Fact of Fate
(0)
Author:
Muni Shri Pranamya SagarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Lifestyle-and-wellness₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Fact of fate, which is revealing the mantra of living life in a right manner, especially for youngsters.
Read moreAbout the Book
Fact of fate, which is revealing the mantra of living life in a right manner, especially for youngsters.
Book Details
-
ISBN9789352665778
-
Pages128
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Hriday Rog Se Mukti
- Author Name:
Abhay Bang
- Book Type:

- Description: डॉ. अभय बंग को चौआलीस साल की उम्र में अचानक दिल का दौरा पड़ा। ‘...यह दिल का दौरा क्या सचमुच ही अचानक हुआ? या वर्षों से वह मुझे रोज़ ही हो रहा था, सिर्फ़ मुझे एक दिन अचानक ध्यान में आया? मृत्यु का क़रीब से दर्शन होने पर मुझ पर क्या परिणाम हुआ? मेरे हृदयरोग का क्या कारण मुझे ध्यान में आया? हृदयरोग से बाहर आने के लिए मैंने क्या किया? मैंने हृदयरोग का उपचार करने के बजाय हृदयरोग ने ही मेरा उपचार कैसे किया?’’ यह कहानी सर्वप्रथम मराठी में प्रकाशित हुई और उसने पूरे महाराष्ट्र को हिला दिया। लाखों लोगों ने उसे पढ़ा, औरों को पढ़ने को दी। हृदयरोग विशेषज्ञ अपने मरीज़ों को दवाई के साथ किताब पढ़ने की सलाह देने लगे। जगह-जगह इस किताब का सामुदायिक वाचन किया गया। कहा जाता है कि महाराष्ट्र के मध्यम वर्ग की जीवन-शैली पर इस किताब का गहरा असर हुआ है। और, ‘‘...इस कहानी का अन्त अभी नहीं हुआ है। आज भी हर रोज़ कुछ नया घटित हो रहा है।’ साहित्यिक पुरस्कार प्राप्त सफलतम मराठी किताब का हिन्दी अनुवाद है ‘हृदयरोग से मुक्ति’।
Ayurveda va Yoga Dwara Vazan Ghatayen
- Author Name:
Dr. Vinod Verma
- Book Type:

- Description: "डॉ.एस. राधाकृष्णन ने हिंदू धर्म के केंद्रीय सिद्धांतों, इसके दार्शनिक और आध्यात्मिक सिद्धांत, धार्मिक अनुभव, नैतिक चरित्र और पारंपरिक धर्मों की व्याख्या की है। हिंदू धर्म परिणाम नहीं एक प्रक्रिया है, विकसित होती परंपरा है, न कि निश्चित रहस्योद्घाटन—जैसा कि अन्य धर्मों में होता है। उन्होंने ईसाई धर्म, इसलाम और बौद्ध धर्म की तुलना हिंदू धर्म के संदर्भ में की है और इस बात पर बल दिया है कि इन धर्मों का अंतिम उद्देश्य सार्वभौमिक स्वयं की प्राप्ति है। धर्म को लेकर राधाकृष्णन का विश्लेषण परम बौद्धिक और संतुलित है तथा उनके व्याख्यानों को विश्व भर में हार्दिक प्रतिक्रिया मिली है। इस पुस्तक के लेख इस महान् दार्शनिक के मन को प्रतिबिंबित करते हैं, जिनका अभिवादन एक और विवेकानंद के रूप में किया गया है। हिंदू धर्म का विहंगम दिग्दर्शन करानेवाली पठनीय पुस्तक।
Kyon Alag Hai Stree-Purush Ka Prem
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: ेम जीवन का अनिवार्य विषय है। जीवनसाथी से प्रेमपूर्ण सम्बन्ध जीवन की सफलता और आनन्द का मूल है। हम सभी प्रेम करना और पाना चाहते हैं लेकिन उसे सीखना नहीं चाहते। जीवन का एक बहुत बड़ा और महत्त्वपूर्ण सबक़ हमें कोई भी नहीं सिखाता। इसके लिए स्कूल और कॉलेजों में कोई विषय नहीं है और ना कोई अध्यापक। अगर हम प्रेम के बारे में थोड़ा-बहुत जानते भी हैं तो वही फ़िल्मों वाला प्रेम या दोस्तों की गप्पें, यह दोनों ही ज्ञान अपूर्ण और भ्रामक होते हैं जो कि हमारे प्रेम को ग़लत दिशा में ले जाते हैं और शादियाँ तलाक़ में या फिर कारावास में बदल जाती हैं। स्त्री और पुरुषों में भिन्नताएँ होती हैं, वे अलग होते हैं, चाँद और सूरज की ही तरह अलग-अलग। इन दोनों की वैचारिक भिन्नताएँ आग और पानी की ही तरह अलग-अलग होती हैं। पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका अपने प्रेम को हमेशा क़ायम रख ही नहीं सकते जब तक कि वे एक दूसरे की भिन्नताओं को जानकर उन्हें स्वीकार ना कर लें। यह पुस्तक इन्हीं भिन्नताओं को उजागर करेगी, आपको प्रेम करना और उसे जीवन-भर क़ायम रखना सिखाएगी। यह पुस्तक आपकी गुरु, साथी और एक मार्गदर्शक के रूप में आपकी हमेशा मदद करेगी। यह आपको वह सिखाएगी जो दुनिया के अधिकतर लोगों को नहीं आता—जी हाँ, 'प्रेम करना
Nari Kamasutra
- Author Name:
Vinod Verma
- Book Type:

-
Description:
पुरातन काल में नारी और काम, दोनों विषयों पर हमारे देश में बहुत कुछ लिखा गया। वात्स्यायन द्वारा रचित ‘कामसूत्र’ में तथा चरक और सुश्रुत के आयुर्वेद गन्थों में नारी के काम से सम्बन्धित कई पहलुओं पर ज्ञान प्राप्त हुआ। आयुर्वेद के आचार्यों ने गर्भ, प्रसव आदि विषयों पर भी बहुत विस्तार से लिखा। किन्तु पुरुषों द्वारा रचित इन सभी गन्थों में नारी को पुरुष-दृष्टि से देखते हुए उसमें सहचरी एवं जननी का रूप ही देखा गया है। नारी की इच्छाएँ, अनिच्छाएँ, उसकी आर्तव सम्बन्धी समस्याएँ तथा उनका उसके काम-जीवन से सम्बन्ध और ऐसे अनेक विषय पुरुष-दृष्टि से छिपे ही रहे।
‘नारी कामसूत्र’ की रचना में एक भारतीय नारी ने न केवल इन सब विषयों का विस्तार से वर्णन किया है, बल्कि आधुनिक नारियों की समस्याओं तथा हमारे युग के बदलते पहलुओं के सन्दर्भ में भी नारी और नारीत्व को देखा है। इस पुस्तक में लेखिका ने त्रिगुण पर आधारित एक नए सिद्धान्त का प्रतिपादन करते हुए नारी-तत्त्व और पुरुष-तत्त्व के आधार पर नर-नारी की मूल प्रकृति के अन्तर को रेखांकित किया है और उनको एक-दूसरे का पूरक सिद्ध किया है, न कि प्रतिस्पर्द्धी।
यह पुस्तक लेखिका के दस वर्षों के अनुसन्धान और परिश्रम का परिणाम है। नर और नारी दोनों को नारी के भिन्न-भिन्न रूप समझने की प्रेरणा देना तथा काम को आत्मज्ञान की चरम सीमा तक ले जाना ही इस पुस्तक का ध्येय है।
लेखिका की पश्चिमी देशों में आयुर्विज्ञान की शिक्षा तथा आयुर्वेद और योग का लम्बे समय तक अध्ययन, अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसन्धान और अनुभव इस ग्रन्थ को एक सम्पूर्ण कृति बनाते हैं।
यह पुस्तक इससे पहले जर्मन (1994) में, फ्रेंच (1996) में, अंग्रेज़ी (1997) में तथा डच (1998) भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी है।
Yog Vashishth
- Author Name:
Swami Venkateshanand
- Book Type:

- Description: भारतीय मनीषा के प्रतीक ग्रन्थों में एक ‘योग वासिष्ठ’ की तुलना विद्वत्जन ‘भगवद्गीता’ से करते हैं। गीता में स्वयं भगवान मनुष्य को उपदेश देते हैं, जबकि ‘योग वासिष्ठ’ में नर (गुरु वशिष्ठ) नारायण (श्रीराम) को उपदेश देते हैं। विद्वत्जनों के अनुसार सुख और दु:ख, जरा और मृत्यु, जीवन और जगत, जड़ और चेतन, लोक और परलोक, बन्धन और मोक्ष, ब्रह्म और जीव, आत्मा और परमात्मा, आत्मज्ञान और अज्ञान, सत् और असत्, मन और इन्द्रियाँ, धारणा और वासना आदि विषयों पर कदाचित् ही कोई ग्रन्थ हो, जिसमें ‘योग वासिष्ठ’ की अपेक्षा अधिक गम्भीर चिन्तन तथा सूक्ष्म विश्लेषण हुआ हो। अनेक ऋषि-मुनियों के अनुभवों के साथ-साथ अनगिनत मनोहारी कथाओं के संयोजन से इस ग्रन्थ का महत्त्व और भी बढ़ जाता है। स्वामी वेंकटेसानन्द जी का मत है कि इस ग्रन्थ का थोड़ा-थोड़ा नियमित रूप से पाठ करना चाहिए। उन्होंने पाठकों के लिए 365 पाठों की माला बनाई है। प्रतिदिन एक पाठ पढ़ा जाए। पाँच मिनट से अधिक समय नहीं लगेगा। व्यस्तता तथा आपाधापी में उलझा व्यक्ति भी प्रतिदिन पाँच मिनट का समय इसके लिए निकाल सकता है। स्वामी जी का तो यहाँ तक कहना है कि बिना इस ग्रन्थ के अभी या कभी कोई आत्मज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता। स्वामी जी ने इस ग्रन्थ का सार प्रस्तुत करते हुए कहा है कि बिना अपने को जाने मोक्ष प्राप्त नहीं हो सकता। मोक्ष प्राप्त करने का एक ही मार्ग है आत्मानुसन्धान। आत्मानुसन्धान में लगे अनेक सन्तों तथा महापुरुषों के क्रियाकलापों का विलक्षण वर्णन आपको इस ग्रन्थ में मिलेगा। प्रस्तुत अनुवाद स्वामी वेंकटेसानन्द द्वारा किए गए ‘योग वासिष्ठ’ के अंग्रेज़ी अनुवाद ‘सुप्रीम योग’ का हिन्दी रूपान्तरण है जिसे विख्यात भाषाविद् और विद्वान बदरीनाथ कपूर ने किया है। स्वामी जी का अंग्रेज़ी अनुवाद 1972 में पहली बार छपा था जो निश्चय ही चिन्तन, अभिव्यक्ति और प्रस्तुति की दृष्टि से अनुपम है। लेकिन विदेश में छपने के कारण यह भारतीय पाठकों के समीप कम ही पहुँच पाया। आशा है, यह अनुवाद उस दूरी को कम करेगा, और हिन्दी पाठक इस महत्त्वपूर्ण पुस्तक का लाभ उठा पाएँगे।
An introduction to home care nurshing
- Author Name:
Omolola Adams Olatayo
- Book Type:

- Description: An Introduction to Home Care Nursing is a must-have resource for any healthcare professional working in home care nursing. This book provides a comprehensive overview of the profession, discussing the importance of understanding the needs of the patient, the importance of maintaining the highest standards of care, and how to provide the best possible patient experience. It includes detailed information on the various types of home care nursing, the specialized skills needed to succeed, and how to effectively care for a variety of patients. It also provides insight into the unique challenges of home care nursing, and how to overcome them. An Introduction to Home Care Nursing is a valuable resource for any healthcare professional looking to further their career in this field.
Karyakshamta Ke Liye Aayurveda Aur Yog
- Author Name:
Vinod Verma
- Book Type:

-
Description:
डॉ. विनोद वर्मा के वर्षों के शोध और परिश्रम का निष्कर्ष यह पुस्तक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए निरोधी उपायों और दूसरे स्वावलम्बी तरीक़ों के विषय में सम्पूर्ण जानकारी देती है। लेखिका की विदेशों में आयुर्वेद की शिक्षा, आयुर्वेद और योग का लम्बे समय तक अध्ययन तथा अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसन्धान और अनुभव इस पुस्तक को महत्त्वपूर्ण कृति बनाते हैं।
दफ़्तर में तनावमुक्त वातावरण कैसे बने, इसके लिए डॉ. विनोद वर्मा की पहली सलाह दैनिक योगाभ्यास है—एक ऐसा आसान-सा व्यायाम जो आपके पूरे दिन से मात्र 16 मिनट चाहता है। आगे डॉ. वर्मा आयुर्वेद के आधार पर तीन मूलभूत व्यक्ति-प्रकारों पर प्रकाश डालती हैं, ताकि आप अपने सहकर्मियों का भलीभाँति अध्ययन कर सकें। इस पुस्तक से आप अपने प्रकार को विभिन्न भोज्य पदार्थों और मसालों से सन्तुलित करने की प्रविधियाँ भी जानेंगे। निःसन्देह, यह कोई भोजन-निर्देशिका नहीं है, यह पुस्तक आपको केवल यह बताती है कि अपनी क्षमताओं के अधिकाधिक उपयोग के लिए आप अपनी ऊर्जा का समुचित सन्तुलन कैसे प्राप्त करें। आयुर्वेद की नज़र से देखें तो भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं है, वह आपकी ऊर्जा के पुनर्सन्तुलन के लिए एक महत्त्वपूर्ण साधन भी
है।डॉ. विनोद वर्मा व्यावहारिक अध्यापिका हैं। वे दुनिया के कई हिस्सों में पढ़ाती रही हैं। अनेक भाषाओं में उनकी पुस्तकों के अनुवाद प्रकाशित व चर्चित हो चुके हैं। इसके अलावा उनके पास अनुभवों का ख़ज़ाना है और अत्यन्त तनावकारी व्यस्तता के साथ एक स्वस्थ जीवन-शैली के निर्वाह की कला भी। जिस पाँच हज़ार साल पुरानी जीवन-पद्धति की शिक्षा वे देती हैं, उसे वे अन्य असंख्य लोगों के साथ-साथ अपने ऊपर भी सफलतापूर्वक आज़मा चुकी हैं। क्यों न आप भी आज़माएँ? यदि आप कार्य-तत्पर प्रकृति के व्यक्ति हैं तो इस पुस्तक का अध्ययन आपको हर प्रकार से लाभान्वित करेगा।
Dampatya Vigyan
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

