Ek Mat Kayamat
Author:
Sushil KalraPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 476
₹
595
Available
भारत-पाक विभाजन एक ऐसी त्रासदी है जिसकी भीषणता और भारतीय जन-जीवन पर पड़े उसके प्रभाव को न तो देश के एक बड़े हिस्से ने महसूस किया और न साहित्य में ही उसे उतना महत्त्व दिया गया जितना दिया जाना चाहिए था। देश की आज़ादी और विभाजन को अब सत्तर साल हो रहे हैं; फिर भी ढूँढ़ने चलें तो कम से कम कथा-साहित्य में हमें ऐसा बहुत कुछ नहीं मिलता जिससे इतिहास के उस अध्याय को महसूस किया जा सके।</p>
<p>यह आत्मवृत्त इस मायने में महत्त्वपूर्ण है कि इसमें उस वक़्त विभाजन को याद किया जा रहा है जब देश में धार्मिक और साम्प्रदायिक आधारों पर समाज को बाँटने की प्रक्रिया कहीं ज़्यादा आक्रामक और निर्द्वन्द्व इरादों के साथ चलाई जा रही है। पाकिस्तान को एक पड़ोसी देश के बजाय जनमानस में एक स्थायी शत्रु के रूप में स्थापित किया जा रहा है; और सामाजिक समरसता को गृहयुद्ध की व्याकुलता के सामने हीन साबित किया जा रहा है। इस उपन्यास का प्रथम पुरुष मृत्युशैया पर आख़िरी पल की प्रतीक्षा करते हुए सहज ही उन दिनों की यात्रा पर निकल जाता है जब लाखों लोग अचानक अपने ही घरों और ज़मीनों पर विदेशी घोषित कर दिए गए थे, और उन्हें नए सिरे से ‘अपना मुल्क’ ढूँढ़ने के लिए ख़ून के दरिया में धकेल दिया गया था।</p>
<p>उम्मीद है कि इस पुस्तक में आया विभाजन का वृत्तान्त हमें उस ख़तरे से आगाह करेगा जिसकी तरफ़ आज की फूहड़ राजनीति हमे ले जाने की कोशिश कर रही है।
ISBN: 9789388753548
Pages: 176
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Desh, Samaj aur Sanskriti
- Author Name:
Dr. Chandar Sonane
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rajendra Babu Patron Ke Aaine Mein-2
- Author Name:
Tara Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Do Seengon Wala Rishi "दो सींगों वाला ऋषि" Hindi Translation of The Sage With Two Horns: Unusual Tales From Mythology | Sudha Murty
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amar Shaheed Ashfaqullah Khan "अमर शहीद अशफाकउल्ला खान" (Amar Shaheed Ashfaq Ullah Khan Indian Independence Activist) Biography in Hindi
- Author Name:
Ram Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rameshchandra Shah Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Rameshchandra Shah
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
ARCHIMEDES
- Author Name:
Nandini Saraf
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
28 SHARE MARKET MONEY MAKING SECRETS (PB)
- Author Name:
Sudha Shrimali
- Rating:
- Book Type:

- Description: There are numerous books available in the market on the subject of share market, however, in this book, the author has attempted to elucidate the complicated aspects of financial domain in a clear and simple language. The modus operandi of share market, commodity market, mutual funds and idiomatic language used in the market have all been explained with illustrations. She presents her suggestions for selection of a good broker. Explanations on the factors impacting the market, references to historical crashes of the market, asset allocation and discussions on popular methods of investment for the benefit of readers are the special features of the book. This book would work as a great guide not only for beginner investors but also for students of degree courses, academic certifications and professional examinations.
