Dastan Aur Bhi Hain
(0)
₹
795
636 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के संस्थापक नेताओं में अग्रणी थे। वे दो बार स्वतंत्र बांग्लादेश के राष्ट्रपति भी रहे।</p> <p>यह पुस्तक बंगबन्धु के रूप में सम्मानित-स्वीकृत शेख मुजीबुर रहमान की आत्मकथा है, जिसे उन्होंने अपने कारावास के दिनों में लिखी थी। इसमें उन्होंने अपने 1955 तक के निजी और सार्वजनिक जीवन का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया है।</p> <p>इस पुस्तक से ज़ाहिर होता है कि एक सच्चे जननेता के रूप में उनकी हैसियत कितनी ऊँची थी। अपने देश और अपने लोगों के लिए उन्होंने अपने जीवन को जोखिम में डालकर संघर्ष का एक ऊँचा उदाहरण पेश किया।</p> <p>प्रथम दृष्ट्या तथ्यों पर आधारित इस आत्मकथा में हमें भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन की कुछ झलकियों के अलावा पाकिस्तान आन्दोलन, भाषा आन्दोलन, बांग्लादेश की स्वाधीनता के आन्दोलन और इसके दौरान पाकिस्तानी शासन द्वारा किए गए षड्यंत्रों और दमन से सम्बन्धित अनेक दुर्लभ ऐतिहासिक तथ्यों और कहानियों की जानकारी मिलेगी।</p> <p>कई वर्षों तक अनुपलब्ध रही इस आत्मकथा को सामने लाने का श्रेय उनकी पुत्री शेख हसीना और उनके अन्य परिजनों को जाता है जिन्होंने अत्यन्त परिश्रम के साथ जर्जर, खस्ताहाल काग़ज़ों में से इस दस्तावेज़ को सम्भव किया।
Read moreAbout the Book
शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के संस्थापक नेताओं में अग्रणी थे। वे दो बार स्वतंत्र बांग्लादेश के राष्ट्रपति भी रहे।</p>
<p>यह पुस्तक बंगबन्धु के रूप में सम्मानित-स्वीकृत शेख मुजीबुर रहमान की आत्मकथा है, जिसे उन्होंने अपने कारावास के दिनों में लिखी थी। इसमें उन्होंने अपने 1955 तक के निजी और सार्वजनिक जीवन का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया है।</p>
<p>इस पुस्तक से ज़ाहिर होता है कि एक सच्चे जननेता के रूप में उनकी हैसियत कितनी ऊँची थी। अपने देश और अपने लोगों के लिए उन्होंने अपने जीवन को जोखिम में डालकर संघर्ष का एक ऊँचा उदाहरण पेश किया।</p>
<p>प्रथम दृष्ट्या तथ्यों पर आधारित इस आत्मकथा में हमें भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन की कुछ झलकियों के अलावा पाकिस्तान आन्दोलन, भाषा आन्दोलन, बांग्लादेश की स्वाधीनता के आन्दोलन और इसके दौरान पाकिस्तानी शासन द्वारा किए गए षड्यंत्रों और दमन से सम्बन्धित अनेक दुर्लभ ऐतिहासिक तथ्यों और कहानियों की जानकारी मिलेगी।</p>
<p>कई वर्षों तक अनुपलब्ध रही इस आत्मकथा को सामने लाने का श्रेय उनकी पुत्री शेख हसीना और उनके अन्य परिजनों को जाता है जिन्होंने अत्यन्त परिश्रम के साथ जर्जर, खस्ताहाल काग़ज़ों में से इस दस्तावेज़ को सम्भव किया।
Book Details
-
ISBN9788126729791
-
Pages331
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Life Sings
- Author Name:
Veeir Shuklla +1
- Book Type:

- Description: THE LIFE REMAINS Under the fallen banyan, the small root remains, and regenerates. Erased masterpiece of god’s crayon, yet a shade reverberates. Great civilisations have kissed the dust, abandoning behind their rich stains. What rises fall it must, seems an end, yet the life remains. --from this book 'Life Sings' is a collection of eighty poems covering different living observations, hoping to enable the mind with strength to absorb the anomalous facets of life. Sincere prayers are tendered to all, to appreciate the humble effort positively.
Hamar Pasar Sansar Sar
- Author Name:
Raman Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Collection of Maithili Essay
Chandragupta Maurya
- Author Name:
Dilip Kumar Lal
- Book Type:

