Kora Kagaz
(0)
Author:
Gajra Kottari, Nirmal ChawlaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
175
140 (20% off)
Available
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जीवन तो कोरा कागज है। चाहें तो इसमें खुशियों की कविता लिखें या लिख दें दुःखों के गीत। और अकसर ऐसा भी होता है कि एक अधूरी कविता को पूरा करने के लिए बस जरूरत होती है तो उस एक शख्स की, जो पन्ना पलटने की काबिलियत रखता हो। घर वह एक ही था, पर उसके एक सिरे में प्रेम-बंधन आखिरी साँसें ले रहा था तो दूसरे सिरे में एक दोस्ती प्रेम की सीढ़ी चढ़ने को आतुर थी।क्या माँ-बाप के बिखरते रिश्ते की निराशा निष्ठा के प्रेम को ग्रहण लगा देगी? या फिर उसका वह नया सकारात्मक जुड़ाव ही उसके टूटते परिवार के रिश्तों में आस्था लौटाएगा?
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जीवन तो कोरा कागज है। चाहें तो इसमें खुशियों की कविता लिखें या लिख दें दुःखों के गीत। और अकसर ऐसा भी होता है कि एक अधूरी कविता को पूरा करने के लिए बस जरूरत होती है तो उस एक शख्स की, जो पन्ना पलटने की काबिलियत रखता हो।
घर वह एक ही था, पर उसके एक सिरे में प्रेम-बंधन आखिरी साँसें ले रहा था तो दूसरे सिरे में एक दोस्ती प्रेम की सीढ़ी चढ़ने को आतुर थी।क्या माँ-बाप के बिखरते रिश्ते की निराशा निष्ठा के प्रेम को ग्रहण लगा देगी? या फिर उसका वह नया सकारात्मक जुड़ाव ही उसके टूटते परिवार के रिश्तों में आस्था लौटाएगा?
Book Details
-
ISBN9789350484630
-
Pages144
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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