Sabhi Ke Liye Yoga
Author:
B.K.S. IyengarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 600
₹
750
Available
"योग-साधना के विश्वविख्यात उपासक एवं योगाचार्य बी.के.एस. आयंगार द्वारा योग विषय पर हिंदी में प्रकाशित पहली पुस्तक। यह कहना अतिशयोक्ति न होगी कि योग जैसे विस्तृत विषय पर लिखित यह पुस्तक परंपराओं से हटकर है।
इसमें योगासनों के विशुद्ध रूप, उनका शुद्धाचरण, उनकी बारीकियाँ, शरीर की कमियाँ और रोग-व्याधियों के अनुसार योगासनों का चयन आदि के संबंध में सविस्तार मार्गदर्शन सहज, सरल एवं बोधगम्य रूप में किया गया है। योग और योगासनों का सूक्ष्म विश्लेषण, जो हर आयु-वर्ग के पाठकों हेतु उपयोगी है।
अधिक विस्तृत व उपयोगी जानकारियाँ, जिन्हें पढ़कर पाठकगण आसानी से योग, योगासन व प्राणायाम सीख सकते हैं। विशिष्ट संप्रेषण शैली एवं शरीर विज्ञान संबंधी वैज्ञानिक विश्लेषण पुस्तक की अतिरिक्त विशेषता है। योगासनों की विभिन्न स्थितियों को दरशाते लगभग 300 रेखाचित्र, ताकि विषय को समझने में आसानी रहे। आसन, प्राणायाम, धारणा, ध्यान आदि अंगों के सर्वांगीण विवेचन से परिपूर्ण पुस्तक।
प्रत्येक परिवार के लिए पठनीय, उपयोगी एवं संग्रहणीय पुस्तक।
ISBN: 9789350485897
Pages: 344
Avg Reading Time: 11 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Shri Ramakrishna Paramhansa
- Author Name:
Sirshree Tejparkhi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jungle Ki Jadi Butiyan
- Author Name:
Ramesh Bedi
- Book Type:

-
Description:
वैज्ञानिक उपलब्धियों ने जीवन को जहाँ सहज व सुलभ बनाया है, वहीं प्रकृति से की गई छेड़-छाड़ के कारण पर्यावरण दूषित हुआ है। असाध्य रोगों के पीछे मुख्य कारक प्रदूषण भी रहा है। स्वस्थ रहने के लिए प्रकृति हमें असंख्य फल, फूल, सब्ज़ी, अनाज, जड़ी-बूटी उपलब्ध कराती है। प्रस्तुत पुस्तक प्रकृति से न सिर्फ़ हमारा तादात्म्य बनाती है, वरन् उन जड़ी-बूटियों से भी परिचय कराती है जिनके दैनिक इस्तेमाल से हम कई बीमारियों से स्वयं को बचा सकते हैं।
एरण्ड, पुनर्नवा, कतीरा हिन्दी, फनियर बूटी, कपूर तुलसी, बन काकड़ू, गोखरू, भांग, जवा पिप्पली, लता करंज, दण्डी दरिया, विधारा, निर्गुण्डी कन्द, सत्यानाशी, न्याज़बो, सफ़ेद सत्यानाशी, पिण्डालु, सर्पगन्धा तथा पिप्पली आदि लगभग 19 वनस्पतियों का चित्रों व रेखाचित्रों सहित वर्णन पुस्तक को सुग्राह्य बनाता है। इन मानव उपयोगी वनस्पतियों के विविध भाषाओं में नाम, उनकी पहचान, उनका प्राप्ति-स्थान, उनकी कृषि, रासायनिक संघटन, घरेलू दवा-दारू में उपयोग तथा औद्योगिक उपयोग आदि दिए हैं। जड़ी-बूटियों में रुचि रखनेवालों, आयुर्वेद व यूनानी के अध्येताओं, अनुसन्धानकर्ताओं, वन-अधिकारियों व वनकर्मियों, फ़ार्मेसियों, कच्ची जड़ी-बूटियों के व्यापारियों के लिए पुस्तक बेशक उपयोगी और संग्रहणीय है।
The Art of Letting Go | Forgive People And Move On! Motivational, Inspirational & Personality Development
- Author Name:
Damon Zahariades
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Social Concepts in Rural India
- Author Name:
Dr. Abhishek Chauhan +2
- Book Type:

- Description: This book on Rural Development in India comprises of eight units which focus to reconstruct the importance of villages in India since time immemorial. The authors have very well tried their level best to provide a historical and conceptual clarity on various aspects of Indian villages. The authors have discussed about the types and characteristics of Indian villages with focus on theoretical concepts like—Sanskritisation, Westernisation, Globalisation, Tribe-Caste-Continum. Focus has also been made on the practice of Jajmani System within the Indian villages. Above all the well-defined and chronological sequence of Indian village studies has been explained in this book.
Hazari Prasad Dwivedi Granthawali : Vols. 1-12
- Author Name:
Hazariprasad Dwivedi
- Book Type:

