Mahan Krantiveer Rasbehari Bose
(0)
₹
125
₹ 100 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789386231970
-
Pages160
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
The Jungle Book
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kala Aur Sanskriti
- Author Name:
Vasudev Sharan Agarwal
- Book Type:

-
Description:
कला और संस्कृति' समय-समय पर लिखे हुए मेरे कुछ निबन्धों का संग्रह है। 'संस्कृति' मानव जीवन की प्रेरक शक्ति और राष्ट्रीय जीवन की आवश्यकता है। वह मानवी जीवन को अध्यात्म प्रेरणा प्रदान करती है। उसे बुद्धि का कुतूहल मात्र नहीं कहा जा सकता। संस्कृति के विषय में भारतीय दृष्टिकोण की इस विशेषता का प्रस्तुत लेखों में विशद वर्णन किया गया है।
लोक का जो प्रत्यक्ष जीवन है, उसको जाने बिना हम मानव जीवन को पूरी तरह नहीं समझ सकते। कारण भारतीय संस्कृति में सब भूतों में व्याप्त एक अन्तर्यामी अध्यात्म तत्त्व को जानने पर अधिक बल दिया गया है। हमारी संस्कृति उन समस्त रूपों का समुदाय है जिनकी सृष्टि ही मानवीय प्रयत्नों में यहाँ की गई है। उनकी उदात्त प्रेरणाओं को लेकर ही हमें आगे बढ़ना होगा। स्थूल जीवन में संस्कृति की अभिव्यक्ति ‘कला' को जन्म देती है। कला का सम्बन्ध जीवन के मूर्त रूप से है। कला मानवीय जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है। वह कुछ व्यक्तियों के विलास साधन के लिए नहीं होती। वह शिक्षण, आनन्द और अध्यात्म साधना के उद्देश्य से आगे बढ़ती है। इसी से जहाँ जो सौन्दर्य की परम्परा बची है, उसे सहानुभूति के साथ समझ कर पुन: विकसित करना होगा। भारतीय कला न केवल रूप विधान की दृष्टि से समृद्ध है, वरन् उसकी शब्दावली भी अत्यन्त विकसित है। समय रहते कला की पारिभाषिक शब्दावली की रक्षा करना भी हमारा आवश्यक कर्त्तव्य है।
अन्त में यह कहा जा सकता है कि पूर्व मानव के जीवन में जो महत्त्व धर्म और अध्यात्म का था, वही अपने वाले युग में कला और संस्कृति को प्राप्त होगा।
—भूमिका से
R.N. Kao: A Complete Biography - Founder Chief of RAW
- Author Name:
Vipul Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bandhu Bihari
- Author Name:
Sankarshan Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Crash Of A Civilization
- Author Name:
Kanchan Banerjee
- Book Type:

- Description: The Current condition of each citizen, the society, and the nation are the result of a deeply complex history. But what we know from history books, especially academic textbooks, are constructs based on the narratives of political powers, colonists, and outdated socioeconomic analysts. The time has come to know and understand our true history from fresh and updated perspectives. The subject of this book is how foreign ideologies and forces Christian, Islamic, and later colonists, western and Marxists' profound and long-term influence have impacted India, her society, and people. With a computer science back- ground, Kanchan Banerjee makes this remarkable and significant contribution, attempting to depict the current era with unique and lively storytelling using carefully studied evidence, logical deduction, and analysis. He has given detailed and comprehensive descriptions and assessments from pre-Islamic Arabia's history, foreign attacks and invasions of the Huns, the Turks to the Islamic rule and occupation in Delhi, and the British colonial and imperial atrocities. How did the crash and fall of a great ancient civilization happen? How has it been wounded the body and soul of a nation to break into several pieces? And what is the way to change the direction to the path of recovery and revival? This book is an effort to find the answers to these questions from our true history. If we know our past, we can change our future as well.
