Khuda Ki Basti
Author:
Shaukat SiddeeqiPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 319.2
₹
399
Available
‘ख़ुदा की बस्ती’ शौक़त सिद्दीक़ी का बहुचर्चित-बहुप्रशंसित उपन्यास है। इसे पाकिस्तान के सर्वोच्च पुरस्कार ‘आदमजी प्राइज़’ से सम्मानित किया गया है। इसके उर्दू में पाकिस्तान में तीस संस्करण छप चुके हैं और संसार की सभी भाषाओं में यह उपन्यास अनूदित होकर प्रसिद्धि पा चुका है। इस उपन्यास पर आधारित सिन्ध प्रान्त और कराची के बीच ‘ख़ुदा की बस्ती’ बसाई गई है। इस उपन्यास के सारे चरित्र वही हैं, जो ख़ुदा की जीती-जागती बस्तियों में भी मिल जाते हैं—अच्छे-बुरे, गुंडे, मवाली, शिद्दत से प्रेम वाले और उसी शिद्दत से नफ़रत करनेवाले भी। छोटे-मोटे, चोर-उचक्के, जेबकतरे, राजनीति का एक हिस्सा बन जानेवाले भी। इस उपन्यास के प्रकाशित होते ही उर्दू की साहित्यिक दुनिया में हंगामा मच गया, क्योंकि इससे पहले इस विषय पर और इतने अनोखे अन्दाज़ में उर्दू में कुछ भी नहीं लिखा गया था।
ISBN: 9788119159796
Pages: 392
Avg Reading Time: 13 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Deerghatapa
- Author Name:
Phanishwarnath Renu
- Book Type:

-
Description:
आज के युग में जहाँ भ्रष्टाचार का बोलबाला हो, चरित्रहीनता पराकाष्ठा पर हो, अपने और पराये का भाव-बोध जड़ जमाए बैठा हो, चारों ओर ‘हाय पैसा, हाय पैसा’ की अफरा-तफरी मची हो, ऐसे माहौल में शान्तिपूर्वक जीवन बसर कर पाना किसी चुनौती से कम नहीं।
बेला गुप्त भी सहज जीवन जीना चाहती थी, लेकिन उनके साथ क्या हुआ? कई हादसों से गुज़रने के बावजूद वह टूटी नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य-पथ पर अग्रसर रही। लेकिन आज...?
आज वह टूट चुकी है। ईमानदारी, कार्य के प्रति निष्ठा—उसके लिए अब बेमानी हो चुकी है। जैसे सारी चीज़ों पर से उसका मोहभंग हो गया हो! और यही वजह है कि दूसरों के अपराधों को स्वीकार कर वह जेल-जीवन अपना लेती है।
‘दीर्घतपा’ फणीश्वरनाथ रेणु का एक मर्मस्पर्शी उपन्यास है। इस उपन्यास के माध्यम से लेखक ने जहाँ वीमेंस वेलफ़ेयर की आड़ में महिलाओं के यौन उत्पीड़न को उजागर किया है, वहीं सरकारी वस्तुओं की लूट-खसोट पर से पर्दा हटाया है।
What I Lived For
- Author Name:
Diya Vyas
- Book Type:

- Description: Neil, a rural boy, grew up in a village growing fast. His obsession with badminton lands him up in the big city of Lucknow. He dreams of winning the world one day, but is he dreaming too much? Ahilya, a player herself, knows that money is essential to survive. And, Sports don’t fetch much money. Is she too practical? Two opposites, how do they fall in love? Dhaani, who is she of the two? Dreamy or practical? Fourteen years younger, how will she change Neil's life? Can Neil win over his lost friends, love and career, or will he lose all three bets? Let Neil truly whisper in your ear what he lived for!
Ruskin Bond Ki BestSeller Pustak (Best of Ruskin Bond) Set of 4 Books
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: 9789355214096 - Suno Bachcho, Meri Priya Kahaniyan (Hindi Translation of Collected Short Stories) सुप्रसिद्ध कहानीकार रस्किन बॉण्ड की बाल कहानियाँ न केवल मनोरंजक होती हैं, बल्कि प्रेरणादायी भी| हर कहानी में बच्चों के लिए अनुकरणीय सीख अवश्य रहती है| 9789355214157 - 21 Baal Kahaniyan प्रस्तुत संग्रह की 21 बाल कहानियाँ एक से बढ़कर एक हैं, जिनमें बच्चों के मनोविज्ञान, कल्पना लोक और वास्तविक धरातल की मिली-जुली कहानियाँ हैं, जो शिक्षाप्रद तो हैं ही, मनोरंजन और पठनरस से भरपूर भी हैं। 9789355210494 - Ruskin Bond Ki Diary (Hindi Translation of A Book of Simple Living) यह पुस्तक ऐसे अनेक छोटे-छोटे पलों को दर्ज करती है, जो स्वयं के साथ ही इस प्राकृतिक जगत्, दोस्तों और परिवार ही नहीं आने-जानेवालों को मिलाकर भी एक सामंजस्यपूर्ण जीवन की रचना करती है। इन पन्नों में हम एक जंगली बेर को फलते और देवदार के पेड़ों के बीच से चंद्रमा को निकलते देखते हैं। हम रेडस्टार्ट पक्षियों को चहचहाते और टिन की छत पर बारिश को ढोल बजाते सुनते हैं। हम क्षति के परिणामों और पुराने साथियों की सांत्वना को समझते हैं। 9789355214102 - Pariyonwali Pahadi Aur Anya Kahaniyan सुप्रसिद्ध किस्सागो रस्किन बॉण्ड की कहानियों का यह संग्रह बालक-तरुण पाठकों को परियों की हसीन दुनिया की सैर कराता है; ये भी परियों के साथ बिना परों के ही उड़ने लगते हैं । मनोरंजन से भरपूर कहानी-संग्रह|
Shubh Sanyog
- Author Name:
Bimal Mitra
- Book Type:

- Description: ...आज बीस साल बाद कहाँ है वह जयसुन्दर बोस और कहाँ है वह वरुणा चौधरी? कहाँ है वह कमला बोस और कहाँ वह राधेश्याम अग्रवाल? अजय बोस और विजय बोस दो भाई भी आज न जाने कहाँ हैं? सुनने में आता है कि एक भाई अमेरिका में है और दूसरा जर्मनी में। एक-एक मेमसाहब से शादी कर दोनों इंडिया को भूल चुके हैं। शायद वे वहाँ सुख-शान्ति से घर-गृहस्थी कर रहे हैं। उनमें से किसी का पता भी याद नहीं है। लेकिन उस सारे इतिहास का साक्षी बना वह मकान आज भी खड़ा है। उस बारह मंज़िले मकान में न जाने कितने दफ़्तर हैं और उन दफ़्तरों में सैकड़ों कर्मचारी काम करते हैं। मकान मालिक को उस मकान से हर महीने लगभग छह लाख रुपए किराए मिलते हैं। —छह लाख रुपए? और वह भी हर महीने? —हाँ। हर महीने नहीं तो क्या हर साल? पूछा—उसका मालिक कौन है? मेरे मित्र ने कहा—वही बताने के लिए तो वह कहानी सुनाई। शायद इसी को संयोग कहते हैं। यह संयोग कभी शुभ होता है तो कभी अशुभ। लेकिन इस मामले में कहना पड़ेगा कि संयोग शुभ ही था। नहीं तो उतना बड़ा मकान और उससे उतनी आमदनी किसके भाग्य में होती है?
Gujrat Pakistan Se Gujrat Hindustan
- Author Name:
Krishna Sobti
- Book Type:

-
Description:
रक्तरंजित इतिहास के उस हिंस्र और क्रूर अध्याय को क्यों तो याद करें और कैसे उसे भूल जाएँ! सदियों-सदियों के बाद देश में अवतरित होनेवाली आज़ादी हर हिन्दुस्तानी दिल में धड़कती रही थी। इस उमगती विरासत को राजनीतिक शक्तियों ने विभाजित कर देश का नया भूगोल और इतिहास बना दिया। नई सरहदें खींच दीं। सरहदों के आर-पार दौड़ती लाशों से भरी रेलगाडिय़ाँ स्टेशनों के बाहर अँधेरों में खड़ी कर दी जाती रहीं। हज़ारों-हज़ारों की भीड़ वाले क़ाफ़िले अपने ही क़दमों में गुम हो बेनाम ख़ामोशियों की धूल में जा मिले। फिर भी हर हिन्दुस्तानी के दिल में धड़कता यह अहसास था कि विभाजन के अँधेरों में उपजी 'आज़ादी' एक पवित्र शब्द है—हमारी राष्ट्रीय अस्मिता और बरकतों का प्रतीक।
बँटवारे के बाद बना पाकिस्तान उस त्रासदी से पहले जिनके लिए अपना प्यारा हिन्दुस्तान था; वे लोग, अपने ही आज़ाद मुल्क में जिनके क़दम विस्थापित शरणार्थियों के भेस में पड़े, यह उपन्यास उन उखड़े और दर-ब-दर लोगों की रूहों का अक्स है।
यही वह समय था जब भारत की आज़ादी ने एक और कहानी लिखना शुरू की, जिसका मक़सद अपने औपनिवेशिक अतीत को धोना था। ‘रियासतों का विलय’ शुरू हो रहा था। इस उपन्यास का ताल्लुक़ इतिहास के इस अध्याय से भी है।
और सबसे नज़दीकी सम्बन्ध इस कृति का उस शख़्सियत से है जिसे हम कृष्णा सोबती के नाम से जानते हैं। बँटवारे के दौरान अपने जन्म-स्थान गुजरात और लाहौर को यह कहकर कि 'याद रखना, हम यहाँ रह गए हैं', वे दिल्ली पहुँची ही थीं कि यहाँ के गुजरात ने उन्हें आवाज़ दी और अपनी स्मृतियों को सहेजते-सँभालते वे अपनी पहली नौकरी करने सिरोही पहुँच गईं, जहाँ उनमें अपने स्वतंत्र देश का नागरिक होने का अहसास जगा; व्यक्ति की ख़ुद्दारी और आत्मसम्मान को जाँचने-परखने के लिए सामन्ती ताम-झाम का एक बड़ा फलक मिला। और मिले सिरोही रियासत के दत्तक पुत्र महाराज तेज सिंह— एक बच्चा, जो भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य के बीच सहमा खड़ा अपनी शिक्षिका से पूछ रहा था, 'मैम, बेदख़ल का मतलब क्या होता है?’
उल्लेखनीय है कि इस उपन्यास में लगभग सभी घटनाएँ और पात्र वास्तविक हैं।
Paltu Babu Road
- Author Name:
Phanishwarnath Renu
- Book Type:

-
Description:
'पल्टू बाबू रोड' अमर कथाशिल्पी फणीश्वरनाथ रेणु का लघु उपन्यास है। यह उपन्यास पटना से प्रकाशित मासिक पत्रिका 'ज्योत्स्ना' के दिसम्बर, 1959 से दिसम्बर, 1960 के अंकों में धारावाहिक रूप से छपा था। रेणु के निधन के बाद 1979 में पुस्तकाकार प्रकाशित हुआ।
नई-नई कथाभूमियों की खोज करनेवाले रेणु 'पल्टू बाबू रोड' में एक क़स्बे को अपनी कथा का आधार बनाते हैं। वे कठोर, विकृत और ह्रासोन्मुख समाज को लेखकीय प्रखरता के साथ परखते हैं। इस उपन्यास में रेणु अपने गाँव-इलाक़े को छोड़कर बैरगाछी क़स्बे को कथाभूमि बनाते हैं। इस क़स्बे की नियति पल्टू बाबू जैसे काइयाँ, धूर्त, कामुक बूढ़े के हाथ में है। उसने क़स्बे के लिए ऐसी राह निर्मित की है जिस पर राजनीतिज्ञ, ठेकेदार, व्यापारी, वकील (पूरे क़स्बे के लोग ही) चल रहे हैं। लगता है, क़स्बावासी शतरंज के मोहरे हैं और पल्टू बाबू इनके संचालक।
इस उपन्यास का लक्ष्य है उच्च वर्ग के अंतर्विरोधों, उसकी गिरावट, राजनीतिक और आर्थिक सम्बन्धों में यौन-व्यापार आदि का चित्रण। निम्न वर्ग छिटपुट आया है। आदर्शवादी पात्र विडम्बना से घिरे हैं। भाषा प्रवाहपूर्ण और अर्थव्यंजक है। अत्यन्त पठनीय उपन्यास।
Rui Lapeti Aag
- Author Name:
Avadhesh Preet
- Book Type:

-
Description:
परमाणु हथियारों की जरूरत किसे है, देशों और उनके नक़्शों को? वहाँ रहने वाले लोगों को, या उन लोगों के डरों को अपनी सत्ताकांक्षा की खुराक बनाने वाले राष्ट्राध्यक्षों को? या यह सिर्फ संसार के शक्ति-सन्तुलन की माँग है जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती?
‘रुई लपेटी आग’ के केन्द्र में मूलत: यही प्रश्न हैं जिन्हें उपन्यास अपनी विशिष्ट कथा-शैली में धीरे-धीरे जरूरी प्रश्नों के तौर पर स्थापित कर देता है। कथा का एक सिरा संगीत है और दूसरा पोखरण। वही पोखरण जहाँ 1974 और फिर 1998 में भारत ने अपने सफल परमाणु परीक्षण किए थे और जिनके चलते दुनिया के परमाणु शक्ति-सम्पन्न देशों की श्रेणी में सम्मानित जगह बना पाया था। दूसरी तरफ पखावज है जिसकी रचना, एक किंवदन्ती के अनुसार, शिव के तांडव को लयबद्ध करने के लिए ब्रह्मा ने की थी ताकि सृष्टि के विनाश को रोका जा सके।
पखावज उस विनाश को रोक तो नहीं पाता लेकिन उससे पैदा हुए घावों को खुली आँखों से देखते हुए अपनी असहमति ज़रूर व्यक्त करता है। हिरोशिमा और नागासाकी को एक चेतावनी की तरह याद रखते हुए पखावज की साधिका अरुंधति पोखरण से मात्र चार किलोमीटर दूर स्थित खेतोलाई गाँव की भूमि को अपने कार्यक्रम के लिए चुनती है। पोखरण में हुए परमाणु विस्फोट के परिणामस्वरूप राजस्थान के इस गाँव में आज ऐसा कोई घर नहीं है जहाँ एक-दो लोग गम्भीर बीमारियों के शिकार नहीं हैं।
उपन्यास में भारत की उस सहज जीवनशैली को बखूबी रेखांकित किया गया है जिसमें विभिन्न समुदायों की सहजीविता समाज के सहजबोध का हिस्सा है, और जो बीच-बीच में साम्प्रदायिक राजनीति का शिकार होते रहने के बावजूद अभी तक बची हुई है।
लेकिन केंद्रीय प्रश्न परमाणु शक्ति की नैतिक वैधता का ही है, रुई में लिपटी रखी उस आग के औचित्य का जो कभी भी भड़क सकती है और पूरी मानव-जाति के विनाश का कारण बन सकती है।
Darulshafa
- Author Name:
Rajkrishna Mishra
- Book Type:

-
Description:
दारुलशफ़ा, लखनऊ। यह पता है हमारी वर्तमान राजनीति का, जिसके ‘चरित्र’ का लेखा-जोखा इस किताब में दर्ज है। यानी एक स्थान विशेष, जहाँ कुछ विशेष लोग विशेष स्थितियों में विशेष समस्याओं के समाधान में जुटे हुए हैं। ये समस्याएँ निजी होकर राष्ट्रीय हैं, तो प्रादेशिक होकर अन्तरराष्ट्रीय। भारतीय राजनीति पिछले डेढ़-दो दशक से कुछ ऐसी ही समस्याओं का उत्पादन कर रही है।
वातानुकूलित कक्ष। लम्बे-लम्बे गलियारे। लॉन। और इस सबमें लगातार कानाफूसी करती हुई साज़िश। अपनी-अपनी रियासतों की हिफ़ाज़त के लिए चिन्तित कुर्सियाँ और उनके इर्द-गिर्द लट्टुओं की तरह चक्कर काटते चमचे।...इसी माहौल में सुपरिचित वर्तमान राजनीति के विभिन्न अँधेरे कोनों की विस्मयकारी पड़ताल की गई और वस्तुतः एक रोचक घटनाक्रम के सहारे यह उपन्यास राजनीति की जिन घिनौनी सच्चाइयों को उद्घाटित करता है, वे हमारी आँखें खोल देनेवाली है और हमें इस सारे तंत्र पर नए सिरे से सोचने को बाध्य करती है।
The Parallel Love
- Author Name:
Sid Crish
- Book Type:

- Description: This is the love story of two girls, Aditi and Zara. One is from Pakistan and other is from India. They meet and fall in love with each other in a foreign land, and they make a promise to fight every demon of society for the sake of their love.But destiny has other plans for their love story. When their love is at its peak, a tragedy befalls Aditi, which forces her to return to her home country and ghost herself. After months of no communication, Zara decides to visit India in search of her love. What happens when Zara lands in aditi’s country to seek her love? Will she be able to find her love in the country of billions of people? Will society ever accept their homosexual relationship? Or will they remain as two parallel lines, moving alongside each other But without a destination and never destined to meet?.
Our Dharma Between Us
- Author Name:
Pratik Sharma
- Book Type:

- Description: Every love story has two endings, either the lovers meet or they don’t. The journey between the commencement and conclusion is different for everyone, and that’s your original story.Joy deep Singh, a Sikh in his twenty-six, starts working as teacher and does voluntary service with his dad. A day comes when he comes across Pratik, a friend from his school. They meet after 4 years in the school.Being parted for a long time, they start discussing their old days. However, the name of Meenakshi drags joy deep into some thick and thin memories of his life.Being in a live-in relationship for five years, and separating later, joy illustrates his heart-rending story to Pratik. How much does a thread of a Hindu and a turban of a Sikh matters in a marriage if love is the biggest dharma?.
Tufan Jhuka Sakta Nahin
- Author Name:
Sharaf Rashidov
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jheel Ka Naam Sagar Hai
- Author Name:
Prabhat Kumar Bhattacharya
- Book Type:

-
Description:
‘झील का नाम सागर है’ एक कस्बे के जनजीवन के आरोहों-अवरोहों की कथा है जिसका नाम है हरिपुर। हरि अनन्त हरिकथा अनन्ता की तरह हरिपुर और वहाँ रहने वाले लोगों की कथा भी सच कहें तो कभी खत्म होने वाली नहीं है। हरिपुर के सामाजिक जीवन में इतनी पेंच-परतें हैं कि जहाँ एक सिरा बन्द होता है वहीं दूसरा खुलने लगता है। पाठक देखेंगे कि यह उपन्यास जितना कुछ व्यक्त करता है उससे कहीं अधिक का संकेत करता चलता है और इस तरह हरिपुर और उसके रहवासियों की यह कथा उत्तर भारत के किसी भी कस्बे और वहाँ के लोगों की प्रतिनिधि कथा बन जाती है। पाठक सहज ही इसमें अपने आस-पास के लोगों को पहचानने लगता है और इस कथा से स्वयं को भी अभिन्न रूप से जुड़ा पाता है।
उपन्यास में एक विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रसंग आता है जिसके जरिये हरिपुर की सियासत अपनी पूरी रंगत के साथ प्रत्यक्ष हो उठती है। यह पूरा प्रकरण जितना रोचक है उतना ही करुण भी है। इससे पता चलता है कि हमारे बड़े स्वप्नों की जड़ में भी कितनी क्षुद्रताएँ मौजूद रहती है जिन्हें प्राय: हम राजनीति कहकर नजरअंदाज कर देते हैं।
कस्बाई जीवन के विस्तृत विवरण इस उपन्यास को अतिरिक्त पठनीयता प्रदान करते हैं।
Nadi Ke Dweep
- Author Name:
Sachchidananda Hirananda Vatsyayan 'Ajneya'
- Rating:
- Book Type:

- Description: व्यक्ति अज्ञेय की चिंतन-धरा का महत्तपूर्ण अंग रहा है, और ‘नदी के द्वीप’ उपन्यास में उन्होंने व्यक्ति के विकसित आत्म को निरुपित करने की सफल कोशिश की है-वह व्यक्ति, जो विराट समाज का अंग होते हुए भी उसी समाज की तीव्रगामी धाराओं, भंवरों और तरंगो के बीच अपने भीतर एक द्वीप की तरह लगातार बनता, बिगड़ता और फिर बनता रहता है । वेदना जिसे मांजती है, पीड़ा जिसे व्यस्क बनाती है, और धीरे-धीरे द्रष्टा । अज्ञेय के प्रसिद्द उपन्यास ‘शेखर : एक जीवनी’ से संरचना में बिलकुल अलग इस उपन्यास की व्यवस्था विकसनशील व्यक्तियों की नहीं, आंतरिक रूप से विकसित व्यक्तियों के इर्द-गिर्द बुनी गई है । उपन्यास में सिर्फ उनके आत्म का उदघाटन होता है । समाज के जिस अल्पसंख्यक हिस्से से इस उपन्यास के पत्रों का सम्बन्ध है, वह अपनी संवेदना की गहराई के चलते आज भी समाज की मुख्यधारा में नहीं है । लेकिन वह है, और ‘नदी के द्वीप’ के चरों पत्र मानव-अनुभूति के सर्वकालिक-सार्वभौमिक आधारभूत तत्त्वों के प्रतिनिधि उस संवेदना-प्रवण वर्ग की इमानदार अभिव्यक्ति करते हैं । ‘नदी के द्वीप’ में एक सामाजिक आदर्श भी है, जिसे अज्ञेय ने अपने किसी वक्तव्य में रेखांकित भी किया था, और वह है-दर्द से मंजकर व्यक्तित्व का स्वतंत्र विकास, ऐसी स्वतंत्रता की उद्भावना जो दूसरे को भी स्वतंत्र करती हो । व्यक्ति और समूह के बीच फैली तमाम विकृतियों से पीड़ित हमारे समाज में ऐसी कृतियाँ सदैव प्रासंगिक रहेंगी ।
Pinocchio
- Author Name:
Carlo Collodi
- Book Type:

- Description: पिनोकियो इतालवी भाषा की सर्वाधिक प्रशंसित कृतियों में शामिल एक ऐसे कठपुतले की कहानी है जो आखिरकार सचमुच का लड़का बन जाता है। पारम्परिक परीकथाओं जैसी जादुई और रोमांचक घटनाक्रम वाली इस कहानी में अतियथार्थवाद और जादुई यथार्थवाद का पूर्वाभास भी है। बच्चों के लिए लिखे गए इस उपन्यास में जीवन के खुरदरापन को स्वप्न की स्निग्धता इस तरह ढकती चलती है कि इसका सन्देश सार्वभौमिक बन जाता है। यही कारण है कि इतालो काल्विनो और अम्बर्तो इको जैसे दिग्गज लेखकों ने ‘पिनोकियो’ की हर उम्र के व्यक्ति के लिए पठनीय बताया है।
The Second Affair
- Author Name:
Ketan Bhavsar
- Book Type:

- Description: This is a story of a young entrepreneur and his struggle with love. After a disastrous first attempt, he decides to never fall in love again, until he meets this charming girl with totally opposite ideologies. She forces her way into his thoughts, changes his beliefs and entices him to fall in love again. �Does she reciprocate his feelings? Do they manage to live a happily ever-after? is what the book is about. The writer has successfully tapped the feelings associated with first (and second) love- the nervousness, the ecstasy, the mistakes. This story is bound to strike a chord with the youngsters. It is a genuine read especially for the college-goers and recent graduates as they can completely empathize with the protagonists.
Gawah Gairhazir
- Author Name:
Chandrakishore Jaiswal
- Rating:
- Book Type:

- Description: किसुन साह ने जब बिना किसी सिर-फुड़ौव्वल के बेटों के बीच बाँट-बखरा कर दिया तो लोगों ने उन्हें इस बात पर खुश होने को कहा कि अब उनके बुढ़ापे के दिन मौज-मस्ती में कटते रहेंगे। किसुन साह ने भी निर्णय ले लिया कि मौज-मस्ती में दिन काटने के लिए उन्हें अब बूढ़ा भी हो ही जाना चाहिए। लेकिन...। परिवार नामक सुख के टापू की यह कहानी यहीं से शुरू होती है। लोक और ग्रामीण जीवन के मर्मज्ञ कथाकार चन्द्रकिशोर जायसवाल का उपन्यास ‘गवाह गैरहाजिर’ अपनी बहुस्तरीय भाषा-सामर्थ्य के लिए खासतौर पर जाना जाता है। पात्रों की कहानी कहने के साथ ही कथाकार इसमें भारतीय ग्राम्य समाज और उसकी संरचना पर भी टिप्पणियाँ करते चलते हैं जिससे एक तरफ सूक्ष्म पर्यवेक्षण की उनकी क्षमता रेखांकित होती है, तो दूसरी तरफ़ गाँव की गझिन सामाजिक-मानसिक बनावट को समझने में भी मदद मिलती है। उपन्यास की कथा के केन्द्र में किसुन साह हैं—एक स्वाभिमानी और समझदार बुजुर्ग। घर की सम्पत्ति इत्यादि का बँटवारा अपने परिवार में शान्तिपूर्वक करने के बाद वे सबसे छोटे बेटे के साथ रहने का फैसला करते हैं। कुछ दिन वहाँ रहने के बाद जब उन्हें लगता है कि बेटा-बहू का व्यवहार उनके प्रति ठीक नहीं है तो वे घर छोड़कर बाकी जीवन एक मन्दिर में बिताने का फैसला करते हैं, लेकिन परिवार से मोह के चलते यह भी नहीं कर पाते। पारिवारिक सम्बन्धों की महीन अक्कासी के अलावा यह उपन्यास पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी और सम्बन्धों की ऊष्मा के छीजते जाने की मनोवैज्ञानिक पड़ताल भी करता है। समर्थ शिल्प, जीवन्त भाषा और बेधक कथ्य वाला अत्यन्त पठनीय उपन्यास !
Apni Zamin
- Author Name:
Shantinath Desai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khayalon Ke Munder Se
- Author Name:
Akhilesh Bakshi
- Book Type:

- Description: Hindi Poetry Book written By Akhilesh Bakshi . This book consist of poetry related to love and life.
Vayam Rakshamah
- Author Name:
Ashutosh Rai
- Book Type:

-
Description:
वयं रक्षाम: प्रागैतिहासिक अतीत की कृति है। इसके कथानक के मूलाधार राक्षसराज रावण तथा महापुरुष राम हैं।
‘‘इस उपन्यास में प्राग्वेदकालीन नर, नाग, देव, दैत्य-दानव, आर्य, अनार्य आदि विविध नृवंशों के जीवन के वे विस्मृत-पुरातन रेखाचित्र हैं, जिन्हें धर्म के रंगीन शीशे में देखकर सारे संसार ने अन्तरिक्ष का देवता मान लिया था। मैं इस उपन्यास में उन्हें नर-रूप में आपके समक्ष उपस्थित करने का साहस कर रहा हूँ। आज तक कभी मनुष्य की वाणी से न सुनी गयी बातें, मैं आपको सुनाने पर आमादा हूँ।...उपन्यास में मेरे अपने जीवन-भर के अध्ययन का सार है...’’
आचार्य चतुरसेन शास्त्री
Murdon Ka Tila
- Author Name:
Rangeya Raghav
- Book Type:

-
Description:
भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति का इतिहास मुअनजोदड़ो के उत्खनन में मिली सिन्धु घाटी की सभ्यता से शुरू होता है। इस सभ्यता का विकसित स्वरूप उस समय की ज्ञात किसी सभ्यता की तुलना में अधिक उन्नत है। प्रसिद्ध उपन्यासकार रांगेय राघव ने अपने इस उपन्यास ‘मुर्दों का टीला’ में उस आदि सभ्यता के संसार का सूक्ष्म चित्रण किया है। मोअन-जो-दड़ो सिन्धी शब्द है। उसका अर्थ है—मृतकों का स्थान अर्थात् ‘मुर्दों का टीला’।
‘मुर्दों का टीला’ शीर्षक इस उपन्यास में रांगेय राघव ने एक रचनाकार की दृष्टि से मोअन-जो-दड़ो का उत्खनन करने का प्रयास किया है। इतिहास की पुस्तकों में तो इस सभ्यता के बारे में महज़ तथ्यात्मक विवरण ही मिल पाते हैं। लेकिन रांगेय राघव के इस उपन्यास के सहारे हम सिन्धु घाटी सभ्यता के समाज की जीवित धड़कनें सुनते हैं।
सिन्धु घाटी सभ्यता का स्वरूप क्या था? उस समाज के लोगों की जीवन-व्यवस्था का स्वरूप क्या था? रीति-रिवाज कैसे थे? शासन-व्यवस्था का स्वरूप क्या था? इन प्रश्नों का इतिहाससम्मत उत्तर आप इस उपन्यास में पाएँगे। भारतीय उपमहाद्वीप की अल्पज्ञात आदि सभ्यता को लेकर लिखा गया यह अद्वितीय उपन्यास है। रांगेय राघव का यह उपन्यास प्राचीन भारतीय सभ्यता और संस्कृति में प्रवेश का पहला दरवाज़ा है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book