- Description: आज से लगभग 2300 वर्ष पहले मगध पर घनानंद नामक एक कुटिल और क्रूर शासक का राज्य था। वह बात-बात पर लोगों को फाँसी दे देता था। ऐसे निरंकुश शासक ने जब चाणक्य नाम के एक विद्वान् का अपमान किया तो उसने नंद को समूल नष्ट करने का प्रण ले लिया। बालक चंद्रगुप्त भी नंद का सताया हुआ था, वह भी येन-केन-प्रकारेण नंद से प्रतिशोध लेना चाहता था। अनायास ही चाणक्य और चंद्रगुप्त की भेंट हो गई। चाणक्य ने चंद्रगुप्त को कडे़ अनुशासन में रखकर अस्त्र-शस्त्र के ज्ञान के साथ राजनीति की शिक्षा भी दी। अनुकूल अवसर मिलते ही चंद्रगुप्त ने घनानंद पर हमला कर दिया और उसका समूल नाश करके मौर्य साम्राज्य की स्थापना की। मौर्य साम्राज्य पूर्व में बंगाल की खाड़ी से पश्चिम में अरब सागर तक फैला था। उत्तर में चंद्रगुप्त के राज्य की सीमा दक्षिणी अफगानिस्तान और ईरान तक फैली थी। उसने वृहद् भारत पर एकच्छत्र अनुकरणीय राज्य किया। जीवन के उत्तरार्ध में अपने पुत्र बिंदुसार को राज्य सौंपकर वह कर्नाटक में श्रवणबेलगोला चला गया और एक भिक्षुक के रूप में अपना जीवन बिताया। चंद्रगुप्त मौर्य का निर्लिप्त जीवन सचमुच अनुकरणीय है।
Khari-Khari
- Author Name:
Dr. Nand Kishore Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Pradhan Shikshak Bharti Pareeksha-2024 (Bihar Head Teacher Recruitment Exam 2024 in Hindi) | Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shyam, Phir Ek Bar Tum Mil Jate!
- Author Name:
Dinkar Joshi
- Book Type:

- Description: "दौड़कर उसने कृष्ण के पाँव से तीर खींचने के लिए हाथ बढ़ाया । कृष्ण उसकी व्यग्रता को निमिष- भर ताकते रहे, फिर निषेध में दाहिना हाथ उठाया । जरा ठिठक गया- '' क्यों, नाथ, क्यों?'' '' रहने दो, भाई! माता गांधारी के वचन में व्यवधान बनने का व्यर्थ प्रयत्न मत करो!'' बड़ी धीरता से वे बोले । '' मैंने महापातक किया है! मुझे क्षमा करो, नाथ! मैंने.. .मैंने आपको जंगली प्राणी समझकर आप पर तीर चलाया । यह मैंने क्या किया, नाथ!'' जरा भूमि पर लोटकर करुण क्रंदन करने लगा । '' उठो वत्स!'' करुणार्द्र स्वर में कृष्ण बोले, '' तुम्हारा नाम क्या है?'' '' मेरा नाम ?. .जरा ! '' '' जरा !. .ठीक!'' कृष्ण का मधुर हास्य छलका । तलवे से बहकर रक्तधारा भूमि पर काफी दूर चली गई थी । '' जरा, तुम्हारा नाम सार्थक है, तात ! ' जरा ' कभी किसीको नहीं छोड़ती ! अमरत्व के अभिशाप ने जिसे घेरा हो, उसे भी महाकाल जरा समेट ही लेता है न! जरा, तू तो निमित्त मात्र है, वत्स!'' - इसी उपन्यास से कोई भी भारतीय भाषा ऐसी नहीं है जिसमें श्रीकृष्ण को केंद्र में रखकर काव्य, कहानी, उपन्यास. नाटक, संदर्भ-ग्रंथ आदि साहित्य का सर्जन न किया गया हो । ' श्याम, फिर एक बार तुम मिल जाते ' (मूल गुजराती में लिखा) उपन्यास इन सबसे अनूठा इसलिए है कि यह सिर्फ उपन्यास नहीं है-यह तो उपनिषद् है! यथार्थ कहा जाए तो यह उपनिषदीय उपन्यास है । तत्कालीन आर्यावर्त्त में श्रीकृष्ण एक विराट् व्यक्तित्व था । जब यह व्यक्तित्व अनंत में विलीन हो गया तो जो सन्नाटा छा गया, उस सन्नाटे के चीत्कार का यह आलेखन है जब श्रीकृष्ण सम्मुख थे तब बात और थी जब वे विलीन हो गए तब वसुदेव-देवकी से लेकर अर्जुन, द्रौपदी, अश्वत्थामा, अक्रूर उद्धव और राधा पर्यंत पात्रों की संभ्रमिद मनोदशा को एक अनूठी ऊँचाई के ऊपर ले जाता है यह उपन्यास । "
Laziness Detox: Cleansing Bad Habits To Boost Productivity
- Author Name:
Priyanshu Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Antarnaad
- Author Name:
Usha Shrivastav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Taai
- Author Name:
Medha Kirit
- Book Type:

- Description: An inspiring success story of a senior activist who has done justice for five years to the parliamentary affairs of the largest democratic country like India, the challenges facing the supreme leader of the Lok Sabha and the vast scope of power. Senior woman MP who was unanimously elected as the Speaker of Lok Sabha after becoming MP from Indore for eight times in a row. With her gentle nature and balanced demeanor, she made everyone her adorer and dear while conducting the business of the house smoothly. Internationally honoured by ‘Mothers of Speakers’. A multi-dimensional graph of Padma Bhushan Sumitra Taai Mahajan’s peak years as Lok Sabha Speaker.
Just Rights : Why Justice Should be A Fundamental Right
- Author Name:
Bhuwan Ribhu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
P. GOVIND BALLABH PANT
- Author Name:
Nandini Saraf
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sifar Se Shikhar Tak Poems Book
- Author Name:
Lucky
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KRANTIKARI KOSH (SET OF FIVE VOLS.)
- Author Name:
SHRIKRISHNA SARAL
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Media ka Vartmaan Paridrishya
- Author Name:
Rakesh Praveer
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lauhpurush Sardar Vallabhbhai Patel
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: "लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म नडियाद, गुजरात में हुआ। उनकी शिक्षा मुख्यतः स्वाध्याय से ही हुई। लंदन जाकर उन्होंने बैरिस्टर की पढ़ाई पूरी की और वापस आकर गुजरात के अहमदाबाद में वकालत करने लगे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर वे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से पूरी तरह जुड़ गए। स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल का सबसे पहला और बड़ा योगदान खेड़ा आंदोलन में रहा। बारदोली में सशक्त सत्याग्रह करने के लिए ही उन्हें ‘सरदार’ कहा जाने लगा। सरदार पटेल को 1937 तक दो बार कांग्रेस का सभापति बनने का गौरव प्राप्त हुआ। आजादी के बाद भारत के राजनीतिक एकीकरण में उनके महान् योगदान के लिए इतिहास उन्हें सदैव स्मरण रखेगा। अपनी दृढ़ता के कारण वे ‘लौह पुरुष’ कहलाए। सरदार पटेल स्वतंत्र भारत के उप-प्रधानमंत्री होने के साथ प्रथम गृह, सूचना तथा रियासत विभाग के मंत्री भी थे। उनकी महानतम देन है 562 छोटी-बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में विलय करना। वे नवीन भारत के निर्माता, राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी और भारतीय जनमानस अर्थात् किसान की आत्मा थे। अपने रणनीतिक कौशल, राजनीतिक दक्षता और अदम्य इच्छा-शक्ति के बल पर भारत को एक नई पहचान देनेवाले समर्पित इतिहास-पुरुष की प्रेरणाप्रद जीवनी।
Swami Vivekananda Ka Yuva Jagran
- Author Name:
Kishor Makwana
- Book Type:

- Description: भारत की आध्यात्मिकता तथा पश्चिम की विज्ञान और तकनीक—इन दोनों के समन्वय से आनेवाले समय में एक नए भारत का निर्माण होगा, इस दिशा में महान् युगप्रवर्तक स्वामी विवेकानंद ने जोर दिया। ऐसा करना है, तो युवा और आनेवाली पीढ़ी के मानस में परिवर्तन करना होगा। अगर भारत वर्ष का उत्थान करना है तो सबसे पहले भारत के विभिन्न घटकों पर विश्वास आवश्यक है—अपनी धरती पर, अपनी परंपराओं पर, अपनी संस्कृति पर, अपने गौरवशाली अतीत पर। यह एक प्रखर संदेश हमें स्वामीजी से प्राप्त होता है। एक बात उन्होंने हमेशा कही कि एक नया भारत खड़ा हो रहा है। स्वामी विवेकानंद ने युवकों से यह भी अपेक्षा रखी थी—क्या तुम्हें अपने देश से प्रेम है? यदि हाँ, तो आओ, हम लोग उच्चता और उन्नति के मार्ग पर प्रयत्नशील हों। पीछे मुडक़र, मत देखो।
Gandhi Ke Sapnoo Ka Bharat
- Author Name:
Mahesh Prasad Singh
- Book Type:

