Nahin Chahiye Moksha
Author:
P. K. AryaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789380823690
Pages: 104
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Karyakshetra Mein Safalta Ke Sootra
- Author Name:
Ashwani Lohani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hamara Panchayati Raj
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

- Description: भारत की आत्मा गाँवों में बसती है। ग्राम-व्यवस्था वस्तुतः राष्ट्र-व्यवस्था की बुनियाद है। यही कारण है कि हमारे राष्ट्रनायकों ने सामाजिक उन्नयन, आर्थिक विकास, सांस्कृतिक प्रगति और राजनीतिक चेतना की दृष्टि से गाँवों को पर्याप्त महत्त्व दिया है। सबका मानना है कि भारत के विकास का रास्ता गाँवों से होकर गुज़रता है। महात्मा गांधी के श्रम, स्वदेशी और स्वावलम्बन की कर्मभूमि अधिकांश अर्थ में गाँव ही है। प्रतापमल देवपुरा द्वारा लिखित ‘हमारा पंचायती राज’ पुस्तक पंचायती राज के प्रति जानकारी व जागरूकता उत्पन्न करने हेतु लिखी गई है। पुस्तक जनप्रतिनिधियों से लेकर सामान्य नागरिकों के लिए सामाजिक रूप से उपयोगी है। 50 छोटे-छोटे अध्यायों में पंचायती राज से जुड़ी विभिन्न जिज्ञासाओं व जानकारियों की सूत्र-शैली में प्रस्तुति सकारण है। इस पद्धति से सूचनाएँ सरलता से प्राप्त हो जाती हैं। जैसे ‘सूचना का अधिकार’ के अन्तर्गत पहला सूत्र है, ‘सूचना के अधिकार का अर्थ है—नागरिकों द्वारा सूचना माँगने पर सूचना मिले जिससे उसका जीवन बेहतर एवं सुरक्षित बने; इसके साथ ही सरकारी विभागों द्वारा सूचना देने का कर्तव्य।’ सरल व सुबोध भाषा में लिखित ‘हमारा पंचायती राज’ अत्यन्त जनोपयोगी पुस्तक है।
B. R. Ambedkar : Bhartiya Waltair Evam Marx
- Author Name:
P.N. Singh
- Book Type:

-
Description:
डॉ. अम्बेडकर में वाल्तेयर जैसी मेधा, आलोचनात्मक विवेक और साहस था
और उन्होंने भी हिन्दू समाज की मानसिक जड़ता को तोड़ने के लिए अद् भुत साहस का परिचय दिया।
अम्बेडकर ने जड़ता के विरुद्ध संघर्ष किया और उनके नाम से जुड़े राजनीतिक आन्दोलन, सत्ता-केन्द्रित होते हुए भी, प्रायः सभी सामाजिक संघर्षों से कमोबेश जुड़े हुए हैं।
मार्क्स, गांधी और बाबा साहब तीनों ही अपने-अपने ढंग से मनुष्य की अभावग्रस्त स्थितियों से मुक्ति चाहते हैं। यह मुक्ति काल्पनिक नहीं, वास्तविक है। मार्क्स आर्थिक मुक्ति पर बल देते हैं, अम्बेडकर साहब सामाजिक मुक्ति पर और गांधी सत्य और अहिंसा के माध्यम से अपनाई गई वैयक्तिक मुक्ति पर। तीनों के अलग-अलग विशेष क्षेत्र हैं। लेकिन मानव-जीवन तो एक ही है। ये तीनों अलग-अलग अधूरे हैं। इसीलिए मार्क्स, गांधी और अम्बेडकर के सार्थक निष्कर्षों को सावधानीपूर्वक लागू करने में ही मानव समाज का हित है।
Kahani Do Boondon Ki
- Author Name:
Dr. Harsh Vardhan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Speed Calculation Hindi Translation of ‘Maths Sootra' Vedic Maths Achieve Immense Success In Mathematics
- Author Name:
Gaurav Tekriwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mata Bhoomi
- Author Name:
Dr. Vasudeva Sharan Agrawala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Positive Thinking Dwara Apaar Safalta "Great Success By Positive Thinking" | Think High and Achieve Goals | Book in Hindi
- Author Name:
Ravindra Nath Prasad Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Why I Killed Gandhi?
- Author Name:
Nathuram Godse
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Brhat Visva Sukti Kosa-II
- Author Name:
Shyam Bahadur Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Born to win
- Author Name:
Zig Ziglar +1
- Book Type:

