Mahavrati : Karmayogi Pracharak Sohan Singh
(0)
₹
200
₹ 160 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789386231659
-
Pages272
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
NCERT MCQs Indian Polity & Governance Class 6 To 12 Useful Book For UPSC, State PSCs & All Competitive Exam Chapter-wise and Topic-wise Solved Paper 2025
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krantiveer Shraddheya Chandrapal Shailani Ka Jeevan-Darshan "क्रांतिवीर श्रद्धेय चंद्रपाल शैलानी का जीवन-दर्शन" Book in Hindi
- Author Name:
Vishakha Shailani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manas Madhu
- Author Name:
Ashok Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Annihilation of Caste
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: Annihilation of Caste is an undelivered speech written in 1936 by B. R. Ambedkar, an Indian academic turned politician. He wrote Annihilation of Caste for the 1936 meeting of a group of liberal Hindu caste reformers in Lahore. After reviewing the speech’s controversiality, conference organizers revoked Ambedkar’s invitation. He then self-published the work. The work is considered a classic and is being re-evaluated time and again.
Muktibodh Samagra : Vols. 1-8
- Author Name:
Gajanan Madhav Muktibodh
- Book Type:

-
Description:
मुक्तिबोध की कविताओं के बारे में यदि शमशेर बहादुर सिंह के शब्दों में कहें तो उनकी ‘कविता, अद्भुत संकेतों-भरी, जिज्ञासाओं से अस्थिर—कभी दूर से ही शोर मचाती, कभी कानों में चुपचाप राज़ की बातें कहती चलती है। हमारी बातें हमीं को सुनाती है और हम अपने को एकदम चकित होकर देखते हैं, और पहले से और भी अधिक पहचानने लगते हैं।’
और मुक्तिबोध समग्र के रूप में, ‘हमारी बातें हमीं को’ सुनानेवाली उनकी कविताओं का यह पहला खंड है। इसमें 1935 से लेकर 1956-57 तक की कविताएँ हैं जिनमें प्रारम्भिक काव्य-प्रयासों से लगाकर आधुनिक हिन्दी-कविता में अपना अलग, निजी मुहावरा हासिल कर लेने तक मुक्तिबोध के काव्य-व्यक्तित्व के विकास के सभी चरण एक साथ मौजूद हैं। साथ ही परवर्ती लेखन में अनुभव और सृजन सम्बन्धी जिन उलझनों, अन्तर्द्वन्द्वों और उनकी अभिव्यक्ति का सशक्त और अनोखा रूप सामने आया, उसकी शुरुआत भी प्रारम्भिक रचनाओं तथा तार सप्तककालीन कविताओं में साफ़ देखी जा सकती है। इस दृष्टि से यह खंड मुक्तिबोध-काव्य के प्रेमी पाठकों के लिए निस्सन्देह एक नया अनुभव होगा।
Veer Shivaji Ki Kahaniyan
- Author Name:
Ajey Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Panch Pandav
- Author Name:
Ramesh Soni
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक पाँच पांडवों के व्यक्तित्व तथा उनके जीवन पर आधारित है। महाभारत के अनुसार पाँचों पांडव राजा पांडु के पुत्र थे। सबसे बड़े पुत्र धर्मराज युधिष्ठिर, भीमसेन तथा अर्जुन पांडु की पहली पत्नी रानी वुंक्तती से उत्पन्न हुए तथा नकुल और सहदेव राजा पांडु की दूसरी रानी माद्री के पुत्र थे। पाँचों पांडवों का लालन-पान रानी वुंक्तती ने ही किया था। बचपन से ही पाँचों पांडव शूरवीर, बलशाली, नीतिवान, बुद्धिमान तथा विवेकी थे। महाभारत में पाँचों पांडवों के जीवन से जुड़ी अनेक कथाएँ प्रचलित हैं, जिनके माध्यम से इनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया है।
Reforming Lives, Rebuilding Economy
- Author Name:
Vivasvan Shastri +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stri-Vimarsh : Vividh Pahlu
- Author Name:
Kalpana Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Duniya Ke Tanashahon Ki Dastan
- Author Name:
Vasindra Mishra
- Book Type:

