Vichardhara Aur Sahitya
Author:
Amrit RaiPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 56
₹
70
Unavailable
Awating description for this book
ISBN: 9789390625697
Pages: 134
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
EK SATH MILKAR KAAM KAREN
- Author Name:
MANISH VERMA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar School Examination Board, Patna STET Secondary Teacher Eligibility Test Teaching Aptitude & Other Proficiency For TGT PGT 20 Practice Sets 2023
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NCERT MCQs Geography & Environment Class 6 To 12 Useful Book For UPSC, State PSCs & All Competitive Exam Chapter-wise and Topic-wise Solved Paper 2025
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Career Mein Safalta Ke 21 Mantra
- Author Name:
Brian Tracy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Indra Nooyi Ki Biography
- Author Name:
A.K. Gandhi
- Book Type:

- Description: महिलाओं की कई पीढिय़ों के लिए एक रोल मॉडल के रूप में मान-सम्मान पानेवाली इंदिरा नूई ने दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में अपना स्थान निरंतर बनाए रखा है। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कलकत्ता और येल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने जॉनसन ऐंड जॉनसन, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप, मोटोरोला, एसिया ब्राउन बॉवेरी में महत्त्वपूर्ण पदों पर काम किया है। पेप्सिको की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किए जाने से पहले उन्होंने कंपनी के साथ 12 वर्षों तक काम किया था। भारत सरकार द्वारा प्रदत्त ‘पद्मभूषण’, सर्वश्रेष्ठ सी.ई.ओ. सहित अनेक पुरस्कार और सम्मान प्राप्त कर चुकीं इंदिरा को वर्ष 2021 में राष्ट्रीय महिला हॉल ऑफ फेम में सम्मिलित किया गया था। वे यूएस-चीन बिजनेस काउंसिल, यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल, कंज्यूमर गुड्स फोरम आदि अनेक बोर्डों की सदस्य हैं। दूरदर्शिता, नेतृत्व-क्षमता, उद्यमिता और प्रभासी प्रशासनिक क्षमताओं के बल पर इंदिरा नूई ने विश्व में नारी का सम्मान बढ़ाया है। उनका प्रेरक व्यक्तित्व किसी भी महिला का आत्मविश्वास बढ़ाकर सफलता के शिखर छूने की अद्ïभुत क्षमता रखता है। नारी शक्ति की प्रतीक इंदिरा नूई की प्रेरक जीवनगाथा।
Sabhi Ke Liye Yoga
- Author Name:
B.K.S. Iyengar
- Book Type:

- Description: "योग-साधना के विश्वविख्यात उपासक एवं योगाचार्य बी.के.एस. आयंगार द्वारा योग विषय पर हिंदी में प्रकाशित पहली पुस्तक। यह कहना अतिशयोक्ति न होगी कि योग जैसे विस्तृत विषय पर लिखित यह पुस्तक परंपराओं से हटकर है। इसमें योगासनों के विशुद्ध रूप, उनका शुद्धाचरण, उनकी बारीकियाँ, शरीर की कमियाँ और रोग-व्याधियों के अनुसार योगासनों का चयन आदि के संबंध में सविस्तार मार्गदर्शन सहज, सरल एवं बोधगम्य रूप में किया गया है। योग और योगासनों का सूक्ष्म विश्लेषण, जो हर आयु-वर्ग के पाठकों हेतु उपयोगी है। अधिक विस्तृत व उपयोगी जानकारियाँ, जिन्हें पढ़कर पाठकगण आसानी से योग, योगासन व प्राणायाम सीख सकते हैं। विशिष्ट संप्रेषण शैली एवं शरीर विज्ञान संबंधी वैज्ञानिक विश्लेषण पुस्तक की अतिरिक्त विशेषता है। योगासनों की विभिन्न स्थितियों को दरशाते लगभग 300 रेखाचित्र, ताकि विषय को समझने में आसानी रहे। आसन, प्राणायाम, धारणा, ध्यान आदि अंगों के सर्वांगीण विवेचन से परिपूर्ण पुस्तक। प्रत्येक परिवार के लिए पठनीय, उपयोगी एवं संग्रहणीय पुस्तक।
BPSC Bihar Secondary School (Special) Teacher Eligibility Test Sakshamta Pariksha | Class 9-10 Science "विज्ञान" 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ishwar Chandra Vidyasagar
- Author Name:
Rachna Bhola 'Yaminee'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Motivating Thoughts of Kalam
- Author Name:
Prashant Gupta
- Book Type:

- Description: A source of inspiration for every Indian, the country’s twelfth President, Abul Pakir Jainulabedin Abdul Kalam was born on October 15, 1931 in Rameshwaram in Tamil Nadu. His father, Jainulabedin, and mother, Aashiamma, were simple, religious-minded people and held an honourable place in society Dr. Kalam, besides being a capable scientist, an ideal teacher and an excellent writer, had a good knowledge of Indian classical music and played the violin too. He also loved gardening and, despite a very busy work schedule, he was regular with his morning walk, prayers and yoga. He believed we must keep ourselves busy every moment of the day in a meaningful way and, at the same time, take time off to enjoy the fragrance of blooming flowers or watch the myriad colours of the flitting butterflies. "Quotes by A. P. J. Abdul Kalam “You have to dream before your dreams can come true.” “A dream is not that which you see while sleeping, it is something that does not let you sleep.” “You should not give up and we should not allow the problem to defeat us.” “If you want to shine like a sun, first burn like a sun.” “All of us do not have equal talent. But, all of us have an equal opportunity to develop our talents.” “Man needs difficulties in life because they are necessary to enjoy success.’ “Don’t take rest after your first victory because if you fail in second, more lips are waiting to say that your first victory was just luck.” “Let us sacrifice our today so that our children can have a better tomorrow.” “I am not handsome but I can give my hand to someone who needs help... Because beauty is required in the heart, not in face...”
Stillborn
- Author Name:
Rohini Nilekani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Hindi Bhasha Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Hindi Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ram Manohar Lohiya : Bharat Ki Himalay Niti
- Author Name:
Ashok Pankaj
- Book Type:

- Description: लोहिया पूछते हैं कि 'हिमालय भारत का संतरी है' यह ख्याल कहाँ से आया? जिस हिमालय का भारत के लिए चातुर्दिक महत्त्व है क्या उसको लेकर भारत की कोई नीति है? तिब्बत का जितना गहरा संबंध भारत से रहा है क्या उसी तरह के संबंध उसके चीन से रहें हैं? नेपाल, भूटान जिसे उन्होंने 'भाई हिमालय' कहा है, के साथ भारत के संबंधों का आधार क्या होना चाहिए? तिब्बत में स्थित कैलाश-मानसरोवर किसकी विरासत है? भारत-चीन संबंधों का आधार और समझने का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए? एशिया की दो पुरातन सभ्याताएँ जो आज दो विभिन्न प्रणालियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, और जिनकी प्रतिस्पर्द्धात्मक महत्त्वकांक्षाएँ हैं, में सामंजस्य कैसे हो ? इन प्रश्नों का उत्तर लोहिया भारत की हिमालय नीति के माध्यम से देते हैं और इसी क्रम में भारत की विदेश एवं रक्षा नीति को लेकर कुछ स्थूल सिद्धांत देते हैं, जिसके कुछ सूत्र को 'बांह और मुट्ठी', 'कबूतर एवं बाज' की उपमा से भी स्पष्ट करते हैं। लोहिया नीतिगत परामर्श देते हैं कि, भारत को इतिहास की गलतियों से सबक सीखना चाहिए और अपनी अंदरूनी कमजोरियों को भी दुरुस्त करना चाहिए। इसी क्रम में वे एक ओर शिवाजी और प्रताप को पुकारते हैं तो दूसरी ओर गांधी को ही गुरू मानते हैं। क्या भारत लोहिया के विचारों से कुछ सीख ले सकता है? यही इस पुस्तक की मूल भावना है।
Bhagwaticharan Verma Rachanawali : Vols. 1-14
- Author Name:
Bhagwaticharan Verma
- Book Type:

- Description: भगवतीचरण वर्मा ने अपने प्रथम उपन्यास ‘पतन’ की रचना अपने कॉलेज के दिनों में की थी जो गंगा पुस्तक माला के अन्तर्गत प्रकाशित हुआ था। इस उपन्यास को वे अपनी अपरिपक्व रचना मानते थे और उन्होंने इसे अपनी रचनाओं में गम्भीरता से नहीं लिया। सन् 1932 में भगवती बाबू ने पाप और पुण्य की समस्या पर अपना प्रसिद्ध उपन्यास ‘चित्रलेखा’ लिखा जो हिन्दी साहित्य में एक क्लासिक के रूप में आज भी प्रख्यात है। ‘तीन वर्ष’ उनका प्रथम सामाजिक उपन्यास है जो एक प्रेमकथा है। सन् 1948 में उनका प्रथम वृहत उपन्यास ‘टेढे़-मेढ़े रास्ते’ आया जिसे हिन्दी साहित्य के प्रथम राजनीतिक उपन्यास का दर्जा मिला। इसी शृंखला में उन्होंने आगे चलकर वृहत राजनीतिक उपन्यासों की एक शृंखला लिखी जिनमें ‘भूले-बिसरे चित्र’, ‘सीधी-सच्ची बातें’, ‘प्रश्न और मरीचिका’, ‘सबहिं नचावत राम गोसाईं’ और ‘सामर्थ्य और सीमा’ प्रमुख हैं। भगवतीचरण वर्मा के सभी उपन्यासों में एक विविधता पाई जाती है। उन्होंने हास्य-व्यंग्य, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक सभी विषयों पर उपन्यास लिखे। कवि और कथाकार होने के कारण वर्मा जी के उपन्यासों में भावनात्मकता और बौद्धिकता का सामंजस्य मिलता है। ‘चित्रलेखा’ में भगवती बाबू का छायावादी कवि-रूप स्पष्ट दिखता है जबकि ‘टेढ़े-मेढ़े रास्ते’ को उन्होंने अपनी प्रथम शुद्ध बौद्धिक गद्य-रचना माना है। रचनावली के इस खंड में प्रस्तुत, साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत उपन्यास ‘भूले-बिसरे चित्र’ अतीत के चित्रों का एक विशेष एलबम है जिसके चित्र कभी धुँधले नहीं पड़ सकते। जीवन के सभी पहलुओं से रू-ब-रू कराता यह कालजयी उपन्यास है।
Bihar Mein Patrakarita Ka Itihas
- Author Name:
Vijay Bhaskar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Upanyaskar Ka Safarnama
- Author Name:
Udyan Vajpeyi
- Book Type:

