HIV AIDS : Satabdi Ka Sabase Bada Dhokha
(0)
Author:
Kamlesh JainPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Lifestyle-and-wellness₹
195
₹ 156 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
अमेरिकी सत्ता, सूचनातंत्र और बौद्धिक समुदाय के अथक प्रयत्न के कारण आज एड्स सारी दुनिया में चिन्ता और चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। भारत में एड्स के बारे में लोगों को जानकारी बहुत कम है, लेकिन अफ़वाह की तरह उसका प्रसार और प्रभाव बहुत अधिक है। ऐसी स्थिति में कमलेश जैन ने सहज, सुबोध और जानदार भाषा में ‘एचआईवी/एड्स : शताब्दी का सबसे बड़ा धोखा’ नामक पुस्तक लिखकर एड्स के बारे में प्रचारित अनेक मिथकों का राज-रहस्य खोला है और उसके झूठ-सच से विशेषज्ञों को ही नहीं, सामान्य जनों को भी परिचित कराया है।</p> <p>यह सतर्क सामाजिक संवेदनशीलता और गहरी मानवीय ज़िम्मेदारी से लिखी गई पुस्तक है। कमलेश जैन की पुस्तक यह साबित करती है कि विज्ञान के क्षेत्र में विचारधारा किस प्रकार काम करती है और यह भी कि विज्ञान को किस तरह जनविरोधी तथा जनता का पक्षधर बनाया जा सकता है। यह समझना मुश्किल नहीं है कि एड्स के बारे में विभिन्न देशों की सरकारों, ग़ैरसरकारी संगठनों और सूचना साम्राज्य के तंत्रजालों द्वारा जो झूठा सच रोज़-रोज़, बार-बार, लगातार प्रचारित किया जा रहा है; उसके विरुद्ध कुछ सुनना, समझना और स्वीकार करना आसान नहीं है। लेकिन जो एड्स सम्बन्धी जानलेवा झूठ से बचना चाहते हैं और अपने जीवन तथा अपने समाज के जीवन में आस्था रखते हैं, वे इस पुस्तक को ज़रूर पढ़ेंगे और इसके संजीवन सच को स्वीकार करेंगे।
Read moreAbout the Book
अमेरिकी सत्ता, सूचनातंत्र और बौद्धिक समुदाय के अथक प्रयत्न के कारण आज एड्स सारी दुनिया में चिन्ता और चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। भारत में एड्स के बारे में लोगों को जानकारी बहुत कम है, लेकिन अफ़वाह की तरह उसका प्रसार और प्रभाव बहुत अधिक है। ऐसी स्थिति में कमलेश जैन ने सहज, सुबोध और जानदार भाषा में ‘एचआईवी/एड्स : शताब्दी का सबसे बड़ा धोखा’ नामक पुस्तक लिखकर एड्स के बारे में प्रचारित अनेक मिथकों का राज-रहस्य खोला है और उसके झूठ-सच से विशेषज्ञों को ही नहीं, सामान्य जनों को भी परिचित कराया है।</p>
<p>यह सतर्क सामाजिक संवेदनशीलता और गहरी मानवीय ज़िम्मेदारी से लिखी गई पुस्तक है। कमलेश जैन की पुस्तक यह साबित करती है कि विज्ञान के क्षेत्र में विचारधारा किस प्रकार काम करती है और यह भी कि विज्ञान को किस तरह जनविरोधी तथा जनता का पक्षधर बनाया जा सकता है। यह समझना मुश्किल नहीं है कि एड्स के बारे में विभिन्न देशों की सरकारों, ग़ैरसरकारी संगठनों और सूचना साम्राज्य के तंत्रजालों द्वारा जो झूठा सच रोज़-रोज़, बार-बार, लगातार प्रचारित किया जा रहा है; उसके विरुद्ध कुछ सुनना, समझना और स्वीकार करना आसान नहीं है। लेकिन जो एड्स सम्बन्धी जानलेवा झूठ से बचना चाहते हैं और अपने जीवन तथा अपने समाज के जीवन में आस्था रखते हैं, वे इस पुस्तक को ज़रूर पढ़ेंगे और इसके संजीवन सच को स्वीकार करेंगे।
Book Details
-
ISBN9788126707119
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Dampatya Vigyan
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