- Description: तानाशाही प्रवृत्तियाँ कब और कैसे किसी देश में पैदा हो जाती हैं, इसको जानना और समझना आवश्यक है। किसी भी देश और वहाँ के नागरिकों को बदलती परिस्थितियों पर तीक्ष्ण दृष्टि रखते हुए सदैव सजग रहना चाहिए और साथ ही साथ ऐसे कदम उठाने चाहिए ताकि ऐसी प्रवृत्तियों को जड़ जमाने का अवसर ना मिले। इस पुस्तक में लेखक ने अपने लम्बे पत्रकारिता-जीवन में संचित अनुभव को शामिल करते हुए विभिन्न देशों में समय-समय पर पैदा हुईं परिस्थितियों का विश्लेषण करते जो तथ्यात्मक विवरण दिया है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है। —विजय शंकर पांडे, आईएएस, पूर्व सचिव भारत सरकार तानाशाही केवल राष्ट्रीय नेता नहीं करते हैं, यह ग्राम प्रधान से लेकर के हम सब अपने कार्यस्थल और निवास में भी इसका बीजारोपण करते हैं। येन-केन प्रकारेण हम अपने अधीनस्थ और हम पर निर्भर रहने वाले लोगों का शोषण किस प्रकार कर सकते हैं, इस पुस्तक में यह भली-भाँति इंगित किया गया है। यह पुस्तक ना केवल विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य सामान्य जन के लिए उपयोगी होगी, बल्कि इस विषय पर शोध करने वाले छात्रों के लिए भी बहुमूल्य साबित होगी। —डॉ विक्रम सिंह चांसलर, नोएडा इंटरनेशनल युनिवर्सिटी पूर्व डीजीपी, उत्तर प्रदेश जैसे-जैसे तानाशाहों के हाथ में सत्ता का केंद्रीकरण हुआ, उनका पतन शुरू हो गया। फलस्वरूप कुछ ने आत्महत्या किया, कुछ मारे गए और कुछ को देश छोडऩा पड़ा। लेकिन इस दौर में उन्होंने देश को तबाह कर दिया। वासिंद्र मिश्र की इस पुस्तक में भले ही तानाशाहों की कहानी मात्र कही गई है लेकिन पाठकों के लिए तानाशाही प्रवृत्तियों को समझने के लिए यह पुस्तक बहुत उपयोगी है। —चन्द्र भषण पाण्डेय पूर्व न्यायाधीश
Upanyas Ki Pahchan : Divya
- Author Name:
Gopal Ray
- Book Type:

- Description: यशपाल के उपन्यास ‘दिव्या’ का प्रकाशन 1945 में हुआ था। उपन्यास के प्रकाशन के साथ ही यह ऐतिहासिक कथानक का उपन्यास होने के कारण उसी रूप में अपनी पैठ बना रहा था। कई बार इसके कथ्य को ध्यान में रखते हुए इसे बौद्धकालीन उपन्यास कहा गया है। जैसा कि ऐतिहासिक उपन्यासों के साथ अक्सर होता है 'दिव्या' के साथ भी वही परम्परा चल पड़ी अर्थात् उपन्यास के कथानक को बौद्धकालीन प्रामाणिकता पर परखना आलोचकों ने समीचीन समझा। बहरहाल। गोपाल राय की ‘उपन्यास की पहचान’ शृंखला में ‘दिव्या’ पाँचवीं पुस्तक है। आलोचक ने अपने स्तर पर न केवल कथानक की समीचीनता की पड़ताल की है बल्कि ‘अतीत, इतिहास और उपन्यास’ पर एक अध्याय भी इस पुस्तक के आरम्भ में रख दिया है। मूलत: मूल रचनाओं की पड़ताल करते हुए आलोचक मूल पाठ की व्यावहारिक आलोचना को भी प्राथमिकता देते हैं। ‘दिव्या’ के मूल पाठ पर गोपाल राय ने इन्हीं कड़ियों को सूत्रबद्ध करने का कार्य किया है। जैसे कि ‘दिव्या’ का कथा-संसार और उसके मार्मिक प्रसंग, पात्र, ऐतिहासिकता की कसौटी, दिव्या में चित्रित समाज और भारतीय संस्कृति अस्मितामूलक नारी-विमर्श की झलक, शिल्प और भाषा आदि-आदि की रचनात्मकता के स्तर पर गोपाल राय ने उपन्यास को खँघालने का महत्ती कार्य पूरा किया है। अत: उक्त आयामों की विविधता में उपन्यास की दृष्टि से दिव्या का मूल्यांकन गोपाल राय का इस आलोचनात्मक पुस्तक में प्राथमिक ध्येय रहा है। इस कार्य में वे कितनी उत्कृष्टता प्राप्त कर पाए हैं यह इस पुस्तक के अध्ययन से स्पष्ट होगा। यह भी ज्ञान होगा कि पाठ्यक्रमों की सीमाओं को पार करते हुए कोई आलोच्य कृति कितनी समयानुकूल और प्रासंगिक ठहरती है।
DNA of Bharat : The World Guru
- Author Name:
Dr. Jaikaran
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sundar Pichai : Google Ka Bhavishya
- Author Name:
Jagmohan S. Bhanver
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chuni Hui Bal Kahaniyan-I
- Author Name:
Ed. Rohitashva Asthana
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Shikshak Bahali "Teacher Recruitment" Class 11 To 12 Rajneeti Vigyan "Political Science" 20 Practice Sets- Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat ki Rajneeti ka Uttarayan
- Author Name:
Suryakant Bali
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dictionary of Verbs
- Author Name:
Harmik Vaishnav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Best Management Quotes
- Author Name:
Suresh Mohan Semwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Telugu Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Balshauri Reddy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Acharya Chanakya
- Author Name:
Anil Kumar 'Salil'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book