- Description: “If I could recommend only two books to help you become more, do more, and have more the first would be the Bible; the second is Born to Win. This masterpiece makes it clear why Zig Ziglar has been the world’s great motivator for five decades.” Dave Anderson, President, Learn To Lead, author How to Lead by THE BOOK. In eighty-five years of living and over fifty years of giving, Zig Ziglar, the icon of motivational and inspirational speaking, a man many call the Father of Motivation and Balanced Life Living, presents his last extensive and most comprehensive book ever! Born to Win – Find Your Success Code. Zig Ziglar’s ultimate book compresses over four and one-half decades of life changing tools and practices into an inspiring, concise, easy to use format for bottom line people who want to grow and improve the whole spectrum of their life “right now!” Readers will learn that when you have the hope that things can change, and a plan to make that change possible, then you can and will take action. Zig Ziglar’s whole person, balanced living approach to life has inspired millions to enjoy good health, a new depth of love and gratitude for family and friends, financial security and independence, and spiritual peace of mind. His instruction on how to live a life that leaves no room for regret or worry is the starting point for a joy filled, exciting, vibrant, life. It is true that when you have prepared yourself to be the right kind of person, you can do what you need to do to expect success. When you truly understand that you were Born to Win, you can change the world!
Bharat Ke Pavitra Teerthsthala
- Author Name:
Narayan Bhakta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagvadgita Ke Rahasya
- Author Name:
Shri Vishwanath
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Christopher Columbus
- Author Name:
Rakesh Ranjan
- Book Type:

- Description: क्रिस्टोफर कोलंबस का जन्म सन् 1449 में जेनोआ (इटली) में हुआ था। उसके पिता एक जहाजी थे, इसलिए बचपन से ही वह समुद्र एवं जलपोतों से लगाव रखता था। इन सबके चलते भूगोल व मानचित्रों के प्रति उसकी जिज्ञासा अत्यंत तीव्र हो गई थी। कोलंबस ने पृथ्वी के नक्शे पर एशिया की स्थिति का जो अनुमान लगाया था, वह गलत निकला और वह समुद्री यात्रा के द्वारा एशिया के बजाय अमेरिका पहुँच गया। इस यात्रा के दौरान किसी को यह जानकारी नहीं थी। इसी कारण एशियाई मार्ग की खोज का श्रेय कोलंबस के बजाय वास्को डि गामा को मिला। वास्को डि गामा कोलंबस की अमेरिका यात्रा के 6 वर्ष बाद सन् 1498 में अफ्रीका का चक्कर लगाता हुआ दक्षिण भारत के कोचीन बंदरगाह पर पहुँचा था। 14 वर्षों तक कोलंबस पुर्तगाल की राजधानी में रहा, लेकिन वहाँ के शासकों ने उसके साथ धोखा किया और उसको शहर से बाहर न जाने का आदेश दिया। परंतु कोलंबस अपने पुत्र डिएगो के साथ वहाँ से निकल भागा। 12 अक्तूबर, 1492 को कोलंबस ने एक नए द्वीप को खोज निकाला। इस स्थल को कोलंबस ने ‘इंडिया’ नाम दिया, जो आज संयुक्त राज्य अमेरिका के 48 राज्यों में से एक ‘इंडियाना’ के नाम से प्रसिद्ध है। इस पुस्तक में कोलंबस के जीवन और उसके साहसिक समुद्री अभियानों का वर्णन, जो सुधी पाठकों को जानकारीपरक एवं रुचिकर लगेगा।
Media : Mahila, Jati aur Jugad
- Author Name:
Sanjay Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Dalit Andolan Ka Itihas : Vols. 1-4
- Author Name:
Mohandas Naimisharay
- Book Type:

-
Description:
अतीत कभी सम्पूर्ण रूप से व्यतीत नहीं होता। बहुआयामी समय के साथ वह भिन्न–भिन्न रूपों में प्रकट होता रहता है। इतिहास अतीत का उत्खनन करते हुए उसमें व्याप्त सभ्यता, संस्कृति, नैतिकता, अन्तर्विरोध, अन्त:संघर्ष, विचार एवं विमर्श आदि के सूत्रों को व्यापक सामाजिक हित में उद्घाटित करता है। कारण अनेक हैं किन्तु इस यथार्थ को स्वीकारना होगा कि भारतीय समाज का इतिहास लिखते समय ‘दलित समाज’ के साथ सम्यक् न्याय नहीं किया गया। भारतीय समाज की संरचना, सुव्यवस्था, सुरक्षा व समृद्धि में ‘दलित समाज’ का महत्त्वपूर्ण योगदान होते हुए भी उसकी ‘योजनापूर्ण उपेक्षा’ की गई। ‘भारतीय दलित आन्दोलन’ का इतिहास (चार खंड) इस उपेक्षा का रचनात्मक प्रतिकार एवं वृहत्तर भारतीय इतिहास में दलित समाज की भूमिका रेखांकित करने का ऐतिहासिक उपक्रम है।
सुप्रसिद्ध दलित रचनाकार, सम्पादक एवं मनीषी मोहनदास नैमिशराय ने प्राय: दो दशकों के अथक अनुसन्धान के उपरान्त इस ग्रन्थ की रचना की है। दलित समाज, दलित अस्मिता–विमर्श तथा दलित आन्दोलन का प्रामाणिक दस्तावेज़ीकरण एवं तार्किक विश्लेषण करता यह ग्रन्थ एक विरल उपलब्धि है। आधुनिक भारतीय समाज की समतामूलक संकल्पना को पुष्ट और प्रशस्त करते हुए मोहनदास नैमिशराय स्वतंत्रता, समता, न्याय और बन्धुत्व जैसे शब्दों का यथार्थवादी परीक्षण भी करते हैं।
वस्तुत: भारतीय दलित आन्दोलन का इतिहास हज़ारों वर्ष पुराने भारतीय समाज की सशक्त सभ्यता–समीक्षा है। ग्रन्थ का प्रथम भाग ‘पूर्व आम्बेडकर भारत’ में निहित सामाजिक सच्चाइयों को उद्घाटित करता है। मध्यकालीन सन्तों के सुधारवादी आन्दोलन से प्रारम्भ कर दलित देवदासी प्रश्न, भंगी समाज, जाटव, महार, दुसाध, कोली, चांडाल और धानुक आदि जातियों के उल्लेखनीय इतिहास; ईसाइयत और इस्लाम से दलित के रिश्ते; आम्बेडकर से पहले बौद्ध धर्म एवं दक्षिण भारत में जातीय संरचना आदि का प्रामाणिक विवरण–विश्लेषण है। दलित आन्दोलन में अग्रणी व्यक्तित्वों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व संस्थाओं का वर्णन है। पंजाब और उत्तराखंड में दलित आन्दोलन की प्रक्रिया और उसके परिणाम रेखांकित हैं।
पाठकों, लेखकों, अनुसन्धानकर्ताओं, मीडियाकर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं सजग नागरिकों के लिए पठनीय–संग्रहणीय। गाँव से लेकर महानगर तक प्रत्येक पुस्तकालय की अनिवार्य आवश्यकता।
UPSSSC Swasthaya Karyakarta ANM Female Health Worker (Mahila) Mukhya Pareeksha-2025 20 Practice Sets With Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Narad Muni Ki Aatmkatha
- Author Name:
Dr. Laxmi Narayan Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Santosh Goyal ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Santosh Goyal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 9-10 "Vigyan" Science | 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Anand Versha
- Author Name:
Sudhir Kakkar
- Book Type:

- Description: ‘आनन्द-वर्षा’ एक रहस्यवादी के निर्माण और आध्यात्मिक पथ पर उसके आश्चर्यजनक अनुभवों की कथा है। यह दो ऐसे पुरुषों की कहानी भी है जिनका चरित्र एक-दूसरे से बिलकुल अलग है, लेकिन एक निर्णायक मुलाक़ात के बाद जिनके बीच एक दुर्लभ सम्बन्ध विकसित होता है। बुजुर्ग मध्वाचार्य जो सम्पूर्ण समर्पण और निर्द्वन्द्व भक्ति-भाव में डूबा है, युवा गोपाल का गुरु बनता है, जबकि गोपाल का विकास पश्चिमी तर्कवाद और इस विश्वास के साथ हुआ है कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता ख़ुद है। गुरु अपने शिष्य का परिचय आत्मा से कराता है और इस प्रकार उसके भीतर एक निहायत ही निजी युद्ध की शुरुआत कर देता है—युद्ध जो भावना और विवेक तथा विश्वास और तर्क के बीच चलता है। इस उपन्यास के विषय में ‘डकन हेराल्ड’ का मत है : “(यह कथा) कई स्तरों पर चलती है। इसमें अनेक रहस्य और व्याख्याएँ निहित हैं जो विचारोत्तेजक हैं, हमारे सामने कई उद्घाटन करती हैं और अन्ततः बहुत मानवीय हैं। यह हमें दैवीय के प्रति मनुष्य की चाह का सन्देश देती है। दैवीय जो मनुष्य में ही निहित है।’’ अंग्रेज़ी के प्रख्यात लेखक खुशवंत सिंह के अनुसार यह ‘अत्यन्त पठनीय’ पुस्तक है जिस पर ‘सभी गम्भीरचेता लोगों को ध्यान देना चाहिए।’
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book