RSS-BJP Symbiosis
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Author:
Suchitra KulkarniPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
General-non-fiction₹
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The relationship between the Rashtriya Swayamsevak Sangh, a cultural organisation and the political parties Bharatiya Jana Sangh and the Bharatiya Janata Party is unique in the history of Indian polity. Because of the shared ideology and cadre, the inner workings and the interpersonal relationships have been a matter of surmise and conjecture. It has become even more so now that the BJP has an absolute majority and is the ruling party at the centre. With an unbroken relationship stretching from 1951 onwards, it is the informal weave of brotherhood that has made it a successful operation. This book depicts the history, foundation, and development of this relationship and how this symbiosis has unfolded over the years.
Read moreAbout the Book
The relationship between the Rashtriya Swayamsevak Sangh, a cultural organisation and the political parties Bharatiya Jana Sangh and the Bharatiya Janata Party is unique in the history of Indian polity.
Because of the shared ideology and cadre, the inner workings and the interpersonal relationships have been a matter of surmise and conjecture. It has become even more so now that the BJP has an absolute majority and is the ruling party at the centre. With an unbroken relationship stretching from 1951 onwards, it is the informal weave of brotherhood that has made it a successful operation.
This book depicts the history, foundation, and development of this relationship and how this symbiosis has unfolded over the years.
Book Details
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ISBN9789351867883
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Pages264
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Avg Reading Time9 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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The Indian Ocean as a Memory Space-Reflections in Indian Diasporic Literature and Culture: The Indian Ocean is a Memory Space for India and her Diaspora. It is a space or site with which, not just the memories of the British colonial period are linked, but collective memories that go back much further in time. Maritime communities from India's Western and Eastern coasts have for over 4,000 years and more, engaged in trade and commerce with the lands in the Persian Gulf, the East and South African coasts, and South East Asia. During the colonial period, indentured Indian labour was taken first to Mauritius in 1834 and then to South Africa and East Africa. The indentured diaspora was followed quickly by the diaspora of traders and professionals. These memories are reflected in Indian Diasporic Literature and Cinema written or made by persons of Indian origins who still live in the littoral states along the African shores of the Indian Ocean, or those who have since immigrated to other spaces such as Canada, the U.S.A. and the U.K. Much research is being done around the world today on the Indian Ocean and its connection with the Indian Diaspora. This international, interdisciplinary collection of essays written by scholars of the Indian diaspora from India and different diasporic locations will value add to the existing scholarship.
Shaheed E Azam Bhagat Singh
- Author Name:
Ravi Gupta
- Book Type:

- Description:
बहुत से लोगों को यह जानकार आश्चर्य होगा कि मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन रवि गुप्ता चित्रकार भी हैं । रवि का जन्म उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ । चित्रकला में इनकी रुचि बचपन से रही है । वह चित्रकार की तरह ही पहचाना जाना चाहते थे इसलिए विजुअल आर्ट में ग्रेजुएशन करने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी आ गये । भगत सिंह पर एक किताब पढ़कर वर्षों तक उनके ऐसे प्रभाव में रहे कि उन्हें जानने के लिए जो कुछ मिला, पढ़ गये। बतौर चित्रकार रवि ने तय किया क्यों न भगत सिंह की जीवनी को एक चित्रकथा के रूप पे प्रस्तुत किया जाये। यह किताब उसी प्रयास का नतीजा है । आज तो आप जानते ही हैं कि खुद को चित्रकार की तरह देखने वाले रवि गुप्ता स्टैंडअप कॉमेडियन के रूप में लोगों को हँसा रहे हैं । इसलिए यह किताब भगत सिंह के बारे में तो है ही, रवि गुप्ता के एक अचर्चित पहलू के बारे में भी है । उन्हें यहाँ फॉलो कर सकते हैं: shudhdesicomic
Chetna Hero English
- Author Name:
Mission Chetna
- Book Type:

- Description:
Chetna is a movement to recognise, appreciate and support goodness in the world. Living up to its mission of ‘Spreading Goodness’ and with the aim of inspiring many to follow goodness in life, the Chetna honours men and women across India, who are brave enough to go against the flow and reach out to help other individuals and families in need. These men and women are recognised as Chetna Heroes. Chetna Heroes are those people who have chosen to speak up through their deeds. None of them began their activities for social good as a broad-based, well-planned and well-funded programme. They simply responded to silent cries for help of people they came into contact with and they did not stop after answering the first cry. These Chetna Heroes continued to ask themselves—“What more can I do?”, “Who else needs this type of assistance?” The answers to these questions shaped their lives into the stories of inspiration that they are today. Chetna is presenting this Coffee Table Book—CHETNA HEROES—To appreciate applaud the dedication and selfless service of these great human beings. We believe that the stories of ‘Chetna Heroes’ will inspire many to follow suit, in embracing and supporting goodness. This very thought is the basis of publishing this Coffee Table Book.
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