Havildar Abdul Hameed
Author:
Major Rajpal SinghPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 80
₹
100
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789389982466
Pages: 16
Avg Reading Time: 1 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Aacharya Shukla Ka Itihas Padhte Huye
- Author Name:
Bachchan Singh
- Book Type:

- Description: ‘आचार्य शुक्ल का इतिहास पढ़ते हुए’ साहित्यालोचना की श्रेणी में एक अलग ढंग की पुस्तक है। हिन्दी साहित्य के मानक इतिहास के रूप में प्रतिष्ठित आचार्य शुक्ल की पुस्तक को ‘साहित्येतिहास-लेखन की अत्यन्त प्रौढ़ और प्रगतिशील विरासत’ मानते हुए डॉ. बच्चन सिंह यह भी कहते हैं कि अभी भी अनेक प्रश्न हैं जो उत्तर की माँग करते हैं, बहुत-से बिन्दु है जिन पर विचार किया जाना चाहिए। वे कहते हैं कि शुक्ल जी पहले व्यक्ति हैं जिनके हाथों हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन के लिए एक सुसंगत आधार और उसका पैटर्न तैयार हुआ। इसके लिए उन्होंने जो केन्द्रीय बिन्दु रखा, वह है ‘लोक प्रवृत्ति’, जिसे उन्होंने जनता की चित्तवृत्ति कहा। लेकिन वे इस तथ्य के प्रति भी सजग थे कि जिस चित्तवृत्ति का प्रतिफलन साहित्य में हुआ, उसका सरोकार शिक्षित जन से है। डॉ. बच्चन सिंह आचार्य शुक्ल के बाद आचार्य द्विवेदी के काम को ही उल्लेखनीय मानते हैं, इसलिए इस पुस्तक में दोनों ही विद्वानों के इतिहास-सम्बन्धी कामों पर अकसर साथ में बात करते हैं, जिससे पाठक के रूप में हम और भी लाभान्वित होते हैं। यह पुस्तक आचार्य शुक्ल लिखित इतिहास को पढ़ने के लिए वृहत्तर भूमि तैयार करती है, और अन्य उपलब्ध साहित्येतिहास-ग्रंथों का भी परिचय देती चलती है।
Rani Laxmi Bai
- Author Name:
Kapil
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aise Hua Hool
- Author Name:
R Carstairs
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
One Word Substitution
- Author Name:
Pallavi Borgohain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Computer Internet Prashnottari
- Author Name:
Vinoy Bhushan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mewar Evam Marathaon Ki Sahasra Varshon Ki Shauryagatha "मेवाड़ एवं मराठाओं की सहस्र वर्षों की शौर्यगाथा" Book in Hindi
- Author Name:
Raghu Hari Dalmia +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swatantrata Sangram Ke Andolan
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Sanskriti
- Author Name:
Narendra Mohan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Samvidhan (Constitution of India)
- Author Name:
Dr. Pramod Kumar Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
THE HOUND OF THE BASKERVILLES
- Author Name:
Sir Arthur Conan Doyle
- Rating:
- Book Type:

- Description: This Book Doesn’t have Description
The Ratan Tata Way | Complete Biography & Success Secrets | Business Leadership Principles Visionary Industrial Evolution Inspirational Nation Building
- Author Name:
Vinod Sharma +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gunkari Phal
- Author Name:
Ramesh Bedi
- Book Type:

- Description: फल प्रकृति द्वारा इनसान को दिए गए अनुपम वरदान हैं। ये कभी ताज़े, कभी पकाकर और कभी सुखाकर खाए जाते हैं। ये क्षुधा शान्त करते हैं, तृप्ति प्रदान करते हैं। मीठी सुगन्ध और उन्नत स्वाद वाले फल चित्त को आह्लादित करते हैं। स्वस्थ शरीर के संचालन के लिए जिन प्राकृतिक तत्त्वों की ज़रूरत है, वे हमें फलों से मिलते रहते हैं। इनके द्वारा कैल्शियम, लोहा, ताम्र, फॉस्फ़ोरस आदि खनिज लवण, चिकनाई और विटामिनों की शरीर में आपूर्ति होती रहती है। फलों को रुग्णावस्था में पथ्य रूप में खिलाया जाता है। कुछ रोगों के निवारण के लिए चिकित्सक मुख्य रूप से फलों का सेवन कराते हैं। पैंसठ फलों का 39 रंगीन तथा 103 सादे चित्रों के साथ इस पुस्तक में परिचय दिया गया है। उनका स्वरूप, प्राप्ति-स्थान, विविध भाषाओं में उनके नाम, उनकी खेती, उनका रासायनिक संघटन, उनके गुण और उनकी पौष्टिक उपादेयता का प्रतिपादन किया गया है। ताज़ा खाए जानेवाले लोकप्रिय फल इसमें सम्मिलित किए गए हैं जैसे—आम, अमरूद, अंगूर, चीकू, नासपाती, केला, पपीता, लीची, सन्तरा, ख़रबूजा, तरबूज़ आदि; पहाड़ी इलाक़ों में पैदा होनेवाले फल खुमानी, सेब, आड़ई, आलूबुखारा, बगूगोशा, चेरी, स्ट्रॉबेरी, आदि; बाहर के देशों से भारत में सम्प्रविष्ट किए गए फल जैसे—कीवी, एवाकाडो, दुरियन, राम्बुतान; सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट्स), जैसे—काजू, बादाम,अख़रोट, पिस्ता, चिलगोज़ा, किशमिश आदि।
Chanakya Neeti
- Author Name:
R.P. Jain
- Book Type:

- Description: Chanakya was an Indian teacher, philosopher and royal advisor. He managed the first Maurya emperor Chandragupta's rise to power at a young age. He is widely credited for having played an important role in the establishment of the Maurya Empire, which was the first empire in archaeologically recorded history to rule most of the Indian subcontinent.Chanakya is traditionally identified as Kautilya or Vishnu Gupta, who authored the ancient Indian poltical treatise called Arthasastra. As such, he is considered as the pioneer of the field of economics and political science in India, and his work is thought of as an important precursor to Classical Economics.Chanakya Neeti is a treatise on the ideal way of life, and shows Chanakya�s deep study of the Indian way of life. Chanakya also developed Neeti-Sutras (aphorisms�pithy sentences) that tell people how they should behave. Of these well-known 455 sutras, about 216 refer to rajaneeti (the do,s and don�ts of running a kingdom). Apparently, Chanakya used these sutras to groom Chandragupta and other selected disciples in the art of ruling a kingdom.
Laughing In the Shadow of Bullets
- Author Name:
Sunita Bali
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aladin Aur Jadui Chirag
- Author Name:
Sanyogita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Santosh Goyal ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Santosh Goyal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kala Aur Sanskriti
- Author Name:
Dr. Vasudeva Sharan Agrawala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
How to Win Friends and Influence People
- Author Name:
Dale Carnegie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Mein Paryatan
- Author Name:
Rajesh Kumar Vyas
- Book Type:

- Description: हमारे देश में जितनी विविधता है, उतनी विश्व के किसी भी अन्य देश में नहीं है। हिमाच्छादित पहाड़ियाँ, हिमखंड, गरम जल के फव्वारे, गुफाएँ, सम्मोहित करनेवाली झीलें, दूर तक पसरा रेगिस्तान, समुद्र तट, खान-पान, रहन-सहन, त्योहारों के आकर्षण आदि के बारे में जितना कहा जाए उतना ही कम है। यही वह देश है जहाँ सभी रुचियों के पर्यटकों के लिए वैविध्यपूर्ण छटा के पर्यटन स्थल हैं। यही नहीं, पर्यटन के लिहाज से भारत को एकमात्र ऐसा देश भी कहा जा सकता है जिसमें पर्यटक दूसरे देशों के मुकाबले सिर्फ एक तिहाई या इससे भी कम खर्च पर घूमने-फिरने का आनंद उठा सकते हैं। तेजी से फैल रहे एशियाई बाजारों को देखते हुए भारत के लिए पर्यटन के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भागीदारी निभाने का यही सही समय है। इस दायित्व की पूर्ति के लिए आवश्यक है पर्यटन शिक्षा। पर्यटन शिक्षा की भी उपादेयता यही है कि इसके जरिए राष्ट्रें में बेहतर पर्यटन वातावरण निर्मित किया जा सके। ऐसा यदि होता है तो पर्यटन के जरिए आतंकवाद, हिंसा, आंदोलन, जातिवाद जैसी समस्याओं से स्वत: ही निजात पाई जा सकती है। पर्यटन परस्पर सौहार्द और जीवन स्तर को उत्कर्ष पर ले जाने का बेहतरीन माध्यम बन सकता हैÖæÚUÌ ×ð´ ÂØüÅUÙ में पर्यटन के सैद्धांतिक पक्ष को व्यावहारिक अनुभवों के साथ प्रस्तुत किया गया है। विश्वास है विश्वविद्यालय पाठ्यक्रमें, पर्यटन संगठनों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं को ध्यान में रखकर लिखी गई यह पुस्तक पर्यटन प्राध्यापकों, पर्यटन उद्योग में नियोजित व्यक्तियों, पर्यटकों तथा विद्यार्थियों के लिए समान रूप से लाभकारी सिद्ध होगी।
Yatra-Tatra-Sarvatra
- Author Name:
Sanjeev Jaiswal 'Sanjay'
- Book Type:

- Description: इससे पहले कि डिप्टी साहब कुछ कहते, प्रधानाध्यापक लोकलाज छोड़ सीधे उनके चरणों में लोट गए। “अरे। यह आप क्या कर रहे हैं ? छोड़िए मेरा पैर !”” डिप्टी साहब चिहुँकते हुए पीछे हटे, मगर इस बात का पूरा ध्यान रखा कि उनका पैर छूटने न पाए। जानते थे कि शिकार जितनी ज्यादा देर चरणों में लोटेगा, उतनी ही ज्यादा टेंट ढीली करेगा। प्रधानाध्यापक की कमाई का आधा हिस्सा पूरी ईमानदारी से प्रधान गुड्डू ठाकुर के पास पहुँचता था। उनका लड़का विक्की ठाकुर इसी पाठशाला का होनहार छात्र था। भविष्य में सरकार कहीं चुनाव लड़ने के लिए शिक्षित होना अनिवार्य न कर दे, बस इसी इकलौते उद्देश्य से वह अपना अमूल्य समय स्कूलों में बर्बाद कर रहे थे, वरना उनमें योग्यता की कोई कमी न थी। प्रधानाध्यापक को डिप्टी साहब के चरणों में लोटते देख उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ। वे नट्टी फाड़ चीख पड़े--“'मास्सा '“ब, नाम है आपका परशुराम और काम कर रहे हैं सुदामा जैसा ? यह भ्रष्टाचारी आपसे रिश्वत माँग रहा है। चरणों में लोटने के बजाय उठाइए अपना फरसा और नाश कर दीजिए धरती से इन भ्रष्टाचारियों का।'! इसी पुस्तक से भ्रष्टाचार पर प्रह्यार और सफेदपोशों को बेनकाब करती ये कहानियाँ हमें उद्वेलित, आक्रोशित और आंदोलित करेंगी और संभवतः सर्वव्यापी भ्रष्टाचार के उन्मूलन के लिए कमर कसने के लिए प्रेरित भी |
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...