- Description: आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी उन विरल रचनाकारों में हैं जिनकी कृतियाँ उनके जीवन–काल में ही क्लासिक बन जाती हैं । अपनी जन्मजात प्रतिभा के साथ उन्होंने शास्त्रों का अनुशीलन और जीवन को सम्पूर्ण भाव से जीने की साधना करके वह पारदर्शी दृष्टि प्राप्त की थी, जो किसी कथा को आर्ष–वाणी की प्रतिष्ठा देने में समर्थ होती है । जिस मनीषी ने हजारों साल से कायरता का पाठ दोहराती हुई जाति को ललकारकर कहा था । ‘‘सत्य के लिए किसी से भी न डरना, गुरु से भी नहीं, मंत्र से भी नहीं, लोक से भी नहीं, वेद से भी नहीं ।’’ वह कोई सामान्य कथाकार नहीं है । ऐसा उद्घोष कोई आर्षवक्ता ही कर सकता है । ग्रन्थावली के इस पहले खंड में द्विवेदीजी के दो उपन्यास बाणभट्ट की आत्मकथा और चारु चन्द्रलेख प्रस्तुत हैं । बाणभट्ट की आत्मकथा का कथानायक कोरा भावुक कवि नहीं, वरन् कर्मनिरत और संघर्षशील जीवन–योद्धा है । उसके लिए ‘शरीर केवल भार नहीं, मिट्टी का ढेला नहीं’, बल्कि उससे बड़ा है और उसके मन में ‘आर्यावर्त के उद्धार का निमित्त बनने’ की तीव्र बेचैनी है । चारु चन्द्रलेख में बारहवीं–तेरहवीं शताब्दी के उस काल का सर्जनात्मक पुनर्निर्माण करने का प्रयत्न है, जब सारा देश आन्तरिक कलह से जर्जर और तांत्रिक साधना के मोह में पथभ्रष्ट होकर समस्याओं का समाधान पारे और अभ्रक के खरल–संयोगों में खोज रहा था । द्विवेदीजी ने इसके विरुद्ध ज्ञान, इच्छा एवं क्रिया के त्रिकोणात्मक सामंजस्य तथा जनसाधारण की हिस्सेदारी पर बल दिया है, और उनकी इस स्थापना में अनायास ही आधुनिक युग मुखर हो उठता है ।
Gharaunda
- Author Name:
Manu Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokmanya Bal Gangadhar Tilak
- Author Name:
Rachna Bhola ‘Yamini’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahaparakram (Hindi Translation Of 1971—Stories Of Grit And Glory): महापराक्रम (1971 के भारत-पाक युद्ध की साहसिक कहानियाँ) Book
- Author Name:
Ian Cardozo
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
FBI: Inside USA's National Intelligence & Security | N. Chokkan
- Author Name:
N. Chokkan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagwaticharan Verma Rachanawali : Vols. 1-14
- Author Name:
Bhagwaticharan Verma
- Book Type:

- Description: भगवतीचरण वर्मा ने अपने प्रथम उपन्यास ‘पतन’ की रचना अपने कॉलेज के दिनों में की थी जो गंगा पुस्तक माला के अन्तर्गत प्रकाशित हुआ था। इस उपन्यास को वे अपनी अपरिपक्व रचना मानते थे और उन्होंने इसे अपनी रचनाओं में गम्भीरता से नहीं लिया। सन् 1932 में भगवती बाबू ने पाप और पुण्य की समस्या पर अपना प्रसिद्ध उपन्यास ‘चित्रलेखा’ लिखा जो हिन्दी साहित्य में एक क्लासिक के रूप में आज भी प्रख्यात है। ‘तीन वर्ष’ उनका प्रथम सामाजिक उपन्यास है जो एक प्रेमकथा है। सन् 1948 में उनका प्रथम वृहत उपन्यास ‘टेढे़-मेढ़े रास्ते’ आया जिसे हिन्दी साहित्य के प्रथम राजनीतिक उपन्यास का दर्जा मिला। इसी शृंखला में उन्होंने आगे चलकर वृहत राजनीतिक उपन्यासों की एक शृंखला लिखी जिनमें ‘भूले-बिसरे चित्र’, ‘सीधी-सच्ची बातें’, ‘प्रश्न और मरीचिका’, ‘सबहिं नचावत राम गोसाईं’ और ‘सामर्थ्य और सीमा’ प्रमुख हैं। भगवतीचरण वर्मा के सभी उपन्यासों में एक विविधता पाई जाती है। उन्होंने हास्य-व्यंग्य, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक सभी विषयों पर उपन्यास लिखे। कवि और कथाकार होने के कारण वर्मा जी के उपन्यासों में भावनात्मकता और बौद्धिकता का सामंजस्य मिलता है। ‘चित्रलेखा’ में भगवती बाबू का छायावादी कवि-रूप स्पष्ट दिखता है जबकि ‘टेढ़े-मेढ़े रास्ते’ को उन्होंने अपनी प्रथम शुद्ध बौद्धिक गद्य-रचना माना है। रचनावली के इस खंड में प्रस्तुत, साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत उपन्यास ‘भूले-बिसरे चित्र’ अतीत के चित्रों का एक विशेष एलबम है जिसके चित्र कभी धुँधले नहीं पड़ सकते। जीवन के सभी पहलुओं से रू-ब-रू कराता यह कालजयी उपन्यास है।
MILKHA SINGH
- Author Name:
Kumkum Khanna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chaand Par Plot
- Author Name:
Shambhu Shikhar
- Book Type:

