Vishwaguru Bharat: Kal, Aaj Aur Kal "विश्वगुरु भारत: कल, आज और कल" Book in Hindi- Dr. Parshuram Gupt
(0)
₹
500
₹ 400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9788119032549
-
Pages344
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Rajgondon Ki Vanshgatha
- Author Name:
Shivkumar Tiwari
- Book Type:

-
Description:
गोंड राजवंश का उदय कल्चुरियों या हैहयवंशी राजवंश के अस्त होने पर हुआ। गोंड राजवंश के प्रारम्भिक राजा स्वतंत्र राजा थे। इनके राजकाल के ऐतिहासिक साक्ष्य तब से मिलने प्रारम्भ होते हैं जब भारत में लोदीवंश का शासन था। इन प्रारम्भिक स्वतंत्र गोंड राजाओं का जीवन चरित लेखक ने राजकमल प्रकाशन द्वारा वर्ष 2008 में प्रकाशित ग्रन्थ ‘चरितानि राजगोंडानाम्’ में लिपिबद्ध किया था। करद राजाओं का जीवन चरित ‘राजगोंडों की वंशगाथा’ ग्रन्थ के रूप में प्रस्तुत
है।
इस वृत्तान्त में गढ़ा कटंगा राज्य की उन सभी पीढ़ियों के राजाओं की जिजीविषा की कहानियाँ हैं, जिन्होंने मुग़लकाल के पश्चात् मराठा काल तक राज्य किया। ये गाथाएँ मानवीय विश्वास, संवेदना और कर्मठता के अतिरिक्त चार से अधिक शताब्दियों की कालावधि में हुए मानवीय विकास की कथाएँ हैं। ये जनजातीय राजे अपने विकासक्रम में निरक्षर, अपढ़ या गँवार नहीं रहे, न ही ये सर्वथा ऐकान्तिक रहे वरन् इनमें से अनेक साहित्यानुरागी, कलाप्रेमी और समकालीन राजनीति के खिलाड़ी भी रहे। ऐसे राजाओं में हृदयशाह का नाम उल्लेखनीय है। ग्रन्थ के पूर्वार्द्ध में राजगोंड कुलभूषण हृदयशाह की दो आगे की और दो पीछे की पीढ़ियों का वर्णन है। इन सभी पीढ़ियों में उनका व्यक्तित्व बेजोड़ है।यह पुस्तक निश्चित ही न तो इतिहास विषय का ग्रन्थ है और न ही सामाजिक शोध-प्रबन्ध, अतः इसकी अकादमिक उपयोगिता को बढ़ाने से सम्बन्धित किसी प्रयास की चर्चा बेमानी है। प्रयास यह रहा है कि कहानियों में ऐतिहासिकता अक्षुण्ण रहे, कल्पना प्रसूत पात्र एवं घटनाएँ यथासम्भव कम से कम हों। प्रत्येक ऐतिहासिक घटना को अलग-अलग इतिहासकार अपने नज़रिए से देखते हैं, परन्तु कहानी में घटना को किसी एक ही नज़रिए से देखा जा सकता है, यह उसकी सीमा है और आवश्यकता भी। सामान्य तौर पर कथाओं में वे घटनाएँ चुनी गई हैं जिनसे सर्गों की सूत्रबद्धता क़ायम रहे, परन्तु साथ ही वे सम्बन्धित राजाओं के जीवन की मुख्य घटनाएँ हों।
Psychology of Becoming Super Rich with Share Market | Using Candlestick & Chart Patterns
- Author Name:
Shyam Sundar Goel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prema
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Israel (Hindi Translation of Israel: A Concise History of A Nation Reborn)
- Author Name:
Daniel Gordis
- Book Type:

- Description: इजराइल के लिए प्रारंभिक वर्ष बेहद कठिन थे। एक बिल्कुल नया देश, जिसके पास कोई वित्तीय भंडार नहीं था और बुनियादी ढाँचा भी न के बराबर था, उसको अचानक से अपनी आबादी से कहीं अधिक आप्रवासियों को समायोजित करना पड़ा। पर जल्दी ही हर क्षेत्र में इजराइल ने विकास के आश्चर्यचकित कर देनेवाले काम किए। एक ऐसा देश, जिसे 1950 के दशक में खाने की राशनिंग करनी पड़ी थी, सन् 2000 तक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार जीतनेवाली दर्जनों वाइनों का उत्पादन कर रहा था। एक ऐसा देश, जिसके पास कई दशकों तक मात्र एक टेलीविजन स्टेशन था, वहाँ अब अनगिनत चैनल प्रसारित हो रहे थे और वह ऑस्कर के लिए प्रतिस्पर्धा करनेवाली फिल्मों का निर्माण कर रहा था। एक ऐसा देश, जिसमें नरसंहार से बचे कई लोग रह रहे थे, जो धैर्य और सहनशीलता के प्रतीक थे; वह अब एक सैन्यशक्ति बन गया था। लंबे समय तक सीखने को पवित्र कार्य माननेवाले लोग असाधारण परिणामों के साथ उस परंपरा को अपने नवजात देश में लाए, नोबेल पुरस्कार जीता और कई क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक स्थापित किए प्रखर राष्ट्रवाद का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करनेवाले देश की यशोगाथा, जिसके नागरिकों ने अद्भुत जिजीविषा और अदम्य इच्छाशक्ति दिखाकर अपने राष्ट्र को विश्व का सिरमौर बना दिया।
