Karyalayeeya Hindi
(0)
₹
800
640 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"कार्यालयीय हिंदी ’70 के दशक के बाद की नवउदारवादी नीतियों, वृहद् नव-पूँजीवाद और बदलते बाजारूपन ने हिंदी को कई तरह की ‘करणत्रयी’ का शिकार बना दिया। एक ओर हिंदी भूमंडलीकरण, वैश्वीकरण तथा बाजारीकरण की गिरफ्त में आई तो दूसरी तरफ सत्ता और स्वार्थ के खेल ने इसे अंग्रेजीकरण, अरबीकरण तथा फारसीकरण में जकड़ दिया। परिणाम हुआ—हिंदी में कई तरह की विकृतियाँ व विकार पैदा हो गए। इस नए डिजिटल युग में ये सारे संकट हिंदी के सामने गैर-जमानती वारंट की तरह खड़े हो गए। भूमंडलीकरण अर्थात् पश्चिमीकरण एवं औपनिवेशिक प्रभाव के चलते हिंदी में ढेरों खामियाँ पसर गईं। इसके वाक्य-विन्यास, मुहावरे, हिज्जे, अंदाज और आवाज ने हिंदी को भ्रष्ट बना दिया। कुल मिलाकर हिंदी का पारंपरिक अनुशासन टूट रहा है। मोबाइल फोन और फेसबुक आदि यांत्रिक संचार साधनों पर भेजे जाने वाले संदेशों ने हिंदी व्याकरण और वाक्य-संरचना आदि को फिलहाल छिन्न-भिन्न कर ही दिया है, कार्यालयों में भी हिंदी-प्रयोग के प्रति अन्यमनस्कता-उदासीनता देखी जा रही है। अतः इन सब समस्याओं को दृष्टि में रखते हुए विशिष्ट भाषा और शिल्प-शैली में लिखी गई इस पुस्तक में कार्यालयों में हिंदी प्रयोग एवं राजभाषा के उपयोग को विश्वस्त, समृद्ध तथा सुगम-सरल बनाया गया है। विश्वास है, हिंदी जगत् इससे लाभान्वित होगा। "
Read moreAbout the Book
"कार्यालयीय हिंदी
’70 के दशक के बाद की नवउदारवादी नीतियों, वृहद् नव-पूँजीवाद और बदलते बाजारूपन ने हिंदी को कई तरह की ‘करणत्रयी’ का शिकार बना दिया। एक ओर हिंदी भूमंडलीकरण, वैश्वीकरण तथा बाजारीकरण की गिरफ्त में आई तो दूसरी तरफ सत्ता और स्वार्थ के खेल ने इसे अंग्रेजीकरण, अरबीकरण तथा फारसीकरण में जकड़ दिया। परिणाम हुआ—हिंदी में कई तरह की विकृतियाँ व विकार पैदा हो गए। इस नए डिजिटल युग में ये सारे संकट हिंदी के सामने गैर-जमानती वारंट की तरह खड़े हो गए। भूमंडलीकरण अर्थात् पश्चिमीकरण एवं औपनिवेशिक प्रभाव के चलते हिंदी में ढेरों खामियाँ पसर गईं। इसके वाक्य-विन्यास, मुहावरे, हिज्जे, अंदाज और आवाज ने हिंदी को भ्रष्ट बना दिया। कुल मिलाकर हिंदी का पारंपरिक अनुशासन टूट रहा है। मोबाइल फोन और फेसबुक आदि यांत्रिक संचार साधनों पर भेजे जाने वाले संदेशों ने हिंदी व्याकरण और वाक्य-संरचना आदि को फिलहाल छिन्न-भिन्न कर ही दिया है, कार्यालयों में भी हिंदी-प्रयोग के प्रति अन्यमनस्कता-उदासीनता देखी जा रही है।
अतः इन सब समस्याओं को दृष्टि में रखते हुए विशिष्ट भाषा और शिल्प-शैली में लिखी गई इस पुस्तक में कार्यालयों में हिंदी प्रयोग एवं राजभाषा के उपयोग को विश्वस्त, समृद्ध तथा सुगम-सरल बनाया गया है। विश्वास है, हिंदी जगत् इससे लाभान्वित होगा।
"
Book Details
-
ISBN9789382901464
-
Pages368
-
Avg Reading Time12 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Share Market Mein Munafe Ke Mantra
- Author Name:
Sudha Shrimali
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KAISI-KAISI SAVARI
- Author Name:
Asha Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aspire Before You Expire: Top Motivational Speaker & Business Coach Book By Ujjwal Patni
- Author Name:
Dr. Ujjwal Patni