- Description: “शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी इस समय न सिर्फ़ उर्दू बल्कि समूचे भारतीय साहित्य में एक बड़ी और आकर्षक हस्ती हैं। उनमें गहरी विद्वत्ता और अथक सृजनशीलता का जो संयोग है, वह अनोखा है। अपनी पारम्परिक बहुलता, जो कई बार आधुनिकता की झोंक में इकहरी देखी-समझी जाने लगती है, इस चिन्तक-लेखक के यहाँ जीवन्त गतिशीलता में प्रगट होती है। उनके संवाद से हमारी स्थिति के, हमारी सांस्कृतिक धरोहर के ऐसे कई पहलू सामने आते हैं जिन्हें हम भूल गए हैं। किसी उर्दू लेखक का हिन्दी में शायद यह सबसे लम्बा संवाद है। रज़ा पुस्तक माला में इस अनूठी और कई सिम्तों को रोशन करती बातचीत को पुस्तकाकार प्रस्तुत करते हमें हर्ष है।" —अशोक वाजपेयी
MAHAKAVI RAMDHARI SINGH DINKAR
- Author Name:
Kapil
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
STUDY SAMBANDHI SAMAGRI
- Author Name:
Anil Anuj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sadak Se Sansad Tak
- Author Name:
Shivanand Tiwari
- Rating:
- Book Type:

- Description: लोहिया, जेपी, किशन पटनायक, रामानन्द तिवारी, कर्पूरी ठाकुर वाली परम्परा के ही नेता हैं शिवानंद तिवारी। जितना लम्बा उनका राजनीतिक जीवन है आज की राजनीति में कम लोगों का है। वे गैर-कांग्रेसी, गैर-भाजपाई राजनीति करते रहे हैं और सन् पैंसठ के पहले से सक्रिय हैं। बाबा के नाम से विख्यात शिवानन्द जी के पास अनुभव, किस्सों और प्रत्यक्ष देखी घटनाओं का सम्भवत: सबसे बड़ा खजाना है। वे साठ के दशक के आखिर में शुरू हुए अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन वाले दौर से सक्रिय रहे हैं और चौहत्तर के जेपी आन्दोलन के अगुआ लोगों में हैं। उन्होंने किशन पटनायक के साथ लोहिया विचार मंच और समता संगठन की राजनीति की और उनसे अलग होकर भी उनकी वैचारिक और व्यावहारिक राजनीति के पाठ से अलग नहीं हुए। इन भाषणों और टिप्पणियों से उनके चिन्तन का दायरा और दिशा झलकती है। साफ लगता है कि भूमंडलीकरण और साम्प्रदायिक राजनीति उनकी चिन्ता के केन्द्र में है। शिवानंद जी के इन भाषणों में किसानों की आत्महत्या, बुनकरों की भुखमरी और आत्महत्या, पेटेंट रीजीम से होने वाली मुश्किलों और उसकी कानूनी लड़ाई, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की स्थिति, अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश द्वारा गरीबों का भोजन बढ़ाने से महँगाई आने के कुतर्क की आलोचना, किसानों के खेती छोड़ने पर टिप्पणी है। और इसमें से काफी चीजों के लिए नई आर्थिक नीतियों को दोषी बताया गया है। यह आलोचना सही थी और यह किताब का महत्त्व है क्योंकि भूमंडलीकरण के पूरे दौर में कहीं से संसद के अन्दर इन नीतियों की आलोचना नहीं हुई।
Sir Walter Scott ki Lokpriya Kahaniyan "सर वाल्टर स्कॉट की लोकप्रिय कहानियाँ" | Famous Fiction Stories of walter | Book in Hindi
- Author Name:
Walter Scott
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BHARTIYA DALIT SAHITYA AUR OMPRAKASH VALMIKI
- Author Name:
Edited By Gourinath
- Book Type:

- Description: Critic
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book