Yog Vigyan
(0)
Author:
Yogacharya Chandrabhanu GuptPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Lifestyle-and-wellness₹
199
₹ 159.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
भारतीय मनीषियों ने सतत चिन्तन, मनन और आध्यात्मिक ज्ञान के आधार पर मानव जीवन के कल्याण हेतु अनेक विधियाँ विकसित की हैं, उन विधियों में से एक है—‘योग’। योग वह विद्या है, जो हमें स्वस्थ जीवन जीने की कला सिखाती है और असाध्य रोगों से बचाती है। यह हमें अपने लिए नहीं, बल्कि सबके लिए जीने का सन्देश देती है।</p> <p>योग के अनेक भाग माने जाते हैं—राजयोग, हठयोग, कुंडलिनीयोग, नादयोग, सिद्धयोग, बुद्धियोग, लययोग, शिवयोग, ध्यानयोग, समाधियोग, सांख्ययोग, मृत्युंजययोग, प्रेमयोग, विरहयोग, भृगुयोग, ऋजुयोग, तारकयोग, मंत्रयोग, जपयोग, प्रणवयोग, स्वरयोग आदि; पर मुख्यत: अध्यात्म के हिसाब से तीन ही योग माने गए हैं—कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग। शास्त्र के अनुसार योग के आठ अंग हैं—यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि। इनमें प्रथम चार—यम, नियम, आसन और प्राणायाम हठयोग का अंग हैं। शेष चार—प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि राजयोग हैं।</p> <p>प्रस्तुत पुस्तक में अनुभवी योगाचार्य चन्द्रभानु गुप्त द्वारा योग के व्यावहारिक और सैद्धान्तिक पक्षों की सम्पूर्ण जानकारी के अलावा सूर्य नमस्कार, चन्द्र नमस्कार, स्वरोदय विज्ञान, मुद्राविज्ञान के अतिरिक्त विशेष रूप से सामान्य रोगों के लिए उपचार (आहार, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक) पर भी जानकारी दी गई है, जो आम तौर पर योग की अन्य पुस्तकों में नहीं होती ।
Read moreAbout the Book
भारतीय मनीषियों ने सतत चिन्तन, मनन और आध्यात्मिक ज्ञान के आधार पर मानव जीवन के कल्याण हेतु अनेक विधियाँ विकसित की हैं, उन विधियों में से एक है—‘योग’। योग वह विद्या है, जो हमें स्वस्थ जीवन जीने की कला सिखाती है और असाध्य रोगों से बचाती है। यह हमें अपने लिए नहीं, बल्कि सबके लिए जीने का सन्देश देती है।</p>
<p>योग के अनेक भाग माने जाते हैं—राजयोग, हठयोग, कुंडलिनीयोग, नादयोग, सिद्धयोग, बुद्धियोग, लययोग, शिवयोग, ध्यानयोग, समाधियोग, सांख्ययोग, मृत्युंजययोग, प्रेमयोग, विरहयोग, भृगुयोग, ऋजुयोग, तारकयोग, मंत्रयोग, जपयोग, प्रणवयोग, स्वरयोग आदि; पर मुख्यत: अध्यात्म के हिसाब से तीन ही योग माने गए हैं—कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग। शास्त्र के अनुसार योग के आठ अंग हैं—यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि। इनमें प्रथम चार—यम, नियम, आसन और प्राणायाम हठयोग का अंग हैं। शेष चार—प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि राजयोग हैं।</p>
<p>प्रस्तुत पुस्तक में अनुभवी योगाचार्य चन्द्रभानु गुप्त द्वारा योग के व्यावहारिक और सैद्धान्तिक पक्षों की सम्पूर्ण जानकारी के अलावा सूर्य नमस्कार, चन्द्र नमस्कार, स्वरोदय विज्ञान, मुद्राविज्ञान के अतिरिक्त विशेष रूप से सामान्य रोगों के लिए उपचार (आहार, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक) पर भी जानकारी दी गई है, जो आम तौर पर योग की अन्य पुस्तकों में नहीं होती ।
Book Details
-
ISBN9788183611985
-
Pages180
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Brain Super Science
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Brain Super Science is the groundbreaking new book from renowned scientist and author Dr. Sanjay Rout. Combining cutting-edge research with inspiring stories from the frontlines of neuroscience, Dr. Sanjay offers a comprehensive look at the science of the brain and how it affects our daily lives. By exploring the latest developments in artificial intelligence, brain-computer interfaces, and the potential of neurotechnologies, Dr. Sanjay reveals how our understanding of the brain is changing how we think, act, and live. With an accessible writing style and plenty of engaging examples, Brain Super Science will be an invaluable resource for readers looking to deepen their understanding of the brain and its potential.