Indian Politics & Our Thought
- Author Name:
Rajnath Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hum Sab Fake Hain
- Author Name:
Neeraj Badhwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Anyatra
- Author Name:
Ashok Vajpeyi
- Book Type:

- Description: अपने समय के कुछ मूर्धन्य लेखकों, चित्रकारों और संगीतकारों के साथ बातचीत करने का अवसर मिलना हर तरह से सौभाग्य कहा जाएगा। ऐसी बातचीत में अकसर किसी व्यक्ति की जिन्दगी, दृष्टि, उलझनों और उत्सुकताओं के अनेक अनजाने पहलुओं से साक्षात् हो पाता है। इनमें से अधिकांश साक्षात्कार ‘आलोचना’ (त्रैमासिक) और ‘पूर्वग्रह’ में प्रकाशित हुए थे। उनका शुरू से ही आग्रह अनौपचारिक आलोचना को भी जगह देने का था और ये उसी का हिस्सा थे। तब जानबूझकर बातचीत का स्वाद बनाए रखने के लिए उसे लगभग जस का तस दे दिया जाता था। इतने बरसों बाद अब शायद इसलिए कहीं-कहीं अटपटापन लगे, पर उस समय के स्वाद का भी पता चले, इसलिए उस सामग्री में नोक-पलक सुधारने की कोशिश नहीं के बराबर की गई है। कई बार बातचीत मैंने अकेले नहीं की है। उसमें नामवर सिंह, विजयदेव नारायण साही, रमेशचन्द्र शाह, राहुल बारपुते, भगवत रावत, गीता कपूर, मंगलेश डबराल, उदय प्रकाश, सुदीप बनर्जी, सत्येन कुमार, ज्योत्स्ना मिलन, मदन सोनी, उदयन वाजपेयी भी शामिल थे। जो परिसंवाद शामिल किया गया है उसमें कुँवर नारायण, नेमिचन्द्र जैन, रघुवीर सहाय, कमलेश, जगदीश स्वामीनाथन, विजय मोहन सिंह भी शामिल थे। इन सभी के प्रति कृतज्ञता। उनकी शिरकत से कई बातचीतें अनेक दृष्टियों का समवाय भी बन पाई हैं। जिनसे बातचीत की गई थी उनमें से जैनेन्द्र कुमार, आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी, शमशेर बहादुर सिंह, रघुवीर सहाय, निर्मल वर्मा, पण्डित कुमार गन्धर्व और चेस्लाव मीलोष अब इस संसार में नहीं हैं। पहली बातचीत 1976 की है और आखि़री 2006 की। अगर बातचीत को एक निजी विश्लेषण और आकलन मानें तो यह लगभग 30 वर्षों में फैला ऐसा दस्तावेज़ है जो उसे एकत्र करता है।—भूमिका से
Bhasha Ki Khadi
- Author Name:
Om Nishchal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Muktibodh Samagra : Vols. 1-8
- Author Name:
Gajanan Madhav Muktibodh
- Book Type:

-
Description:
मुक्तिबोध की कविताओं के बारे में यदि शमशेर बहादुर सिंह के शब्दों में कहें तो उनकी ‘कविता, अद्भुत संकेतों-भरी, जिज्ञासाओं से अस्थिर—कभी दूर से ही शोर मचाती, कभी कानों में चुपचाप राज़ की बातें कहती चलती है। हमारी बातें हमीं को सुनाती है और हम अपने को एकदम चकित होकर देखते हैं, और पहले से और भी अधिक पहचानने लगते हैं।’
