Parajay (Raj)
(0)
Author:
Alexander FadeyevPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction₹
299
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‘पराजय’ अलेक्सान्द्र फ़देयेव का पहला उपन्यास है। क्रान्ति-विरोधियों के विरुद्ध क्रान्तिकारियों के छापामार युद्ध का इसमें व्यापक, गहन और प्रामाणिक चित्र प्रस्तुत किया गया है। वास्तविक जीवन का सहज वर्णन करते हुए लेखक ने चरित्रों के नैतिक विकास पर ज़ोर दिया है। फ़देयेव स्वयं छापामार रहे थे, जिस कारण इस उपन्यास का कथानक न केवल विश्वसनीय बन पड़ा है, बल्कि रूसी क्रान्ति में लेखक की आस्था को भी सच्चे, सटीक ढंग से सम्प्रेषित करता है।
Read moreAbout the Book
‘पराजय’ अलेक्सान्द्र फ़देयेव का पहला उपन्यास है। क्रान्ति-विरोधियों के विरुद्ध क्रान्तिकारियों के छापामार युद्ध का इसमें व्यापक, गहन और प्रामाणिक चित्र प्रस्तुत किया गया है। वास्तविक जीवन का सहज वर्णन करते हुए लेखक ने चरित्रों के नैतिक विकास पर ज़ोर दिया है। फ़देयेव स्वयं छापामार रहे थे, जिस कारण इस उपन्यास का कथानक न केवल विश्वसनीय बन पड़ा है, बल्कि रूसी क्रान्ति में लेखक की आस्था को भी सच्चे, सटीक ढंग से सम्प्रेषित करता है।
Book Details
-
ISBN9789360868192
-
Pages262
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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—सम्पादकीय आलेख से।
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‘जैसे कुछ तांत्रिक लोग शराब पीने से पहले माँ काली के नाम पर दो-चार बूँदें ज़मीन पर छिड़क देते हैं; वैसे ही हाउसिंग की पूरी-की-पूरी स्कीम गटकने से पहले चतुर लोग हरिजनों के नाम पर दस-बीस प्लॉट निकाल देते हैं...’ उपन्यास का अन्त सर्वथा अप्रत्याशित मोड़ पर होता है।
‘मकान’ यशस्वी कथाकार श्रीलाल शुक्ल की बहुप्रशंसित कृति है। वस्तुत: संगीत की पृष्ठभूमि में कलाकार के जीवन की आकांक्षाओं, ज़िम्मेदारियों, विसंगतियों और तनावों को केन्द्र बनाकर लिखा गया हिन्दी में अपनी तरह का यह पहला उपन्यास है।
Cheramanuni Preyasi
- Author Name:
Kannadasan +1
- Book Type:

- Description: చేరమానుని ప్రేయసి చేరమాన్ కాదలి నవలలోని కథానాయకుడు భాస్కర రవివర్మ రెండో చేరమాన్ పెరుమాళ్ బావమరిది కుమారుడు. ఇతని మొదటి ప్రియురాలు యూదు యువతి యూజియానా ఆమె గర్భవతి అయింది. నంబూద్రీల కుట్ర వలన ఇజ్రాయిల్కు పంపించేస్తారు. రెండో ప్రియురాలు ముస్లిం మహిళ సలీమా. ఈమె సంబంధీకులు రవివర్మని ముస్లీంగా మత మార్పిడి చేశాక, మూడో చేరమాన్ పెరుమాళ్ తన ముస్లీం భార్యతో అరేబియా రేవు పట్టణం చేరి అక్కడ నుంచి మక్కా వెళ్లి మహమ్మదీయ మతస్థునిగా మారి అబ్దుల్ రహమాన్ చామొరియన్గా మతం మార్చుకుని జబార్ అన్న ఊరిలోకి చేరుకుని కొంత కాలం జీవించాడు... కాలక్రమేణా వృద్ధాప్యం పైబడి మహమ్మదీయస్తీ పరిచర్యలో కొంత కాలం జీవించాడు... రవివర్మ జబార్లోనే క్రీ.త. 838లో చనిపోయాడు... ఆయనకా ఊరిలోనే ఆయన శరీరాన్ని ఖననం చేసి సమాధి కట్టారు... దాని మీద చేరదేశ రాజు 'అబ్దుల్ రెహమాన్ చామొరియన్' ఈయన ఏ. ఎచ్ -212లో వచ్చి ఏ. ఎచ్-216లో మరణించారు అని ఆరేబియన్ భాషలో రాసుంది. 'చేరమాన్' అన్న చారిత్రాత్మిక నవల తమిళంలో ప్రసిద్ధ కవి, రచయిత కీ.శే. కణ్ణదాసన్ గారు... అనేక సినిమాలకు (తమిళ) పాటలు, సంభాషణలు రాశారు. వారి 'చేరమాన్ కాదలి'కి 1983లో సాహిత్య అకాదెమి పురస్కారం లభించింది.
I..The Loser
- Author Name:
Sumit Kumar Sambhav
- Book Type:

- Description: What are the ingredients of the recipe for a looser? What are the circumstances which make a person looser? Zandu Singh, who lives in Dharamshala city of Himalayan Pradesh, dips his life into hard work to make himself perfect in his penance. But a single lie he speaks to his love, jyotsna, one day becomes so big that he becomes a loser for her and throws him to the ultimate darkness of confusion. Will zandu Singh ever be able to come out of this dilemma? Will he ever succeed in making his banwari Lal master Ji's dream true? Come and know about the thousands of athletes burning themselves in the fire of hard work, devotion and sacrifice but still living unidentified lives. Come to peep into their life through India’s first sports fiction.
Nadi Ki Toot Rahi Deh Ki Awaz
- Author Name:
Shriprakash Mishra
- Book Type:

- Description: यह उपन्यास ज़मीन से जुडी समस्या पर आधारित है और इस मामले में यह प्रेमचन्द्, रेणु, शिवप्रसाद सिंह आदि की रचनाओं की आगे की कड़ी के रूप में दिखेगा, एक सर्वथा अपरिचित क्षेत्र और परिस्थिति में अवस्थित। यहाँ असम के लोगों का जीवन अपने पूरे सांस्कृतिक वितान के साथ तथा उसका टकराव अन्य संस्कृतियों के साथ जो बहिरागतों के आने के कारण बना है, उभरकर चित्रित हुआ है। वहाँ का आम आदमी अनुभव करता है कि वह अपने ही वतन में अल्पसंख्यक होता जा रहा है। अपने मध्यवर्गीय चरित्र के कारण सरकारें उसका समाधान निरन्तर टालती रहती हैं। परिणामस्वरूप इंसरजेंसी और आतंकवाद वहाँ के जीवन का अंग बन जाता है। लड़ते हुए लोगों का एक पूरा जीवन बीत जाता है, पर एक अदना-सा ज़मीन का टुकड़ा हस्तगत नहीं हो पाता। आज जो राष्ट्रीय नागरिकता पंजी और नए नागरिक विधान की बहस चल रही है, उसकी रुनझुन उपन्यासकार ने काफ़ी पहले अनुभव कर ली है। यह पूरा वृत्तान्त एक सुन्दर कहानी के माध्यम से इस उपन्यास में आया है। श्रीप्रकाश मिश्र निम्न मूलतः कवि हैं। इसलिए उनका प्रकृति का, मनुष्य के स्वभाव का, नौकरशाहों और राजनेताओं के व्यवहार का वर्णन एक खूबसूरत भाषा में हुआ है। यह उपन्यास पाठकों को कई तरह से समृद्ध करेगा।
50 Mahan Swatantrata Senani
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: "जिन लोगों ने देश को स्वाधीन कराने का स्वप्न देखा, इसकी कल्पना की और दृढ निश्चय कर अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया, उनका पुण्य स्मरण करना हमारा पुनीत कर्तव्य है। उनके बलिदान को आज की युवा पीढ़ी तक पहुँचाना हमारा परम धर्म है। जिस आजादी की हवा में हम साँस ले पा रहे हैं, अपने लिए, अपने घर-परिवार के लिए कुछ कर पा रहे हैं, इसमें कहीं-न-कहीं उन सभी के बलिदान की सुगंध है। इसलिए इन हुतात्माओं को कोटि-कोटि वंदन-अभिनंदन! शहीदों से जुडे़ स्थानों पर जाना, उनको समय-समय पर याद करना व उनको श्रद्धांजलि देना, यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा होना चाहिए। आनेवाली पीढि़यों को अपने गौरवमयी अतीत व हमारे शूरवीरों के महान् जीवन से परिचय करवाना हम सबका धर्म बनता है। राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करनेवाले हुतात्माओं की एक लंबी शृंखला है। उनमें से 50 अमर सपूतों के प्रेरणाप्रद जीवन से पाठकों को परिचित कराने का यह उपक्रम है, जो निश्चित रूप से हर भारतीय को पढ़ना ही चाहिए।"
Anaam Prasang
- Author Name:
Meena Sharma
- Book Type:

-
Description:
बहुत भाग्यशाली होते हैं वे लोग, जिन्हें उपयुक्त जीवन साथी मिल जाता है, अन्यथा देखने में तो यही आता है कि दाम्पत्य की गाड़ी को कोई एक ही खींच रहा है, खींचे चला जा रहा है और दूसरा अपनी पारिवारिक ज़िम्मेदारियों के प्रति सर्वथा लापरवाह बना अपने किसी ऐश्वर्यलोक की मीनार पर बाँसुरी बजा रहा है। ऐसी बाँसुरी बजती है तभी ममता जैसी नायिकाओं का जन्म होता है, जो किसी एक व्यक्ति के प्रति ही नहीं, पूरी सृष्टि के प्रति स्त्रियोचित ममता, कर्त्तव्यपरायणता और विवेक से सम्पन्न होती हैं। ऐसी ही नायिकाएँ अपने दाम्पत्य का नरक भुगत रहे नायकों को अपने स्नेहिल स्पर्श का मरहम लगाकर जीने का सम्बल प्रदान करती हैं, वरना वे कब के इस संसार को अलविदा कह चुके होते।
किसी युगल के बीच आई यह दूसरी स्त्री हमेशा से इस संसार में आकर्षण का केन्द्र रही है, विष पीकर इस स्त्री ने प्रायः ही संसार को अमृत और ‘अभय’ प्रदान किया है, मगर समाज इससे अधिकांशतः भयभीत ही हुआ है और ऐसी स्त्री को उसने क्रॉस पर चढ़ा दिया है। ममता और अभय की यह कथा वस्तुतः इसी त्रास और क्रॉस की कथा है, जिसमें आपकी अपनी व्यथा भी समाहित है। विश्वास न हो तो अनाम रह जानेवाले इस कथा-प्रसंग की आग से गुज़र जाइए।
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