Cancer Ki Vyatha-Katha
- Author Name:
Shrigopal Kabra
- Book Type:

-
Description:
चरक के संहिता काल में कैंसर की ग्रन्थि और अर्बुद रूप में लक्षणों के आधार पर अवधारणा, पहचान और उपचार और सुश्रुत की शल्य चिकित्सा में आज आयुर्वेद में भी काफ़ी परिवर्तन आया है, विकास हुआ है। आधुनिक चिकित्सा में कैंसर के निदान और उपचार के साधनों का व्यापक विस्तार हुआ है। देश में कैंसर जानलेवा रोगों में प्रमुख है, फिर भी इसकी व्यापकता के विश्वस्त आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं। कैंसर रजिस्ट्री (पंजीयन) आधारित आंशिक आँकड़े उपलब्ध हैं। इनके अभाव में कैंसर के निदान, उपचार और निवारण की नीतियाँ और व्यवस्था अपर्याप्त और अप्रभावी हैं।
कैंसर पर डॉ. सिद्धार्थ मुखर्जी की एक पुस्तक आई है ‘द एम्परर ऑफ़ ऑल मैलेडीज : ए बायोग्राफ़ी ऑफ़ कैंसर’। यह एक ऐतिहासिक किताब है।
इसी से प्रेरित होकर मैंने भारतीय सन्दर्भ में ‘कैंसर की व्यथा-कथा : आग का दरिया तैरकर जाना’ लिखी है, क्योंकि मेरा मानना है हिन्दी में इसकी नितान्त आवश्यकता है।
कैंसर के बारे में, पढ़े-लिखे और अनपढ़, सभी में जानकारी कम और भय व भ्रम अधिक है। आज भी कैंसर को एक रोग माना जाता है। एक ही दवा से हर प्रकार के कैंसर के इलाज के दावे आम हैं, प्रचार-प्रसार कर रोगियों को भ्रम में रखा जाता है। चिकित्सा के व्यवसायीकरण से बेबस रोगियों का हर स्तर पर शोषण होता है। आम भाषा में कैंसर के बारे में विश्वसनीय जानकारी की रोचक शैली में प्रस्तुति से, आशा है, इस रोग से भय, भ्रम और शोषण से मुक्ति में सहायता मिलेगी। अगर ऐसा होता है तो मेरा परिश्रम सफल होगा।
— प्राक्कथन से
Swasth Hridaya : Dekhrekh Aur Upchar
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

-
Description:
जीवन का सुर-संगीत दिल की धड़कनों में ही बसा है। ये धड़कनें ताउम्र मज़बूत बनी रहें, इसके लिए जीवन में थोड़ा-सा संयम और अनुशासन बरतना ज़रूरी है।
दिल की हिफ़ाज़त, बीमारियों और उनके इलाज के बारे में सरल-सुबोध शैली में रची गई यह एक अनूठी पुस्तक है, जिसमें पाठकों के सभी सवालों पर उपयोगी जानकारियाँ हैं : जानें अपने हृदय का भविष्यफल, कैसे घटाएँ कोलेस्टेरॉल, बायपास ऑपरेशन और उसके नए रूप, दिल की हिफ़ाज़त के उपाय, ऐंजाइना और दिल का दौरा : लक्षण और उपचार, कोरोनरी ऐंजियोप्लास्टी में क्या करते हैं, दिल के दुश्मनों को पहचानें, व्यायाम कितना और कैसे करें, दिल के वाल्व के रोग और उनका इलाज, दिल के टेस्ट : कब और कैसे, बेसुर, बेताल दिल (एरिद्मिया) के रहस्य और पेसमेकर, जन्मजात हृदय विकार, दिल के दौरे के बाद सामान्य जीवन में वापसी।
पुस्तक में इलाज के व्यावहारिक पहलुओं को इस प्रकार संयोजित किया गया है कि न सिर्फ़ रोगी, बल्कि स्वस्थ लोग भी इस पुस्तक से लाभ उठा सकते हैं।
Karyakshamta Ke Liye Aayurveda Aur Yog
- Author Name:
Vinod Verma
- Book Type:

-
Description:
डॉ. विनोद वर्मा के वर्षों के शोध और परिश्रम का निष्कर्ष यह पुस्तक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए निरोधी उपायों और दूसरे स्वावलम्बी तरीक़ों के विषय में सम्पूर्ण जानकारी देती है। लेखिका की विदेशों में आयुर्वेद की शिक्षा, आयुर्वेद और योग का लम्बे समय तक अध्ययन तथा अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसन्धान और अनुभव इस पुस्तक को महत्त्वपूर्ण कृति बनाते हैं।
दफ़्तर में तनावमुक्त वातावरण कैसे बने, इसके लिए डॉ. विनोद वर्मा की पहली सलाह दैनिक योगाभ्यास है—एक ऐसा आसान-सा व्यायाम जो आपके पूरे दिन से मात्र 16 मिनट चाहता है। आगे डॉ. वर्मा आयुर्वेद के आधार पर तीन मूलभूत व्यक्ति-प्रकारों पर प्रकाश डालती हैं, ताकि आप अपने सहकर्मियों का भलीभाँति अध्ययन कर सकें। इस पुस्तक से आप अपने प्रकार को विभिन्न भोज्य पदार्थों और मसालों से सन्तुलित करने की प्रविधियाँ भी जानेंगे। निःसन्देह, यह कोई भोजन-निर्देशिका नहीं है, यह पुस्तक आपको केवल यह बताती है कि अपनी क्षमताओं के अधिकाधिक उपयोग के लिए आप अपनी ऊर्जा का समुचित सन्तुलन कैसे प्राप्त करें। आयुर्वेद की नज़र से देखें तो भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं है, वह आपकी ऊर्जा के पुनर्सन्तुलन के लिए एक महत्त्वपूर्ण साधन भी
है।डॉ. विनोद वर्मा व्यावहारिक अध्यापिका हैं। वे दुनिया के कई हिस्सों में पढ़ाती रही हैं। अनेक भाषाओं में उनकी पुस्तकों के अनुवाद प्रकाशित व चर्चित हो चुके हैं। इसके अलावा उनके पास अनुभवों का ख़ज़ाना है और अत्यन्त तनावकारी व्यस्तता के साथ एक स्वस्थ जीवन-शैली के निर्वाह की कला भी। जिस पाँच हज़ार साल पुरानी जीवन-पद्धति की शिक्षा वे देती हैं, उसे वे अन्य असंख्य लोगों के साथ-साथ अपने ऊपर भी सफलतापूर्वक आज़मा चुकी हैं। क्यों न आप भी आज़माएँ? यदि आप कार्य-तत्पर प्रकृति के व्यक्ति हैं तो इस पुस्तक का अध्ययन आपको हर प्रकार से लाभान्वित करेगा।
Coaching Explore Expectations
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Coaching Explore Expectations is an inspiring and thought-provoking book that provides readers with the tools they need to break through limitations, increase their confidence, and achieve success in their lives. Written by a certified life coach, the book explores expectations from both sides of the coaching relationship – from the coach’s perspective and from the client’s perspective. Through powerful stories and practical exercises, readers learn how to identify their goals, understand what is holding them back, build a plan for success, and measure progress over time. This comprehensive guide helps people recognize their true potential, unlock their inner strength and courage to reach for even greater heights.