और मुक्तिबोध समग्र के रूप में, ‘हमारी बातें हमीं को’ सुनानेवाली उनकी कविताओं का यह पहला खंड है। इसमें 1935 से लेकर 1956-57 तक की कविताएँ हैं जिनमें प्रारम्भिक काव्य-प्रयासों से लगाकर आधुनिक हिन्दी-कविता में अपना अलग, निजी मुहावरा हासिल कर लेने तक मुक्तिबोध के काव्य-व्यक्तित्व के विकास के सभी चरण एक साथ मौजूद हैं। साथ ही परवर्ती लेखन में अनुभव और सृजन सम्बन्धी जिन उलझनों, अन्तर्द्वन्द्वों और उनकी अभिव्यक्ति का सशक्त और अनोखा रूप सामने आया, उसकी शुरुआत भी प्रारम्भिक रचनाओं तथा तार सप्तककालीन कविताओं में साफ़ देखी जा सकती है। इस दृष्टि से यह खंड मुक्तिबोध-काव्य के प्रेमी पाठकों के लिए निस्सन्देह एक नया अनुभव होगा।
Cinema Aur Sansar
- Author Name:
Udyan Vajpeyi
- Book Type:

- Description: ऋत्विक घटक और सत्यजीत राय के बाद कुमार शहानी और मणि कौल सम्भवतः देश के सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण फ़िल्मकार रहे हैं। इनकी फ़िल्मों ने न सिर्फ़ हमारे फ़िल्म के देखने में बुनियादी बदलाव लाया है बल्कि इन फ़िल्मों की रोशनी में हम वास्तविकता और स्वयं अपने आप को भी कुछ और तरह से ही अनुभव करने के रास्ते खोज सके हैं या खोज सकते हैं। कुमार ने जो भी फ़िल्म बनायी है वह अपनी तरह की ‘क्लासिक’ है। उनकी फ़िल्में दुनियाभर के प्रयोगशील और दृष्टि सम्पन्न फ़िल्मकारों के लिए निरन्तर प्रेरणा का स्रोत रही हैं। यह संयोग नहीं कि कुमार शहानी को विश्व के श्रेष्ठ सिनेमा शिक्षकों में गिना जाता है। कुमार अपनी हर फ़िल्म में फ़िल्म बनाने के नये मार्गों की खोज करते हैं और वे निरन्तर इस खोज के लिए विशेषकर भारतीय प्रदर्शनकारी कलाओं और संगीत आदि की परम्परा को गहरे से गहरे तक समझने और टटोलने का मानो अनवरत प्रयास करते रहते हैं। उनकी फ़िल्में भारतीय और वैश्विक कला परम्परा से संवाद करती हुई आकार ग्रहण करती हैं। कुमार शहानी से बात करना हमेशा हर्षित करता है। वे अपने भीतर दुनिया की तमाम कला परम्पराओं के बहावों को मानो लेकर चलते हैं, चाहे वह ख़याल संगीत हो या मिनिएचर चित्र, पश्चिमी शास्त्रीय संगीत हो या कुडियाट्टम नृत्य, ध्रुपद संगीत हो या भक्ति कविता या दरवेशों का अपनी धुरी पर लगातार घूमना। वे बात करते-करते कब किसी विशेष संगीत के रूपाकार के किसी दूरस्थ दार्शनिक दृष्टि के लगभग अनदेखे बिन्दु पर जाकर ठहरेंगे, इसका कोई ठिकाना नहीं होता। इसीलिए उनसे बात करना अनिवार्य रूप से गहन कलात्मक और दार्शनिक अनुभव होता है। —प्रस्तावना से
Ye Kya Hai Maa?
