Bhagwan Atalani Ki Lokpriya Kahaniyan
(0)
₹
175
₹ 140 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789352664856
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Rita Shukl Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Rita Shukl
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
BPSC Mains Solved Papers, Paper I & II, 68th to 48th Examination for 69th BPSC Main Exam in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
BPSC TRE 4.0 Bihar Shikshak Bahali Class 11 To 12 History (Itihas) Higher Secondary School Teacher | 20 Practice Sets with Latest Solved Papers | Based on NCERT & SCERT Syllabus - Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Rahim Rachnawali
- Author Name:
Satyaprakash Mishra
- Book Type:

- Description:
डॉ. सत्यप्रकाश मिश्र द्वारा सम्पादित इस रचनावली में रहीम के नाम से प्रचलित सभी रचनाओं का समावेश किया गया है। पाठ को प्रामाणिक बनाने के प्रयत्न के साथ ही साथ सम्पादक ने अपनी विस्तृत भूमिका में रहीम के विषय में प्रामाणिक सामग्री दी है। रहीम की भूमिका को निर्धारित करते हुए पुस्तक में रहीम द्वारा प्रयुक्त नई शैलियाँ और काव्य प्रयोगों को रेखांकित करके सम्पादक ने उस युग के काव्य मिज़ाज को समझाने का महत्त्वपूर्ण प्रयत्न किया है। रहीम के स्वनिर्मित स्वाभिमानी व्यक्तित्व और उनकी त्रासदी को समझे बग़ैर उनकी कविताओं को समझना कठिन है—यह इस ग्रन्थ को पढ़ने से और अधिक उजागर होगा। इस संग्रह की भूमिका और मूल पाठ से रहीम के साथ ही साथ मध्ययुगीन काव्य की मानसिक बुनावट और काव्य सन्दर्भ को समझने में मदद मिलेगी—यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है।
DR. KALAM: The Untold Story of 20 Years Spent With Dr Kalam Hindi Translation
- Author Name:
R.K. Prasad
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Agyey Upanyas Sanchayan
- Author Name:
Sachchidananda Hirananda Vatsyayan 'Ajneya'
- Book Type:

- Description:
अज्ञेय हिन्दी के बहुआयामी, साथ ही विवादास्पद लेखक हैं। प्रेमचन्दोत्तर काल में ‘गोदान’ के आदर्शोन्मुख यथार्थवाद के बाद मनोवैज्ञानिक यथार्थवाद का यह मॉडल इस दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है कि इसकी प्रभावछाया में साहित्य का एक बड़ा भाग आता जा रहा है। द्वितीय विश्वयुद्ध की छाया, भारतीय स्वाधीनता-संग्राम, साहित्य में पश्चिमी प्रभाव की छाया, किशोर से युवा के बीच के कालखंड, युवा मन के अन्तर्द्वन्द्व, अहंकार, विद्रोह और सेक्स के नकारने-स्वीकारने की मनःस्थितियाँ, प्रयोग, रूमानियत से लबरेज़ तरल लाक्षणिक विडम्बनात्मक व्यंजना में रसे-बसे हैं अज्ञेय के उपन्यास—‘शेखर एक जीवनी’ (दो भाग), ‘नदी के द्वीप’ और ‘अपने-अपने अजनबी’। ‘शेखर एक जीवनी’ में एक विद्रोही की निर्मिति उसके घात-प्रतिघात से उसके विकसित या विपर्ययग्रस्त होने की दास्तान है। क़िस्सागोई के अभ्यस्त पाठकों को इस उपन्यास में एक नया ही अस्वाद मिलेगा—स्मृतियों का विश्लेषण, परिनिष्ठित काव्यात्मक और व्यंजनात्मक भाषा की बौद्धिकता की तप्त ख़ुशबू। ‘नदी का द्वीप’ अपनी काव्यात्मक सूक्ष्म दृश्यात्मक परिनिष्ठित भाषा, प्रेम की उदात्तता, व्यंजना और बौद्धिकता के स्तर पर ‘शेखर एक जीवनी’ की अगली कड़ी है जिसमें रेखा, गौरा, भुवन का या फिर इनके साथ चन्द्र मोहन का एक त्रिकोण बनता है जो गहरे झाँकने पर कामायनी के श्रद्धा, इड़ा, मनु के त्रिकोण का प्रतिबिम्ब लग सकता है। प्रेम कथाएँ चाहे अनचाहे त्रिकोणात्मक बन ही जाती हैं, जिनमें किसी-न-किसी कोण को स्थगित होना होता है। तीसरा उपन्यास ‘अपने-अपने अजनबी’ इस अर्थ में प्रायोगिक और प्रायोजित उपन्यास है, वहाँ जान-बूझकर एक नाटकीय स्थिति का निर्माण किया गया है। इस स्थिति में मृत्यु की प्रतीक्षा कर रही दो औरतें हैं—‘योके’ और ‘सेल्मा’। पृष्ठभूमि विदेशी, ‘योके’ युवा है और ‘सेल्मा’ वृद्धा। बर्फ़ का पहाड़ टूटकर उस घर पर गिरा है और दोनों औरतें एक तरह से बर्फ़ की क़ब्र में क़ैद हो गई हैं। तथता के शिल्पकार अज्ञेय काव्य-भाषा, व्यंजना और आत्मवाची कथा संरचना करते चलते हैं। पात्र भी उन्होंने ऐसे ही विशिष्ट चुने हैं। उपन्यास का ढाँचा भी परम्परागत उपन्यास लेखन से विद्रोह है।
—भूमिका से
Hindi Bal Sahitya Ka Itihas
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Suno Maa "सुनो माँ! : Letters written by World's Famous Personalities to their Mothers" Book in Hindi | The Mother
- Author Name:
Sundeep Bhutoria
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Anandmath
- Author Name:
Bankim Chandra Chatterjee
- Book Type:

- Description:
जीवानंद ने महेंद्र को सामने देखकर कहा, ‘‘बस, आज अंतिम दिन है। आओ, यहीं मरें।’’महेंद्र ने कहा, ‘‘मरने से यदि रण-विजय हो तो कोई हर्ज नहीं, किंतु व्यर्थ प्राण गँवाने से क्या मतलब? व्यर्थ मृत्यु वीर-धर्म नहीं है।’’जीवानंद- ‘‘मैं व्यर्थ ही मरूँगा, लेकिन युद्ध करके मरूँगा।’’कहकर जीवानंद ने पीछे पलटकर कहा, ‘‘भाइयो! भगवान् के नाम पर बोलो, कौन मरने को तैयार है?’’अनेक संतान आगे आ गए। जीवानंद ने कहा, ‘‘यों नहीं, भगवान् की शपथ लो कि जीवित न लौटेंगे।’’—इसी पुस्तक से‘आनंद मठ’ बँगला के सुप्रसिद्ध लेखक बंकिमचंद्र चटर्जी की अनुपम कृति है। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में इसे स्वतंत्रता सेनानियों की ‘गीता’ कहा जाता था। इसके ‘वंदे मातरम्’ गीत ने भारतीयों में स्वाधीनता की अलख जगाई, जिसको गाते हुए हजारों रणबाँकुरों ने लाठी-गोलियाँ खाइऔ और फाँसी के फंदों पर झूल गए। देशभक्ति का जज्बा पैदा करनेवाला अत्यंत रोमांचक, हृदयस्पर्शी व मार्मिक उपन्यास।
Chetna Ki Yatra Mein 'Hua Yun Ke…'
- Author Name:
Alok Yatri
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Dwarka Ka Suryasta
- Author Name:
Dinkar Joshi
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Captain Saurabh Kalia
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description:
Saurabh Kalia was born on June 29, 1976 at Amritsar (Punjab) to Smt Vijaya and Dr. N K Kalia. Rank—Captain Unit—4 Battalion, JAT Regiment War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) You should not only read and know about this great heroic story of our brave soldiers, but also share it with your friends, parents and siblings, so that we never lose sight of what these heroes did for our nation. Captain Saurabh Kalia is a true inspiration for all of us as he sacrificed his life for our country. He displayed unflinching confidence, valour and bravery in the Kargil war. Our country will always be grateful to its hero.
Mera Jeevan
- Author Name:
Helen Keller
- Book Type:

- Description:
"वर्ष 1890 के वसंत में मैंने बोलना सीखा। मेरे अंदर हमेशा यह इच्छा उमड़ती रहती थी कि मैं श्रव्य ध्वनियाँ मुँह सेनिकाल सकूँ। मैँ एक हाथ अपने गले पर रखकर शोर किया करती थ्ज्ञी और दूसे हाथ से अपने होंठों का चलना महसूस करती थी। मुझे शोर करनेवाली हर चीज पसंद थी और बिल्ली का घुरघुराना तथा कुत्ते का भौंकना मुझे अच्छा लगता था। मुझे अपना एक हाथ गायक के गले पर रखना भी अच्छा लगता था। अपनी दृष्टि और श्रवण-शक्ति खोने से पहले मैं बात करना जल्दी सीखने लगी थी; लेकिन मेरी बीमारीक े बाद यह पता चला कि मेरा बोलना इसलिए बंद हो गया, क्योंकि मैं सुन नहीं सकती थी। मैं सारे-सारे दिन अपनी माँ की गोद में बैठी रहती थी और अपना हाथ माँ के चेहरे पर रखे रहती थी, क्योंकि उसके होंठों की क्रिया को महसूस करने में मुझे आनंद आता था और मैं अपने होंठ भी हिलाती थी; हालाँकि मैं भूल चुकी थी कि बात करना क्या होता है। —इसी आत्मकथा से हेलन कीलर इस रूप में प्रेरणाप्रद हैं कि बोल-सुन-देख न पाने के बावजूद उन्होंने अद्भुत जिजीविषा, लगन, परिश्रम व साहस के बल पर जीवन जिया—एक सार्थक जीवन। और विश्व को दिखा दिया कि शारीरिक अक्षमता होते हुए भी व्यक्ति अगर ठान ले तो चुनौतीपूर्ण जीवन भी आसानी से जिया जा सकता है। विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य रखने और साहस दिखाने का अनुपम उदाहरण बनी हेलन कीलर के जीवन से हम प्रेरणा लें तो इस पुस्तक का प्रकाशन सार्थक होगा।"
Sahitya Ka Dalit Saundaryashastra
- Author Name:
Chanchal Chauhan
- Book Type:

- Description:
मनुवादी व्यवस्था में सदियों से पिसते, शूद्र-अतिशूद्र की श्रेणी में डाले गए लोगों को अभिव्यक्ति का अवसर मिला तो उन्होंने भावपूर्ण रचनाएँ कीं। मध्यकाल के अनेक सन्त कवियों, ख़ासतौर से निर्गुण कवियों ने जात-पाँत के भेदभाव के विरोध में आवाज़ उठाई। जोतिबा फुले ने उन्नीसवीं सदी में दलित समाज को ‘ग़ुलामगीरी’ की पहचान कराई, ‘सत्यशोधक’ बनने का सपना दिया। बाबा साहब आंबेडकर ने बीसवीं सदी में उनमें जागृति की नई चेतना पैदा की और इसी चेतना से पढ़े-लिखे दलित समाज ने अपने दमन-शोषण और उपेक्षा को अपनी रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया। मराठी आदि भाषाओं से होते हुए नई दलित रचनाशीलता सभी भाषाओं में प्रस्फुटित हुई। इस रचनाशीलता के विकास के लिए जब ख़ुद दलित रचनाकार अपने साहित्य की परख के लिए सौन्दर्यशास्त्र रचने की कोशिश में प्रवृत्त हुए तो लगा कि ज़रूरत सिर्फ़ दलित साहित्य के लिए ही सौन्दर्यशास्त्र रचने की नहीं है बल्कि जो नया नज़रिया जोतिबा फुले और आंबेडकर ने हमारे समाज को दिया है, उससे एक सार्वभौमिक ‘दलित सौन्दर्यशास्त्र’ की वैचारिकी गढ़ी जानी चाहिए। इस पुस्तक का आधार यही विचार है। इसमें जिस सौन्दर्यशास्त्र को गढ़ने का प्रयास किया गया है, वह सिर्फ़ दलित साहित्य का नहीं, समूचे साहित्य पर लागू होने वाला दलित सौन्दर्यशास्त्र है।
Adhunikta Aur Paigan Sabhyatayen
- Author Name:
Udyan Vajpeyi
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
AFCAT Air Force Common Admission Test Flying, Technical & Ground Duty Branches Solved Papers 2024-2011 (Verbal Ability + General Awareness + Numerical Ability + Reasoning and Military Aptitude Test
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Arastu
- Author Name:
Sukesh kumar
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Jihad in My Saffron Garden
- Author Name:
Roxy Arora
- Book Type:

- Description:
�Undoubtedly, My Saffron Garden was a playground for Farishtey and Djinns. The tiny flora in the lush meadow tiptoed upwards as lithe as ballet dancers while they hobnobbed with the tinted winged butterflies�.......... Year 1988, the two Superpowers of the world, U.S.A. and U.S.S.R., embroiled in their cold war. Each vying to outdo the other in its quest for terrain, a terrain saturated with oil. As the Soviet troops leave Afghanistan.............. Our Indian borders bleed at their most breathtaking yet strategic point..... Kashmir. Jihad unleashes its angst. Roshina Kapoor, headstrong and feisty, born and bred in Kashmir. Aafaq Qazmi, principled Muslim elitist, reciprocates Roshina�s love for him with unbridled ardour. Heena Qazmi, Aafaq�s sister and Roshina�s best friend. All three young adults fiercely possessive of each other as well as their beautiful state and the Kashmiriyat they symbolise. The �Saffron Garden� was theirs. Why in 2015 does Roshina return to Sopore without her lover and best friend? Why does the Saffron Garden scare her? Is it because she is a Kafir? Will Roshina ever find closure and love or will her past catch up with her and wreak havoc in her life yet again?
25 Super Brands
- Author Name:
Prakash Biyani +1
- Book Type:

- Description:
बिजनेस स्कूल के छात्रों को पढ़ाया जाता है- ‘‘ब्रांड यानी उत्पाद विशेष का नाम एक ट्रेडमार्क।’’ वेबस्टर्स शब्दावली के अनुसार ब्रांड यानी... ''A mark Burned on the Skin with hot iron.'' हिंदी में इसका भावार्थ है... ‘‘व्यक्ति के शरीर पर उसकी पहचान दाग देना।’’ यही इस पुस्तक का सार है । ब्रांड किसी उत्पाद का केवल नाम नहीं होता । उसके उत्पादक का पैटेंटेड ट्रेडमार्क भी नहीं होता । ग्राहक जब ' फेविकोल ' खरीदता है तो उसके साथ इस विश्वास का मूल्य भी चुकाता है कि इसका जोड़ निकाले नहीं निकलेगा । एडीडास या बाटा के जूते हों, मैक्डॉनल्ड्स के फास्ट फूड हो या बाबा रामदेव की ओषधियाँ-ग्राहक इनके साथ एक भरोसा खरीदता है । ब्रांडेड उत्पाद केवल वस्तु का मूल्य प्राप्त नहीं करते, वे एक भरोसे' एक विश्वास की कीमत भी वसूल करते हैं । वही ब्रांड मार्केट लीडर बनते हैं या लंबी पारी खेलते हैं, जो अपने पर ' दाग ' दी गई ' पहचान ' को एक बार नहीं, हर बार सही साबित करते हैं ।
Rochak Bal Kathayen
- Author Name:
Shriramvriksha Benipuri
- Book Type:

- Description:
"रोचक बाल कथाएँ स्वागत-समिति के अध्यक्ष महाराज रोहूजी की आज्ञा लेकर मंत्री श्रीमती पोठिया देवी ने कार्य आरंभ किया। सबसे पहले संगीताचार्य श्री मेढकजी खड़े होकर मृदंग बजाने और अपनी सुरीली आवाज में स्वागत-गीत गाने लगे— टर्र! टर्र! टर्र! आओ-आओ जलचर-भाई। हिलें-मिलें सब फूट बिहाई। दुश्मन-मुँह पर उड़े हवाई। टर्र! टर्र! टर्र! यह बगुला जो भगत बना है। रूप श्वेत मन श्याम घना है। बिना हटाए चैन मना है।। टर्र! टर्र! टर्र! —इसी पुस्तक से ‘रोचक बाल कथाएँ’ पुस्तक को बेनीपुरीजी ने अपनी पहली संतान—पुत्री—को भेंट किया था यह लिखते हुए—“जिसका मुख देखने का सौभाग्य भी मुझे प्राप्त नहीं हुआ था, अपनी उसी प्रथम स्वर्गीय संतान की शिशु-आत्मा के पारलौकिक मनोरंजन के लिए यह सस्नेह समर्पित है।” यह अपने समय की सबकी लोकप्रिय व प्रशंसित बाल-पुस्तक मानी जाती है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book