Share Market Mein Munafe Ke Mantra
Author:
Sudha ShrimaliPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789350481066
Pages: 152
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Chandragupta Maurya
- Author Name:
Dilip Kumar Lal
- Book Type:

- Description: आज से लगभग 2300 वर्ष पहले मगध पर घनानंद नामक एक कुटिल और क्रूर शासक का राज्य था। वह बात-बात पर लोगों को फाँसी दे देता था। ऐसे निरंकुश शासक ने जब चाणक्य नाम के एक विद्वान् का अपमान किया तो उसने नंद को समूल नष्ट करने का प्रण ले लिया। बालक चंद्रगुप्त भी नंद का सताया हुआ था, वह भी येन-केन-प्रकारेण नंद से प्रतिशोध लेना चाहता था। अनायास ही चाणक्य और चंद्रगुप्त की भेंट हो गई। चाणक्य ने चंद्रगुप्त को कडे़ अनुशासन में रखकर अस्त्र-शस्त्र के ज्ञान के साथ राजनीति की शिक्षा भी दी। अनुकूल अवसर मिलते ही चंद्रगुप्त ने घनानंद पर हमला कर दिया और उसका समूल नाश करके मौर्य साम्राज्य की स्थापना की। मौर्य साम्राज्य पूर्व में बंगाल की खाड़ी से पश्चिम में अरब सागर तक फैला था। उत्तर में चंद्रगुप्त के राज्य की सीमा दक्षिणी अफगानिस्तान और ईरान तक फैली थी। उसने वृहद् भारत पर एकच्छत्र अनुकरणीय राज्य किया। जीवन के उत्तरार्ध में अपने पुत्र बिंदुसार को राज्य सौंपकर वह कर्नाटक में श्रवणबेलगोला चला गया और एक भिक्षुक के रूप में अपना जीवन बिताया। चंद्रगुप्त मौर्य का निर्लिप्त जीवन सचमुच अनुकरणीय है।
Mausam
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

-
Description:
साहित्य में ‘मंज़रनामा’ एक मुकम्मिल फ़ार्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयाँ अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इंटरप्रेटेशन हो जाता है।
मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ार्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इज़ाफ़ा हो गया है।
अथाह प्रेम, प्रेम के गहरे सम्मान और शुद्ध-सुच्चे भारतीय मूल्यों में रसी-पगी गुलज़ार की इस फ़िल्म को न देखा हो ऐसे बहुत कम लोग होंगे। लेकिन मंज़रनामे की शक्ल में इसे पढ़ना बिलकुल भिन्न अनुभव है। इतने कसाव और कौशल के साथ लिखी हुई पटकथाएँ निश्चित रूप से सिद्ध करती हैं कि मंज़रनामा एक स्वतंत्र साहित्यिक विधा है। बार-बार देखने लायक़ फ़िल्म की बार-बार पठनीय पुस्तकीय प्रस्तुति!
Abalaaon Ka Insaf
- Author Name:
Sfurana Devi
- Book Type:

- Description: नवजागरण अपने राष्ट्रीय जागरण व सुधारवादी आन्दोलन के दौरान अनेक सार्थक प्रयासों और अपनी सफलताओं के लिए जाना जाता है। यह वही दौर था जब साम्राज्य विरोधी चेतना एक विराट राष्ट्रीय आन्दोलन का रूप ले चुकी थी, और राष्ट्रवाद अपने पूरे उफान पर था। मगर बावजूद इसके यह दौर अनेक विडम्बनाओं और विरोधाभासों के साथ-साथ कई विवादों का जन्मदाता भी रहा है। सबसे बड़ी विडम्बना इसकी यह रही कि दलित-प्रश्न और स्त्री-लेखन इसके परिदृश्य से पूरी तरह ग़ायब रहे। विशेषकर स्त्री-मुक्ति की छटपटाहट और चिन्ता इसके चिन्तन के केन्द्र में जैसे रहे ही नहीं। स्त्री-शिक्षा के अभाव और पितृसत्तात्मक व्यवस्था की गहरी पैठ के चलते, यह छटपटाहट हिन्दी साहित्य के इस दौर के इतिहास में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने से वंचित रह गई। बाद में इस काल के साहित्यिक परिदृश्य और विशेषताओं को हिन्दी के अनेक महानायकों ने रेखांकित और विश्लेषित किया, लेकिन उनकी नज़रों से भी यह छटपटाहट अलक्षित और ओझल ही रही। इन महानायकों के सामने पुरुषों द्वारा रचित वही लेखन रहा, जिसके कारण हिन्दी नवजागरण को अतिशयोक्ति में कभी-कभी ‘हिन्दू नवजागरण’ भी कहा जाता है। ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि हिन्दी नवजागरण के शुरुआत से लेकर आधुनिक काल (द्विवेदी युग) का पूरा कालखंड स्त्री-लेखन (स्त्रियों द्वारा किया गया लेखन) रहित रहा है? आख़िर ऐसे कौन से कारण थे जिनके चलते स्त्री-लेखन के रूप में, जो भी लेखन प्रकाश में आया, वह पुरुषों द्वारा ही किया गया लेखन था? ये ऐसे प्रश्न हैं जो हिन्दी साहित्य में बड़ी बहस की माँग करते हैं। बड़ी इसलिए कि यह मात्र एक धारणा या भ्रामक प्रचार है कि हिन्दी नवजागरण और उसके बाद के कुछ दशकों के दौरान स्त्री-लेखन नहीं हुआ। ‘अबलाओं का इन्साफ़’ (1927) को इसके उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है। यह आत्मकथा गम्भीर स्त्री-प्रश्नों के साथ-साथ उस पुरुषवादी मानसिकता और सोच को पूरी निर्ममता के साथ बेपर्दा और उनके ऊपर जमी गर्द को पोंछती है, जिसे या तो जानबूझकर पोंछा नहीं गया या किसी कारणवश छोड़ दिया गया।
"आइए, जानते हैं अपने मन को" Aayie, Janate Hain Apane Mann Ko | Book in Hindi by Dr. Shrirang Bakhle
- Author Name:
Dr. Shrirang Bakhle
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sahitya Ki Vyapak Chintayen
- Author Name:
Nand Chaturvedi
- Book Type:

-
Description:
इस पुस्तक में संकलित साक्षात्कार, सामयिक विषयों पर गम्भीर चिन्ताएँ तो हैं ही, साथ ही नन्द चतुर्वेदी के साहित्यिक सोच की अभिव्यक्ति भी है। वे कविता की परम्परागत बुनावट के साथ-साथ उसकी सामाजिकता और उससे जुड़े सरोकारों को भी जानते-पहचानते थे। ये सम्पूर्ण रूप से नन्द चतुर्वेदी की साहित्यिक चिन्ताओं और उनके सफल-असफल होने की कथा भी हैं।
शिक्षा, मीडिया, नया आर्थिक परिदृश्य, जिसमें निजीकरण और वैश्वीकरण शामिल हैं, उनकी व्यापक चिन्ताओं का हिस्सा थे। उनको एक दु:ख यह भी था कि राजस्थान के हिन्दी लेखकों को वह सम्मान और प्रतिष्ठा नहीं मिली जिसके वे हक़दार थे। वे राजस्थान को उत्तर प्रदेश की मंडी बनाने के ख़िलाफ़ थे और बार-बार इस दु:ख का बयान इन साक्षात्कारों में करते हैं।
नौ दशकों के लम्बे जीवनकाल में नन्द जी ने कई सामाजिक कालखंडों में अपना जीवन जिया। झालावाड़-उदयपुर का सामन्ती-काल, आज़ादी की लड़ाई और देश-निर्माण के सपने। आज़ादी के बाद बराबरी का सपना भी टूटा और बहुत बाद के दिनों में उन्हें निजीकरण और वैश्वीकरण के सवालों के उत्तर भी खोजने पड़े। ये साक्षात्कार उनके हर अनुभव का आईना हैं। इस पुस्तक के कई साक्षात्कारकर्ता नन्द जी के साथी, सहयोगी कवि और प्रियजन रहे हैं। विदेश और देश के अन्य भागों से आए विद्वज्जनों ने भी उनसे बातचीत की है। इन लम्बे साक्षात्कारों में वे अपने पढ़ने-लिखने, स्मृतियों और बचपन के दिनों की चर्चा भी करते हैं। पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें शामिल सभी साक्षात्कारों को नन्द जी ने अपने जीवन के आख़िरी वर्षों में स्वयं सम्पादित और चयनित किया था। व्यवस्था के पुनर्निर्माण की आशा अब भी बची है, क्योंकि ये जो बहुत-से सपने हैं, वे काल्पनिक नहीं हैं। वे मनुष्य के अस्तित्व की बुनियादी शर्तें हैं—जैसे मनुष्य की स्वाधीनता, जैसे मनुष्य की समता। इनको छोड़ना सम्भव नहीं है। और तब मुझे यह प्रतीत होता है कि चाहे जितने दिन तक चीज़ें उथल-पुथल होती रहें लेकिन अन्त में समता और स्वाधीनता के प्राप्त हुए बिना मनुष्य बच नहीं पाएगा। —इसी पुस्तक से
Andhkar Bela
- Author Name:
Suchitra Bhattacharya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Indira Files: A Critical Look at The Controversial Side of Indira Gandhi
- Author Name:
Vishnu Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC TRE 3.0 Bihar Secondary School Teacher Recruitment Class 9-10 English Part-3 | 20 Practice Sets (English)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vimarsh - Jinhen Jurme Ishq Pe Naaz Tha
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Vimarsh Jinhen Jurm e ishq pw naaz tha Writer Pankaj subeer Edit By Dr. sudha om dhingra
Ambedkar Ke Sapnon Ka Bharat "आंबेडकर के सपनों का भारत" | Vision and Biography of Ambedkar Book in Hindi
- Author Name:
Basant Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindu Dharma Mein Vaigyanik Manyatayen
- Author Name:
K.V. Singh
- Book Type:

- Description: "भारतीय जनमानस में वैदिक धर्म का जो वर्तमान स्वरूप आजकल में देखने को मिलता है, उसे आज का तर्कशील और वैज्ञानिक दृष्टि रखनेवाला मानव अंधविश्वास, आस्था व रूढि़वाद की संज्ञा देता है। प्रायः देखा जाता है कि पढ़े-लिखे लोग, जो अपने आपको बुद्धिजीवी मानते हैं, अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों, मान्यताओं के वर्तमान स्वरूप की या तो उपेक्षा करते हैं या उन्हें अपने व्यंग्य और मनोरंजन का विषय बनाते हैं। ऐसे अनेक लोगों का तो यह भी मानना है कि हमारी धार्मिक मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक आधार ही नहीं है। परंतु यह उनके अज्ञान का परिचायक है। वास्तव में हमारे धर्म का एक सुदृढ़ वैज्ञानिक आधार है। जरूरत बस, उसके मूल और मर्म को समझने की है। प्रस्तुत पुस्तक में सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति से जुड़ी मान्यताओं, परंपराओं, रीति-रिवाजों एवं धर्म-कर्म के पीछे जो गहरा विज्ञान है, उसे बड़े ही सरल शब्दों में समझाने का प्रयास किया गया है। इसके अध्ययन से जन सामान्य का अंध-विश्वास दूर हो और वे तथा भावी पीढि़याँ अपनी मान्यताओं एवं धरोहर पर गर्व कर सकें, तो इस पुस्तक का लेखन-प्रकाशन सार्थक होगा। "
Safalta ke Liye 13 Sarvashreshtha Aadaten
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chhoti-Chhoti Baatein
- Author Name:
Mithilesh Baria
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
How I Made $2,000,000 In The Stock Market
- Author Name:
Nicolas Darvas
- Book Type:

- Description: This book spells out exactly how Nicolas Darvas made more than two million dollars in the stock market. A must-read for anyone considering entering the market or for anyone who is already in the market and wishes to hone their stock-selecting skills. At the age of 39, after accumulating his fortune, Darvas documented his techniques in the book, "How I Made $2000,000 in the Stock Market". The book describes his unique “Box System”, which he used to buy and sell stocks. Darvas' book remains a classic stock market text to this day.
KAHAT KABIR
- Author Name:
Suresh Patel
- Book Type:

- Description: Based on Kabir ke Dohe
SHRIGURUJI CHITRAWALI
- Author Name:
Deepankar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pankhheen
- Author Name:
Smt. Kamla Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Paropkari Businessman Azim Premji
- Author Name:
N Chokhan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JANIYE BIHAR KA BHOOGOL
- Author Name:
Subodh Kumar Nandan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chanakya Neeti
- Author Name:
R.P. Jain
- Book Type:

- Description: Chanakya was an Indian teacher, philosopher and royal advisor. He managed the first Maurya emperor Chandragupta's rise to power at a young age. He is widely credited for having played an important role in the establishment of the Maurya Empire, which was the first empire in archaeologically recorded history to rule most of the Indian subcontinent.Chanakya is traditionally identified as Kautilya or Vishnu Gupta, who authored the ancient Indian poltical treatise called Arthasastra. As such, he is considered as the pioneer of the field of economics and political science in India, and his work is thought of as an important precursor to Classical Economics.Chanakya Neeti is a treatise on the ideal way of life, and shows Chanakya�s deep study of the Indian way of life. Chanakya also developed Neeti-Sutras (aphorisms�pithy sentences) that tell people how they should behave. Of these well-known 455 sutras, about 216 refer to rajaneeti (the do,s and don�ts of running a kingdom). Apparently, Chanakya used these sutras to groom Chandragupta and other selected disciples in the art of ruling a kingdom.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book