीय भाषाओं के बोलचाल से जुड़े अनेक शब्दों को स्वीकार किया गया है। जैसे—‘Dedicated Artist’ के लिए ‘जुझारू कलाकार’, ‘व्रती कलाकार’ आदि। शब्दों के अधिकाधिक पर्याय देने के प्रयास में उनके भावार्थ से जुड़े भाव को प्राथमिकता दी गई है। जैसे Design शब्द के 18 तो Aesthetics के 9 पर्याय दिये गए हैं। यह कोश कभी-कभार कला के किसी शब्द की जानकारी मात्र देने वाला कोश नहीं है, कला के विद्यार्थियों, कला प्रेमियों और जिज्ञासुओं के लिए महत्त्वपूर्ण पाठ है। भारत में बहुउपयोगी कलाओं के समग्र कोश की रचना का यह सम्भवतः पहला प्रयास है, अतः इसमें अनेक त्रुटियों और कमियाँ रह गई होंगी। मुझे आशा है कि सुधी-पाठक इसे और समृद्ध करने के लिए अपने बहुमूल्य सुझावों से हमें अवगत करायेंगे।
Antarman Ki Ore (Hindi Translation of Looking Inward: Meditating to Survive in A Changing World)
- Author Name:
Swami Purnachaitanya
- Book Type:

- Description: वर्ष 2021 में दुनिया को हमने दुनिया को जिस हाल में देखा, वह अब तक जो देखा था, उससे कहीं बदतर थी | ग्लोबल वॉर्मिंग, महामारी, जंगल की आग की तरह फैलनेवाली झूठी खबरें, दंगे, बदलता सामाजिक ढाँचा और जीवन-शैली | इन घटनाओं के दुष्परिणाम हमारे स्वास्थ्य, रिश्तों एवं उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं और हमारी आंतरिक शांति पर स्थायी प्रभाव छोड़ जाते हैं । ऐसी स्थिति में हम तनावग्रस्त, अत्यधिक चिंतित एवं अवसादग्रस्त महसूस करते हैं। इस समय हमें पहले से कहीं अधिक अपने अंदर झाँकने की आवश्यकता है, ताकि हमें शक्ति, एकाग्रता, खुशी और जीवटता प्राप्त हो। 'अंतर्मन की ओर' पुस्तक में स्वामी पूर्णचैतन्य हमारी इस प्रकार सहायता करते हैं कि हम अपनी चिंता, तनाव और बेचैनी के स्रोत को पहचान सकें। वे हमें विचलित विचारों को शांत करने के लिए ध्यान का उपयोग कर वर्तमान में जीने, अपनी ऊर्जा को फिर से केंद्रित कर समस्याओं को दूर करने तथा उत्तरोत्तर आगे बढ़ने के साधन उपलब्ध कराते हैं। प्रत्येक अध्याय में ज्ञानवर्धक कहानियाँ, बहुमूल्य अंतर्दूष्टि और दस मिनट का व्यायाम शामिल है, जो हमें अपने मन का स्वामी बनाने और ध्यान की अपनी ही विधि तैयार करने के बेहद करीब ले जायेगा। आज ध्यान कोई विलासिता नहीं, एक आवश्यकता है। यह पुस्तक बदलती दुनिया को समझने और उससे अच्छी तरह निपटने के लिए हमारे आंतरिक ऊर्जा-भंडार को शक्तिशाली बनाने में भी हमारी सहायता करती है।
NTA UGC Paper 1 - NET/SET/JRF General Paper 1 (Compulsory) Teaching & Research Aptitude 27 Solved Papers (2022-2006) & 35 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-1 (Class: 1-5) 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
INDIAN AIR FORCE AIRMEN GROUP X (TECHNICAL TRADES EXAM) 25 PRACTICE SETS (REVISED 2021)
- Author Name:
Vinay Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book