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It is a story of a boy, Aditya, who struggles hard to achieve his dreams despite many odds. The novel takes the reader through Aditya's early childhood adventures to success in school and college. The college trekking expedition to the Himalayas takes the reader through beautiful, unique experiences of the Himalayas, where Aditya wins his love. It describes ways to understand the world differently and even touches on various social issues prevalent in India, like caste, religion, child abuse, corruption and inflation. The final part talks of the inner voice and mysticism of the universal soul, which is considered a great guiding force for a human being, provided he lowers his defence mechanisms to hear it. It is a philosophical, psychological and motivational story. This book won't let its reader lose the battle of life. It equips them to understand the world better and never get used by anybody. A self-motivating novel will provide energy to its readers to excel and succeed in life, especially those searching for their dream.
Read moreAbout the Book
It is a story of a boy, Aditya, who struggles hard to achieve his dreams despite many odds. The novel takes the reader through Aditya's early childhood adventures to success in school and college. The college trekking expedition to the Himalayas takes the reader through beautiful, unique experiences of the Himalayas, where Aditya wins his love.
It describes ways to understand the world differently and even touches on various social issues prevalent in India, like caste, religion, child abuse, corruption and inflation.
The final part talks of the inner voice and mysticism of the universal soul, which is considered a great guiding force for a human being, provided he lowers his defence mechanisms to hear it. It is a philosophical, psychological and motivational story.
This book won't let its reader lose the battle of life. It equips them to understand the world better and never get used by anybody.
A self-motivating novel will provide energy to its readers to excel and succeed in life, especially those searching for their dream.
Book Details
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ISBN9788184303452
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Pages192
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Avg Reading Time6 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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यह ग्रन्थ तुगलक़ बादशाहों के महत्त्वपूर्ण कालखंड सन् 1351 से 1398 ई. पर केन्द्रित है। इस दौर में शासन की बागडोर सुल्तान फ़ीरोज़ और उसके उत्तराधिकारियों के हाथों में थी। यह ग्रन्थ उस युग की अत्यन्त महत्त्वपूर्ण और प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराता है।
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अनुवाद में फ़ारसी, अरबी के प्रचलित नियमों को, जिनका पालन इतिहासकार करते रहे हैं, ध्यान में रखा गया है। साथ ही आवश्यक टिप्पणियाँ भी जगह-जगह दर्ज कर दी गई हैं ताकि पाठकों को विषय को समझने में सुविधा हो।
इतिहास के छात्रों, शिक्षकों, शोधार्थियों और इतिहासकारों के साथ-साथ इतिहास में रुचि रखनेवाले आम पाठकों के लिए भी ग्रन्थ संग्रहणीय है।
Rebels Against the Raj
- Author Name:
Ramchandra Guha +1
- Book Type:

- Description: भारतीय स्वातंत्र्यासाठी झालेला संघर्ष आणि लढा यांचा असाधारण इतिहास म्हणजे ‘रिबेल्स अगेन्स्ट द राज' हे पुस्तक होय. जो देश स्वत:चा नाही, त्याच्यासाठी लढणाऱ्या सात वीरांची ही बव्हंशी अपरिचित अशी कहाणी आहे. भारताच्या स्वातंत्र्यलढ्याला हातभार लावण्यासाठी एकोणिसाव्या शतकाच्या अखेरीपासून हे विदेशी वीर देशात दाखल होऊ लागले होते. या सातांपैकी चार ब्रिटिश होते, दोन अमेरिकी होते, तर एक आयरिश होती. त्यांत चार पुरुष आणि तीन स्त्रिया होत्या. कारावास भोगण्याआधी वा हद्दपार केले जाण्याआधी त्यांनी अनेक क्षेत्रांत पायाभूत कार्य केले होते. त्यांत पत्रकारिता, सामाजिक सुधारणा, शिक्षण, सेंद्रीय शेती आणि पर्यावरण यांचा अंतर्भाव होता. हे पुस्तक त्यांच्या कहाण्या सांगते. प्रत्येक बंडखोर आदर्शवाद आणि सच्च्या समर्पणवृत्तीने भारावलेला होता. प्रत्येक या ना त्या प्रकारे गांधींशी जोडला गेलेला होता. त्यांतील काही अनुयायी म्हणून तर काही त्यांच्या दृष्टिकोनाचे संतप्त विरोधक म्हणून. संघर्षाची परिणती तुरुंगवासात होऊ शकते, आणि त्यांचे उर्वरित आयुष्य भारतातच जाऊ शकते वा येथेच त्यांचा मृत्यूही होऊ शकतो, याची खूणगाठही प्रत्येकाने मनाशी बांधलेली होती. आपापल्या कार्यक्षेत्रात प्रत्येकाने आपला अमीट ठसा उमटवला होता आणि त्यांनी उभ्या केलेल्या संस्था तसेच त्यांनी घडविलेल्या पिढ्या व व्यक्ती यांच्या रूपाने त्यांचा वारसा आजही जिवंत आहे. आपसात गुंतलेल्या त्यांच्या जीवन प्रवासाच्या या गोष्टी, जगातील सर्वोत्तम इतिहासकारांमध्ये गणल्या जाणाऱ्या लेखकाने लक्षवेधकपणे मांडल्या आहेत. अर्थात या केवळ गोष्टी नाहीत, तर भारत आणि पाश्चात्त्य जग यांचे संबंध, ब्रिटिश वसाहतवादी सत्तेपलीकडील आपली ओळख तसेच नागरी स्वातंत्र्ये यांचा शोध घेणारे राष्ट्र म्हणून भारताची धडपड, यांविषयीची सखोल अंतर्दृष्टी देणाऱ्या अनोख्या कहाण्या आहेत. Rebels Against The Raj | Ramachandra Guha Translated By : Satish Kamat रिबेल्स अगेन्स्ट द राज | रामचंद्र गुहा अनुवाद : सतीश कामत
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