THE TALE OF THE TWIN WARRIORS
- Author Name:
Bannanje Babu Amin +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Oral epics in any Indian language are generally associated with certain specific communities, defined by their traditional occupations; and the present oral epic Koti Channaya belongs to the Billava community. This poetic narrative, which records the life and adventures of the two cultural heroes of the Billava community, their yearning for cultivable land, their brave opposition to the established powerful classes, and their tragic end, is sung by the members of the particular communities called Pambada and Parava of coastal Karnataka, during the annual worship of the twin heroes. The oral epic, Koti Chennaya unravels the world of Billava community (traditionally toddy-tappers) of coastal Karnataka recording in the process the life and adventures as also the travails and tribulations of the two cultural heroes of Billava community. Most of the oral epics begin with a 'Creation Myth', which begins with the creation of the entire universe step by step, thus focuses on the legendary first parents/ancestors of the community concerned. Such a myth, besides glorifying the cultural heroes of the epic, gives a privileged position to the community by linking it with the rest of the world and gives it a socio-cultural identity. Koti Channaya also begins with a 'Creation Myth'. A recent study undertaken by UNESCO says that half of the 6,700 languages spoken in the world at present face the danger of extinction before the end of this century.
Lady Susan
- Author Name:
Jane Austen
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kashmiri Ki Classic Kahaniyan "कश्मीरी की क्लासिक कहानियाँ" Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Shiben Krishen Raina
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Great Oceans Within Us
- Author Name:
Killada Satyanarayana, IPS
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Law of Attraction and Practical Mental Influence
- Author Name:
William Walker Atkinson
- Book Type:

- Description: In this New Thought classic, Atkinson looks at the law of attraction in the thought world. He points out the similarities between the law of gravitation and the mental law of attraction. He explains that thought vibrations are as real as those manifesting as light, heat, magnetism and electricity. The difference is in the vibratory rate which also explains the fact that thought vibrations cannot usually be perceived by our 5 senses. This is a really inspiring book. It gets you focused on your dreams and goals with very simple to understand directions. Everyone who reads and applies the information with a spirit of enthusiasm can feel the transformation in his life.
