Rang Badalati Delhi
Author:
Jagdish MamgainPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 400
₹
500
Unavailable
Awating description for this book
ISBN: 9789380183541
Pages: 280
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Katra-Katra Zindagi
- Author Name:
Anup Kochhar Dewan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aadidev Aarya Devata
- Author Name:
Smt. Sandhya Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Autobiography of An IAS "एक IAS की आत्मकथा" Inspirational Story of An IAS on The Path of Truth, Honesty and Justice by Pramod Kumar Agrawal, IAS (Retd.) in Hindi
- Author Name:
Pramod Kumar Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
New Delhi Times
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

- Description: साहित्य में मंज़रनामा एक मुकम्मिल फ़ॉर्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयान अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इन्टरप्रेटेशन हो जाता है। मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ॉर्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इज़ाफ़ा हो गया है। चर्चित फिल्म ‘न्यू देहली टाइम्स’ का मंज़रनामा पाठक को समय, समाज और राजनीति के दबावों में नाना प्रकार के रूप धारण करते मीडिया से परिचित कराता है। सबकी ख़बर लेने और सबकी ख़बर देनेवाला मीडिया स्वयं बहुत सारे अन्तर्विरोधों से भरा हुआ है। ऐसे में उन मीडियाकर्मियों के संघर्ष और अन्तर्द्वन्द्व का अनुमान लगाया जा सकता है जो सत्य के पक्ष में खड़े हैं। यह मंज़रनामा दिन पर दिन जटिल होते ‘समाज’ और ‘सूचना समाज’ के रिश्तों का यथार्थवादी चित्रण करता है।
All is Well: Heal Your Body with Medicine, Affirmation and Intuition Book by Louise L. Hay In Hindi | Rules For Happy Life Sabkuchh Theek-Thak Hai!
- Author Name:
Louise L. Hay::Mona Lisa Schulz
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar Ke Mele
- Author Name:
Subodh Kumar Nandan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Kahani Lagataar
- Author Name:
Ram Darash Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
From Rags To Riches: The Gautam Adani Story
- Author Name:
Sujata Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mobile Samrat Sunil Mittal
- Author Name:
N.Chokan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Punyabhoomi Bharat
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Apana Paraya
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: "अपना पराया एक सामाजिक उपन्यास है, जिसमें सुप्रसिद्ध उपन्यासकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘िनशंक’ बड़े कौशल से पर्वतीय अभावमय जीवन, सामाजिक विसंगतियों, अनमेल विवाह, विधवा-समस्या, सास-बहू-संबंध, वर्तमान शहरी प्रभाव, शिक्षा-स्वास्थ्य-िबजली-पानी-सड़क आदि और अन्य कई ग्रामीण समस्याओं का चित्रण कर उनका समाधान पाठक के ऊपर छोड़ देते हैं। कुछ समस्याओं-शैक्षिक आत्मनिर्भरता, संशोधित घराट योजना आदि का वह समाधान भी प्रस्तुत करते हैं। उपन्यास मानवीय संबंधों और संवेदनाओं को उजागर करने में समर्थ है। आत्मीयता, विश्वास, आस्था और स्नेह-प्रेम के भाव पराए को भी अपना बना लेते हैं और इनके अभाव में अपना भी पराया-सा लगता है। ग्रामीण मुहावरेदार और लोकोक्तिपरक वाक्य- रचना उपन्यास के आंचलिक वैशिष्ट्य को सामने लाती है। पहाड़ के रीति-िरवाज एवं सांस्कृतिक जीवन-मूल्यों का दिग्दर्शन कराता एक मर्मस्पर्शी, संवेदनशील उपन्यास! "
Who Were The Shudras?
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Rating:
- Book Type:

- Description: "Who Were the Shudras?—Is a book about the history of the Shudra (lowest) varna of the Indian caste system written in 1946 by Dr. Bhimrao Ambedkar. The book is dedicated to Jyotirao Phule and intends to break the myth about Shudras being an untouchable caste in India. Ambedkar cites the Indian scriptures like The Vedas and Mahabharata among others to argue that Shudras were in fact Aryan kings who fell to a substandard caste after a long-drawn conflict with the Brahmans. Ambedkar also discusses the Aryan race theory and does not agree on the Indo-Aryan migration that has often been considered canon in the history of the race. The book is a debunking of myths and ideologies and hopes to achieve a sense of tolerance for a misunderstood and ill-treated caste in India."
Uttar Pradesh B.Ed. Combined Entrance Examination 2024 Science Stream "विज्ञान वर्ग" 15 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Subedar Joginder Singh
- Author Name:
Major Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
150 Inspirations
- Author Name:
Deepak Chadha +1
- Book Type:

- Description: This book contains 150 quotes compiled that I learned during my daily work life at different levels. All ideas, logics, views and observations I wrote in my diary on daily basis, now I am sharing them with the masses. In hope that this book will inspire and boost the morale of individuals. It will help them understand their feelings better, so they can adapt a better healthy life. I am an optimistic and hopeful that these quotes will be liked by readers and if that happens, then I believe my writing added a pinch of contribution towards building a well-mannered society.
Suprabhat Zindagi
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: सादगी के सौंदर्य से दीप्त इन कविताओं में गहरी संवेदना और मूल्यचेतना व्याप्त है। निशंकजी जीवन के संक्रांत सत्य को गहराई से समझते हैं। जीवन में सुख भी है, दु:ख भी है, हार भी है, जीत भी है, यानी सकारात्मकता है तो नकारात्मकता भी है। निशंकजी संक्रांत सत्य को निरंतर चित्रित करते हुए जीवन के प्रकाश पक्ष को रेखांकित कर देते हैं। उनकी कविताएँ कहती हैं कि जीवन एक सरल रेखा नहीं है। उसमें अनेक उतार-चढ़ाव होते हैं और वे ही हमें अच्छी और सही जिंदगी का पाठ पढ़ाते हैं। कवि कहता है कि लोग जिसे प्रतिकूलता मानते हैं, वह अनुकूलता की सृष्टि करती है। हमें प्रतिकूलता और अनुकूलता के द्वंद्व तथा सुंदर परिणति की प्रतीति करनी चाहिए। मनुष्य को अनुकूलता के प्रति दृढ़ विश्वास रखकर उसके लिए संघर्ष करना चाहिए। इस संग्रह की सारी कविताएँ भिन्न-भिन्न प्रकार से जीवन के प्रति विश्वास पैदा करती हैं, यानी सबमें रात से निकला हुआ सुप्रभात व्याप्त है। कवि की संवेदनशीलता और मूल्यधर्मिता उस आमजन के दर्द तथा महत्त्व की गहरी पहचान कर लेती है, जो ऊँचा कहे जानेवाले समाज की दृष्टि से ओझल है और तुच्छ है।—रामदरश मिश्र
Sapnon ka Ped
- Author Name:
Krishna Kumar
- Book Type:

-
Description:
कई बार कुछ चीज़ें, हमारे जीवन में बिना कोई प्रश्न खड़ा किए, पूरी मासूमियत और स्वाभाविकता से आकर शामिल हो जाती हैं, हम देख भी नहीं पाते कि उन्होंने हमारे साथ क्या किया, कृष्ण कुमार अक्सर इन्हीं चीज़ों की आवाजाही को पकड़ते हैं, और एक ऐसी सुथरी, संयत, पारदर्शी और अभिव्यक्तिशील भाषा में उन्हें अंकित करते हैं कि फ़ौरन ही उनसे सहमत न हो पाने की कोई गुंजाइश नहीं रहती।
कृष्ण कुमार विख्यात शिक्षाशास्त्री और समकालीन भारतीय समाज के ‘कैलाइडोस्कोप’ को गहरी और विश्वसनीय संलग्नता, और उतनी ही वस्तुनिष्ठता के साथ देखनेवाले गद्यकार हैं। इस पुस्तक में सम्मिलित हर आलेख उनकी चिन्ता और सरोकार की इन विशेषताओं का साक्षी है। प्रकृति, नगर, राज्यसत्ता और व्यापार जगत से लेकर उनकी दृष्टि तितलियों, खिलौनों, साइकिलों, कारों और तरह–तरह के काम करते लोगों तक जाती है। और हर जगह जहाँ वे देखते हैं, चीज़ें अपनी सम्पृक्ति और अलगाव, दोनों के साथ हमें पूरी–पूरी दिखाई देती हैं। उनका बहुपरतीय सत्य, उनके होने के सीधे और टेढ़े अभिप्राय, सब हमारे सामने खुल जाते हैं।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए अनिवार्य है जो अपने सामाजिक होने को एक दिशा देना चाहते हैं, और उनके लिए भी जिन्होंने काफ़ी समय से किसी उम्दा गद्य को नहीं पढ़ा।
Safal Jeevan Ki Guide
- Author Name:
Dr. Shyam Sakha ‘Shyam’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raghuvir Sahay Rachanawali : Vols. 1-6
- Author Name:
Raghuvir Sahay
- Book Type:

-
Description:
रघुवीर सहाय की रचनाएँ आधुनिक समय की धड़कनों का जीवन्त दस्तावेज़ हैं। इसीलिए छह खंडों में प्रकाशित उनकी रचनावली में आज का समय सम्पूर्णता में परिभाषित हुआ है। अपनी अद्वितीय सर्जनशीलता के कारण रघुवीर सहाय ऐसे कालजयी रचनाकारों में हैं जिनकी प्रासंगिकता समय बीतने के साथ बढ़ती ही जाती है।
‘फिर उन्हीं लोगों से’ शीर्षक रचनावली के इस पहले खंड में रघुवीर सहाय की 1946 से 1990 तक की प्रकाशित-अप्रकाशित सम्पूर्ण कविताएँ संकलित हैं। इस खंड में शामिल कविता-संग्रहों के नाम हैं : ‘सीढ़ियों पर धूप में’ (1960), ‘आत्महत्या के विरुद्ध’ (1967), ‘हँसो, हँसो जल्दी हँसो’ (1975 ), ‘लोग भूल गए हैं’ (1982), ‘कुछ पते कुछ चिट्ठियाँ ' (1989) तथा ‘एक समय था’ (1995)। इन संग्रहों के अलावा बाद में मिली कुछ नई अप्रकाशित कविताएँ भी इस खंड में हैं। संग्रह के परिशिष्ट में ‘यह दुनिया बहुत बड़ी है, जीवन लम्बा है', शीर्षक से रघुवीर सहाय की सैकड़ों आरम्भिक कविताएँ संकलित हैं। रघुवीर सहाय ने अपने जीवनकाल में ही अपनी आरम्भिक कविताओं का संग्रह तैयार किया था, लेकिन अब तक यह अप्रकाशित था। कवि के काव्य-विकास को समझने की दृष्टि से यह सामग्री अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। परिशिष्ट में ही रघुवीर सहाय की बरस-दर-बरस ज़िन्दगी का ख़ाक़ा और सैकड़ों वर्षों का उनका वंश-वृक्ष भी दिया गया है। अपने नए कथ्य और शिल्प के कारण रघुवीर सहाय ने हिन्दी कविता को नया रूप दिया है। इस खंड की कविताओं में आप उस नए रूप को आसानी से पहचान सकते हैं।
The Secret of Uniball
- Author Name:
Nihar Vyas
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book