- Description: राष्ट्रीय संदर्भ में तो आज गांधी की शिक्षाओं तथा प्रयोगों की जरूरत काफी बढ़ गई है। खेद की बात यह है कि जिस देश के महान् मनीषी ने विश्व को अनेक उच्च विचार दिए, विश्व मानवता को संकटों से मुक्ति का मार्ग बताया, उसी के महान् भारत में स्वाभिमान, राष्ट्रीयता, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, सहनशीलता आदि गुणों का ह्रास हो रहा है और देश के चारों तरफ समस्याओं के काले बादल छाने लगे हैं। हमें आज की परिस्थितियों में यह देखकर निश्चित रूप से प्रसन्नता हुई है कि देश और विदेश सभी जगह लोगों ने कुछ हद तक गांधी के रास्ते पर चलना शुरू कर दिया है और वह दिन अब अधिक दूर नहीं जब दुनिया का हर व्यक्ति गांधीवादी पद्धति का अवलंबन शुरू कर दे। ऐसा होगा, तभी मानवता को जीवित रखा जा सकता है। अमेरिका, इंग्लैंड, पश्चिम जर्मनी, जापान और अन्य दूसरे विकसित देशों के लोग आज गांधी द्वारा बताए गए अहिंसात्मक प्रतिरोध के द्वारा अपनी- अपनी सरकारों पर दवाब डाल रहे हैं कि वे मानवता का संहार करनेवाले हथियारों पर प्रतिबंध संबंधी बातचीत में तेजी लाएँ। महात्मा गांधी राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक कार्यों में अंतर करने को तैयार नहीं थे। वे मानते थे कि मनुष्य के सभी कार्य एवं समस्याएँ मूल रूप में नैतिक हैं, अत: उनका समाधान भी नैतिक उपायों से ही संभव है। गांधी के सपनों का भारत में विद्वान् लेखक ने गांधीजी के सिद्धांतों और जीवन-मूल्यों के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया है कि हम सब अगर गांधीजी के बताए रास्ते पर चलें तो एक सशक्त, लोककल्याणकारी और गांधीजी के सपनों के भारत का निर्माण कर सकते हैं। आओ, हम सब भारतवासी इस पुनीत कार्य में भागीदार बनें ।
Amar Bal Kahaniyan
- Author Name:
Shriramvriksha Benipuri
- Book Type:

- Description: "अमर बाल कहानियाँ “देवी बलिदान माँग रही है, जो सिर देना चाहे वह आगे बढ़े! बढ़ो!! बढ़ो!!” एक सिख बढ़ता है! यह कौन? अरे-यह तो वह आदमी है, जिसे कल तक हम छोटी जाति का होने के कारण अपने से छोटा समझ रहे थे। वह आगे बढ़ा, तंबू के भीतर गया। तलवार का ‘छप’ सा शब्द हुआ, फिर खून की धारा तंबू के भीतर से निकलकर बाहर की जमीन को सींचने लगी। “हाँ-हाँ, देवी बलिदान माँग रही है, दूसरा कौन है,—वह आगे बढ़े—बढ़ो! बढ़ो!!” एक दूसरा बढ़ा, उसी की तरह का मामूली आदमी। फिर तंबू में ‘छप-छप’ शब्द, फिर खून की लाल धारा। फिर गुरु की ललकार—तीसरा बढ़ा, चौथा बढ़ा, पाँचवाँ बढ़ा, छठा बढ़ा, सातवाँ बढ़ा—तंबू से निकली खून की धारा मोटी होती जा रही है—सामने की जमीन लाल-लाल हो रही है। “बस अब नहीं—देवी खुश हो गई। बोलो—सत्य श्री अकाल। वाहे गुरुजी का खालसा, वाह गुरुजी की फतह!” और यह क्या, वे सातों शहीद वीर भी तंबू से बाहर खड़े मुसकरा रहे हैं। क्या ये जी उठे? हाँ, जी उठे! आओ, सभी अमृत पीओ। शहादत का अमृत पीओ, सिंह बनो, सिंह। आज से सभी सिंह कहलाएँगे! सिंह-सिंह के सामने कोई आदमी क्या खाकर टिक सकता है। —इसी संकलन से प्रसिद्ध लेखक श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी की प्रभावशाली बाल रचनाओं का संकलन, जो बालमन को गुदगुदाए व हँसाए बिना न रहेगा। "
Selected Stories of Sharatchandra
- Author Name:
Anand Ganguly
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahaparakram (Hindi Translation Of 1971—Stories Of Grit And Glory): महापराक्रम (1971 के भारत-पाक युद्ध की साहसिक कहानियाँ) Book
- Author Name:
Ian Cardozo
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book