Rajendra Yadav Rachanawali : Vols. 1-15
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

-
Description:
राजेन्द्र यादव आज़ाद हिन्दुस्तान की दहलीज़ पर तैयार खड़ी नौजवान पीढ़ी के उस समुदाय के सदस्य हैं जिसकी मानसिकता 20वीं सदी के तीसरे-चौथे-पाँचवें दशक में विश्वव्यापी निराशा और मोहभंग में संरचित हुई है। दहलीज़ पर खड़ी आज़ाद, नौजवान पीढ़ी के इस समुदाय के लिए विचार, दर्शन, रणनीति, भविष्य की संरचना, आगामी का नक़्शा—सब कुछ एक भिन्न विवेक और नए तर्क के सहारे गढ़ा जाना है। उसकी मंशा में नई शुरुआत अतीत के साथ सम्पूर्ण विच्छेद से होनी है।
राजेन्द्र यादव के रचनात्मक उपक्रम की अन्तर्वस्तु यही विचार है जो नई दुनिया की रचना का मूलाधार है। यह ‘कैंड़े’ के आदमी का काम है; गुर्दा चाहिए। दूसरे शब्दों में कहें तो यह एक विरल पराक्रम है। अपनी पीढ़ी के रचनाकारों में राजेन्द्र यादव विशेषत: अपने विचार को उसकी तार्किक संगति की आख़िरी हद तक ले जा सकने की क्षमता से लैस दिखाई देते हैं। उनके उपन्यासों में ऐसे ही किसी जड़ीभूत पारिवारिक-सामाजिक-राजनीतिक आग्रहों के उच्छेदन का अभियान छेड़ा गया है। रचनावली के खंड 1 से 5 तक में संकलित उपन्यास इसकी गवाही देते हैं।
राजेन्द्र जी ने अपने लेखन का प्रारम्भ कविताओं से किया। परन्तु बाद में 1945-46 की इन आरम्भिक कविताओं को महत्त्वहीन मानकर नष्ट कर दिया। बाद में लिखी उनकी कविताएँ 'आवाज़ तेरी है' नाम से 1960 में ज्ञानपीठ प्रकाशन से प्रकाशित हुईं। इनके अतिरिक्त राजेन्द्र यादव की कुछ कविताएँ अभी तक अप्रकाशित हैं। रचनावली का पहला खंड उनके इसी आरम्भिक लेखन को समर्पित है। जिसमें एक तरफ़ उनकी प्रकाशित-अप्रकाशित कविताएँ हैं और दूसरी तरफ़ ‘प्रेत बोलते हैं’ और ‘एक था शैलेन्द्र’ जैसे प्रारम्भिक उपन्यास। दूसरे खंड में ‘उखड़े हुए लोग’ तथा ‘कुलटा’, तीसरे खंड में ‘सारा आकाश’, ‘शह और मात’, ‘अनदेखे अनजान पुल’ और चौथे खंड में ‘एक इंच मुस्कान’ तथा ‘मंत्रविद्ध’ जैसे उपन्यास शामिल हैं। रचनावली का पाँचवाँ खंड राजेन्द्र जी के अधूरे-अप्रकाशित उपन्यासों को एक साथ प्रस्तुत करता है। अधूरे होने के कारण इन सबको एक ही खंड में शामिल किया गया है।
Bal Krishna
- Author Name:
Mukesh Nadan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pt. Deendayal Upadhyaya
- Author Name:
Mahesh Chandra Sharma
- Book Type:

- Description: ‘‘हमारी राष्ट्रीयता का आधार ‘भारत माता’ हैं, केवल भारत नहीं। माता शब्द हटा दीजिए तो भारत केवल जमीन का एक टुकड़ा मात्र रह जाएगा। इस भूमि का और हमारा ममत्व तब आता है, जब माता वाला संबंध जुड़ता है। कोई भी भूमि तब तक देश नहीं कहला सकती, जब तक कि उसमें किसी जाति का मातृक ममत्व, यानी ऐसा ममत्व, जैसा पुत्र का माता के प्रति होता है, न हो। वही देशभक्ति है, तथापि देशभक्ति का मतलब जमीन के टुकड़े के साथ प्रेम होना मात्र नहीं है, अन्यथा कई पशु-पक्षी भी तो अपने घर से बहुत प्रेम करते हैं। साँप अपना बिल नहीं छोड़ता, शेर माँद में ही निवास करता है, पक्षी अपने घोेंसले में रोज लौट आते हैं, किंतु वे देशभक्त हैं, ऐसा नहीं कहा जा सकता। मानव भी जहाँ रहता है, वहाँ से उसका कुछ-न-कुछ लगाव हो ही जाता है, फिर भी इतने मात्र से देशभक्ति नहीं आती। उन लोगों का प्रेम ही देशभक्ति कही जाएगी जो देश में एक जन के नाते संबद्ध हैं। पुत्र रूप एक जन और माता रूप भूमि के मिलन से ही देश की सृष्टि होती है। वही देशभक्ति है, जो अमर है।’’ —पं. दीनदयाल उपाध्याय