Capacity Building Technology Myths
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Capacity Building Technology Myths, written by Dr. Sanjay Rout and published in 2020, is an essential resource for those looking to understand the current landscape of technology-driven capacity building initiatives. The book examines how myths about technology can lead organizations astray when it comes to developing their digital capabilities and provides a comprehensive overview of the various approaches available for leveraging existing infrastructure and resources to build organizational capacity through new technologies. The book begins with a discussion on why many organizations struggle with implementing effective technological solutions despite having access to cutting-edge tools such as cloud computing or artificial intelligence (AI). It then dives into the different types of capacity building activities that are necessary in order for an organization’s digital transformation efforts to be successful, including software engineering best practices; data science techniques; user experience design principles; security protocols; project management strategies; and more. In addition, Capacity Building Technology Myths explores several key topics related directly or indirectly connected with these activities such as ethical considerations around AI development processes, corporate culture shifts needed during times of rapid technological change, open source versus proprietary software decisions among others which will help readers make informed decisions regarding their own projects moving forward.. Finally Dr Sanjay provides actionable advice on how individuals can navigate this complex environment while still achieving success in terms of both short term goals like meeting customer demands quickly while also laying out long term plans focused on sustainable growth within their respective industries over time . This is done through case studies from some well known companies who have successfully implemented technologically driven initiatives along side practical tips that are easy enough even beginners can follow without any prior tech knowledge . As one reads throughout this informative work , they will gain valuable insights into what works best when attempting large scale changes within organisations using modern day technologies .
First Aid
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Diabetes Ke Saath Jeene Ki Raah
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

- Description: डायबिटीज क्यों होती है? डायबिटीज की पहचान क्या है? डायबिटीज से कैसे बचें? मेथी शुगर को कैसे कम करती है? खाने-पीने में क्या-क्या एहतियात बरतें? कौन-कौन से योगासन शुगर को घटाते हैं? व्यायाम के समय क्या-क्या सावधानियाँ बरतें? इंसुलिन लेना कब ज़रूरी है? इमरजेंसी की घड़ियों में क्या करें? कब कौन-सा टेस्ट कराएँ? घर पर ब्लड शुगर की कैसे जाँच करें? यौन क्षमता कैसे दुरुस्त रखें? डायबिटीज के बुरे असर से शरीर को कैसे बचाएँ? डायबिटीज की नई दवाएँ कौन-कौन सी हैं? 21वीं सदी की इस भागदौड़-भरी ज़िन्दगी में क्या उपाय करें कि डायबिटीज आपके पास न फटके और अगर हो जाए तो उसे कैसे जीतें! डॉ. यतीश अग्रवाल की यह पुस्तक डायबिटीज जैसे महत्त्वपूर्ण विषय पर हिन्दी में अपने ढंग की पहली प्रामाणिक कृति है। सरल सुबोध शैली में लिखी गई इस पुस्तक में आयुर्विज्ञान के साथ-साथ योग, आहार, व्यायाम, जामुन, मेथी और विजयसार के लाभकारी गुणों पर भी उपयोगी जानकारी है। खुलासा है नई से नई खोजों का...और इस नई वैज्ञानिक सोच का भी कि डायबिटीज में मीठी चीज़ें छोड़ना क़त्तई ज़रूरी नहीं है।
