Paropkari Businessman Azim Premji
(0)
₹
125
₹ 100 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789350481585
-
Pages144
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Captain Vijyant Thapar
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description:
Captain Vijyant Thapar (Known by Robin) was born on December 26, 1976 in the Nangal town of Punjab. Rank—Captain Unit—2 Rajputana Rifles Regiment War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—Vir Chakra (Posthumously) You should not only read and know about this great heroic story of our brave soldiers, but also share it with your friends, parents and siblings, so that we never lose sight of what these heroes did for our nation. Captain Vijyant Thapar is a true inspiration for all of us as he sacrificed his life for our country. He displayed unflinching confidence, valour and bravery in the Kargil war. Our country will always be grateful to its hero.
GANIT KI PAHELIYAN
- Author Name:
SANTOSH
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
KUSHAL PRASHASAK KE GUN EVAM KAUSHAL
- Author Name:
Nishant Jain
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Chitthiyon Ke Din
- Author Name:
Nirmal Verma
- Book Type:

- Description:
‘चिट्ठियों के दिन’ निर्मल वर्मा के रमेशचन्द्र शाह, ज्योत्स्ना मिलन और उनकी बेटियों—शंपा शाह व राजुला शाह को लिखे पत्रों का संकलन है।
अस्सी के दशक में लिखे गए इन पत्रों में निर्मल जी की वह दुनिया दिखाई देती है; जिसके बहुत कम हिस्से से हम परिचित हैं। इनमें उनका अकेलापन भी दिखता है, और संवादप्रियता भी, लेखक के रूप में अपनी नियति का सामना करने की तैयारी भी और समकालीनों के षड्यंत्रों-आक्षेपों-प्रहारों को समझते-जानते हुए उनसे अछूते रहने की उनकी नैतिक शक्ति भी।
इसी पुस्तक में शामिल अपने वक्तव्य में रमेशचन्द्र शाह लिखते हैं, ‘निर्मल जी सभा-संगोष्ठियों में शिरकत करते हुए जितना सबके साथ होते थे, उतना ही अपने साथ। अन्तर्मुखता की शर्तों पर ही वे पर्याप्त बहिर्मुखता का भी निर्वाह किस ख़ूबी से कर पाते थे, एक समूची पीढ़ी इसकी गवाह है। यही ख़ूबी उनके ‘पत्रों’ में भी है।... सेल्फ़ रिवीलिंग, स्व-संवेदी, आत्मोद्घाटक; किन्तु स्व-केन्द्रित कदापि नहीं।’
इन पत्रों में अनेक पुस्तकों, लेखकों और पत्र-पत्रिकाओं के हवालों के साथ-साथ तत्कालीन हिन्दी-संसार और विश्व-साहित्य की हलचलों की भी जानकारी प्राप्त होती चलती है जिससे पाठक को उस दौर को जानने और निर्मल जी के कथाकार व चिन्तक रूप को समझने में भी मदद मिलती है।
Hindi Dalit Sahitya Sanchayita
- Author Name:
Preeti Sagar
- Book Type:

- Description:
सवर्णवाद के सामाजिक-सांस्कृतिक वर्चस्व को चुनौती देनेवाले दलित साहित्य का आधार आधुनिक संवैधानिक मूल्य, मानव की सार्वभौमिक समानता और प्रजातंत्र में विश्वास है, और प्रेरणा का स्रोत उस अनन्त पीड़ा में है जो इस देश की दलित जातियों ने सदियों-सदियों अकारण और बिना कोई प्रतिरोध किए सही है। सन् 1914 में ‘सरस्वती’ में प्रकाशित हीरा डोम की कविता ‘अछूत की शिकायत’ से आरम्भ मानी जानेवाली दलित साहित्य की यात्रा अठारहवीं-उन्नीसवीं सदी के सामाजिक-राजनीतिक अदालतों और आज़ादी के बाद संविधान से मिले नए स्पेस से होती हुई आज एक स्थापित धारा का रूप ले चुकी है। मात्र प्रतिरोध और आक्रोश की कलाहीन अभिव्यक्ति के आरोपों को झुठलाते हुए अपनी रचनात्मकता को उसने एक भिन्न सौन्दर्यशास्त्रीय ज़मीन भी दी है। प्रस्तुत संचयिता पिछली पूरी शताब्दी की दलित मनीषा के प्रमुख पड़ावों को संकलित करने का हिन्दी में सम्भवतः पहला सर्वांगीण प्रयास है। विद्रोह की तीव्र आकांक्षा को बेलाग स्वर में वाणी देनेवाली कविता, दलित जन के संघर्ष को गहराई से रेखांकित करनेवाली कहानी, दलित जीवन के अन्तर्बाह्य रेशों की व्याख्या करनेवाले उपन्यासों की स्वानुभूत पीड़ा की प्रामाणिक अभिव्यक्ति, आत्मकथा और अपनी पहचान के लिए लड़ रही रचना को ठोस वैचारिक आधार प्रदान करनेवाली आलोचना, सभी विधाओं का सम्यक् प्रतिनिधित्व इसमें हुआ है। उद्देश्य यही है कि दलित साहित्य के पाठकों, अध्येताओं और छात्रों को पीड़ा और प्रतिकार से उपजी सन्दर्भमूलक रचनाएँ एक जिल्द में उपलब्ध हो सकें; और दलित साहित्य का मूल स्वर कुछ प्रमुख रचनाओं के माध्यम से सामने लाया जाए। संचयिता में उनतीस कवियों की कविताएँ, तेरह कहानियाँ, सात महत्त्वपूर्ण उपन्यास-अंश, छह आत्मकथा-अंश और आठ आलोचनात्मक आलेख शामिल हैं।
Antarnaad
- Author Name:
Usha Shrivastav
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Student Mind Power : Every Peak Has To Be Conquered
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Student Mind Power : Every Peak Has To Be Conquered
Dr. Ranjit Kumar Singh
20% off₹ 400
₹ 320
Available
Aadhunik Maavbodh Ki Sangya
- Author Name:
Amrit Rai
- Book Type:

- Description:
Aadhunik Maavbodh Ki Sangya
Amar Krantidoot Chapekar Bandhu
- Author Name:
Arunesh Kumar
- Book Type:

- Description:
चापेकर बंधु--दामोदर हरी चापेकर, बालकृष्ण हरी चापेकर तथा वासुदेव हरी चापेकर--तीनों भाइयों को क्रांतित्रयी कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। चापेकर बंधु पुणे के पास चिंचवड के निवासी थे और बाल गंगाधर तिलक को अपना गुरु मानते थे। आरंभ से ही उनके मन में भारत को विदेशी दासता से मुक्त कराने की दृढ़ भावना थी । सन् 1896 में जब पुणे में प्लेग महामारी फैली तो इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने रैंड नामक एक अधिकारी को तैनात किया । रैंड के गोरे अधिकारी जाँच के नाम पर घर-घर लोगों पर अत्याचार करने लगे। इन अत्याचारों ने चापेकर बंधुओं को अंदर तक आक्रोशित करके रख दिया। उन्होंने रैंड से बदला लेने की ठान ली। एक दिन जब रैंड और उसका साथी एक उत्सव में भाग लेकर लौट रहे थे तो बालकृष्ण ने रैंड के साथी आयस्रट को तथा दामोदर ने रैंड को गोली मारकर दोनों का काम तमाम कर दिया। घर के भेदी द्रविड़ बंधुओं की चुगलखोरी के कारण दामोदर तथा बालकृष्ण को गोरी सरकार ने फाँसी दे दी। इससे क्षुब्ध सबसे छोटे वासुदेव हरी चापेकर ने अपने मित्र महादेव रानाडे की मदद से चुगलखोर द्रविड़ बंधुओं को मार गिराया और खुद भी फाँसी पर चढ़ गया। इस प्रकार अंग्रेजों से लोहा लेकर चापेकर बंधुओं ने जिस शौर्य का प्रदर्शन किया, उसने देशवासियों के मन में अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांति की आग को और तेज करने का काम किया। माँ भारती के सपूतों चापेकर बंधुओं की प्रेरक जीवनगाथा।
The Life and Times of Chandrashekhar Azad
- Author Name:
Bharat Bhushan
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Prithvi
- Author Name:
Chandramani Singh
- Book Type:

- Description:
पृथ्वी जैसी हमें दिखती है वैसी अतीत में नहीं थी और न ही भविष्य में रहेगी। धरती पर तरल जल का होना ही इसे ब्रह्मांड में विशिष्ट बना देता है। सौरमंडल में किसी भी ग्रह अथवा उनके उपग्रहों के धरातल पर तरल जल उपलब्ध नहीं है। तरल जल का सीधा सम्बन्ध जीवन से है। पृथ्वी की वे परिस्थितियाँ जिन्होंने महासागरों तथा वायुमंडल का निर्माण होने दिया और उन्हें क़ायम रखा, अन्य ग्रहों पर नहीं है। परन्तु ब्रह्मांड बहुत विशाल है, और असंख्य ग्रह दूसरे सितारों के चारों ओर उसी तरह परिक्रमारत हैं जैसे हमारे सौरमंडल के ग्रह। अतएव उनमें से कुछ ग्रहों पर तरल जल के महासागरों एवं पृथ्वी जैसी परिस्थितियों के होने की सम्भावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। और यदि ऐसा है तो वहाँ जीवन भी होगा ।
कैसा होगा धरती का भविष्य? टेक्टानिक गतिविधियों से अनुप्रेरित महाद्विपीय संरचना अगले 25 से 35 करोड़ वर्षों में एक बृहत् अखंडित महाद्वीप का रूप ले सकती है, जैसा कि अतीत में एक से अधिक बार हो चुका है। अगले चार अरब वर्षों में सूर्य की चमक क्रमबद्ध ढंग से बढेगी जिसका अर्थ है कि पृथ्वी को अधिक ऊर्जा मिलेगी जिसके कारण सिलिकेट खनिजों का कालाधारित क्षरण अधिक होगा जिससे धरती का कार्बन-सिलिकेट-चक्र प्रतिकूलत: प्रभावित होने लगेगा जिसके फलस्वरूप वायुमंडल में कार्बन-डाईऑक्साइड गैस का स्तर गिरेगा। धीरे-धीरे वनस्पतियों का लोप होता जाएगा और वानस्पतिक खाद्य-शृंखला टूट जाएगी जिससे उन पर आधारित समस्त प्राणि जगत् के अस्तित्व पर ही संकट आ जाएगा।
‘पृथ्वी’ विज्ञान के कई रहस्यों से पर्दा हटाती एक बेहद महत्त्वपूर्ण पुस्तक है।
Subedar Joginder Singh
- Author Name:
Major Rajpal Singh
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Google Nirmata : Sergey & Larry
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
The Crash Of A Civilization
- Author Name:
Kanchan Banerjee
- Book Type:

- Description:
The Current condition of each citizen, the society, and the nation are the result of a deeply complex history. But what we know from history books, especially academic textbooks, are constructs based on the narratives of political powers, colonists, and outdated socioeconomic analysts. The time has come to know and understand our true history from fresh and updated perspectives. The subject of this book is how foreign ideologies and forces Christian, Islamic, and later colonists, western and Marxists' profound and long-term influence have impacted India, her society, and people. With a computer science back- ground, Kanchan Banerjee makes this remarkable and significant contribution, attempting to depict the current era with unique and lively storytelling using carefully studied evidence, logical deduction, and analysis. He has given detailed and comprehensive descriptions and assessments from pre-Islamic Arabia's history, foreign attacks and invasions of the Huns, the Turks to the Islamic rule and occupation in Delhi, and the British colonial and imperial atrocities. How did the crash and fall of a great ancient civilization happen? How has it been wounded the body and soul of a nation to break into several pieces? And what is the way to change the direction to the path of recovery and revival? This book is an effort to find the answers to these questions from our true history. If we know our past, we can change our future as well.
Dastan-E-Pakistan : Jinnah Se Jihad Tak | The Country Is Writing The Story of Its Own Destruction
- Author Name:
Balbir Dutt
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
The Life and Times of Charlie Chaplin
- Author Name:
Nandini Saraf
- Book Type:

- Description:
Charlie Chaplin, the universal comic icon, who with his lovable portrayal of a ‘tramp’made and still makes the world laugh, continues to live in popular memory. The Hitler’s toothbrush moustache, the bowler or derby hat, the coat a size or two too small, the baggy trousers, the floppy shoes and the cane made him the most unforgettable character. The mere mention of his name conjures a picture of him as the tramp. One of the most pivotal stars of the early silent era of Hollywood, Charlie Chaplin’s films made everyone laugh and cry at the same time. The world cinema is indebted to him for films like ‘The Kid’, ‘The Gold Rush’, ‘The Circus,’ ‘City Light’, ‘Modern Times’ and ‘The Great Dictator’. An enigma to the world, people have vast curiosity about his life and his body of work. This book is an attempt to unravel the various aspects of his life and his struggles. The happiness and the despair, the controversies and the acclaim are all revealed in this authentic biography of this great legend.
Bharat Ki Veeranganayen
- Author Name:
Meera Jain
- Book Type:

- Description:
This book doesn’t have description
Desh, Dharma Aur Sahitya
- Author Name:
Vidhyaniwas Mishra
- Book Type:

- Description:
साहित्य वास्तव में मनुष्य धर्म को रेखांकित करनेवाला वह रूप है, जो अपने देश के समाज के परिदृश्य को उसके बहुआयामी रंगों में कैनवस पर फैला हुआ दिखलाता है। साहित्य ही देश को गति भी देता है और उसे जीवंत बनाने का प्रयत्न करता है।
धर्म से साहित्य का रिश्ता एक ख़ास मायने में परिलक्षित होता है। साहित्य द्वारा ही धर्म का परिचालन होता है, लेकिन वह धर्म से तटस्थ रहकर अपनी बात कह सकने में समर्थ है।
इसीलिए ये तीनों लेखक को परस्पर ओत-प्रोत दिखाई पड़े हैं। ये अन्दर या बाहर रहते हुए भी एक-दूसरे के पूरक होने का आभास देते हैं।
संग्रह के निबन्धों में आज का समय कहीं भी ओझल नहीं हुआ, बल्कि ठोस धरातल पर क़दम जमाए खड़ा है, परन्तु कालातीत से ग्रहण करने की पूरी क्षमता भी रखता है।
Dr. Kalam Ke Sapanon Ka Bihar
- Author Name:
Lalit Kumar Singh
- Book Type:

- Description:
"बिहार राज्य का इतिहास अत्यंत ही प्राचीन एवं गौरवशाली रहा है। यह राज्य पूर्व ऐतिहासिक काल से ही विकसित होनेवाली संस्कृतियों का महत्त्वपूर्ण केंद्र रहा है और विभिन्न युगों में इसने देश के इतिहास एवं सांस्कृतिक जीवन में अग्रणी भूमिका निभाई है। इतना प्राचीन एवं गौरवशाली अतीत होने तथा विकास एवं उन्नति के पथ पर अग्रसर होने की सारी क्षमताएँ होते हुए भी आज यह राज्य विकसित राज्यों की श्रेणी से बाहर है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सदा बिहार के उत्कर्ष का स्वप्न देखते रहे और इसकी संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रेरित करते रहे। इस पुस्तक में डॉ. कलाम ने बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए न सिर्फ वैज्ञानिक सोच, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की भी रूपरेखा निर्धारित की है। इसमें प्रस्तुत विचार ‘महात्मा बुद्ध के संदेश’ के सदृश्य बिहार की प्रगति के लिए वरदान हैं। डॉ. कलाम की विभिन्न बिहार-यात्राओं के दौरान दिए गए संदेशों का संकलन है यह पुस्तक। इनसे प्रेरित होकर राज्य के सभी वर्गों के लोग एकजुट होकर विकास-कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाएँ, तो विकसित बिहार के स्वप्न को साकार करना कठिन नहीं होगा।
Aap Bhi Ban Sakte Hain Intelligent Investor
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description:
एक स्मार्ट निवेशक को चाहिए कि वह अपने निवेश में विविधता रखे; क्योंकि विविधता आपको भविष्य में होनेवाले संभावित नुकसानों से बचा सकती है। स्मार्ट निवेशक कभी भी तर्कहीन मुनाफे की तलाश नहीं करता; बल्कि उसका ध्यान सुरक्षित, स्थिर व नियमित रिटर्न पर होता है। यदि आप स्मार्ट व बुद्धिमान निवेशक बनना चाहते हैं तो अपनी स्वयं की शोध पर भरोसा करें और बाजार में चल रही अफवाहों एवं टिप्स को पूरी तरह से नजरअंदाज करें। शेयर बाजार में अच्छा प्रदर्शन करनेवाली और बुरा प्रदर्शन करनेवाली कंपनियाँ होती हैं, परंतु वास्तव में अच्छे शेयर जैसी कोई चीज नहीं होती। शेयर का वह प्राइस अच्छा होता है, जिस पर उसका वैल्युएशन सस्ता और भविष्य में ग्रोथ की संभावना वाला हो। आपको शेयर बाजार में एक निवेशक की तरह कार्य करना चाहिए, न कि एक सट्टेबाज के रूप में। शेयर बाजार में आपको अपनी पूँजी को छोटे हिस्सों में बाँटकर निवेश करना आवश्यक है, ताकि आप कभी भी अपना सारा पैसा न गँवाएँ। स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव होता रहता है और निवेशक इस उतार-चढ़ाव का लाभ उठाना चाहते हैं। इसी वजह से आम निवेशक जब बाजार बढ़ रहा होता है, तब बाजार और भी बढ़ेगा, इस उम्मीद में महँगे दाम पर भी शेयर खरीद लेते हैं तथा जब बाजार गिरने लगता है तो वे स्टॉप लॉस की अवधारणा के कारण सस्ते में शेयर बेच देते हैं; परंतु ऐसा करके वे अपने आप को एक निवेशक की जगह सट्टेबाज में तब्दील कर देते हैं।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book