Desh, Samaj Aur Rajneeti Ka Aaiena
Author:
M.J. AkbarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 320
₹
400
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789351866312
Pages: 280
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Aapki Jeet
- Author Name:
Zig Ziglar +1
- Book Type:

- Description: पचासी वर्ष की आयु और पचास वर्ष से भी अधिक समय तक दुनिया को बहुत कुछ देते रहनेवाले जिग जिगलर प्रेरणादायी और उत्साहवर्धक बातचीत का एक ऐसा प्रतिष्ठित नाम बन चुके हैं, जिन्हें कई लोग प्रेरणा और संतुलित जीवन का जनक तक कहते हैं। उनकी आखिरी और अब तक की सबसे विस्तृत और समग्र पुस्तक पेश है आपकी जीत! जानिए अपनी सफलता का सूत्र। जिग जिगलर की आखिरी पुस्तक में जीवन का कायाकल्प करनेवाले साधनों और उपायों से जुड़े साढ़े चार दशक के अनुभवों को प्रेरक, संक्षिप्त और सरल रूप में समेटा गया है, जिनका उपयोग अंतिम पंक्ति के वे लोग आसानी से कर सकते हैं, जो अपने जीवन का विस्तार और सुधार अभी-की-अभी करना चाहते हैं। पाठक यह जान जाएँगे कि जब आपके पास चीजों को बदलने की उम्मीद और उस बदलाव को संभव बनाने की योजना होती है, तब आप कर सकते हैं और करते भी हैं। जिग जिगलर के संपूर्ण व्यक्तित्व, जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण ने करोड़ों लोगों को अच्छा स्वास्थ्य, परिवार और मित्रों के प्रति अगाध प्रेम और आभार, वित्तीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता, तथा मन की आध्यात्मिक शांति दी है। आप जब सही मायने में समझ जाते हैं कि आपकी जीत निश्चित है, तब आप दुनिया को बदल सकते हैं!
Bihar Ke Mele
- Author Name:
Subodh Kumar Nandan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shrinaresh Mehta Rachanawali : Vols. 1-11
- Author Name:
Shri Naresh Mehta
- Book Type:

-
Description:
श्रीनरेश मेहता अपनी परम्परा के प्रति ‘आत्मविस्मृत आधुनिकों’ में नहीं, बल्कि उन आधुनिक कवियों में हैं, जो तमाम आयातित विचारों और प्रवृत्तियों के लिए खुले रहते हुए भी उनकी अधीनता स्वीकार नहीं करते। इतना ही नहीं, सतत एक आधुनिक भारतीय कवि की उपस्थिति भी दर्ज कराते हैं। वे निषेध नहीं करते, वरन् अपरिहार्य हो उठे आयातित विचारों और विचारधाराओं के बीचोबीच अपनी ही संस्कारगत प्रज्ञा से नई लपट उठाते हैं, अपने भीतर से विचारों और मूल्यों का सन्धान करते हैं, जो वैकल्पिक या ‘प्रति’ नहीं हैं, स्वयं संकल्प हैं, जिनकी सन्दर्भवत्ता भी है, प्रासंगिकता भी और सनातनता भी।
भाषा के नए प्रयोगों और अन्वेषणों की दृष्टि से श्रीनरेश मेहता का आधुनिक युग में भी कोई सर्जक उल्लंघन नहीं कर सका है। उसका कारण उनका वैदिक, औपनिषदिक, सांस्कृतिक परम्परा में प्रयुक्त भाषा में नवार्थ भरना है; भागवत, वृन्दावन, प्रार्थना, ऋचा, मंत्र, गायत्री, अनुष्टुप, शिवत्व, उपनिषद्, वैष्णवता, उत्सव, यज्ञ, बिल्व–पत्र, यज्ञोपवीत, अश्वत्थ—जैसे पचासों शब्दों और उनके विभिन्न रूपों का सिर्फ़ प्रयोग ही नहीं, इनमें नया अर्थ भरना सर्वथा भाषा का मौलिक अन्वेषण है। इसके अलावा मालवा के लोक–शब्द, बांग्ला–शब्द आदि का भरपूर प्रयोग श्रीनरेश जी की भाषा में मिलता है; और कहना न होगा कि वह सर्जक वास्तव में बहुत बड़ा होता है जो भाषा का सन्धान करता है।
श्रीनरेश मेहता के काव्य में प्रकृति की महत् भूमिका है। प्रकृति से उनका बड़ा घरोपा है। उनके भीतर के तार उससे जुड़े हैं। यहाँ तक कि उनका स्वयं का जीवन प्रकृत रहा—अकृत्रिम, सहज। प्रकृति के अनेक रूप, रंग, बिम्ब, सम्बन्ध श्रीनरेश मेहता के काव्य में आद्यन्त खिले हुए हैं। वह उनके सोच और अभिव्यक्ति की सहयात्री है।
ग्यारह खंडों में प्रकाशित श्रीनरेश मेहता रचनावली का यह पहला खंड है। इस खंड में ‘बनपाखी! सुनो!!’, ‘बोलने दो चीड़ को’, ‘मेरा समर्पित एकान्त’, ‘उत्सवा’, ‘तुम मेरा मौन हो’, ‘अरण्या’, ‘आखिर समुद्र से तात्पर्य!’ शीर्षक काव्य–संकलन शामिल हैं।
MPPEB Madhya Pradesh Shikshak Patrata Pariksha-2022 10 Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sang-Satsang
- Author Name:
Namvar Singh
- Book Type:

-
Description:
नामवर सिंह न सीमित अर्थों में साहित्यकार हैं, न आलोचक। इसके बावजूद वे इन साक्षात्कारों में मुख्यत: आलोचक के रूप में उभरते हैं। नामवर जी का आलोचक समाज में बातचीत करते हुए, वाद-विवाद-संवाद करते, प्रश्न-प्रतिप्रश्न करते सक्रिय रहता है और विचार, तर्क और संवाद की उस प्रक्रिया से गुज़रता है जो आलोचना की बुनियादी भूमि है। आलोचना लिखित हो या वाचिक, उसके पीछे बुनियादी प्रक्रिया है—पढ़ना, विवेचना, विचारना। तर्क और संवाद। नामवर जी के साक्षात्कारों में इसका व्यापक समावेश है। इनसे गुज़रते हुए हम महसूस करते हैं कि वह किसी रचना को हमेशा नई और अपनी तरह से पढ़ने की कोशिश करते हैं और इस तरह ‘पढ़ते’ हुए वे लगातार नई तरह से ‘सोचते’ और ‘विचारते’ हुए सामने आते हैं। उनकी वाचिक आलोचना मूल्यांकन की ऊपरी सीढ़ी तक पहुँचती है। निकष बनाती है। प्रतिमानों पर बहस करती है। उसमें ‘लिखित’ की तरह की ‘कौंध’ मौजूद होती है।
इस पुस्तक में संकलित साक्षात्कारों का विषय-क्षेत्र अत्यन्त विस्तृत है। मार्क्सवाद, समकालीन विश्व, पूँजीवाद, नवसाम्राज्यवाद, नवफ़ासीवाद और भारतीय लोकतंत्र के विरूपीकरण से लेकर कविता, कहानी, उपन्यास और निजी जीवन तक—साहित्य और देश-दुनिया की उनकी समझ का एक स्पष्ट प्रतिबिम्ब यहाँ मिलता है। उनकी विश्व-दृष्टि का रूपायन इनमें हुआ है।
Trading Banknifty Options | Hindi Translation of Trading Banknifty Options | Pramod Kumar
- Author Name:
Pramod Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ajneya Aur Unke Upanyas
- Author Name:
Gopal Ray
- Book Type:

- Description: उपन्यास की रचना-प्रक्रिया तो सैद्धान्तिकी गढ़ती ही है लेकिन एक आलोचक का दायित्व होता है कि वह रचना को व्यावहारिक मनोभूमि पर परखे। गोपाल राय ने अज्ञेय के उपन्यासों को उपन्यास की सैद्धान्तिकी के आधार पर देखते हुए उसके विश्लेषण को व्यावहारिक धरातल पर उकेरा है। यह पुस्तक वस्तुत: अज्ञेय के उपन्यासों की व्याख्या के क्रम में एक आरम्भिक मूल्यांकन का प्रयास है। अज्ञेय का उपन्यास-संसार मूल रूप में ‘शेखर : एक जीवनी’ (भाग-एक 1940 एवं भाग-दो 1944), ‘नदी के द्वीप’ (1951) और ‘अपने-अपने अजनबी’ (1961) तक विस्तृत है। आलोचक गोपाल राय ने इन्हीं उपन्यासों की रचना-भूमि पर अपनी लेखनी चलाई है। इस पुस्तक में अज्ञेय की जीवनी-रेखा, रचना परिवेश, साहित्य सम्बन्धी विचार का परिचयात्मक मूल्यांकन करते हुए; अज्ञेय के औपन्यासिक-संसार की व्यावहारिक समीक्षा लिखी गई है। ‘हिन्दी उपन्यास साहित्य में अज्ञेय का स्थान’ शीर्षक अध्याय उपन्यासकार अज्ञेय के लिए मूल्यांकन के प्रतिमान बनाने का कार्य भी करता है। इस तरह यह पुस्तक अज्ञेय के उपन्यासों के रूप और वस्तु की संरचना पर मूल्यांकन की प्राथमिक पहल करती जान पड़ती है। आशा है कि गोपाल राय की यह आलोचना कृति रचनकार अज्ञेय और उनके उपन्यासों की पड़ताल में पाठकों के बीच एक सेतु-निर्माण का कार्य करेगी।
Bhaktiyoga
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: भारतवर्ष के साधु-महापुरुषों के बीच भक्ति ही चर्चा का विषय रही है। भक्ति की विशेष रूप से व्याख्या करनेवाली शांडिल्य और नारद आदि महापुरुषों को छोड़ देने पर भी, स्पष्टत : ज्ञानमार्ग के समर्थक, व्याससूत्र के महान् भाष्यकारों ने भी भक्ति के संबंध में हमें बहुत कुछ बतलाया है। भले ही इन भाष्यकारों ने सब सूत्रों की न सही, पर अधिकतर सूत्रों की व्याख्या शुष्क ज्ञान के अर्थ में ही की है।
Renu Ka Janpad
- Author Name:
Gajendra Pathak
- Book Type:

- Description: Criticism
BPSC TRE 3.0 Bihar Primary School Teacher Recruitment Class 1 to 5 General Studies - 2024 (English)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Financial Freedom Thru Miracle Of S.I.P.
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Apratim Bharat
- Author Name:
Shri Bhagwat Pariwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Steve Jobs
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sant Kathayen Marg Dikhayen
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stree : Samaj Aur Dharm
- Author Name:
Taslima Nasrin
- Book Type:

-
Description:
तसलीमा नसरीन कहती हैं कि इस पृथ्वी पर लड़कियों के ख़िलाफ़ एक यौन-युद्ध चल रहा है; उन स्त्रियों के ख़िलाफ़ जिन्हें इस मानव-प्रजाति को जीवित रखने का श्रेय जाता है; उन महिलाओं के ख़िलाफ़ जिन्होंने सिद्ध कर दिया है कि वे हर उस काम को और ज़्यादा अच्छे ढंग से कर सकती है, जिसे पुरुष अपना काम कहता आया है।
‘स्त्री : समाज और धर्म’ में तसलीमा नसरीन के वे आलेख संकलित हैं जो उन्होंने समय-समय पर उन घटनाओं, ख़बरों और अपने अनुभवों की रोशनी में लिखे हैं जिनके केन्द्र में स्त्री और उसके दुख हैं। मुख्यतः बांग्लादेश, भारत और पाकिस्तान की पृष्ठभूमि में की गई ये टिप्पणियाँ बताती हैं कि सभ्यता चाहे जितना आगे बढ़ी हो, स्त्री को लेकर पुरुष की सोच नाममात्र को ही बदली है। धर्म और समाज के अनेक नियमों, परम्पराओं, आग्रहों और मान्यताओं में उनकी यह सोच झलकती है। पुरुष हिन्दू हो या मुस्लिम या फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प, स्त्री सभी के लिए वस्तु है।
तसलीमा नसरीन हमेशा ही असाधारण साहस और साफ़गोई के साथ तीखी भाषा में पुरुष सत्ता को ललकारती रही हैं; इसके लिए वे एकदम सहज और सजीव गद्य की रचना करती हैं, जो हर बार उतना ही प्रभावशाली सिद्ध होता है।
Adhyatmik Chetna Se Payen Khushi
- Author Name:
Manoj Srivastava::Dr. Shipra Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Janki Van Gaman
- Author Name:
Shipra Pathak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BSSTET Bihar Special School Teacher Eligibility Test Class 1-5 Paper-1 | 5 Model Solved Question Papers and 10 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
I Know You Now
- Author Name:
Sushant Changotra
- Rating:
- Book Type:

- Description: Nitin’s mother means the world to him and when she breathes her last in his arms, it changes him upside down. A soft and humble guy declares rebellion against his father. On the way to fulfill his father’s desire of him becoming an engineer, he takes a bold decision and runs away to a completely new city for pursuing his ambition of becoming a famous singer. Against all the odds, he is not just able to fight the blues, but also forges new bonds of friendship in a completely new place. Once again destiny catches up with his happiness and he finds himself on the crossroad of life. His most loved friends end up in grave trouble and Nitin is confronted with the most difficult choice of his life! Will Nitin be able to survive the outcome of his choice and come out of it as a champion or will he take the plunge towards deluge of depression? Nitin’s journey is the one, which almost every individual has to undergo in one form or the other. This story gives the insight into the actual challenges that confront all of us and it also shares the wisdom to understand that most solutions are not just within our reach, but are within ourselves. The process is just about digging deep within.
Super Genius Computer Learner-8
- Author Name:
Manuj Bajaj +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...