Mahavrati : Karmayogi Pracharak Sohan Singh
(0)
₹
200
₹ 160 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789386231659
-
Pages272
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Nyayapalika ke Bahuaayam
- Author Name:
Dr. Prabhat Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 6-8 "Ganit Evam Vigyan" Maths & Science Part-3 | Complete Study Guide (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Trilochan Rachanawali Vol. 1-4
- Author Name:
Trilochan
- Book Type:

-
Description:
जनसाधारण की दुख-प्रसूत स्थानिक संवेदना को कविता में ढालकर मनुष्यता की सार्वभौमिक चेतना से जोड़ने वाले, शास्त्र की सटीकता और जनजीवन के नित नवीन अनुभवों को कई-कई छन्दों में अंकित करनेवाले विद्वान कवि त्रिलोचन हिन्दी के विराट कविता-लोक में अपनी तरह के अनूठे हस्ताक्षर हैं।
कई भाषाओं के ज्ञाता, संस्कृत के विद्वान और प्रगतिशील चेतना से सम्पन्न कवि त्रिलोचन ने रोला और बरवै जैसे प्राचीन छन्दों को भी साधा, गीत-ग़ज़ल भी लिखे और 'सॉनेट' जैसे विदेशी छन्द को हिन्दी का अपना बना दिया। मुक्त-छन्द भी लिखा और 'गद्य-वद्य' लिखते हुए आलोचना को भी एक आत्मीय रंग दिया।
यह त्रिलोचन की रचनावली है, जिसकी ज़रूरत लम्बे समय से महसूस की जा रही थी। त्रिलोचन महज़ एक कवि नहीं, कविता के विद्यालय थे; मौज़ूदा और आनेवाले रचनाकार उनसे हमेशा ही सीख सकते हैं। प्रस्तुत रचनावली में त्रिलोचन का सम्पूर्ण संकलित है।
कविताओं के साथ-साथ त्रिलोचन ने आलोचनात्मक गद्य भी लिखा। इस खंड में उनके द्वारा लिखित आलोचनात्मक लेखों, समीक्षाओं आदि को लिया गया है। कविता हो या गद्य उन्होंने बोलचाल की भाषा को ही प्राथमिकता दी। यह इन आलेखों से भी ज़ाहिर होता है। कुछ अप्रकाशित लेख भी यहाँ प्रस्तुत हैं। साथ में उनकी दैनन्दिनी भी।
MADE FOR EACH OTHER
- Author Name:
Shivani A Singh
- Book Type:

- Description: When Devendre went to visit his uncle’s house in the hills, he had no idea that he would meet a girl who would make him forget all his principles and blow apart his peace of mind. All Geetanjali wanted from life was to study science and cycle up and down the hills and valleys with her new friends. Then she met Devendre. Follow their journey from a small town called Bhadeshwar to Muzaffarpur to Delhi and Bombay in this historical novel set in 1968 India. Did Devendre overcome his demons? Did Geetanjali become the person she wanted to be?
Naye Bharat Ka Samved "नए भारत का सामवेद" Book in Hindi
- Author Name:
Narendra Modi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Alvida Anna
- Author Name:
Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Roop Singh Chandel Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Roopsingh Chandel
- Book Type:

- Description: वरिष्ठ कथाकार रूपसिंह चंदेल बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। कहानी, उपन्यास, संस्मरण, आलोचना आदि गद्य की अनेक विधाओं में उन्होंने सृजन किया है। आलोचकों ने उन्हें लोकधर्मी कथाकार कहा है। युवा आलोचक डॉ. बिभा कुमारी के अनुसार, कथाकार रूपसिंह चंदेल की कथाओं में एक ओर मिट्टी की सोंधी खुशबू की अनुभूति प्राप्त होती है तो दूसरी ओर महानगरीय जीवन, टूटते संबंध, मशीनी जीवन, मनुष्य द्वारा मनुष्य का उपयोग किया जाना इत्यादि विसंगतियों का जीवंत और साक्षात् चित्रण है। वरिष्ठ आलोचक डॉ. पंकज साहा के अनुसार, विश्व के महान् लेखक अल्बेयर कामू के लेखन में हिंसा, अत्याचार एवं क्रूरता के खिलाफ जो स्वर हैं, वही स्वर चंदेलजी की रचनाओं में भी देखने को मिलते हैं। कामू की तरह चंदेलजी की भी सृजनात्मक पारदर्शिता अपने समय की मानवीय चेतना एवं उसकी समस्याओं का उद्घाटन करती है। युवा आलोचक उमाशंकर सिंह परमार मानते हैं कि रूपसिंह चंदेल अपनी कहानियों में जब यथार्थ का चित्र प्रस्तुत करते हैं, तब वे कतई आदर्शवादी नहीं रहते हैं, न ही वे सच को छिपानेवाले आदर्श से सम्मोहित हैं। यथार्थ यहाँ कटु यथार्थ के रूप में आता है और वह पाठक को झकझोरते हुए झूठी मान-मर्यादा, नैतिक पतन, मूल्यहीनता और शोषण में संलग्न लोकतंत्र के प्रहरियों पर प्रहार करता है।
Raag Ashesh
- Author Name:
Raviraj Patel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pehla Sanatan Hindu "पहला सनातन हिंदू" Book in Hindi- Ratneshwar
- Author Name:
Ratneshwar Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ram Leela Maidan
- Author Name:
Anuranjan Jha
- Book Type:

- Description: Articles Based on Social, Politics
Aghori: An Untold Story of Shamshan Wasi | How They Different From Naga Warrior Sadhu | Unlocking The Forbidden Knowledge, Mystical Powers, And Spiritual Liberation of The Aghori Sadhu Hindi Edition
- Author Name:
Suman Bajpai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Patrakarita Ke Yug Nirmata
- Author Name:
Arjun Tiwari +2
- Book Type:

- Description: वाजपेयीजी ने हिंदी पत्रकारिता कला के निखार के लिए इसके विभिन्न पक्षों पर भरपूर लेखन किया। कलकत्ता से प्रकाशित ‘हिंदी बंगवासी’ (1905) से पत्रकारिता प्रारंभ करने वाले वाजपेयीजी ने मासिक पत्र ‘नृसिंह’ (1907) का संपादन किया। ‘भारतमित्र’ के प्रधान संपादक बनने के पूर्व वाजपेयीजी ने कुछ समय तक ‘सनातन धर्म’ पत्रिका का भी संपादन किया। 1920 में उन्होंने ‘स्वतंत्र’ साप्ताहिक का प्रकाशन किया। हिंदी पत्रकारिता को उच्चता और समृद्धि देने वाले तीन मराठी भाषी यशस्वी संपादकों में माधवराव सप्रे, बाबूराव विष्णु पराड़कर एवं लक्ष्मण नारायण गर्दे का नाम इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है, जिन्होंने राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रति अगाध श्रद्धा और लगन का परिचय अपने श्रेष्ठ संपादकीय कौशल एवं पत्रकारी लेखन से दिया। गर्देजी आजीवन आर्थिक कठिनाइयों से जूझते रहे, किंतु उन्होंने कभी समझौते नहीं किए। अपनी ‘कलम’ की स्वतंत्रता की रक्षा पूरी धर्म-निष्ठा से की। श्रेष्ठ व्यंग्यकार और स्वनामधन्य संपादक अशोकजी ने अपनी लेखन और संपादन क्षमता, पत्रकारिता के प्रति अटूट समर्पण और निष्ठा की बदौलत ‘स्वतंत्र भारत’ को लोकप्रिय एवं प्रतिष्ठित अखबार बना दिया था। अशोकजी की ही अनुशंसा पर दैनिक ‘स्वतंत्र भारत’ के दूसरे संपादक योगींद्रपति त्रिपाठी ने अपनी अप्रतिम कर्मनिष्ठा से इसे उत्तर प्रदेश का विश्वसनीय और लोकप्रिय अखबार बनाया। त्रिपाठीजी लगातार 18 बरसों तक इसके संपादक रहे। त्रिपाठीजी विद्वत्ता और सादगी की प्रतिमूर्ति थे। वे उच्चकोटि के सुलझे हुए पत्रकार थे।
Hind Swaraj Aur Naya Manvantar
- Author Name:
S.S. Pandharipande
- Book Type:

- Description: ‘हिन्द स्वराज और नया मन्वन्तर’ पुस्तक अतीत की घटनाओं अथवा भविष्य की आशाओं पर ध्यान केन्द्रित करने के बजाय सीधे वर्तमान में ‘हिन्द स्वराज’ की जाँच करती है और उसकी उपयोगिता और व्यापकता पर जोर देती है। मनुष्य एक बुद्धिमान प्राणी है, इस धारणा पर आधारित पश्चिमी सभ्यता ने मनुष्य की अन्तर्निहित बौद्धिक क्षमताओं को कुन्द कर दिया है और एक ‘उपभोक्ता’ के रूप में मनुष्य की वास्तविक पहचान को चुनौती दी है। मनुष्य आज उपभोग के इस जलते कुंड में अपना कुछ भी स्वाहा कर देने को उद्धत है। ऐसे अवसरों पर, गांधी जैसे धार्मिक सन्त का यज्ञ-मंडप में खड़ा होना और इस विनाश-सत्र को समाप्त करने का आह्वान करना वह मूल प्रेरणा है जो किसी को ‘हिन्द स्वराज’ पढ़ने के बाद अपने अन्तर में महसूस करना चाहिए; पांढरीपांडे की इस किताब को पढ़ने के बाद वह मूल प्रेरणा आसानी से महसूस होती है। हम जानते हैं कि गांधी-विचार के प्रमुख टिप्पणीकार महाराष्ट्र में हुए। विनोबा भावे, नं. द. जावड़ेकर, दादा धर्माधिकारी आदि की इस समृद्ध परम्परा में प्रो. सु. श्री. पांढरीपांडे भी शामिल हैं। मुझे विश्वास है कि वे इस परम्परा को और समृद्ध करेंगे और उनकी यह कृति पाठकों के विचार जगत में सार्थक और सकारात्मक हस्तक्षेप करेगी। —डॉ. सदानन्द मोरे
Success Principles of Bill Gates : Secrets Behind the Success of the Microsoft Billionaire
- Author Name:
Shikha Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Thakkar Bapa
- Author Name:
Sweta Parmar "Nikki"
- Book Type:

- Description: ‘ठक्कर बापा’ अद्भुत व्यक्तित्व के स्वामी थे। लोगों का कहना था कि वे अपने आप में एक संस्था थे। वे जिस युग में थे, वहाँ समाज के दुर्बल अंग की उपेक्षा की जा रही थी; तब बापा ने दलितों और पिछड़े वर्ग को साथ लेकर प्रगति का रास्ता पकड़ा। उनकी अडिग लोक-सेवा ने हर दीन-दुःखी और गरीब को सम्मान दिया और उन्हें सबका बापा बना दिया। राष्ट्रपिता बापू भी उन्हें बापा ही कहा करते थे। अपने जीवन के अंतिम क्षण तक जिस अपूर्व निष्ठा, अनन्य भक्ति व अथक परिश्रम से उन्होंने अपना सेवा-व्रत निभाया, वह निस्संदेह बेजोड़ कहा जा सकता है। बापा विनम्रता और सरलता की मूरत थे; जब काका कालेलकर ने उनसे लेखन के लिए कहा तो वे बोले, ‘‘मेरे जीवन में ऐसा कुछ नहीं है, जो लिखने लायक हो।’’ उन्हें भाषण देना नहीं आता था और न ही वे साहित्यिक भाषा में लेख लिखते थे, बस उन्हें डायरी लिखने का शौक था। मानवता को सबसे बड़ा धर्म मानकर शोषित-उपेक्षितों के कल्याण और सुख के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करनेवाले सेवाव्रती कर्मयोगी ठक्कर बापा की प्रेरक-पठनीय जीवनी है यह पुस्तक।
Mahatma Jotiba Phule Rachanawali : Vols. 1-2
- Author Name:
Mahatma Jotiba Phule
- Book Type:

- Description: यह किताब जोतिबा फुले (जोतिराव गोविन्दराव फुले : 1827-1890) की सम्पूर्ण रचनाओं का संग्रह है। सन् 1855 से सन् 1890 तक उन्होंने जितने ग्रन्थों की रचना की, सभी को इसमें संगृहीत किया गया है। उनकी पहली किताब ‘तृतीय रत्न’ (नाटक) सन् 1855 में और अन्तिम ‘सार्वजनिक सत्यधर्म’ सन् 1891 में उनके परिनिर्वाण के बाद प्रकाशित हुई थी। जोतिराव फुले की कर्मभूमि महाराष्ट्र रही है। उन्होंने अपनी सारी रचनाएँ जनसाधारण की बोली मराठी में लिखीं। उनका कार्य और रचनाएँ अपने समय में भी विवादास्पद रहीं और आज भी हैं। लेकिन उनका लेखन हर पीढ़ी में सामाजिक क्रान्ति की चेतना जगाता रहेगा, इसमें कोई सन्देह नहीं। उनकी यह रचनावली उनके कार्य और चिन्तन का ऐतिहासिक दस्तावेज़ है।
15 Practice Sets for REET Rajasthan Adhyapak Patrata Pariksha Level 1 (Class 1 to 5 ) Exam 2022
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Law of Attraction and Practical Mental Influence
- Author Name:
William Walker Atkinson
- Book Type:

- Description: In this New Thought classic, Atkinson looks at the law of attraction in the thought world. He points out the similarities between the law of gravitation and the mental law of attraction. He explains that thought vibrations are as real as those manifesting as light, heat, magnetism and electricity. The difference is in the vibratory rate which also explains the fact that thought vibrations cannot usually be perceived by our 5 senses. This is a really inspiring book. It gets you focused on your dreams and goals with very simple to understand directions. Everyone who reads and applies the information with a spirit of enthusiasm can feel the transformation in his life.
Brhat Vishwa Sukti Kosha ( I To III)
- Author Name:
Shyam Bahadur Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MERE DESH KE AITIHASIK STHAL (BASANT)
- Author Name:
Basant
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book