Hindi Aandolan Aur Nagari Pracharini Sabha
(0)
₹
250
₹ 200 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
उन्नीसवीं सदी का उत्तरार्द्ध हिन्दी भाषा के स्वरूप निर्माण के लिए एक महत्त्वपूर्ण दौर था। इस समय हिन्दी को एक सुनिश्चित रूप देने के लिए कई स्तरों पर संगठित प्रयास भी हो रहे थे। हिन्दी को राष्ट्रीयता का आधार-बिन्दु मानकर जहाँ विदेशी शासकों का मुकाबला किया जा रहा था, वहीं उसे हिन्दू धर्म से जोड़कर उसे एक धार्मिक प्रतीक के रूप में भी खड़ा किया जा रहा था। नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना इसी सामाजिक, सांस्कृतिक वातावरण में 1893 में हुई। यह आश्चर्यजनक है कि हिन्दी भाषा और साहित्य के लिए समर्पित इस संस्था को लेकर हिन्दी में कोई महत्त्वपूर्ण अध्ययन अब तक नहीं हुआ है। युवा अध्येता अमिष वर्मा का यह अध्ययन ‘हिन्दी आन्दोलन और नागरीप्रचारिणी सभा’ इस कमी को दूर करता है। सभी उपलब्ध स्रोतों की श्रम-साध्य पड़ताल के आधार पर सम्पन्न यह शोध हिन्दी आन्दोलन के सन्दर्भ में सभा की शुरुआती गतिविधियों और उसकी भाषा-नीति का विश्लेषण करता है। इस पुस्तक से हम हिन्दी-उर्दू के अन्तर्सम्बन्धों के इतिहास से भी परिचित होते हैं। इसमें उन ऐतिहासिक कारणों को समझने का प्रयास किया गया है जिनके चलते ये दोनों भाषाएँ न सिर्फ अलग हो गईं, बल्कि दो अलग धर्मों से भी जुड़ गईं, और अभिव्यक्ति का माध्यम न रहकर राजनीतिक औजार बन गईं। नागरीप्रचारिणी सभा की 1893-1902 की रिपोर्ट और पदाधिकारियों सम्बन्धी अन्य जानकारियाँ इस पुस्तक की विशेष उपलब्धि है जिसे परिशिष्ट में संयोजित किया गया है।
Read moreAbout the Book
उन्नीसवीं सदी का उत्तरार्द्ध हिन्दी भाषा के स्वरूप निर्माण के लिए एक महत्त्वपूर्ण दौर था। इस समय हिन्दी को एक सुनिश्चित रूप देने के लिए कई स्तरों पर संगठित प्रयास भी हो रहे थे। हिन्दी को राष्ट्रीयता का आधार-बिन्दु मानकर जहाँ विदेशी शासकों का मुकाबला किया जा रहा था, वहीं उसे हिन्दू धर्म से जोड़कर उसे एक धार्मिक प्रतीक के रूप में भी खड़ा किया जा रहा था। नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना इसी सामाजिक, सांस्कृतिक वातावरण में 1893 में हुई। यह आश्चर्यजनक है कि हिन्दी भाषा और साहित्य के लिए समर्पित इस संस्था को लेकर हिन्दी में कोई महत्त्वपूर्ण अध्ययन अब तक नहीं हुआ है।
युवा अध्येता अमिष वर्मा का यह अध्ययन ‘हिन्दी आन्दोलन और नागरीप्रचारिणी सभा’ इस कमी को दूर करता है। सभी उपलब्ध स्रोतों की श्रम-साध्य पड़ताल के आधार पर सम्पन्न यह शोध हिन्दी आन्दोलन के सन्दर्भ में सभा की शुरुआती गतिविधियों और उसकी भाषा-नीति का विश्लेषण करता है। इस पुस्तक से हम हिन्दी-उर्दू के अन्तर्सम्बन्धों के इतिहास से भी परिचित होते हैं। इसमें उन ऐतिहासिक कारणों को समझने का प्रयास किया गया है जिनके चलते ये दोनों भाषाएँ न सिर्फ अलग हो गईं, बल्कि दो अलग धर्मों से भी जुड़ गईं, और अभिव्यक्ति का माध्यम न रहकर राजनीतिक औजार बन गईं।
नागरीप्रचारिणी सभा की 1893-1902 की रिपोर्ट और पदाधिकारियों सम्बन्धी अन्य जानकारियाँ इस पुस्तक की विशेष उपलब्धि है जिसे परिशिष्ट में संयोजित किया गया है।
Book Details
-
ISBN9789360869083
-
Pages160
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
BHARTIYA SAMAJ HINDI CINEMA AUR STREE
- Author Name:
Sulbha Kore
- Book Type:

- Description: Book based on hindi cinema
Aur, Pani Utar Gaya
- Author Name:
K. S. Tiwari
- Book Type:

- Description: धरती पर जीवन की कड़ियों को जोड़नेवाला अनमोल पानी ग़ायब होने की कगार पर है। पानी पर लिखी ये चन्द बातें एक स्मरण पत्र भी हैं और चेतावनी भी। स्मरण हमारी नायाब जल परम्पराओं का, जल संरक्षण के बेजोड़ तरीक़ों का और जीवन से जुड़े पानी के अनेक प्रसंगों का। याद करें पानी से जुड़े संस्कारों और पग-पग पर पानी की बातों को। दर्जनों सरकारी महकमों, सैकड़ों संगठनों, हज़ारों आन्दोलनों और लाखों लोगों के जल संरक्षण के प्रयास खरे नहीं उतर पाए, क्योंकि उन प्रयासों में न ज़िद थी, न जुनून और न जुझारूपन। आज भारत के अधिकांश हिस्से जलसंकट की गिरफ़्त में हैं। देश की आबादी 120 करोड़ पहुँच चुकी है, साथ ही जलस्रोत घटकर एक-चौथाई पर आ सिकुड़े हैं। देश और दुनिया की बढ़ती विकास दर का पानी से सीधा ताल्लुक़ है। यदि पानी न रहा तो हमारे समूचे विकास पर ही पानी फिर सकता है। इस पुस्तक में लिखी बातें पानी को लेकर लेखक की चिन्ताएँ हैं, कोशिश है यह सबकी चिन्ता हो। ऐसा भी नहीं कि पानी की बातें पहले नहीं कही गई होंगी, ज़रूर कही गई होंगी, पर अब वक़्त के इस दौर में इसके मायने अहम हैं। भारतीय समाज, पानी से गहरे जुड़ा समाज था। हमारी परम्पराएँ, संस्कार, रीति-रिवाज और आदतें पानी से जुड़ी थीं। दुर्भाग्य से यह उत्कृष्ट परम्परा टूटकर बिखर गई और आज हम एक भयावह भविष्य के सामने खड़े हैं। यह पुस्तक इसी आसन्न संकट के मद्देनज़र हमें जगाने की कोशिश है।
HINDI VAKYA GYAN
- Author Name:
DURGESH
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mk Gandhi : The Educationist Par Excellence
- Author Name:
Onkar Singh Dewal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanskritik Rashtravad Ke Agradoot Pt. Deendayal Upadhyaya
- Author Name:
Dr. Guptisagarji Gurudev
- Rating:
- Book Type:

- Description: पं दीनदयाल उपाध्याय बीसवीं शताब्दी को अपने विलक्षण व्यक्तित्व, अपरिमेय कर्तृत्व एवं क्रांतिकारी दृष्टिकोण से प्रभावित करनेवाले युगद्रष्टा ऋषि, महर्षि एवं ब्रह्मर्षि थे। उपाध्यायजी के पुरुषार्थी जीवन की सबसे बड़ी पहचान है गत्यात्मकता। वे अपने जीवन में कभी कहीं रुके नहीं, झुके नहीं। यही कारण है कि समस्त प्रतिकूलताओं के बीच भी उन्होंने अपने लक्ष्य के दीप को सुरक्षित रखते हुए उदभासित किया। उन्होंने राष्ट्र-प्रेम को सर्वोच्च स्थान देने के साथ-साथ, शिक्षा, साहित्य, शोध, सेवा, संगठन, संस्कृति, साधना सभी के साथ जीवन-मूल्यों को तलाशा, उन्हें जीवन-शैली से जोड़ा। इस पुस्तक में पंडितजी को एक ऐसे राजनेता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने न केवल स्वयं भारत को भारत के दृष्टिकोण से जानने-समझने-देखने की दृष्टि विकसित की, अपितु दूसरों को भी वैसी ही संदृष्टि प्रदान की। भारत की चिति एवं प्रकृति के मौलिक एवं सूक्ष्म द्रष्टा थे 'पं. दीनदयाल उपाध्यायजी, जिन्होंने सही अर्थों में व्यष्टि एवं समष्टि के चिरंतन सत्य एवं सदियों के अनुभव का साक्षात्कार कर, एक ऐसे उदबोध को प्रवृत्त किया, जिसका स्पंदन भारत की माटी में समाहित है। यह कृति “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अग्रदूत : पं. दीनदयाल उपाध्याय ' पंडितजी के विचार पाथेय को जन-जन तक पहुँचाने में निमित्त बनेगी और भारतीय संस्कृति के बिंब, जन-संस्कृति के रूप में वैश्विक धरातल पर नई चेतना को स्फूर्त करेगी; ऐसा दृढ़ विश्वास है।
150 Inspirations
- Author Name:
Deepak Chadha +1
- Book Type:

- Description: This book contains 150 quotes compiled that I learned during my daily work life at different levels. All ideas, logics, views and observations I wrote in my diary on daily basis, now I am sharing them with the masses. In hope that this book will inspire and boost the morale of individuals. It will help them understand their feelings better, so they can adapt a better healthy life. I am an optimistic and hopeful that these quotes will be liked by readers and if that happens, then I believe my writing added a pinch of contribution towards building a well-mannered society.
Azadi Ke Aranya Senani
- Author Name:
Shriprakash Mani Tripathi
- Book Type:

- Description: आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक अरण्य नायकों की गौरव-गाथा का स्मरण है। इसमें भारत के जनजातीय समुदायों के सत्रह स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके बलिदान की कहानी है। वनों, बीहड़ों, पर्वतों और वनांचलों में बसनेवाले सामान्य ग्रामवासी किस तरह अपने समाज और भारत की आजादी के लिए आगे बढ़े, शक्तिशाली ब्रिटिश राज से टक्कर ली और अपना उत्सर्ग किया। इस पुस्तक में स्वातंत्र्यचेता अरण्य सेनानियों के संघर्ष को स्वर दिया गया है। आजादी के ये सत्रह मतवाले भारत के विभिन्न प्रांतों से हैं। इनकी जनजातियाँ भिन्न हैं। इनकी पृष्ठभूमि और संस्कृतियाँ अलग-अलग हैं, फिर भी आजादी की उत्कट अभिलाषा इन सबके हृदय में समान रूप से करवटें लेती है। यह पुस्तक इन्हीं अभिलाषाओं का प्रतिरूपण है। ‘आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक की यह विशेषता है कि इसे शुष्क इतिहास की तरह नहीं बल्कि एक भावात्मक गाथा की तरह लिखा गया है। ऐसी गाथा, जो पाठकों के मन में इन बलिदानियों का चित्र खींच देती है और उनके भीतर राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रीय अस्मिता का अनहद नाद गूँजने लगता है। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में इस पुस्तक का प्रणयन आजादी की लड़ाई में भारत की जनजातियों के संघर्ष और बलिदान की भूमिका को सशक्त एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का संकल्प लेकर किया गया है। यह पुस्तक तत्संबंधी संकल्प की प्रस्तुति है।
Kathak Ki Parampara, Gharane aur Stree Prashn
- Author Name:
Avantika Shukla
- Book Type:

- Description: Hindi Discourse
JSSC JTPTCCE Primary Teacher Recruitment Exam- Intermediate Trained Assistant Professor Acharya: Social Science, Science and Maths Paper-III for Class 1 To 5 (2023 Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Vyangya Ki Pravruttyan Aur Parivesh
- Author Name:
Kailash Mandlekar
- Book Type:

- Description: Other
Shreshtha Bal Kahaniyan
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC TRE 4.0 Bihar Shikshak Bahali Class 11 To 12 History (Itihas) Higher Secondary School Teacher | 20 Practice Sets with Latest Solved Papers | Based on NCERT & SCERT Syllabus - Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agnipankhi
- Author Name:
Surya Bala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BIHAR NIRMATA DR SACHCHIDANANDA SINHA
- Author Name:
KESHAVNATH
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Janjateeya Yoddha : (Swabhiman Aur Swadheenta Ka Sangharsh)
- Author Name:
Ranjana Chitale
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Sagar Pradushan
- Author Name:
Shyam Sunder Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swapna Rath "स्वप्न रथ" Book in Hindi- Dr. Aniruddha Rawat
- Author Name:
Dr. Aniruddha Rawat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokmata Ahilyabai
- Author Name:
Arvind Javlekar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vigyan Ki Baaten
- Author Name:
Akhilesh Srivastava
- Book Type:

- Description: इस निबंध संकलन में न सिर्फ प्रकृति के अवयव; जैसे- आकाश, सूर्य पृथ्वी, पानी आदि के बारे में प्रामाणिक सूचनाएँ दी गई हैं, बल्कि मानव के विकास, शरीर की बनावट व विभिन्न अंगों के कार्य-व्यापार के बारे में भी आवश्यक जानकारी संकलित की गई है। निबंधों की रचना में इस बात का बराबर ध्यान रखा गया है कि ये उबाऊ और नीरस न होने पाएँ। पुनः निवेदन है कि इन निबंधों में किसी भी विषय पर दी गई जानकारी पूर्ण और अंतिम नहीं है, बल्कि सिर्फ उतनी ही सूचनाओं का समावेश किया गया है जितना किशोर पाठक आसानी से ग्रहण कर सकें। आशा है ये निबंध किशोर वर्ग के पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। -अखिलेश श्रीवास्तव 'चमन'
101 Zen Tales
- Author Name:
Nyogen Senzaki
- Book Type:

- Description: Zen tales are a unique and powerful form of storytelling that originated in the Zen Buddhist tradition. Typically short and straightforward, the Zen tales convey complex philosophical and spiritual messages in a way that is accessible and relatable to people of all ages and backgrounds. One of the most distinctive features of Zen tales is their use of paradox and humour. Many of these stories involve unexpected twists and turns that challenge people's assumptions and invite them to see things differently. Another principal theme in Zen tales is the idea of non-dualism, which is the belief that all things are interconnected and interdependent. Many of these stories emphasise the importance of seeing beyond surface appearances and recognising the fundamental unity of all things. Overall, Zen tales are a powerful tool for spiritual and philosophical exploration and offer valuable insights into the nature of reality and the human experience. Whether read as a form of entertainment or serving as a guide for spiritual growth, the Zen tales inspire and challenge people around the world. In this book, the readers will discover 101 famous Zen tales of all time that will ignite their souls with enlightenment.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book