Yog Bhagaye Rog
- Author Name:
Swami Akshay Atmanand
- Book Type:

- Description: "' जिसे मृत्यु छीन ले, वह सब ' पर ' है । जिसे मृत्यु भी न छीन पाये, वह ' स्व ' है । इस ' स्व ' में जो स्थित है, सिर्फ वही स्वस्थ है, बाकी सब अस्वस्थ हैं । '' अपने चारों ओर ' पर ' का जो आग्रह है, संग्रह है, उसे ही परिग्रह कहा गया है । परिग्रह कोई वस्तु नहीं है, जिसका त्याग कर देने से परिग्रह हो जायेगा । यदि ' पर ' का आग्रह छूट जाये, सिर्फ ' स्व ' ही रह जाये, शुद्ध-बुद्ध आत्मा में निवास हो जाये, तो यह मनुष्य उसी क्षण परम आत्मा यानी परमात्मा बन जायेगा । कितना कठिन है स्वस्थ होना और कितना सरल है अस्वस्थ बना रहना! अध्यात्म तो सिर्फ आत्मा को स्वस्थ बनाने की विधि बताता है । आज की उन्न्त कहलाने वाली शिक्षा ने आत्मा को बकवास कहा है । इसके अस्तित्व से भी इनकार किया है । उसके लिए शरीर ही सबकुछ है । वही मनुष्य का आदि भी है और अन्त भी है । अत: यह शिक्षा-प्रणाली शरीर के इर्द-गिर्द ही घूमती रहती है । शरीर से बीमारियों को निकाल बाहर करने के नाम पर एक दिन शरीर को ही निकाल बाहर कर देती है । जिन्हें आत्मा के रहस्य को जानने के लिए स्वस्थ शरीर चाहिए उनके शरीर को अच्छा स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन देने में यह पुस्तक पूर्ण समर्थ है; क्योंकि योग का यही नारा है । - इसी पुस्तक से ' योगासनों से चिकित्सा ' विषय पर लिखी गयी मौलिक और श्रेष्ठ कृति है ' योग भगाये रोग ' । इसमें विभिन्न आसनों को सरल भाषा तथा अति रोचक शैली में चित्रों के माध्यम से समझाया गया है । सभी पाठकों के लिए यह संग्रहणीय कृति है । "
The Painkiller With No Side Effects
- Author Name:
Prafful Garg
- Rating:
- Book Type:

- Description: This book is a pandora’s box for those in a quest for motivation and desperate to seize control of their lives. Perhaps, a treasure trove to the youngsters who are yearning for a direction and seek a mental reboot through the everyday clutter. The Gen-Z that is talented, however, is exasperated and confused. Unlock your potential by diving deep into this book, perhaps, a pool of words that is an antidote to your psychological pain.
Yog Vashishth
- Author Name:
Swami Venkateshanand
- Book Type:

- Description: भारतीय मनीषा के प्रतीक ग्रन्थों में एक ‘योग वासिष्ठ’ की तुलना विद्वत्जन ‘भगवद्गीता’ से करते हैं। गीता में स्वयं भगवान मनुष्य को उपदेश देते हैं, जबकि ‘योग वासिष्ठ’ में नर (गुरु वशिष्ठ) नारायण (श्रीराम) को उपदेश देते हैं। विद्वत्जनों के अनुसार सुख और दु:ख, जरा और मृत्यु, जीवन और जगत, जड़ और चेतन, लोक और परलोक, बन्धन और मोक्ष, ब्रह्म और जीव, आत्मा और परमात्मा, आत्मज्ञान और अज्ञान, सत् और असत्, मन और इन्द्रियाँ, धारणा और वासना आदि विषयों पर कदाचित् ही कोई ग्रन्थ हो, जिसमें ‘योग वासिष्ठ’ की अपेक्षा अधिक गम्भीर चिन्तन तथा सूक्ष्म विश्लेषण हुआ हो। अनेक ऋषि-मुनियों के अनुभवों के साथ-साथ अनगिनत मनोहारी कथाओं के संयोजन से इस ग्रन्थ का महत्त्व और भी बढ़ जाता है। स्वामी वेंकटेसानन्द जी का मत है कि इस ग्रन्थ का थोड़ा-थोड़ा नियमित रूप से पाठ करना चाहिए। उन्होंने पाठकों के लिए 365 पाठों की माला बनाई है। प्रतिदिन एक पाठ पढ़ा जाए। पाँच मिनट से अधिक समय नहीं लगेगा। व्यस्तता तथा आपाधापी में उलझा व्यक्ति भी प्रतिदिन पाँच मिनट का समय इसके लिए निकाल सकता है। स्वामी जी