Tumhara Nanoo
(0)
₹
299
₹ 239.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
‘तुम्हारा नानू’ में नामवर सिंह के अपनी बेटी समीक्षा ठाकुर को लिखे पत्रों को संकलित किया गया है। ये पत्र 1986 से 2005 के बीच लिखे गए थे और इनका उद्देश्य यात्राओं में अपने देखे स्थलों और अन्य अनुभवों से अपनी बेटी को परिचित कराना था।</p> <p>इन पत्रों को संकलित करते हुए समीक्षा जी उनकी रोज़-रोज़ की यात्राओं और व्यस्तताओं का हवाला देते हुए बताती हैं कि वापस घर आने पर वे रस ले-लेकर वहाँ के बारे में बताते और चाहते कि बेटी भी उन जगहों को देखे। इसीलिए बाद में उन्होंने अपनी देखी-जानी चीजों को पत्रों में लिखना शुरू कर दिया।</p> <p>पत्रों की अपनी एक उष्मा होती है, जो अब मोबाइल और मेल के ज़माने में दुर्लभ है। इन पत्रों को पढ़ते हुए हम वह उष्मा भी महसूस करते हैं, और नामवर सिंह की दृष्टि की बारीकी से भी परिचित होते हैं।</p> <p>पुस्तक में समीक्षा ठाकुर लिखित दो आलेख भी शामिल किए गए हैं। इनमें उन्होंने अपने पिता नामवर, हिन्दी के महान आलोचक नामवर, सबके चहेते नामवर, और वक्ता नामवर के साथ नामवर जी के जीवन के कई पहलुओं पर रौशनी डाली है। एक पठनीय और संग्रहणीय पुस्तक!
Read moreAbout the Book
‘तुम्हारा नानू’ में नामवर सिंह के अपनी बेटी समीक्षा ठाकुर को लिखे पत्रों को संकलित किया गया है। ये पत्र 1986 से 2005 के बीच लिखे गए थे और इनका उद्देश्य यात्राओं में अपने देखे स्थलों और अन्य अनुभवों से अपनी बेटी को परिचित कराना था।</p>
<p>इन पत्रों को संकलित करते हुए समीक्षा जी उनकी रोज़-रोज़ की यात्राओं और व्यस्तताओं का हवाला देते हुए बताती हैं कि वापस घर आने पर वे रस ले-लेकर वहाँ के बारे में बताते और चाहते कि बेटी भी उन जगहों को देखे। इसीलिए बाद में उन्होंने अपनी देखी-जानी चीजों को पत्रों में लिखना शुरू कर दिया।</p>
<p>पत्रों की अपनी एक उष्मा होती है, जो अब मोबाइल और मेल के ज़माने में दुर्लभ है। इन पत्रों को पढ़ते हुए हम वह उष्मा भी महसूस करते हैं, और नामवर सिंह की दृष्टि की बारीकी से भी परिचित होते हैं।</p>
<p>पुस्तक में समीक्षा ठाकुर लिखित दो आलेख भी शामिल किए गए हैं। इनमें उन्होंने अपने पिता नामवर, हिन्दी के महान आलोचक नामवर, सबके चहेते नामवर, और वक्ता नामवर के साथ नामवर जी के जीवन के कई पहलुओं पर रौशनी डाली है। एक पठनीय और संग्रहणीय पुस्तक!
Book Details
-
ISBN9789394902336
-
Pages224
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Prema
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dr. A.P.J. Abdul Kalam
- Author Name:
Sachin Sinhal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Retirement Planning For Youth
- Author Name:
Kshitij Patukale
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagat Singh Ki Phansi Ka Sach
- Author Name:
Kuldip Nayar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Me And My Guru
- Author Name:
R.K.K Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPPSC Additional Private Secretary (APS) Recruitment Examination 15 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bijji Ka Katha Lok
- Author Name:
Dinesh Charan
- Book Type:

- Description: लोकजीवन से गहरी संसक्ति और लोकमानस की वैज्ञानिक समझ रखनेवाले सर्वोपरि कथाकारों में बिज्जी का नाम बेहिचक लिया जा सकता है। उनकी कहानियों को पढ़ते हुए निरंतर यह महसूस होता है कि वे स्वयं लोक के अभिन्न अंग भी हैं और द्रष्टा भी। यही वजह है कि अपने नितांत निजी अनुभवों को कथा में पिरोते हुए भी उनमें भावुकता का लेशमात्र भी दिखाई नहीं देता। यह बिज्जी की रचनाधर्मिता की ख़ासियत है। इसी के बलबूते वे अपनी रचनाओं में ऐसा लोक रच पाए जो वास्तविक भी है और उनका कल्पनालोक भी है। सामंती परिवेश के भीतर रहनेवाले पात्रों में प्रगतिशील विवेक और रूढ़ियों से टकराने की क्षमता इसी से उपजी है। राजस्थानी लोकमानस की मुकमल पहचान बिज्जी के कथालोक में डूबकर ही की जा सकती है। किसी रचनाकार के लिए किंवदंती में बदल जाना यदि सबसे बड़ी उपलब्धि मान ली जाए तो बिज्जी इस उपलब्धि को अपने जीवनकाल में ही हासिल कर चुके थे। राजधानियों की चमक-दमक से कोसों दूर ग्रामांचल में रहकर साहित्य साधना करते हुए नोबेल नोमिनेशन तक की यात्रा ने इस किंवदंती को संभव बनाया। डॉ. दिनेश चारण युवा पीढ़ी के उन भाग्यशाली लोगों में हैं जिन्हें बिज्जी का सान्निध्य मिला है। वे ख़ुद कथाकार हैं और लोक के मर्मज्ञ हैं। इस पुस्तक को पढ़ते हुए उनकी सूक्ष्म दृष्टि और विवेचनात्मक विवेक से रूबरू होने तथा बिज्जी के कथालोक का हिस्सा होने का सुख मिलता है। डॉ. जगदीश गिरी
Body Language
- Author Name:
Mk Mazumdar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Trading Banknifty Options | Hindi Translation of Trading Banknifty Options | Pramod Kumar
- Author Name:
Pramod Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhakti Tatva
- Author Name:
Kalyanmal Lodha +1
- Book Type:

Yogasan Aur Shareer Vigyan
- Author Name:
Swami Akshay Atmanand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Doraha Tatha Anya Kahaniyan
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gitashastram
- Author Name:
C. Radhakrishan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dard Ka Devta
- Author Name:
Anshuman
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Naib Subedar Bana Singh
- Author Name:
Major Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Grandfather’s Mystery
- Author Name:
Chandrashekar Nagawaram
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Sri Sri Ravi Shankar Bol Raha Hoon
- Author Name:
Karishma Bajaj
- Book Type:

- Description: "आध्यात्मिक गुरु एवं मार्गदर्शक श्री श्री रविशंकरजी ने करोड़ों लोगों को सेवा का मार्ग दिखाया है। प्यार और सामंजस्य विकसित करने के लिए मानवता की सेवा की, ताकि मनों के बीच की दीवार को तोड़ा जा सके। विश्व भर में उनके भक्तों ने आर्ट ऑफ लिविंग को दुनिया का विशालतम गैर-सरकारी संगठन बनाने में अपना सहयोग दिया है। गुरुजी की छत्रच्छाया में असंख्य कल्याणकारी योजनाएँ आरंभ की गई हैं, जिन्हें उनके भक्त चला रहे हैं और करोड़ों लोगों के जीवन का उद्धार कर रहे हैं। इस पुस्तक में संकलित प्रत्येक सूत्र एक बहुमूल्य खजाना है, जो पाठक की जीवन-यात्रा को अमूल्य बना देता है। जीवन के विविध रंग लिये इन विचारों को पढ़ने से आपके तनाव, भय, चिंताएँ, असुरक्षाएँ, क्रोध, घृणा आदि दूर हो जाएँगे और आप अपने में एकाकार होकर स्वतः ही खुश रहने लगेंगे। प्यार से आपको प्यार हो जाएगा; आप करुणामय हो जाएँगे, शांति महसूस करेंगे; आनंदमय हो जाएँगे, संतुष्टि के भाव से भर जाएँगे। "
KHATTE-MEETHE PHAL
- Author Name:
RAMKESH
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JSSC Jharkhand Utpad Sipahi Pratiyogita Pareeksha (JECCE) 2024 30 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pravas Aur Pravas
- Author Name:
Krishna Baldev Vaid
- Book Type:

- Description: कृष्ण बलदेव वैद हमारे वरिष्ठ लेखकों में बिरले हैं जिन्होंने साहित्य की अनौपचारिक विधाओं जैसे—डायरी, पत्र और संवाद में निरन्तर नवाचार किया है। इनमें उनकी बेबाकी, साफगोई, आत्मालोचन, विडम्बना-बोध आदि सब ज़ाहिर होते हैं। यह लम्बा संवाद उसी सिलसिले में है। जीवन और साहित्य दोनों को लम्बे समय से साधने की कोशिश में लगे वैद के अनुभव और विचार का रेंज बहुत व्यापक है और वे अपने समय, समाज, अध्ययन, लेखन, मित्रों, साहित्यिक और सांस्कृतिक स्थिति और तनावों आदि पर जो कहते हैं, वह एक साथ उन्हें समझने और हमारे समय में लेखक की स्थिति और विडम्बना को समझने में हमारी मदद करता है। इस लम्बे संवाद को रज़ा पुस्तक माला के अन्तर्गत हम सहर्ष प्रस्तुत कर रहे हैं। — अशोक वाजपेयी
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book