-
Description:
भारतीय समाज में इधर जो बदलाव आ रहे हैं, उनका सीधा असर दाम्पत्य सम्बन्धों पर भी पड़ रहा है। लगातार बढ़ते शहरीकरण, विस्थापन और आर्थिक-सामाजिक दबावों के कारण पति-पत्नी के रिश्तों की मिठास निरन्तर कम होती जा रही है और विवाह संस्था को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। डॉ. यतीश अग्रवाल की यह पुस्तक इसी चुनौती को ध्यान में रखकर लिखी गई है। इसमें दाम्पत्य जीवन के हर पहलू पर रोशनी डालते हुए बताया गया है कि तरह-तरह के दबाव सहते हुए हम अपने दाम्पत्य जीवन को किस तरह सफल बना सकते हैं।
इस पुस्तक में आप पाएँगे :
- दाम्पत्य सम्बन्धों के बदलते समीकरणों से सामंजस्य कैसे बनाएँ।
- दाम्पत्य जीवन में शारीरिक और भावनात्मक माधुर्य का क्या अर्थ है और उसे कैसे बनाकर रखें।
- सफल दाम्पत्य जीवन में परिवार नियोजन की महत्ता और गर्भ निरोध के बारे में विस्तृत जानकारी।
- सहवास जैसी मधुर प्रकिया कुछ मौक़ों पर कष्टप्रद क्यों हो जाती है और ऐसी स्थिति से कैसे बचें।
- यौन जीवन में आनेवाली दिक़्क़तों और उलझनों से कैसे पार पाएँ।
- यौन सम्बन्धी बीमारियाँ कौन-कौन सी हैं और उनसे बचाव के लिए ज़रूरी सावधानियाँ।
- गर्भधारण में आनेवाली परेशानियाँ और उनके व्यावहारिक उपचार। <
Brain Super Science
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Brain Super Science is the groundbreaking new book from renowned scientist and author Dr. Sanjay Rout. Combining cutting-edge research with inspiring stories from the frontlines of neuroscience, Dr. Sanjay offers a comprehensive look at the science of the brain and how it affects our daily lives. By exploring the latest developments in artificial intelligence, brain-computer interfaces, and the potential of neurotechnologies, Dr. Sanjay reveals how our understanding of the brain is changing how we think, act, and live. With an accessible writing style and plenty of engaging examples, Brain Super Science will be an invaluable resource for readers looking to deepen their understanding of the brain and its potential.
First Aid
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kanya Vama Janani
- Author Name:
Arun Kumar Mitra
- Book Type:

-
Description:
स्वाधीनता के बाद से ही हमारे देश के आर्थिक एवं सामाजिक ढाँचे में व्यापक परिवर्तन हुआ है। स्त्री शिक्षा का प्रसार एवं स्त्री स्वाधीनता अब विलास की वस्तु नहीं हैं वरन् जीवन के अपरिहार्य अंग बन गए हैं। स्त्री की भूमिका अब सिर्फ़ माँ, पत्नी या बेटी के रूप में घर तक सीमित नहीं है, बल्कि रोज़गार के क्षेत्र में भी अब वे समान रूप से आगे आ रही हैं। और इस परिवर्तित माहौल में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति ज़्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। लेकिन उच्च शिक्षित या पढ़ी-लिखी महिलाओं में भी अपने शरीर और स्वास्थ्य के प्रति ज़्यादा जागरूकता नहीं है।
जन्म से ही शारीरिक लक्षणों में भिन्नता, किशोरावस्था में प्रवेश, यौवनप्राप्ति, विवाह, मातृत्व, शिशु पालन, प्रौढ़ावस्था में प्रवेश, रजोनिवृत्ति एवं प्रजनन क्षमता की परिसमाप्ति—नारी जीवन की इन सभी अवस्थाओं पर विस्तृत जानकारी देनेवाली संग्रहणीय पुस्तक है—‘कन्या वामा जननी’।
अपने पेशेवर जीवन में डॉ. मित्र ने इस तरह के स्वास्थ्य के प्रति औरतों को भी लापरवाह पाया है। इसके साथ ही साथ उन्होंने यह भी देखा कि कुछ महिलाओं में अपने शरीर से जुड़े तमाम वैज्ञानिक तथ्यों को जानने में काफ़ी दिलचस्पी है; और इन्हीं महिलाओं के लिए लिखी गई यह महत्त्वपूर्ण पुस्तक है।
Yog Bhagaye Rog
- Author Name:
Swami Akshay Atmanand
- Book Type:

- Description: "' जिसे मृत्यु छीन ले, वह सब ' पर ' है । जिसे मृत्यु भी न छीन पाये, वह ' स्व ' है । इस ' स्व ' में जो स्थित है, सिर्फ वही स्वस्थ है, बाकी सब अस्वस्थ हैं । '' अपने चारों ओर ' पर ' का जो आग्रह है, संग्रह है, उसे ही परिग्रह कहा गया है । परिग्रह कोई वस्तु नहीं है, जिसका त्याग कर देने से परिग्रह हो जायेगा । यदि ' पर ' का आग्रह छूट जाये, सिर्फ ' स्व ' ही रह जाये, शुद्ध-बुद्ध आत्मा में निवास हो जाये, तो यह मनुष्य उसी क्षण परम आत्मा यानी परमात्मा बन जायेगा । कितना कठिन है स्वस्थ होना और कितना सरल है अस्वस्थ बना रहना! अध्यात्म तो सिर्फ आत्मा को स्वस्थ बनाने की विधि बताता है । आज की उन्न्त कहलाने वाली शिक्षा ने आत्मा को बकवास कहा है । इसके अस्तित्व से भी इनकार किया है । उसके लिए शरीर ही सबकुछ है । वही मनुष्य का आदि भी है और अन्त भी है । अत: यह शिक्षा-प्रणाली शरीर के इर्द-गिर्द ही घूमती रहती है । शरीर से बीमारियों को निकाल बाहर करने के नाम पर एक दिन शरीर को ही निकाल बाहर कर देती है । जिन्हें आत्मा के रहस्य को जानने के लिए स्वस्थ शरीर चाहिए उनके शरीर को अच्छा स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन देने में यह पुस्तक पूर्ण समर्थ है; क्योंकि योग का यही नारा है । - इसी पुस्तक से ' योगासनों से चिकित्सा ' विषय पर लिखी गयी मौलिक और श्रेष्ठ कृति है ' योग भगाये रोग ' । इसमें विभिन्न आसनों को सरल भाषा तथा अति रोचक शैली में चित्रों के माध्यम से समझाया गया है । सभी पाठकों के लिए यह संग्रहणीय कृति है । "
Vaivahik Jeewan
- Author Name:
K. P. Bhagwat
- Book Type:

-
Description:
यह पुस्तक विवाह और स्त्री-पुरुष सम्बन्धों पर एक समग्र अध्ययन है। मूल मराठी में कई संस्करणों में पढ़ी जा चुकी यह क्लासिक कृति न सिर्फ़ मानव समाज में विवाह संस्था के इतिहास तथा स्वरूपों पर विचार करती है, बल्कि एक साधारण दम्पति के लिए सुखमय वैवाहिक जीवन की व्यावहारिक मार्गदर्शिका भी उपलब्ध कराती है।
विश्व के विभिन्न क्षेत्रों तथा इतिहास के अलग-अलग चरणों में स्त्री-पुरुष सम्बन्धों की रूढ़ियों और रूपों की जो विस्तृत जानकारी इस पुस्तक में जुटाई गई है, वह जहाँ सेक्स से सम्बन्धित हमारे जड़ पूर्वग्रहों को भंग करती है, वहीं स्वस्थ और सन्तुलित यौन जीवन का मार्ग भी प्रशस्त करती है। जिन विषयों को यह कृति अपने दायरे में लेती है, उनमें से कुछ हैं : विवाह संस्था का स्वरूप, भविष्य व संरचना; विवाह में साथी का चुनाव, जननेन्द्रियों की रचना, कामपूर्ति, सन्तति नियोजन, मातृत्व, यौन-विकृतियाँ, मनोविकृतियाँ तथा वैवाहिक जीवन का मानसिक पक्ष आदि।
सभी स्त्री-पुरुषों व हर आयु के पाठकों के लिए एक बहुत ही उपयोगी पुस्तक।
Ayurveda va Yoga Dwara Vazan Ghatayen
- Author Name:
Dr. Vinod Verma
- Book Type:

- Description: "डॉ.एस. राधाकृष्णन ने हिंदू धर्म के केंद्रीय सिद्धांतों, इसके दार्शनिक और आध्यात्मिक सिद्धांत, धार्मिक अनुभव, नैतिक चरित्र और पारंपरिक धर्मों की व्याख्या की है। हिंदू धर्म परिणाम नहीं एक प्रक्रिया है, विकसित होती परंपरा है, न कि निश्चित रहस्योद्घाटन—जैसा कि अन्य धर्मों में होता है। उन्होंने ईसाई धर्म, इसलाम और बौद्ध धर्म की तुलना हिंदू धर्म के संदर्भ में की है और इस बात पर बल दिया है कि इन धर्मों का अंतिम उद्देश्य सार्वभौमिक स्वयं की प्राप्ति है। धर्म को लेकर राधाकृष्णन का विश्लेषण परम बौद्धिक और संतुलित है तथा उनके व्याख्यानों को विश्व भर में हार्दिक प्रतिक्रिया मिली है। इस पुस्तक के लेख इस महान् दार्शनिक के मन को प्रतिबिंबित करते हैं, जिनका अभिवादन एक और विवेकानंद के रूप में किया गया है। हिंदू धर्म का विहंगम दिग्दर्शन करानेवाली पठनीय पुस्तक।
Prakritik Jeevan Shaili Dwara Rogon Se Bachav
- Author Name:
Acharya Mohan Gupta
- Book Type:

- Description: क्या आप बीमारियों से परेशान हैं? क्या आप रोजाना की दवाइयों से और गैर जरूरी ऑपरेशनों से तंग आ चुके हैं? यदि आप अपनी लगभग सभी बीमारियों, जैसे कि शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, दमा, साइनस, अस्थमा, जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, रसौली, पथरी, थायरायड, पी.सी.ओ.डी., हृदय रोग, गैस, तेजाब, बलगम, कब्ज, माइग्रेन इत्यादि से आजीवन छुटकारा पाना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए ही लिखी गई है।
Ayurvedic Bhojan Sanskriti
- Author Name:
Vinod Verma
- Rating:
- Book Type:

-
Description:
आयुर्वेद आयु का विज्ञान है जो जीवन के प्रत्येक पहलू से जुड़ा है। ‘आयुर्वेदिक भोजन’ आयुर्वेदिक जीवन-शैली का अंग है और भोजन बनाने के अन्य अंगों को अपनाए बिना यह प्रयास अपूर्ण है।
आयुर्वेदिक भोजन क्या है? आयुर्वेदिक भोजन संस्कृति के प्रमुख तत्त्व, बुनियादी ज्ञान एवं
आधारभूत बातें, रसों का व्यावहारिक स्वरूप, भोजन बनाने की मूल वस्तुओं का संकलन, भोजन के छह आयाम तथा आयुर्वेदिक भोज्य व्यंजन (नाश्ते के व्यंजन, प्रमुख भोजन, सूप, सहायक खाद्य पदार्थ आदि) पर सम्पूर्ण सामग्री के अलावा खाद्य पदार्थों, जड़ी-बूटियों और मसालों की पूर्ण जानकारी।
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार वर्मा के वर्षों के शोध और परिश्रम का निष्कर्ष यह पुस्तक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आयुर्वेदिक भोजन बनाने और खाने की कला के विषय में सम्पूर्ण जानकारी देती है।
Mindsolasta - think.change.illuminate.
- Author Name:
Paul Raj +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: In today’s game of life positive psychology is at its peak. Mindsolasta helps the reader pause and reflect on the presence of positive aspects in daily life. Gratitude, mindfulness, hope and stress management are some of the useful skills you will incorporate by reading this book. So what are you waiting for? Dive right in to learn more about the secrets to a happier life and for a cup of positivity in your everyday life.
Kyon Alag Hai Stree-Purush Ka Prem
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: ेम जीवन का अनिवार्य विषय है। जीवनसाथी से प्रेमपूर्ण सम्बन्ध जीवन की सफलता और आनन्द का मूल है। हम सभी प्रेम करना और पाना चाहते हैं लेकिन उसे सीखना नहीं चाहते। जीवन का एक बहुत बड़ा और महत्त्वपूर्ण सबक़ हमें कोई भी नहीं सिखाता। इसके लिए स्कूल और कॉलेजों में कोई विषय नहीं है और ना कोई अध्यापक। अगर हम प्रेम के बारे में थोड़ा-बहुत जानते भी हैं तो वही फ़िल्मों वाला प्रेम या दोस्तों की गप्पें, यह दोनों ही ज्ञान अपूर्ण और भ्रामक होते हैं जो कि हमारे प्रेम को ग़लत दिशा में ले जाते हैं और शादियाँ तलाक़ में या फिर कारावास में बदल जाती हैं। स्त्री और पुरुषों में भिन्नताएँ होती हैं, वे अलग होते हैं, चाँद और सूरज की ही तरह अलग-अलग। इन दोनों की वैचारिक भिन्नताएँ आग और पानी की ही तरह अलग-अलग होती हैं। पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका अपने प्रेम को हमेशा क़ायम रख ही नहीं सकते जब तक कि वे एक दूसरे की भिन्नताओं को जानकर उन्हें स्वीकार ना कर लें। यह पुस्तक इन्हीं भिन्नताओं को उजागर करेगी, आपको प्रेम करना और उसे जीवन-भर क़ायम रखना सिखाएगी। यह पुस्तक आपकी गुरु, साथी और एक मार्गदर्शक के रूप में आपकी हमेशा मदद करेगी। यह आपको वह सिखाएगी जो दुनिया के अधिकतर लोगों को नहीं आता—जी हाँ, 'प्रेम करना
Karyakshamta Ke Liye Aayurveda Aur Yog
- Author Name:
Vinod Verma
- Book Type:

-
Description:
डॉ. विनोद वर्मा के वर्षों के शोध और परिश्रम का निष्कर्ष यह पुस्तक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए निरोधी उपायों और दूसरे स्वावलम्बी तरीक़ों के विषय में सम्पूर्ण जानकारी देती है। लेखिका की विदेशों में आयुर्वेद की शिक्षा, आयुर्वेद और योग का लम्बे समय तक अध्ययन तथा अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसन्धान और अनुभव इस पुस्तक को महत्त्वपूर्ण कृति बनाते हैं।
दफ़्तर में तनावमुक्त वातावरण कैसे बने, इसके लिए डॉ. विनोद वर्मा की पहली सलाह दैनिक योगाभ्यास है—एक ऐसा आसान-सा व्यायाम जो आपके पूरे दिन से मात्र 16 मिनट चाहता है। आगे डॉ. वर्मा आयुर्वेद के आधार पर तीन मूलभूत व्यक्ति-प्रकारों पर प्रकाश डालती हैं, ताकि आप अपने सहकर्मियों का भलीभाँति अध्ययन कर सकें। इस पुस्तक से आप अपने प्रकार को विभिन्न भोज्य पदार्थों और मसालों से सन्तुलित करने की प्रविधियाँ भी जानेंगे। निःसन्देह, यह कोई भोजन-निर्देशिका नहीं है, यह पुस्तक आपको केवल यह बताती है कि अपनी क्षमताओं के अधिकाधिक उपयोग के लिए आप अपनी ऊर्जा का समुचित सन्तुलन कैसे प्राप्त करें। आयुर्वेद की नज़र से देखें तो भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं है, वह आपकी ऊर्जा के पुनर्सन्तुलन के लिए एक महत्त्वपूर्ण साधन भी
है।डॉ. विनोद वर्मा व्यावहारिक अध्यापिका हैं। वे दुनिया के कई हिस्सों में पढ़ाती रही हैं। अनेक भाषाओं में उनकी पुस्तकों के अनुवाद प्रकाशित व चर्चित हो चुके हैं। इसके अलावा उनके पास अनुभवों का ख़ज़ाना है और अत्यन्त तनावकारी व्यस्तता के साथ एक स्वस्थ जीवन-शैली के निर्वाह की कला भी। जिस पाँच हज़ार साल पुरानी जीवन-पद्धति की शिक्षा वे देती हैं, उसे वे अन्य असंख्य लोगों के साथ-साथ अपने ऊपर भी सफलतापूर्वक आज़मा चुकी हैं। क्यों न आप भी आज़माएँ? यदि आप कार्य-तत्पर प्रकृति के व्यक्ति हैं तो इस पुस्तक का अध्ययन आपको हर प्रकार से लाभान्वित करेगा।
Rogon Ki Achook Chikitsa
- Author Name:
P.N. Singh
- Book Type:

-
Description:
– प्रस्तुत पुस्तक अच्छी तन्दुरुस्ती बनाए रखने में और बीमारियों को सहज ही भगा देने में पूरी-पूरी मदद करेगी।
अचूक इलाज की सभी तरकीबें : ठीक-ठीक खाना, हवा, धूप, पानी और मिट्टी का इस्तेमाल, कसरत और आराम के तरीक़े, अलग-अलग बीमारियों के इलाज के तरीक़े इस पुस्तक में बताए गए हैं।
तन्दुरुस्ती का मसला बहुत आसान है, स्वस्थ रहना ही शरीर की क़ुदरती हालत है, लेकिन इन्सान ने क़ुदरत के रास्ते में बहुत-सी अड़चनें डाल रखी हैं। इसी से इन दिनों बीमारियों की भरमार है। इलाज करनेवालों ने इस उलझन को बढ़ाकर स्वास्थ्य के मसले को और भी पेचीदा कर दिया है। क़ुदरत की राह में अड़चन न डालिए, आप स्वस्थ रहिएगा।
दवा से कुछ भी फ़ायदा नहीं हो सकता बल्कि नुक़सानदेह है। शरीर को प्राकृतिक तरीक़े से हवा, पानी, धूप के सिवा और किसी चीज़ की भी ज़रूरत नहीं है। क़ुदरत ने उसे ऐसा ही बनाया है कि वह अपनी मरम्मत और सफ़ाई आप ही कर लेता है।
Fact of Fate
- Author Name:
Muni Shri Pranamya Sagar
- Book Type:

- Description: Fact of fate, which is revealing the mantra of living life in a right manner, especially for youngsters.
Cancer Ki Vyatha-Katha
- Author Name:
Shrigopal Kabra
- Book Type:

-
Description:
चरक के संहिता काल में कैंसर की ग्रन्थि और अर्बुद रूप में लक्षणों के आधार पर अवधारणा, पहचान और उपचार और सुश्रुत की शल्य चिकित्सा में आज आयुर्वेद में भी काफ़ी परिवर्तन आया है, विकास हुआ है। आधुनिक चिकित्सा में कैंसर के निदान और उपचार के साधनों का व्यापक विस्तार हुआ है। देश में कैंसर जानलेवा रोगों में प्रमुख है, फिर भी इसकी व्यापकता के विश्वस्त आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं। कैंसर रजिस्ट्री (पंजीयन) आधारित आंशिक आँकड़े उपलब्ध हैं। इनके अभाव में कैंसर के निदान, उपचार और निवारण की नीतियाँ और व्यवस्था अपर्याप्त और अप्रभावी हैं।
कैंसर पर डॉ. सिद्धार्थ मुखर्जी की एक पुस्तक आई है ‘द एम्परर ऑफ़ ऑल मैलेडीज : ए बायोग्राफ़ी ऑफ़ कैंसर’। यह एक ऐतिहासिक किताब है।
इसी से प्रेरित होकर मैंने भारतीय सन्दर्भ में ‘कैंसर की व्यथा-कथा : आग का दरिया तैरकर जाना’ लिखी है, क्योंकि मेरा मानना है हिन्दी में इसकी नितान्त आवश्यकता है।
कैंसर के बारे में, पढ़े-लिखे और अनपढ़, सभी में जानकारी कम और भय व भ्रम अधिक है। आज भी कैंसर को एक रोग माना जाता है। एक ही दवा से हर प्रकार के कैंसर के इलाज के दावे आम हैं, प्रचार-प्रसार कर रोगियों को भ्रम में रखा जाता है। चिकित्सा के व्यवसायीकरण से बेबस रोगियों का हर स्तर पर शोषण होता है। आम भाषा में कैंसर के बारे में विश्वसनीय जानकारी की रोचक शैली में प्रस्तुति से, आशा है, इस रोग से भय, भ्रम और शोषण से मुक्ति में सहायता मिलेगी। अगर ऐसा होता है तो मेरा परिश्रम सफल होगा।
— प्राक्कथन से
Brain Supermacy
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Brain Supermacy is a groundbreaking book that provides readers with the tools and knowledge to unlock their inner potential. Written by renowned neuroscientist Dr. Sanjay Rout, this book is an essential guide for those interested in unlocking their full mental capacity. Through an exploration of the latest research in neuroscience, Dr. Sanjay presents a comprehensive look at the workings of the human brain and provides practical techniques to maximize its potential. He covers topics such as memory, focus, creativity, and problem solving, as well as exploring the power of positive thinking and the impact of multitasking on productivity. As readers work their way through the book, they will gain a better understanding of their own brain and how to maximize its potential for success. By the end of the book, readers will have gained the skills and knowledge needed to be a Brain Supermacy expert.
Khoobsoorti Se Jeevan Jeene Ki Kala
- Author Name:
H.L. Maheshwari
- Book Type:

- Description: ख़ुश रहने के लिए कुछ ज़्यादा करने की ज़रूरत नहीं है। बस सहज होने की कोशिश करें, और आप देखेंगे कि जिसे आप दु:ख मानकर अपनी ज़िन्दगी का उल्लास छोड़ बैठे हैं, उसमें भी एक सुख है। होनी को सरल भाव और खुले मन से स्वीकारें और आप देखेंगे कि आपकी इच्छाशक्ति आपको कहाँ ले जाती है। हँसिए और जब मन भर जाए तो खुलकर रोइए भी। रोना उतना बुरा नहीं है जितना माना जाता है, इससे आप नए हो जाते हैं। दिमाग़ से काम लें लेकिन दिल की भी सुनें, पुस्तकें पढ़कर अपनी कल्पना को नया आकाश दें, और ख़ुशी के परिन्दों के साथ उड़ें। यह पुस्तक ऐसी ही छोटी-छोटी बातों से आपको जीना सिखाती है, ख़ुश रहना सिखाती है। और बताती है कि जीवन अपने आप में ही कितना सुखकारी, कितना अनमोल वरदान है; ज़रूरत है बस हिम्मत, धीरज और सहनशीलता के साथ उसे जीना सीखने की। आशा है, यह किताब इस राह में अवश्य ही आपकी हमसफ़र बनेग
Jatil Rog Saral Upchar
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