का तो यहाँ तक कहना है कि बिना इस ग्रन्थ के अभी या कभी कोई आत्मज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता। स्वामी जी ने इस ग्रन्थ का सार प्रस्तुत करते हुए कहा है कि बिना अपने को जाने मोक्ष प्राप्त नहीं हो सकता। मोक्ष प्राप्त करने का एक ही मार्ग है आत्मानुसन्धान। आत्मानुसन्धान में लगे अनेक सन्तों तथा महापुरुषों के क्रियाकलापों का विलक्षण वर्णन आपको इस ग्रन्थ में मिलेगा। प्रस्तुत अनुवाद स्वामी वेंकटेसानन्द द्वारा किए गए ‘योग वासिष्ठ’ के अंग्रेज़ी अनुवाद ‘सुप्रीम योग’ का हिन्दी रूपान्तरण है जिसे विख्यात भाषाविद् और विद्वान बदरीनाथ कपूर ने किया है। स्वामी जी का अंग्रेज़ी अनुवाद 1972 में पहली बार छपा था जो निश्चय ही चिन्तन, अभिव्यक्ति और प्रस्तुति की दृष्टि से अनुपम है। लेकिन विदेश में छपने के कारण यह भारतीय पाठकों के समीप कम ही पहुँच पाया। आशा है, यह अनुवाद उस दूरी को कम करेगा, और हिन्दी पाठक इस महत्त्वपूर्ण पुस्तक का लाभ उठा पाएँगे।
Business Impacted by Various Pandemic (Series-2)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Business Impacted by Various Pandemic (Series-2) book is an excellent reference guide to all the various pandemics that may break out in future and how they can affect our lives. The information provided in this book will help you plan your strategy for dealing with these conditions, as well as providing guidance for what steps to take if one does occur.
Brain Supermacy
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Brain Supermacy is a groundbreaking book that provides readers with the tools and knowledge to unlock their inner potential. Written by renowned neuroscientist Dr. Sanjay Rout, this book is an essential guide for those interested in unlocking their full mental capacity. Through an exploration of the latest research in neuroscience, Dr. Sanjay presents a comprehensive look at the workings of the human brain and provides practical techniques to maximize its potential. He covers topics such as memory, focus, creativity, and problem solving, as well as exploring the power of positive thinking and the impact of multitasking on productivity. As readers work their way through the book, they will gain a better understanding of their own brain and how to maximize its potential for success. By the end of the book, readers will have gained the skills and knowledge needed to be a Brain Supermacy expert.
Kanya Vama Janani
- Author Name:
Arun Kumar Mitra
- Book Type:

-
Description:
स्वाधीनता के बाद से ही हमारे देश के आर्थिक एवं सामाजिक ढाँचे में व्यापक परिवर्तन हुआ है। स्त्री शिक्षा का प्रसार एवं स्त्री स्वाधीनता अब विलास की वस्तु नहीं हैं वरन् जीवन के अपरिहार्य अंग बन गए हैं। स्त्री की भूमिका अब सिर्फ़ माँ, पत्नी या बेटी के रूप में घर तक सीमित नहीं है, बल्कि रोज़गार के क्षेत्र में भी अब वे समान रूप से आगे आ रही हैं। और इस परिवर्तित माहौल में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति ज़्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। लेकिन उच्च शिक्षित या पढ़ी-लिखी महिलाओं में भी अपने शरीर और स्वास्थ्य के प्रति ज़्यादा जागरूकता नहीं है।
जन्म से ही शारीरिक लक्षणों में भिन्नता, किशोरावस्था में प्रवेश, यौवनप्राप्ति, विवाह, मातृत्व, शिशु पालन, प्रौढ़ावस्था में प्रवेश, रजोनिवृत्ति एवं प्रजनन क्षमता की परिसमाप्ति—नारी जीवन की इन सभी अवस्थाओं पर विस्तृत जानकारी देनेवाली संग्रहणीय पुस्तक है—‘कन्या वामा जननी’।