Reminiscences Of A Stock Operator (Pb)
- Author Name:
Edwin Lefevre
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Anandiben Patel : Pratibadhhata Ke Padchinha
- Author Name:
Ashok Desai +1
- Book Type:

- Description: आनंदीबेनजी की सबसे बड़ी खूबी है—अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी शक्ति से और निरंतर उत्साह से प्रवृत्त रहना। कभी भी हार न मानना, कर्तव्य में शिाथिलता न लाना और आसपास उदासीनता उभरने नहीं देना। उत्साहपूर्वक प्रवृत्त होना ही उत्थान या अभ्युत्थान कहलाता है। महाभारत के शांति पर्व, अनुशासन पर्व आदि में सर्वत्र कहा गया है कि उत्साहपूर्ण कर्म ही राजधर्म का मूल है। इस कर्म के बल पर ही आनंदीबेनजी ने गुजरात में बड़े-बड़े लोकहितकारी परिवर्तन कर दिखाए। आज हमें यह कहने में जरा भी संकोच नहीं है कि लोकहित के प्रति ऐसा समर्पण, ऐसी चिंता और ऐसी सजगता आज के परिदृश्य में दुर्लभ हो चुकी है। लोगों से संवाद, अधिकारियों के साथ बैठक और फाइल पर निर्णय लेने में उनकी सकारात्मकता देखते ही बनती है। 'समय पर न्याय न मिलना भी अन्याय ही है', इसको हमेशा ध्यान में रखकर आनंदीबेनजी ने कभी कोई काम कल पर नहीं टाला। ऐसी अनगिनत विशेषताएँ आनंदीबेनजी को सच्चा राजनेता बनाती हैं। उनके द्वारा किए कार्यों का संकलन करते समय हम बार-बार आश्चर्य में पड़ते रहे कि कितनी सहजता से आनंदीबेनजी बड़े-बड़े कार्य करती चली गईं। कर्मयोग का जीवंत दस्तावेज बन गई यह पुस्तक निश्चय ही सभी कर्मयोगियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगी ।
Narad Muni Ki Aatmkatha
- Author Name:
Dr. Laxmi Narayan Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vivek Ki Seema
- Author Name:
N.K. Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swapna Aur Yatharth : Azadi Ki Aadhi Sadi
- Author Name:
Puran Chandra Joshi
- Book Type:

- Description: पूरनचन्द्र जोशी की यह कृति ‘स्वप्न और यथार्थ : आज़ादी की आधी सदी’ सारगर्भित आठ निबन्धों और दो संवादों का एक विचारोत्तेजक भूमिका के साथ तैयार किया गया अत्यन्त महत्त्वपूर्ण संग्रह है। भारतीय इतिहास के इस निर्णायक कालखंड का समाज–विज्ञान की बहुआयामी और बहुमुखी—ऐतिहासिक, तुलनात्मक और मानकीय—दृष्टियों से अवलोकन, विवेचन और मूल्यांकन ही इन निबन्धों की विशेषता है। वैचारिकता और संवेदना के मेल में ही इन निबन्धों की ताज़गी और जीवन्तता है। यह संग्रह अर्थ, समाज, राजनीति, संस्कृति और इतिहास के विद्वानों के लिए इस महत्त्वपूर्ण कालखंड पर नई दृष्टि, व्याख्याएँ और नए निष्कर्ष प्रस्तुत तो करता ही है; सम्भावनाओं और अवरोधों, उपलब्धियों और अपूर्णताओं के द्वन्द्व की इस आधी सदी की विस्तार और गहराई में खोज के नए क्षितिज के उजागर के साथ यह देश की, विशेषकर हिन्दी प्रदेश की, वर्तमान दुविधाग्रस्त स्थिति और दिशाहीन भविष्य से चिन्तित विचारशील नागरिक समुदाय को भी नई सोच, नई चेतना और नई दिशा के संघर्ष में भागीदार बनाता है। उपनिवेशवाद से स्वायत्त राष्ट्रवाद में संक्रमण की यह आधी सदी क्यों विशाल जन–साधारण के लिए स्वप्न–भंग बनती गई है और उसे ‘चरैवेति चरैवेति’ की चुनौती में बदलने की वैचारिक दिशा और रणनीति क्या होगी, इस खोज में ही इस संकलन की सार्थकता है। संक्रमण के इस दौर में प्रभुत्व के आकांक्षी नव मध्यमवर्ग और सच्चे ‘स्वराज’ से वंचित जन–साधारण के बीच अलगाव और टकराव जहाँ इस त्रासदी के मुख्य कारण हैं, वहाँ प्रबुद्ध बुद्धिजीवी समुदाय और सचेत जनसाधारण के बीच संवाद द्वारा ही इस त्रासदी से मुक्ति सम्भव है। जोशी जी के मत में यही नवजागरण और स्वाधीनता संघर्ष की असली विरासत है और आज के दौर का आग्रह भी। इस दृष्टि से स्वप्न और यथार्थ एक शोध–ग्रन्थ ही नहीं, जन–मुक्ति का घोषणा–पत्र भी है।