Sweekar Ka Jadoo
- Author Name:
Sirshree
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ekatma Manavvaad Ke Praneta Deendayal Upadhyaya
- Author Name:
Amarjeet Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Don’t Think & Grow Rich
- Author Name:
Suresh Mansharamani
- Book Type:

- Description: Don’t Think and Grow Rich offers a novel lens to view behaviours and judgments. This book could have had a dramatic effect on your viewpoint. The book is based on scientific research and Studies undertaken throughout the world followed by anecdotes from the life of Mr. Suresh Mansharamani to help make them more relatable. The reader can apply the knowledge to circumstances in which they observe others relying excessively on thought. The critical point is to discern whether we are simply thinking about our decisions or have succumbed to Paralysis of Analysis. Don't Think and Grow Rich focuses on making once-in-a-lifetime choices and contains practical advice on how to increase your capacity to make quick and intuitive judgments. Everyone assumes that we live in an age of short attention Spans, but during the last several decades, we've learned a great deal about forming long-term judgments. Dr. Suresh Mansharamani makes a compelling case for more careful and creative decision-making. Don't Think and Grow Rich, on the other hand, demonstrates how we might approach these decisions more effectively and comprehend the subtle wisdom of the choices that shaped our most significant social history.
Pushkar Dhami : Himalaya Ki Jeevant Ushma | Chief Minister of Uttarakhand
- Author Name:
Sambhawana Pant
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Premchand Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: दस-बारह रोज और बीत गए। दोपहर का समय था। बाबूजी खाना खा रहे थे। मैं मुन्नू के पाँवों में पीनस की पैजनियाँ बाँध रहा था। एक औरत घूँघट निकाले हुए आई और आँगन में खड़ी हो गई। उसके वस्त्र फटे हुए और मैले थे, पर गोरी सुंदर औरत थी। उसने मुझसे पूछा, ‘‘भैया, बहूजी कहाँ हैं?’’ मैंने उसके निकट जाकर मुँह देखते हुए कहा, ‘‘तुम कौन हो, क्या बेचती हो?’’ औरत-‘‘कुछ बेचती नहीं हूँ, बस तुम्हारे लिए ये कमलगट्टे लाई हूँ। भैया, तुम्हें तो कमलगट्टे बड़े अच्छे लगते हैं न?’’ मैंने उसके हाथ में लटकती हुई पोटली को उत्सुक आँखों से देखकर पूछा, ‘‘कहाँ से लाई हो? देखें।’’ स्त्री, ‘‘तुम्हारे हरकारे ने भेजा है, भैया!’’ मैंने उछलकर कहा, ‘‘कजाकी ने?’’ स्त्री ने सिर हिलाकर ‘हाँ’ कहा और पोटली खोलने लगी। इतने में अम्माजी भी चौके से निकलकर आइऔ। उसने अम्मा के पैरों का स्पर्श किया। अम्मा ने पूछा, ‘‘तू कजाकी की पत्नी है?’’ औरत ने अपना सिर झुका लिया। -इसी पुस्तक से उपन्यास सम्राट् मुंशी पेमचंद के कथा साहित्य से चुनी हुई मार्मिक व हृदयस्पर्शी कहानियों का संग्रह।