अपने पेशेवर जीवन में डॉ. मित्र ने इस तरह के स्वास्थ्य के प्रति औरतों को भी लापरवाह पाया है। इसके साथ ही साथ उन्होंने यह भी देखा कि कुछ महिलाओं में अपने शरीर से जुड़े तमाम वैज्ञानिक तथ्यों को जानने में काफ़ी दिलचस्पी है; और इन्हीं महिलाओं के लिए लिखी गई यह महत्त्वपूर्ण पुस्तक है।
Ayurvedic Bhojan Sanskriti
- Author Name:
Vinod Verma
- Rating:
- Book Type:

-
Description:
आयुर्वेद आयु का विज्ञान है जो जीवन के प्रत्येक पहलू से जुड़ा है। ‘आयुर्वेदिक भोजन’ आयुर्वेदिक जीवन-शैली का अंग है और भोजन बनाने के अन्य अंगों को अपनाए बिना यह प्रयास अपूर्ण है।
आयुर्वेदिक भोजन क्या है? आयुर्वेदिक भोजन संस्कृति के प्रमुख तत्त्व, बुनियादी ज्ञान एवं
आधारभूत बातें, रसों का व्यावहारिक स्वरूप, भोजन बनाने की मूल वस्तुओं का संकलन, भोजन के छह आयाम तथा आयुर्वेदिक भोज्य व्यंजन (नाश्ते के व्यंजन, प्रमुख भोजन, सूप, सहायक खाद्य पदार्थ आदि) पर सम्पूर्ण सामग्री के अलावा खाद्य पदार्थों, जड़ी-बूटियों और मसालों की पूर्ण जानकारी।
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार वर्मा के वर्षों के शोध और परिश्रम का निष्कर्ष यह पुस्तक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आयुर्वेदिक भोजन बनाने और खाने की कला के विषय में सम्पूर्ण जानकारी देती है।
Light on the Yoga Sutras of Patanjali
- Author Name:
B.K.S. Iyengar
- Book Type:

- Description: Light On The Yoga Sutras Of Patanjali is one of the few authentic and legitimate self-help books dedicated exclusively to the ancient Indian art of Yoga. This widely followed book has been written with the completely unexposed Western mind in mind and opens the door to spiritual understanding. The book primarily consists of Yoga sutras, or hymns, as expressed by Patanjali, along with a comprehensive set of yogic postures. The author has made great efforts to be as authentic as possible, and each posture is explained and demonstrated clearly. Additionally, he suggests daily routines for various physical goals. His commentary targets beginner aspirants with little or no exposure to Yoga, and the tone and descriptions are convincing in knowledge dissemination and engaging the reader. Often called the ‘Bible of Yoga’ and acclaimed across many spiritual forums and websites, the book is a bestseller. Key Features: It includes a new translation of the Yoga Sutras (hymns and aphorisms) of the ancient sage Patanjali. It has been carefully authored by BKS Iyengar, an esteemed exponent of the art.
Alphabetical Parenting
- Author Name:
Karen Claire
- Rating:
- Book Type:

- Description: ‘If my parent had done things differently, I would have been such a different person.’ Do you pause in your tracks with this emotion? ‘Wouldn’t it be lovely if someone could hand-hold me through parenting my child just as someone held my hand while I learned to write?’ Has this thought ever crossed your mind as you journey from day to day with your growing child? Well, here is Karen Claire, with the A-B-Cs of parenting. She believes very strongly in the quote by Frederick Douglass: ‘It is easier to build strong children than repair broken men.’ She knows this first-hand, as her experience as a practitioner and coach has brought her to work with persons at both ends of the age spectrum. Master these alphabets of the parenting language and write your own personal script for yourself and your child.
