Artharth
(0)
Author:
Anshuman TiwariPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Society-social-sciences₹
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अकथ कहानी ग्रोथ की 1. ग्रोथ की सोन चिडि़या 17 2. ये ग्रोथ किसने मारी? 21 3. इक्यानबे का प्रेत 25 4. संकटों का पावर हाउस 28 5. रुपए के मुजरिम 32 6. दोहरी मंदी की दस्तक 36 7. इंक्लूसिव बोझ 40 8. जीत की हार 44 9. सुधारों की समाधि 47 10. जमीन से जुड़े सवाल 51
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अकथ कहानी ग्रोथ की 1. ग्रोथ की सोन चिडि़या 17 2. ये ग्रोथ किसने मारी? 21 3. इक्यानबे का प्रेत 25 4. संकटों का पावर हाउस 28 5. रुपए के मुजरिम 32 6. दोहरी मंदी की दस्तक 36 7. इंक्लूसिव बोझ 40 8. जीत की हार 44 9. सुधारों की समाधि 47 10. जमीन से जुड़े सवाल 51
Book Details
-
ISBN9789350482810
-
Pages296
-
Avg Reading Time10 hrs
-
Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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झारखंड में सब कुछ है। यहाँ कुछ भी नहीं है। सरकार है। प्रशासन है। नेता है। पुलिस है। वायदे हैं। भाषण है। योजना है। घोटाला है। संघर्ष है। जीवन है। जल है। जमीन है। आदिवासी है। तमाशा है। लूट है। भ्रष्टाचार है। अखबार है। समाचार है। अदालत है। वकील है। न्याय है। अन्याय है। भूख है। गरीबी है। फटे हालजी है। कंगाली है। यहाँ तो रोटी पर नून नहीं है। खनिज है। संपदा है। बेरोजगारी है। मजदूर है। किसान है। गाँव है। खेत है। खलिहान है। सब उजड़ रहे हैं। जमीन छिन रही है। संघर्ष जारी है। पत्रकारिता के अखबारी दुनिया से अलग झारखंड संक्रमण के दौर में है। पत्रकारिता भी इसका शिकार है। इसलिए बिना अक्षरों का मुखौटा लगाए सच बयान करने का साहस कर रहा हूँ। पत्रकारिता तथा उसके सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक जीवन पर पड़ रहे प्रभाव का विश्लेषण किया गया है, जो सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए रुचिकर है।
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