One Night @ the Call Centre
Author:
Chetan BhagatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
“अर...र, कौन बोल रहा है?” ईशा ने कहा।
“भगवान्।” आवाज ने कहा।
“भगवान्? भगवान् जैसे कि...” राधिका ने कहा, जैसे ही हम सब तेज चमक रहे फोन को डर के मारे देख रहे थे।
“जैसे कि भगवान्। मैंने यहाँ पर बहुत अजीब परिस्थिति देखी, इसलिए मैंने सोचा कि तुम लोगों का निरीक्षण कर लूँ।”
“कौन है यह? यह क्या मजाक है?” व्रूम ने कड़क आवाज में कहा।
“क्यों? क्या मैं तुम्हें मजाकिया लग रहा हूँ? मैंने कहा न कि मैं भगवान् हूँ।” आवाज ने कहा।
—इसी उपन्यास से
यह संवाद है एक कॉल सेंटर में काम करनेवाले छह युवक-युवतियों के बीच। युवा मन की थाह लेनेवाला, साहित्य का ‘रॉकस्टार’ माने जा रहे चेतन भगत का बेस्टसेलर उपन्यास
वन नाइट @ कॉल सेंटर
हर पाठक को ऐसा लगेगा जैसे यह उसकी अपनी ही कहानी है।
ISBN: 9788173156250
Pages: 240
Avg Reading Time: 8 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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Description:
‘इतिवृत्त’ एक मार्मिक वृत्त है—सामान्य भारतीय ग्रामीण जीवन के उखड़ने, टूटने और बिखरने का। पूरा वृत्त एक व्यक्तिगत कथा के साथ-साथ एक व्यापक जनजीवन गाथा भी है। व्यक्तिगत त्रासदी को सामाजिक त्रासदी के एक अंग के रूप में देखा गया है। इस त्रासदी के मूल में एक ऐसी अर्थव्यवस्था है जो भारी उद्योगों के हित में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की लगातार बलि देती जा रही है। सारा विवरण समाजशास्त्रीय, अर्थशास्त्रीय होते हुए भी नितान्त अनुभूतिप्रवण और मानवीय
है।हिन्दी कथा-साहित्य में ग्रामीण जीवन तो काफ़ी चित्रित हुआ है, लेकिन ‘इतिवृत्त’ बिलकुल अलग इसलिए है कि ग्रामीण जीवन के बिखराव और अन्त की कहानी इससे पहले इतने मार्मिक रूप में और कहीं नहीं आई है। इसमें शक नहीं कि ‘इतिवृत्त’ हिन्दी उपन्यासों में मील का पत्थर है। इसकी शैली बहुत ही सरल, रोचक और आंचलिक है। लेखक जगदम्बा प्रसाद दीक्षित के लिए यह महान उपलब्धि इसलिए भी है कि ‘कटा हुआ आसमान’ और ‘मुरदा-घर’ की महानगरीय जीवन-प्रणाली का चित्रण जिस अधिकार और गहरी पैठ के साथ किया गया है, उसी सूझबूझ और गहराई के साथ ग्रामीण जीवन का चित्रण भी हुआ है।
‘इतिवृत्त’ पढ़ने का मतलब है एक बेहद करुण, यथार्थ और जीवन्त अनुभव संसार से होकर गुज़रना।
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