Nature, Science and Modern Life
- Author Name:
Dr. Y.S. Rajan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Karmayoddha Jai Karan
- Author Name:
Madhurendra Sinha
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक के प्रेरणा-स्रोत और लेखक को प्रोत्साहित करनेवाले जय करण जी के तीनों सुपुत्र—राजेश, मुकेश और सचिन। ये अपने पिता को गाइड और गुरु मानते हैं और उनकी सीख को अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए उन्होंने बड़े जतन से यह पुस्तक प्रकाशित करवाई। उनका लक्ष्य उनके जीवन की अच्छाइयों को आम जन तक पहुँचाना है। जय करण जी के जीवन से प्रेरणा पाकर अगर कुछ युवा उनके दिखाए रास्ते पर चल पड़ेंगे तो इस पुस्तक के लेखन का उदेसिये पूरा हो जाएगा। मैं इस किताब को अपने पिता को समर्पित करना चाहता हूँ जो मेरे गुरू और मेरे हीरो भी थे। मैंने बचपन से उन्हें हर पल को जीते देखा। वह कहते थे कि कोई भी ब्रांड यूँ ही नहीं बन जाता है। उसके लिए वर्षों तक लगातार क्वालिटी सर्विस देनी पड़ती है और तभी कस्टमर का भरोसा जीता जाता है। मैं चाहता हूँ कि उनकी इस जीवनी को पढऩेवाले उन सभी को प्रोत्साहन मिले जो स्टार्ट अप शुरू कर रहे हैं या अपना सफल उद्यम खड़ा चाहते हों या अपना प्रतिष्ठित ब्रांड बनाना चाहते हों। मैंने कोशिश की है कि यह एक पुस्तक नहीं बल्कि एक जीवन को जीने की गाथा बने जिसे प्रस्तुत करने के लिए मैंने दो साल की मेहनत और देश के विभिन्न शहरों और गाँवों में दो सौ से भी ज्यादा लोगों के इंटरव्यू को आधार बनाया। पुस्तक का सार यह है कि कैसे इस कमर्शियल दुनिया में खुश भी रहा जाए और सफलता भी पाई जाए। —सचिन हरितश
Seengawale Gadhe
- Author Name:
Prem Janmejay
- Book Type:

- Description: प्रेम जनमेजय से मिलकर, बात कर, कभी नहीं लगता कि ये व्यंग्य विधा की राह के पहुँचे हुए मुसाफिर हैं। ऐसा ही श्रीलाल शुक्लजी के साथ था। वे कभी बातचीत में व्यंग्य नामक हथियार का इस्तेमाल नहीं करते थे। ये ऐसे व्यंग्य-गुरु हैं, जो अपनी तिरछी नजर पर मृदुता, मस्ती और मितभाषिता का चश्मा लगाए रहते हैं। कुछ लोगों का खयाल है कि व्यंग्य लेखक एक किस्म के कार्टूनकार होते हैं, जिन्हें सारी दुनिया आँकी-बाँकी दिखाई देती है। एकदम गलत धारणा है यह। जैसे कविता, कहानी, उपन्यास नाटक और निबंध, साहित्य की विधाएँ हैं, वैसे ही व्यंग्य तथा हास्य, व्यंग्य की विधाएँ हैं। कमजोर हाथों में पडक़र ये विद्रूप और फूहड़ हँसी-ठट्ठा का रूप लेती होंगी, लेकिन प्रेम जनमेजय उन इलाकों में जाते ही नहीं हैं। वे हरिशंकर परसाई, शरद जोशी और श्रीलाल शुक्ल की परंपरा में व्यंग्य विधा में संलग्न हैं। उनके लिए व्यंग्य एक गंभीर कार्य और चिंतन है, जिससे वे समाज की विसंगतियों और समय के अंतर्विरोधों पर रोशनी डाल सकें। परिवर्तन काल सुविधा के साथ-साथ सक्रांति काल भी लाता है। प्रेम जनमेजय ने बहुत समझदारी और गहन अध्ययन से अपनी साहित्य-विधा चुनी है। व्यंग्य विधा पर चाहे जितना हमला किया जाए, सब जानते हैं कि बिना व्यंग्य-विनोद के कोई भी रचना पठनीय नहीं हो सकती। प्रेमजी में एक कथातत्त्व समानांतर चलता है। इसी कथा-जाल में वे धीरे से अपना काम कर जाते हैं। —ममता कालिया
Alvida Chunavi Rajneeti
- Author Name:
Shanta Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
37 Years NEET Chapterwise & Topicwise Solved Papers Biology (2024-1998) | As Per NCERT Class 11 & 12 Include New Syllabus PYQs Question Bank For 2025 Exam
- Author Name:
Dr. Yatindra Singh +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Islamic Radicalisation In India: Origin And Challenges Book in English by Arun Anand
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book