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Neta Nirman Udyog
- Author Name:
Hari Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gopi Ki Diary-4 Stories Hindi Translation of The Gopi Diaries: Gopi’s Day Out
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Who Will Bring Ramrajya : of My Dream and How It Can Be Achieved
- Author Name:
Amit Sharma
- Book Type:

- Description: This book is a unique blend of creative and solution based ideas. This book was written after a thorough research on the problems in our country relating to politics, health, education, justice, corruption, etc. This book provides solutions which are realistic, achievable, acceptable and easily implementable. This book, not only provide you with solutions but also explain how the funds can be arranged to implement these solutions. There is also a chapter named ‘Re-engineering Thought Process’ which gives several insights on the psyche of citizens, authorities and general population and how can they improve. Read this book, you will enjoy and become aware of India's bright future if these solutions get implemented.
Bharat Ka Savidhan By Dr. B.R. Ambedkar
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Skill Development In India
- Author Name:
Dr. B. Ramaswamy +2
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dictionary of Synonyms & Antonyms
- Author Name:
Anil Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Shiksha Ka Swaroop
- Author Name:
Dinanath Batra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KGB: Unheard Stories of Soviet Intelligence Agency | Hindi Translation of KGB: Untold History of Soviets Intelligence & Secret Force | N. Chokkan
- Author Name:
N. Chokkan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SCHOOLON MEIN YUAN-SHOSHAN ROKANE KE UPAYA
- Author Name:
Sadhna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Saral Hindi
- Author Name:
Ramvachan Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Parasmani Stories Book in Hindi
- Author Name:
Ramesh Chandra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Cello Tape Killer "सेलो टेप किलर" (Hindi Translation of Whisper To Me Your Lies)
- Author Name:
Novoneel Chakraborty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MADHUR BALGEET
- Author Name:
KOYAL
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gadya Ki Pahchan
- Author Name:
Arun Prakash
- Book Type:

- Description: अरुण प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि हिंदी में किस तरह 'विधा' का इस्तेमाल 'फॉर्म' और 'जेनर' दोनों अर्थों के लिए होता है। उनके अनुसार उपन्यास एक रूपबंध है जिसकी कई विधाएँ हो सकती हैं। मुख्य बात है, विधाओं या रूपबंधों की सैद्धांतिक कहानी उद्ïघाटित करना, जो 'गद्य की पहचान' में बड़े विस्तार और रोचक ढंग से है। पश्चिम के साहित्यिक सिद्धांतकारों ने फॉर्म और जेनर पर बड़े-बड़े काम किए हैं। मेरे देखने में हिंदी में