- Description: कायासुख ही जीवन की सबसे बड़ी दौलत है। मन और शरीर बीमार और लाचार हों, तो जीवन की हर प्राप्ति, हर ख़ुशी आधी-अधूरी और बेमायने-सी लगने लगती है। पर जीवन की रौ में आदमी अक्सर ही इस साधारण से सत्य को भुला बैठता है। बिरले ही ऐसे होते हैं जो शुरू से ही तन्दुरुस्ती का महत्त्व समझते हैं और उसी के रास्ते पर चलते हैं। पर ज़्यादातर लोग न तो क़िस्मत के इतने धनी होते हैं, न ही आनुवंशिक काठी के, और न ही समय से चेतते हैं कि जीवन की सबसे बड़ी दौलत उनके पास बनी रहे। यंत्रवत् जीवन की चकाचौंध में जीता आदमी जब होश सँभालता है, तब तक अक्सर वह अपनी उदासीनता की क़ीमत दे चुका होता है। उसके असंयमित रहन-सहन, खान-पान, चाल-चलन में कब कौन-सा अंग बीमार हो जाता है, इसका भी उसे तब पता चलता है जब पानी सर तक चढ़ चुका होता है। इस भँवर से बचकर निकलने के लिए दुगुने संकल्प की ज़रूरत होती है। न सिर्फ़ दवा की अनिवार्यता होती है, बल्कि जीने का ढंग भी बदलना पड़ता है। तभी कहीं जीवन ढंग से आगे बढ़ पाता है। सबसे अच्छा तो यह है कि आदमी शुरू से ही जगा रहे। बचाव इलाज से लाख गुना अच्छा है। उसी में शहनाई की मिठास है। क़ुदरत के साधारण नियमों का अनुसरण करना इसका सत्य-सार है। आपके जीवन में सुख का अमृत-कलश सदा भरा रहे, यही मेरी प्रार्थना है। किसी समय रुग्णता के बादल घिर आएँ, चारों तरफ़ अँधियारा दिखे, तब भी यह कृति आपको उस घटाटोप अँधेरे से बाहर खींच लाए, तभी इसकी रचना सफल समझूँगा।
Nari Shareer Ke Rahashya
- Author Name:
Rekha Agrawal +1
- Book Type:

-
Description:
‘नारी शरीर के रहस्य’ सरल और दिलचस्प शैली में रची गई अनूठी पुस्तक है। इसमें नारी शरीर के भीतर छुपी विराट दुनिया, उसके सातों सुरों और सम्पूर्ण रागों की सुरुचिपूर्ण प्रामाणिक व्याख्या है। किशोर अवस्था से प्रौढ़ा होने तक नारी के शरीर में क्या-क्या परिवर्तन आते हैं—तरुणाई में तन-मन कैसे सयानेपन की ओर बढ़ एक नया सफ़र शुरू करते हैं? कैसे और कब मासिक-धर्म की शुरुआत होती है? हर चन्द्र मास के साथ स्त्री की देह की आन्तरिक लय-ताल में क्या-क्या परिवर्तन आते हैं, कैसे वह अपने भीतर नए जीवन का बीज रोपने की तैयारी करती है, और कैसे रजोनिवृत्ति का समय आने पर वह मासिक चक्र के बन्धन से मुक्त हो जाती है, इसका साफ़-सुथरा वर्णन हमें इस पुस्तक में मिलता है।
जानकारियाँ ऐसी कि ये न सिर्फ़ हर स्त्री के लिए उपयोगी हैं, बल्कि पुरुषों के लिए भी बोधकर हैं, इससे वह अपनी संगिनी के तन-मन की भाषा पढ़ सकता है।
Alphabetical Parenting
- Author Name:
Karen Claire
- Rating:
- Book Type:

- Description: ‘If my parent had done things differently, I would have been such a different person.’ Do you pause in your tracks with this emotion? ‘Wouldn’t it be lovely if someone could hand-hold me through parenting my child just as someone held my hand while I learned to write?’ Has this thought ever crossed your mind as you journey from day to day with your growing child? Well, here is Karen Claire, with the A-B-Cs of parenting. She believes very strongly in the quote by Frederick Douglass: ‘It is easier to build strong children than repair broken men.’ She knows this first-hand, as her experience as a practitioner and coach has brought her to work with persons at both ends of the age spectrum. Master these alphabets of the parenting language and write your own personal script for yourself and your child.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book