Gehoon Aur Gulab
- Author Name:
Shriramvriksha Benipuri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
DaduDayal Aur Hamara Samay "दादूदयाल और हमारा समय" Book in Hindi | Nand Kishore Pandey
- Author Name:
Nand Kishore Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BIHAR KE MAHAPURUSHON KA SANKSHIPT PARICHAY
- Author Name:
Kapil
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ahalya Uvach
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: "‘अहल्या उवाच’ हिंदी की प्रख्यात लेखिका डॉ. मृदुला सिन्हा का अद्यतन ग्रंथ है, जिसमें पुराख्यान की आवृत्ति-मात्र नहीं, आधुनिक प्रश्नों की सहज अभिव्यक्ति लक्षित होती है। प्रातःस्मरणीया पंच कन्याओं में अन्यतम अहल्या के शील एवं सतीत्व का यह आत्मकथात्मक आख्यान तथाकथित नारीवाद के दुराग्रह से मुक्त है। पितृसत्ता के संदर्भ में स्त्री-चित्त के मनोविज्ञान की विश्वसनीय प्रस्तुति इसकी विशेषता है, किंतु यहाँ आधुनिक स्त्री-विमर्श की यांत्रिकता एवं गतानुगतिकता के स्थान पर भारतीय संस्कृति में संप्राप्त शिव-शक्ति के अर्द्धनारीश्वरत्व की मान्यता प्रतिष्ठापित की गई है। ‘उपन्यास’ एक पश्चिमी काव्यरूप है, किंतु यह ग्रंथ भारत की उस परंपरागत औपन्यासिक अवधारणा की प्रतीति कराता है, जिसे मृदुलाजी ‘सीता पुनि बोली’, ‘विजयिनी’, ‘परितप्त लंकेश्वरी’ आदि में उदाहृत कर चुकी हैं। ‘उवाच’ शब्द के द्वारा वे भारत के ‘कथा-कोविदों’ की शैली का ही स्मरण दिलाती हैं। वर्णन-क्रम में लोकसंस्कृति के उपादानों के विनियोग से भी इस तथ्य का सत्यापन होता है। आचार्य कुंतक ने प्रबंधगत कथा-विन्यास का विश्लेषण करते हुए ‘प्रकरणवक्रता’ और ‘प्रबंधवक्रता’ का उल्लेख किया है। ज्ञातकथा में नवीन प्रसंगों की उद्भावना तथा मूल इतिवृत्त की अभिनव व्यंजना में उक्त वक्रोक्ति-भेदों की पहचान की जा सकती है। मृदुलाजी ने चिराचरित कथा को संशोधित करते हुए उसे नई दिशाओं में मोड़ा है। पुरावृत्त और आधुनिकता के संग्रथन में उनकी कारयित्री प्रतिभा की सक्रियता देखी जा सकती है। ‘मिथक’ के नवीकरण की यह प्रक्रिया ‘अहल्या उवाच’ की मौलिकता का निर्धारण करती है। यह उपन्यास रामकथा को एक नव्य आयाम प्रदान करता है। मिथिलांचल की अहल्या के समग्र जीवनवृत्त पर केंद्रित इस कृति की परिणति युवाशक्ति के प्रतीक राम के युगांतकारी कर्तृत्व में दृष्टिगत होती है, किंतु मातृशक्ति की महिमा और नई मर्यादा के संस्थापन की यह कथा समाज की प्रस्तरीभूत चेतना के उस अभ्युत्थान का बोध कराती है, जिसके नियामक राम हैं, जो स्वभावतः अहल्या की चारित्रिक चमक एवं पात्रता से अभिभूत हैं। इस दृष्टि से यह रचना राम और अहल्या, दोनों का महत्त्व-मंडन करती है। महीयसी मृदुलाजी की रचनाधर्मिता की यह गौतमी धारा न केवल उनकी अजस्र संवेदनशीलता और लोक-संस्कृति का साक्षात्कार कराती है, अपितु क्षत-विक्षत जीवन-मूल्यों के युग में भारतीय जीवनादर्शों के प्रति आकर्षण भी उत्पन्न करती है। —प्रो. प्रमोद कुमार सिंह (सेवानिवृत्त)
Bharatiya Senadhyakshon Ka Prerak Jeevan
- Author Name:
Maj. Gen. A.K. Shori
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...