Jungle
Author:
Amrit RaiPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 60
₹
75
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789390625499
Pages: 136
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Stree-Adhikaron Ka Auchitya-Sadhan
- Author Name:
Meri Volsatanakrafta
- Book Type:

-
Description:
मेरी की यह सर्वप्रमुख कृति 1792 में प्रकाशित हुई। प्रकाशित होने के साथ ही इसकी ख्याति इंग्लैंड के बाहर पूरे यूरोप में और अमेरिका तक में फैल गई। मेरी ने इस कृति में प्रबोधनकाल की तर्कणा और बुर्जुआ क्रान्ति के ‘स्वतंत्रता-समानता-भ्रातृत्व’ के सिद्धान्तों को स्त्री-समुदाय के ऊपर भी समान रूप से लागू करते हुए स्पष्ट शब्दों में यह स्थापना दी कि कोई भी समतावादी सामाजिक दर्शन तब तक वास्तविक अर्थों में समतावादी नहीं हो सकता, जब तक कि वह स्त्रियों को समान अधिकार और अवसर देने की तथा उनकी हिफ़ाज़त करने की हिमायत नहीं करता। इस स्मारकीय कृति में मेरी वोल्सटनक्राफ़्ट ने ‘शिक्षा की कपटपूर्ण और कृत्रिम प्रणाली’ की निर्भीक-विध्वंसक आलोचना प्रस्तुत करते हुए यह तर्क दिया है कि यह मध्यवर्ग की स्त्रियों को ‘नारीत्व’ (फ़ेमिनिनिटी) के मिथ्याभासी दमघोंटू आदर्शों के दायरे में जीने के लिए तैयार करती है। शैशवावस्था से ही उन्हें यह शिक्षा दी जाती है कि ‘सौन्दर्य स्त्रियों का राजदंड होता है, कि दिमाग़ शरीर के हिसाब से अपने को ढालता है (यानी शारीरिक भिन्नता के चलते स्त्रियों का दिमाग़ भी अ़लग क़िस्म का होता है), और अपने स्वर्णजड़ित पिंजरे में चक्कर काटते हुए वे अपनी जेल को पसन्द करना सीख जाती हैं।’
मेरी वोल्सटनक्राफ़्ट ने अपने समाज के उग्र पुरुष-वर्चस्ववादी, रूढ़िवादी परिवेश में स्त्रियों को ‘तर्कपरक प्राणी’ के रूप में सम्बोधित करने का साहस किया और ऐसे व्यापकतर मानवीय आदर्शों का आकांक्षी बनने के लिए उनका आह्वान किया जिनमें अनुभूति के साथ तर्कणा और स्वतंत्रता के अधिकार का संश्लेषण हो।
Saath Ke Hemant
- Author Name:
Umesh Prasad Singh
- Book Type:

- Description: पत्रकार-लेखक-समाजधर्मी हेमंत शर्मा शोख, शरारती, संजीदा, हँसमुख, मिलनसार हैं, साथ ही दायित्वपूर्ण लेखन के अप्रतिम उदाहरण भी । उनका लेखन उत्प्रेरक है, उद्देगजनक भी है और अनुरंजक भी। संवेदना और भाषा के इन अलग-अलग गुण-स्वभाव के लेखक हिंदी में हैं, मगर इन सबका एकत्र संयोग हमें हेमंत में ही दिखाई देता है। हेमंत की शरारत में जो गहरी आत्मीयता है, वह अन्यत्र दुर्लभ है। हेमंत का लेखन जादूगर के तमाशे की तरह है, जो लोगों को अपने काम के रास्ते जाते हुए से बिलमाकर रोक लेता है, बाँध लेता है, विस्मय में डाल देता है, अपने कौशल के लिए वाहवाही निकलवा लेता है। हेमंतजी अपने सक्रिय जीवन के साठ साल पूरे करने जा रहे हैं। बिना किसी सीढ़ी का सहारा लिये, बिना किसी के कंधे पर चढ़े उन्होंने जीवन में स्पृहणीय ऊँचाई प्राप्त की है। इसके पीछे उनकी अथक मेहनत, गहरी सूझ, अटल संकल्प और व्यावहारिक कुशलता का बेजोड़ सम्मिलन है। उन्होंने ख्याति और समृद्धि के ऊँचे शिखर पर आसन जमाया है। हेमंत की उपलब्धियाँ विलक्षण हैं। उनकी प्रतिभा विस्मथघजनक है। उनका व्यवहार विमुग्धकारी है। मीडिया, कला-जगत्, राजनीति और विभिन्न भावभूमि की प्रमुख विभूतियों से उनके नितांत अनौपचारिक और गहरे संबंध हैं। यह कृति उनके ऐसे ही अपनों और आत्मीयों के उनके विषय में व्यक्त भावों का पठनीय संकलन है।
Yoddha Sannyasi : Vivekanand
- Author Name:
Vasant Potdar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kya Likhoon? Kya Likhoon?
- Author Name:
Dr. Babita "Kiran"
- Book Type:

- Description: "‘क्या लिखूँ, क्या लिखूँ’ मेरी द्वितीय पुस्तक है। इस पुस्तक को लिखने की यात्रा बहुत रोचक रही है। सर्वप्रथम तो लिखने से पहले मन में कई प्रश्न उठ रहे थे, जैसे कि किस विधा में लिखूँ, किस विषय पर लिखूँ? पर्यावरण पर लिखूँ, भ्रूण हत्या पर लिखूँ या जल की समस्या पर लिखूँ। दिल कह रहा था, सब विषयों पर लिख दो, परंतु दिमाग सहमत नहीं था। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूँ? मन मस्तिष्क के इस द्वंद्व में समय गुजरता जा रहा था। इसी बीच मैं बिटिया खुशी, जो मेरी प्रथम श्रोता है, से भी निरंतर पूछ रही थी कि क्या लिखूँ? आखिरकार एक दिन वह कह उठी, अरे मम्मी, क्या लिखूँ पर ही लिखो आप। तत्पश्चात् एक निरंतर कविता का जन्म हुआ, जो क्या लिखूँ के रूप में आपके समक्ष है। एक लेखक की जिम्मेदारी को निभाते हुए मैंने प्रयास किया है कि अपनी पुस्तक ‘क्या लिखूँ’ के माध्यम से मैं समाज में व्याप्त समस्याओं, मनुष्य के कर्तव्य, इतिहास, भूगोल, संस्कृति, आतंक सभी विषयों पर आप सभी का ध्यान आकर्षित कर सकूँ। कुछ पंक्तियाँ देखिए— शहर शहर कूड़े का पहाड़ लिखूँ संक्रमण, बदबू की दहाड लिखूँ फेफड़ों को मिलती हवा दूषित लिखूँ या पशु-पक्षी भी कुपोषित लिखूँ पर्यावरण की व्यथा लिखूँ या गाडिय़ाँ दौड़ाने की प्रथा लिखूँ सोचती हूँ मैं क्या लिखूँ? इसमें कहाँ तक सफल हो पाई हूँ, यह पाठक वर्ग ही बता सकता है। आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है मुझे कि आपको मेरी यह पुस्तक पसंद आएगी।"
Tamasha Mere Aage
- Author Name:
Hemant Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
History of Modern India
- Author Name:
Dr. Kamal Bhardwaj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagini Nivedita Aur Bhartiya Navjagran
- Author Name:
Omprakash Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Budha Aadmi Aur Samudra (Hindi Translation of The Old Man And The Sea)
- Author Name:
Ernest Hemingway
- Book Type:

- Description: बूढ़ा आदमी और समुद्र' उपन्यास एक बूढ़े गरीब मछुआरे के जीवन-संघर्ष की कहानी है। मछली पकडऩे जाना, मछली पकडऩे की कोशिश करना, उस कोशिश में कामयाब होना, फिर इस सफलता को अंजाम तक लाने की जद्दोजहद का नाम है 'बूढ़ा आदमी और समुद्र'। एक मछुआरे के जीवन-संघर्ष की यह दास्तान काल, समय और सीमा के बंधन से परे है। यह मछुआरा दुनिया के हर कोने में मौजूद है— अपने परिवेश से जूझता हुआ बिना किसी आक्रोश के, बिना किसी तिरस्कार भाव के। शायद यह मछुआरा एक विकसित आत्मा भी है। उसके सारे मनोभाव तात्कालिक हैं। वह समुद्र से, चिडिय़ों से और मछलियों से संवाद करता है। विषम परिस्थितियाँ उसे विचलित नहीं करतीं। उसकी जिजीविषा मरजीवड़े से कम नहीं। प्रकृति और मनुष्य के अंतर्संबंधों को बयान करता हुआ अर्नेस्ट हेमिंग्वे का यह उपन्यास निश्चित ही एक कालजयी रचना है तो फिर हम हिंदी के पाठक इससे क्यों वंचित रहते। अस्तु!
I Am Simran
- Author Name:
S.K. Narang
- Book Type:

- Description: Destiny tossed her from one tragedy to another. Pushed into the dark lanes of hatred and neglect, love came not from known but from unknown. Happiness occasionally peeped in her life through small slits of life-window only to wither soon and make way for perpetual pain. Death, she thought, would have been more sympathetic than the cruelty of life but she was determined to live for a mission. Destiny defied even her noble thoughts and deeds. Lured by the charms of green pastures, love and trust were sacrificed by one who promised to be her life-partner. She finally discovered peace, tranquility and eternal bliss in the service of the destitute and in search of enlightenment. She lived for others. She discovered herself.
Tamil Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Dr. A. Bhawani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Ank Prateek Kosh "भारतीय अंक प्रतीक कोश" Book in Hindi
- Author Name:
Acharya Nishantketu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JSSC Jharkhand Teacher General Knowledge and synchronicity झारखण्ड शिक्षक सामान्य ज्ञान एवं समसामयिकी प्रैक्टिस सेट (सनतक) पेपर-3 Book In Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahabharat | Book On Ancient Indian Stories About Pandavas And Kauravas | Kurukshetra War | Greatest Epic Of India Book in Hindi
- Author Name:
Shankar Baam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Statehood for Delhi?
- Author Name:
S.K. Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Second Wind
- Author Name:
Minal Arora
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1971 Bharat Pak Yuddha | 161 Infantry Brigade Saga of Bravery | Glory From The Indo-Pak War Indian Army Book in Hindi
- Author Name:
Lt Gen K K Nanda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prakash Manu Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bauddha Dharma Ka Saar Hindi Translation of The Essence of Buddhism
- Author Name:
P. Lakshmi Narasu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tulsiram : Vyaktitva Aur Krititva
- Author Name:
Shridharam
- Book Type:

- Description: Critic
Hockey Ke 25 Top Bharatiya Khiladi
- Author Name:
Virendra Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book