- Author Name:
Dr. Suresh Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pt. Deendayal Upadhyaya
- Author Name:
Mahesh Chandra Sharma
- Book Type:

- Description: ‘‘हमारी राष्ट्रीयता का आधार ‘भारत माता’ हैं, केवल भारत नहीं। माता शब्द हटा दीजिए तो भारत केवल जमीन का एक टुकड़ा मात्र रह जाएगा। इस भूमि का और हमारा ममत्व तब आता है, जब माता वाला संबंध जुड़ता है। कोई भी भूमि तब तक देश नहीं कहला सकती, जब तक कि उसमें किसी जाति का मातृक ममत्व, यानी ऐसा ममत्व, जैसा पुत्र का माता के प्रति होता है, न हो। वही देशभक्ति है, तथापि देशभक्ति का मतलब जमीन के टुकड़े के साथ प्रेम होना मात्र नहीं है, अन्यथा कई पशु-पक्षी भी तो अपने घर से बहुत प्रेम करते हैं। साँप अपना बिल नहीं छोड़ता, शेर माँद में ही निवास करता है, पक्षी अपने घोेंसले में रोज लौट आते हैं, किंतु वे देशभक्त हैं, ऐसा नहीं कहा जा सकता। मानव भी जहाँ रहता है, वहाँ से उसका कुछ-न-कुछ लगाव हो ही जाता है, फिर भी इतने मात्र से देशभक्ति नहीं आती। उन लोगों का प्रेम ही देशभक्ति कही जाएगी जो देश में एक जन के नाते संबद्ध हैं। पुत्र रूप एक जन और माता रूप भूमि के मिलन से ही देश की सृष्टि होती है। वही देशभक्ति है, जो अमर है।’’ —पं. दीनदयाल उपाध्याय
Katha Ek Kans Ki "कथा एक कंस की" | A Classic Play of Theatre Book in Hindi
- Author Name:
Daya Prakash Sinha
- Rating:
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maheep Singh ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Maheep Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Priya
- Author Name:
Abhimanyu Unnuth
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Meri Udaan
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: अपूर्व साहस, पराक्रम, दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता का परिचय देकर समाज में निर्भयता का भाव जाग्रत् करने में अग्रणी विभूति हैं वरिष्ठ आई.पी.एस. अधिकारी श्री रॉबिन हिबू, जिन्होंने अत्यंत संघर्षों एवं अभावों से जूझकर स्वयं को मजबूत बनाया। उन्हें हर कदम पर आवाँ की अग्नि मिलती रही और वे उस आवाँ में तपकर कुंदन बनते रहे । शिक्षा को उन्होंने अपने जीवन का प्रमुख हथियार बनाया और इसी के बल पर उत्तर- पूर्वी राज्यों की दशा एवं दिशा सुधारने का बीड़ा उठाया। वे आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। जहाँ आई.पी.एस. बनकर वे नित नए प्रयोगों से पुलिस की छवि सुधारने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, वहीं उनके द्वारा गठित संस्था ' हेल्पिंग हैंड्स' उत्तर-पूर्व में बसे लोगों के लिए एक किश्ती बन गई है। एक ऐसी किश्ती, जिसमें सवार होकर उत्तर-पूर्व के युवा न केवल अपने सपनों को साकार कर सकते हैं, अपितु अपने लक्ष्य को प्राप्त कर समाज का एक प्रभावी अंग बनकर नए सुधार कर सकते हैं। अपनी कर्मशीलता से औरों को अद्भुत प्रेरणा देनेवाले, उनका आत्मविश्वास जाग्रत् कर समाज की मुख्यधारा में लाने का महती कार्य करनेवाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी श्री रॉबिन हिबू की पठनीय एवं प्रेरक जीवनी ।
Veerangna Rani Durgavati "वीरांगना रानी दुर्गावती" Book In Hindi - Arun Diwaker Nath Bajpai
- Author Name:
Arun Diwaker Nath Bajpai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Neat Cursive Writing
- Author Name:
Prabhas Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
You Too Can Be An Intelligent Investor
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: The stock market is volatile and investors want to take advantage of these fluctuations. For this reason, when the market rises, they buy shares at high prices in the hope that the market will rise even more, and when the market starts falling, they sell the shares at a very low rate based on the concept of stop loss. But by doing so, they convert themselves into speculators instead of an investor. A smart and intelligent investor must always analyse the long-term growth potential of a company and the efficiency of its management before making an investment. This book is a Complete Guide to Investing in Stock Markets, Real Estate, Mutual Funds, Commodities and Currencies; Key Investing Facts from New Investments to Advanced Level in One Book. Special Attractions of this book: 1. Super Breakout Method for Intraday 2. I-5 Methods for Regular Monthly Income from NiftyBeez 3. Flow Method of Investing in Commodities Like Gold and Silver 4. Calendar Spread Method of Currency Trading
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book