- Description: चाँद पर प्लॉट कुल 12 हास्य-व्यंग्य के नाटकों का संग्रह है। इनके जरिए आधुनिक जीवन-शैली के विभिन्न आयामों को छूने का और सीमित पात्रों के जरिए वर्तमान दौर का ऐसा ताना-बाना बुनने का प्रयास किया गया है, जो पाठकों के मन को गुदगुदाते हैं, मनोरंजन करते हैं, मानसिक तनावों से राहत देते हैं, जिन्हें पढ़कर भी आनंद लिया जा सकता है और रंगमंच पर बहुत आसानी से मंचन भी किया जा सकता है।
Hind Swaraj Aur Naya Manvantar
- Author Name:
S.S. Pandharipande
- Book Type:

- Description: ‘हिन्द स्वराज और नया मन्वन्तर’ पुस्तक अतीत की घटनाओं अथवा भविष्य की आशाओं पर ध्यान केन्द्रित करने के बजाय सीधे वर्तमान में ‘हिन्द स्वराज’ की जाँच करती है और उसकी उपयोगिता और व्यापकता पर जोर देती है। मनुष्य एक बुद्धिमान प्राणी है, इस धारणा पर आधारित पश्चिमी सभ्यता ने मनुष्य की अन्तर्निहित बौद्धिक क्षमताओं को कुन्द कर दिया है और एक ‘उपभोक्ता’ के रूप में मनुष्य की वास्तविक पहचान को चुनौती दी है। मनुष्य आज उपभोग के इस जलते कुंड में अपना कुछ भी स्वाहा कर देने को उद्धत है। ऐसे अवसरों पर, गांधी जैसे धार्मिक सन्त का यज्ञ-मंडप में खड़ा होना और इस विनाश-सत्र को समाप्त करने का आह्वान करना वह मूल प्रेरणा है जो किसी को ‘हिन्द स्वराज’ पढ़ने के बाद अपने अन्तर में महसूस करना चाहिए; पांढरीपांडे की इस किताब को पढ़ने के बाद वह मूल प्रेरणा आसानी से महसूस होती है। हम जानते हैं कि गांधी-विचार के प्रमुख टिप्पणीकार महाराष्ट्र में हुए। विनोबा भावे, नं. द. जावड़ेकर, दादा धर्माधिकारी आदि की इस समृद्ध परम्परा में प्रो. सु. श्री. पांढरीपांडे भी शामिल हैं। मुझे विश्वास है कि वे इस परम्परा को और समृद्ध करेंगे और उनकी यह कृति पाठकों के विचार जगत में सार्थक और सकारात्मक हस्तक्षेप करेगी। —डॉ. सदानन्द मोरे
Samay ki Kharad Par
- Author Name:
Gourinath
- Book Type:

- Description: वर्तमान समय में जब प्रतिरोध के सारे दरवाज़े बंद किये जा रहे हैं ऐसे में सतत विरोध की आवाज़ सिर्फ लेखकों के पास ही बची है। कथाकार-संपादक गौरीनाथ के 52 लेखों और टिप्पणियों का संकलन 'समय की ख़राद पर' को पढऩे के बाद यह महसूस होता है कि लेखक की भूमिका रचनात्मकता और विवेक-सम्मत प्रतिरोध के द्वैत से निर्मित होती है। तक़रीबन डेढ़ दशक की भारतीय राजनीति, संस्कृति और समाज के बुनियादी परिवर्तनों को इन टिप्पणियों और लेखों से जाना जा सकता है। ये लेख और टिप्पणियाँ अपने समय की आंतरिक लय को पकडऩे, उनके आरोह-अवरोह को समझने और समकालीन समाज की सांस्कृतिक विस्मृति को एक साथ उजागर करती हैं। इन लेखों का विषय वैविध्य इस बात की तस्दीक करता है कि उदारीकरण ने हर तरह की केन्द्रीयता को नष्ट कर एक विभ्रम की स्थिति निर्मित कर दी है। लेखक इस बात से पूरी तरह वाक़िफ़ है और इसीलिए अपने समय के सामाजिक-सांस्कृतिक विघटन को बहुलताओं के कोलाज़ के रूप में प्रस्तुत करता है। इस अर्थ में ये लेख एक नई समग्रता की परिकल्पना प्रस्तुत करते हैं-बहुलताओं का कोलाज़। संस्कृति के उत्तर-आधुनिक रूपों और उपभोक्तावादी मानस पर सबसे अधिक चोट इन लेखों में किया गया है। फ़िल्मों पर लिखे लेखों को अपसंस्कृति की आलोचना के बतौर पढ़ा जा सकता है। चमक और ताक़त के प्रति नकार की चेतना ही कठिन समय में प्रतिरोध का सूक्ष्म विरोध निर्मित करती है। इस आधे अंधे मोड़ पर इन टिप्पणियों को पढऩा बेहद लम्बी यात्रा पर निकले मुसाफ़िर का किसी पेड़ के नीचे दो घड़ी सुस्ताने जैसा है। अपने फेफड़ों में ताज़ा हवा भरने की एक अनिवार्य कोशिश। अगले मोड़ पर ज़हरीली हवाओं का झोंका आने को है, ऐसे में अपने फेफड़े दुरुस्त रखना तभी संभव है जब आप समय की ख़राद पर गुज़रने से गुरेज न करें।
Vimarsh - Jinhen Jurme Ishq Pe Naaz Tha
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Vimarsh Jinhen Jurm e ishq pw naaz tha Writer Pankaj subeer Edit By Dr. sudha om dhingra
Stories and Fables from The Mahabharata
- Author Name:
Dr. R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Acche Leader Kaise Bane
- Author Name:
Shyam Taneja
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक उन सभी के लिए लिखी गई है, जो अपनी क्षमताओं को खोजना चाहते हैं और अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। यह उन सबके लिए उपयोगी है, जो अपनी सफलताओं में वृद्धि कर एक संपूर्ण व्यक्ति बन सकें। ‘नेतृत्व’ (लीडरशिप) और ‘आत्म-विकास’ (सेल्फ डेवलपमेंट) की अवधारणा को समझने में जो सिद्धांत प्रत्येक की मदद कर सके, उन्हें इस पुस्तक में प्रभावी ढंग से संकलित किया गया है। यह वह पुस्तक है, जो प्रत्येक को जीवन की गुणवत्ता में सुधार और व्यक्तिगत या व्यावसायिक उपलब्धियों में मदद कर सकती है।
Nahin Kathin Hai Dagar Panghat Ki
- Author Name:
Dr. Ram Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Antriksha Ke Rochak Abhiyan
- Author Name:
Kali Shankar +1
- Book Type:

- Description: इक्कीसवीं सदी पूर्णत: विज्ञान की सदी है। विज्ञान के क्षेत्र में अनेकानेक अन्वेषण हो रहे हैं। अंतरिक्ष अन्वेषण अब एक महत्त्वपूर्ण विषय बन गया है। इस क्षेत्र में आज तक ब्रह्मांड के अनेक पिंडों—सूर्य, बुध, शुक्र, पृथ्वी का चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्चून, प्लेटो तथा अन्य अनेक क्षुद्र ग्रहों और पुच्छलतारों के लिए अभियान भेजे गए हैं। अंतरिक्ष स्टेशनों ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में विशेष भूमिका निभाई है। सूर्य ऊर्जा का अकूत भंडार है, अत: इसके अध्ययन के लिए अनेक मिशन भेजे गए हैं। अनेक वर्षों से क्षुद्र ग्रहों के अन्वेषण में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। ‘मंगल ग्रह फीनिक्स मशीन’ मंगल ग्रह की सतह पर उतर चुकी है और उसने मंगल ग्रह की अभूतपूर्व जानकारी भेजनी शुरू कर दी है। अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए सबसे अहम होता है स्पेस शटल यानी ‘अंतरिक्ष यान’। ‘अंतरिक्ष के रोचक अभियान’ में विभिन्न रोमांचक और दिलचस्प अंतरिक्ष अभियानों की विस्तृत जानकारी अत्यंत सरल भाषा में दी गई है। आशा है, इससे सुधी पाठकों का अंतरिक्ष संबंधी ज्ञानवर्द्धन होगा।
Jharkhand B.Ed. Combined Entrance Exam Study Guide 2024 | 2200+ MCQs Latest Solved Papers and 3 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book