HIV AIDS : Satabdi Ka Sabase Bada Dhokha
- Author Name:
Kamlesh Jain
- Book Type:

-
Description:
अमेरिकी सत्ता, सूचनातंत्र और बौद्धिक समुदाय के अथक प्रयत्न के कारण आज एड्स सारी दुनिया में चिन्ता और चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। भारत में एड्स के बारे में लोगों को जानकारी बहुत कम है, लेकिन अफ़वाह की तरह उसका प्रसार और प्रभाव बहुत अधिक है। ऐसी स्थिति में कमलेश जैन ने सहज, सुबोध और जानदार भाषा में ‘एचआईवी/एड्स : शताब्दी का सबसे बड़ा धोखा’ नामक पुस्तक लिखकर एड्स के बारे में प्रचारित अनेक मिथकों का राज-रहस्य खोला है और उसके झूठ-सच से विशेषज्ञों को ही नहीं, सामान्य जनों को भी परिचित कराया है।
यह सतर्क सामाजिक संवेदनशीलता और गहरी मानवीय ज़िम्मेदारी से लिखी गई पुस्तक है। कमलेश जैन की पुस्तक यह साबित करती है कि विज्ञान के क्षेत्र में विचारधारा किस प्रकार काम करती है और यह भी कि विज्ञान को किस तरह जनविरोधी तथा जनता का पक्षधर बनाया जा सकता है। यह समझना मुश्किल नहीं है कि एड्स के बारे में विभिन्न देशों की सरकारों, ग़ैरसरकारी संगठनों और सूचना साम्राज्य के तंत्रजालों द्वारा जो झूठा सच रोज़-रोज़, बार-बार, लगातार प्रचारित किया जा रहा है; उसके विरुद्ध कुछ सुनना, समझना और स्वीकार करना आसान नहीं है। लेकिन जो एड्स सम्बन्धी जानलेवा झूठ से बचना चाहते हैं और अपने जीवन तथा अपने समाज के जीवन में आस्था रखते हैं, वे इस पुस्तक को ज़रूर पढ़ेंगे और इसके संजीवन सच को स्वीकार करेंगे।
Nari Swasthya Aur Saundarya
- Author Name:
Yatish Agarwal +1
- Book Type:

- Description: न में सुख और ख़ुशियों के रंग भरने के लिए अपनी देह और मन के बारे में जानना हर स्त्री के लिए ज़रूरी है। इसी से वह अपने भीतर के रचना-संसार, उसकी बनावट और व्यवहार को ठीक से समझ सकती है और सामान्य–असामान्य की पहचान कर सकती है। अत्यन्त सरल और दिलचस्प शैली में रची गई यह पुस्तक नारी शरीर की दुनिया, मासिक धर्म और उससे जुड़े विकारों, जनन अंगों के रोगों, सन्तान की चाह पूरी करने के नूतन उपायों, अनचाहे गर्भ से बचे रहने के तरीक़ों, गर्भाशय और स्तन के कैंसरों, विविध जाँच–परीक्षणों, रूप–सौन्दर्य आदि पर प्रामाणिक व्यावहारिक जानकारी का ख़ज़ाना है। इन विषयों पर आपके हर सवाल का नारी स्वास्थ्य और सौन्दर्य में समाधान प्रस्तुत है— नारी, स्त्री, अम्बा, वामा शब्द कैसे बने?; किशोरावस्था, यौवन और जीवन के अलग–अलग चरणों में शरीर के भीतर क्या–क्या परिवर्तन आते हैं?; मासिक धर्म के दिनों में अपनी देखभाल कैसे करें?; गर्भाशय की रसौली, बच्चेदानी के नीचे सरकने, एंडोमेट्रियोसिस, यू.टी.आई. जैसे रोगों का क्या इलाज है?; स्तन में हुई गिलटी का क्या समाधान है?; काम–क्रीड़ा में कष्ट होने पर निजात के क्या तरीक़े हैं?; मासिक धर्म में दर्द, अधिक ख़़ून जाने पर क्या करें?; योनिस्राव के क्या–क्या कारण हैं और उनका इलाज क्या है?; गर्भ–निरोध के लिए कौन–सा साधन उत्तम है?; सन्तान न होने के क्या कारण हैं और इनका क्या इलाज है?; सुन्दर–सलोना रूप पाने के क्या–क्या उपाय हैं?; बालों और त्वचा की देखभाल कैसे करनी चाहिए?; और, और भी बहुत कुछ…। न सिर्फ़ स्त्रियों के लिए, बल्कि पुरुषों के लिए भी एक पठनीय पुस्तक
Out of Clutter - Find Simplicity
- Author Name:
Medha Sarin
- Rating:
- Book Type:

- Description: Life is simple, yet we make it difficult. We make it difficult because we are not aware of the actual laws of God. Some of us have misinterpreted them and some of us make them according to our selfish desires. God’s law should not be made by humans, we make our life difficult by not setting ourselves free from stray feelings. This book will answer all questions that you usually ask God. It will tell you what spirituality actually is. Read this interpretation of God’s law and make your life happy and fulfilling!
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book