Nahin Kathin Hai Dagar Panghat Ki
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789382901921
-
Pages104
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Simmi Harshita ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Simmi Harshita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Madan Lal Dhingra
- Author Name:
Vishav Bandhu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Periyar Lalai Singh Granthawali : Vols. 1-5
- Author Name:
Periyar Lalai Singh
- Book Type:

-
Description:
मैं तो यही कहूँगा कि वर्णाश्रम धर्म, गहरी मानवीय असमानता के प्रति हमें सहिष्णु बनाता है। यह असमानता कई अलग-अलग स्वरूपों में प्रकट होती है। इसमें शामिल हैं—आर्थिक, सामाजिक, पितृसत्ता, लैंगिकता, जाति प्रथा, आध्यात्मिक और सोच आदि की असमानता। ये एक-दूसरे को क्रमवार मजबूती देती हैं। भारतीय समाज इसके क्रूर दमन पर आधारित है। पूरी दुनिया में जिसकी कोई और मिसाल मिलना मुश्किल है।
भारत के सभी सत्ताधारी वर्णाश्रम धर्म के मौन समर्थक हैं, ऐसा नहीं है, मुझे ऐसा लगता है कि वर्णाश्रम धर्म, वर्तमान सत्ताधारी पार्टी की विचारधारा, हिन्दुत्व, का अभिन्न अंग है। इसके प्रवक्ता गोलवलकर ने साफ शब्दों में लिखा था कि वर्ण और आश्रम, समाज में हिन्दू ढाँचे की विशेषताएँ हैं।
भारत में हिन्दुत्ववादी आन्दोलन के समर्थक वर्ण, आश्रम और जाति-प्रथा के सार्वजनिक व्यख्याता और प्रशंसक हैं। अगर नरमपंथी—हिन्दू राष्ट्रवादी, वर्णाश्रम धर्म के विरोध में हैं, तो वे हिन्दुत्व के प्रखर विरोध के लिए आगे क्यों नहीं आते हैं! और समतामूलक सोच और समाज का अभियान क्यों नहीं चलाते? यह ग्रंथ और पेरियार ललई सिंह का चिन्तन इसी बात को चरितार्थ करता है।
—ज्यां द्रेज
Kabeer Granthawali
- Author Name:
Shyam Sundar Das
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत संस्करण ‘कबीर ग्रंथावली’ में कबीरदास के जो दोहे और पद सम्मिलित किए गए हैं, उन्हें आजकल की प्रचलित परिपाटी के अनुसार खराद पर चढ़ाकर सुडौल, सुन्दर और पिंगल के नियमों से शुद्ध बनाने का कोई उद्योग नहीं किया गया, वरन् उद्देश्य यही रहा है कि हस्तलिखित प्रतियों या ग्रन्थसाहब में जो पाठ मिलता है, वही ज्यों-का-त्यों प्रकाशित कर दिया जाए। कबीरदास के पूर्व के किसी भक्त की वाणी नहीं मिलती। हिन्दी साहित्य के इतिहास में वीरगाथा काल की समाप्ति पर मध्यकाल का आरम्भ कबीरदास जी से होता है, अतएव इस काल के वे आदिकवि हैं। उस समय भाषा का रूप परिमार्जित और संस्कृत नहीं हुआ था। कबीरदास स्वयं पढ़े-लिखे नहीं थे। उन्होंने जो कुछ कहा है, वह अपनी प्रतिभा तथा भावुकता के वशीभूत होकर कहा है। उनमें कवित्व उतना नहीं था जितनी भक्ति और भावुकता थी। उनकी अटपट वाणी हृदय में चुभनेवाली है। अतएव उसे ज्यों का त्यों प्रकाशित कर देना ही उचित जान पड़ा और यही किया भी गया है। आशा है, पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा पाठकों का मार्गदर्शन करने में सहायक सिद्ध होगी।
Captain Vikram Batra
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Vikram Batra (Known by Luv, Shershah, Kargil-ka-She) was born on September 9, 1974 in Palampur district of Himachal Pradesh. Rank—Captain Unit—13 Jammu and Kashmir Rifles War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—Param Vir Chakra (Posthumously) Whenever any discussion comes up regarding the Kargil war, the first name that reminds to us is that of Captain Vikram Batra, the valiant son of India. Captain Vikram Batra of 13 Jammu and Kashmir Rifles is one of those bravehearts who contributed in the victory of the Kargil war after fiercely fighting on multiple peaks one after another. Captain Vikram Batra showed unprecedented valour in the Kargil war and attained martyrdom. He was awarded with the ‘Param Vir Chakra’ posthumously.
Encounter with politics
- Author Name:
Vasindra Mishra
- Book Type:

- Description: Politics
Super Memory: How To Develop, Train, and Use It
- Author Name:
William Walker Atkinson
- Book Type:

- Description: It needs a minimal argument to convince the average thinking person of the great importance of memory. Although even then, very few begin to realise just how important the function of the mind is, that has to do with the retail of mental impressions The first thought of an average person, when asked to consider the importance of memory, is its use in everyday happenings along developed and cultivated lines, as contrasted with the lesser degrees of its development. In short, one generally thinks of memory in its phase of a "good memory" as contrasted with the opposite phase of a "poor memory." But there is a much broader and fuller meaning of the term than that of even this significant phase.
Meditation Ke Naveen Aayam
- Author Name:
Manoj Srivastava
- Book Type:

- Description: "आज के जीवन में हम इतने खो गए हैं कि ईश्वर या आस्था को भूलते जा रहे हैं। इसका मूल कारण है— हमारे ऊपर अस्तित्ववादी प्रभाव। अर्थात् मेरा ही अस्तित्व है एवं केवल मैं ही हूँ। केवल ‘मैं’ से अहं आता है। इस प्रभाव से हम एकांगी सोच में जीवन जीने लगते हैं। जब व्यक्ति के सामने चुनौतियाँ, कठिनाइयाँ आती हैं तो वह अपने को अकेला पाता है। जब व्यक्ति असफल होता है तो उसमें कुंठा, हताशा, निराशा व अवसाद जन्म लेते हैं। वह समाज, मित्र, सगे-संबंधी, ईश्वर को इसका दोष देता है। हमें अगर सही जीवन जीना है तो हमारे पास आस्था के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं है। व्यक्ति के पास आज सूचनाओं का अंबार है, परंतु ज्ञान नहीं है। जिनके पास ज्ञान है, उनके पास अहंकार भी है। कहना न होगा कि जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए हमें विचारों का समुचित प्रबंधन करना होगा और पूर्वाभासी ज्ञान जाग्रत् करना होगा। यह हम मेडिटेशन व ध्यान द्वारा कर सकते हैं। इस पुस्तक में इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु अनेक विधियाँ दी गई हैं, लेकिन सहज राजयोग हमें वह विधि सिखाता है, जिससे हम कम समय में, कम परिश्रम से बेहतर रूप में ध्यान व मेडिटेशन कर सकते हैं। जीवन को सहजता के साथ जीने का मार्ग दिखाती एक व्यावहारिक पुस्तक। "
Ek Kadam Hazar Afsane
- Author Name:
Partha Sarthi Sen Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Grihapravesh
- Author Name:
Smt.Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aamool Kranti Ka Dhwaj-Vahak Bhagatsingh
- Author Name:
Ranjit
- Book Type:

- Description: भगतिंसह को यदि मार्क्सवादी ही कहना हो, तो एक स्वयंचेता या स्वातंत्र्यचेता मार्क्सवादी कहा जा सकता है। रूढ़िवादी मार्क्सवादियों की तरह वे हिंसा को क्रान्ति का अनिवार्य घटक या साधन नहीं मानते। वे स्पष्ट शब्दों में कहते हैं—‘क्रान्ति के लिए सशस्त्र संघर्ष अनिवार्य नहीं है और न ही उसमें व्यक्तिगत प्रतिहिंसा के लिए कोई स्थान है। वह बम और पिस्तौल का सम्प्रदाय नहीं है।’ अन्यत्र वे कहते हैं—‘हिंसा तभी न्यायोचित हो सकती है जब किसी विकट आवश्यकता में उसका सहारा लिया जाए। अहिंसा सभी जन-आन्दोलनों का अनिवार्य सिद्धान्त होना चाहिए।’ आज जब भगतसिंह के समय का बोल्शेविक ढंग समाजवाद मुख्यत: जनवादी मान-मूल्यों की निरन्तर अवहेलनाओं के कारण, समता-स्थापन के नाम पर मनुष्य की मूलभूत स्वतंत्रता के दमन के कारण, ढह चुका है, यह याद दिलाना ज़रूरी लगता है कि स्वतंत्रता उनके लिए कितना महत्त्वपूर्ण मूल्य था। स्वतंत्रता को वे प्रत्येक मनुष्य का जन्मसिद्ध अधिकार घोषित करते हैं। क्योंकि वे अराजकतावाद के माध्यम से मार्क्सवाद तक पहुँचे थे, इसलिए स्वतंत्रता के प्रति उनके प्रेम और राजसत्ता के प्रति उनकी घृणा ने उन्हें कहीं भी मार्क्सवादी जड़सूत्रवाद का शिकार नहीं होने दिया।
Suno Bachcho, Jallianwala Bagh Ki Kahani
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Decode UPSC: My Take On UPSC & Beyond by Agam Jain, IPS: Insights from a Civil Services Officer
- Author Name:
Agam Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KGB: Unheard Stories of Soviet Intelligence Agency | Hindi Translation of KGB: Untold History of Soviets Intelligence & Secret Force | N. Chokkan
- Author Name:
N. Chokkan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ayoddhya Ka Rawan Lanka Ke Ram
- Author Name:
Dinkar Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NTA CUET UG 2024 Exam | Chemistry | 2000+ NCERT Based Topic-wise MCQs | Useful for DU JNU Jamia Milia BHU AMU CHS and All Other Central University
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dhatri Paat San Gaam
- Author Name:
Mahendra
- Book Type:

- Description: धात्री पात सन कोमल एहि पोथी मे तत्कालीन शिक्षक, मारवाड़ी बोर्ड, चकला निर्मली आ विलियम्स स्कूल, पूर्वी आ पश्चिमी बान्हक श्रमदान सँ भेल निर्माण आ तकर उद्घाटन, सुपौलक गली-कूची, ओहि समयक वातावरण आ समरसता-सौहाद्र, शिरीष गाछक ऐतिहासिकता आ ओकर मानवीकरण, परसरमा आ गढ बरुआरी स्टेशनक रोचक आ जानकारी सँ भरल इतिहास, लाल साहेब, प्रसिद्ध जमीन्दारक कथाक संग-संग आखिरी विपन्न आदमी, जे सुपौलक चौराहा पर बैसि जुत्ता-चप्पलक मरम्मति करैत अछि दुखो काका, तकरो कथा एहि मे भेटैत अछि जे आन ठाम कतहु लिखित नहि अछि। ई लिखैत मान्यजन जनक काका मोन पड़ैत छथि, जे दलित छलाह मुदा से संबोधन आ दैनन्दिन क्रियाकलाप सँ कतहु तेना भ' क' बुझाइत नहि छथि। एहि पोथी मे एकर सभक दस्तावेजीकरण एक टा प्रतिमान गढ़ैत अछि। एहि पोथी मे महत्त्वपूर्ण थिक लेखकक राग-भास। प्रेम-अनुराग। सामाजिक सौहाद्र। ह' ह' बहैत प्रवाहमयी बसात। कल-कल छल-छल करैत गद्यक प्रवाह। मृदुता। आप्लापित करैत ओजस्विता। शब्द जखन महेन्द्र जीक आँगुरक स्पर्श करैत छनि तँ जेना ओहि मे अनायास गतिमयता आबि जाइत अछि। कलमक नोंक पर अबाधित नृत्य करैत गद्य आ तकर सौष्ठव। सुगंध आ सुवास भरल। एतेक प्रांजल, एतेक सुगठित, एतेक हँसैत आ आत्मा मे पैसैत गद्य किएक ने कोनो पाठक केँ आह्लादित आ मोहित करतैक। —केदार कानन
Surang Ke Paar Bihar
- Author Name:
Kumar Dinesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Afghanistan "अफगानिस्तान : शांति की तलाश, युद्ध की राह" Book in Hindi
- Author Name:
Prem Prakash
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Ki Vishwavyapti
- Author Name:
Ganga Prasad Vimal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book