इधर इस ढंग का यह पहला काम है, जिसमें कुछ बुनियादी सवाल उठाए गए हैं। इस संग्रह के निबंधों में अरस्तू से लेकर बाख्तिन, रोलां बार्थ, तोदोरोव, देरिदा आदि तक के विचारों पर चर्चा है। यह जानने की चीज है कि आखिरकार कोई रूपबंध क्यों अस्तित्व में आता है, किसी युग में कुछ खास रूपबंध या विधाएँ प्रधान क्यों हो उठती हैं, जीवनी जैसा प्राचीन रूपबंध अब भी क्यों जीवित है, जबकि महाकाव्य जैसा शक्तिशाली रूपबंध मर गया, क्या इस रूपबंध की कुछ सीमाएँ और नियम हैं, मिश्रण या संकरता क्यों घटित होती है, क्या नए रूपबंध या विधाएँ पुरातन के ही कायांतर हैं, चिर-परिचित रूपबंध पाठकीय मनोविज्ञान पर कैसा प्रभाव डालते हैं, साहित्यकार किसी रूपबंध से कितना रेजिमेंटेड होता है और कितना उसे तोड़कर नई जमीन देता है—अरुण प्रकाश ने ऐसे ढेरों प्रश्नों की रोशनी में गद्य की पहचान की है। शंभुनाथ (भूमिका से)
Shubh Vivah
- Author Name:
Rajni Borar
- Book Type:

- Description: "विवाह जैसे मांगलिक अवसर को शानदार एवं यादगार बनाने के लिए उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को इस पुस्तक में समाहित किया गया है। आपके यहाँ आयोजित शादी अपने सुव्यवस्थित अंदाज के कारण सदैव सराही जाए और यह जीवन के स्वर्णिम क्षण के रूप में सबके मनमस्तिष्क पर अमिट छाप छोड़ सके, इस हेतु इस पुस्तक में विवाह की रस्मों का सचित्र एवं प्रसंग सहित वर्णन करने का प्रयास किया गया है। यह पुस्तक न केवल निर्देशिका की तरह कार्य करेगी बल्कि विवाह की प्रत्येक रस्मरिवाज के साथसाथ एक मित्र व मार्गदर्शिका के रूप में भी कार्य करेगी। इसमें जहाँ एक तरफ न केवल संस्कारों की परंपरा और प्रासंगिकता का ध्यान रखा गया है, वहीं दूसरी तरफ आडंबरों पर चोट भी की गई है। इस पुस्तक में कुछ नए विषय, जैसे जेवर, विवाह का रजिस्ट्रेशन, वरवधू को परोटना आदि भी शामिल किए गए हैं। जैसेजैसे विवाह की रस्मरिवाजें परवान चढ़ती जाएँगी, वैसेवैसे इस पुस्तक की उपयोगिता व उपादेयता भी बढ़ती जाएगी। आपकी प्रतिक्रिया और सुझावों का सदैव इंतजार रहेगा।"
MUSALMAN AUR SHARNARTHI
- Author Name:
Sardar Patel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
21 Baal Kahaniyan (Hindi Translation of Collected Short Stories)
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: शामली कितनी दूर है? मैंने पूछा। “क्यों दोस्त, यही तो शामली है।'' उसने उत्तर दिया। मैंने आस-पास देखा, परंतु जीवन का कहीं नामोनिशान नहीं था। एक धूलभरी सड़क थी, जो स्टेशन से जंगल में गायब हो जाती थी। “कोई रहता है यहाँ?” मैंने प्रश्न किया। ''मैं रहता हूँ।'' उसने मुसकराते हुए जवाब दिया। वह एक खुश और भाग्यशाली व्यक्ति लग रहा था। उसने सूती अँगरखा और गंदा सफेद पैजामा पहना हुआ था। “कहाँ ?''मैंने पूछा। “अपने ताँगे में, और कहाँ ?”' उसने उत्तर दिया। —इसी संग्रह से सुप्रसिद्ध किस्सागो रम्किन बॉण्ड ने बड़ों के लिए बड़ी ही मनोरंजक कहानियाँ लिखी हैं; साथ ही बच्चों के लिए भी उनकी कहानियाँ खूब सराही गई हैं। प्रस्तुत संग्रह की 21 बाल कहानियाँ एक से बढ़कर एक हैं, जिनमें बच्चों के मनोविज्ञान, कल्पना लोक और वास्तविक धरातल की मिली-जुली कहानियाँ हैं, जो शिक्षाप्रद तो हैं ही, मनोरंजन और पठनरस से भरपूर भी हैं।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book