-
Description:
भारतीय समाज में इधर जो बदलाव आ रहे हैं, उनका सीधा असर दाम्पत्य सम्बन्धों पर भी पड़ रहा है। लगातार बढ़ते शहरीकरण, विस्थापन और आर्थिक-सामाजिक दबावों के कारण पति-पत्नी के रिश्तों की मिठास निरन्तर कम होती जा रही है और विवाह संस्था को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। डॉ. यतीश अग्रवाल की यह पुस्तक इसी चुनौती को ध्यान में रखकर लिखी गई है। इसमें दाम्पत्य जीवन के हर पहलू पर रोशनी डालते हुए बताया गया है कि तरह-तरह के दबाव सहते हुए हम अपने दाम्पत्य जीवन को किस तरह सफल बना सकते हैं।
इस पुस्तक में आप पाएँगे :
- दाम्पत्य सम्बन्धों के बदलते समीकरणों से सामंजस्य कैसे बनाएँ।
- दाम्पत्य जीवन में शारीरिक और भावनात्मक माधुर्य का क्या अर्थ है और उसे कैसे बनाकर रखें।
- सफल दाम्पत्य जीवन में परिवार नियोजन की महत्ता और गर्भ निरोध के बारे में विस्तृत जानकारी।
- सहवास जैसी मधुर प्रकिया कुछ मौक़ों पर कष्टप्रद क्यों हो जाती है और ऐसी स्थिति से कैसे बचें।
- यौन जीवन में आनेवाली दिक़्क़तों और उलझनों से कैसे पार पाएँ।
- यौन सम्बन्धी बीमारियाँ कौन-कौन सी हैं और उनसे बचाव के लिए ज़रूरी सावधानियाँ।
- गर्भधारण में आनेवाली परेशानियाँ और उनके व्यावहारिक उपचार। <
Prakritik Jeevan Shaili Dwara Rogon Se Bachav
- Author Name:
Acharya Mohan Gupta
- Book Type:

- Description: क्या आप बीमारियों से परेशान हैं? क्या आप रोजाना की दवाइयों से और गैर जरूरी ऑपरेशनों से तंग आ चुके हैं? यदि आप अपनी लगभग सभी बीमारियों, जैसे कि शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, दमा, साइनस, अस्थमा, जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, रसौली, पथरी, थायरायड, पी.सी.ओ.डी., हृदय रोग, गैस, तेजाब, बलगम, कब्ज, माइग्रेन इत्यादि से आजीवन छुटकारा पाना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए ही लिखी गई है।
Coaching Explore Expectations
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Coaching Explore Expectations is an inspiring and thought-provoking book that provides readers with the tools they need to break through limitations, increase their confidence, and achieve success in their lives. Written by a certified life coach, the book explores expectations from both sides of the coaching relationship – from the coach’s perspective and from the client’s perspective. Through powerful stories and practical exercises, readers learn how to identify their goals, understand what is holding them back, build a plan for success, and measure progress over time. This comprehensive guide helps people recognize their true potential, unlock their inner strength and courage to reach for even greater heights.
Business Impacted by Various Pandemic (Series-2)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Business Impacted by Various Pandemic (Series-2) book is an excellent reference guide to all the various pandemics that may break out in future and how they can affect our lives. The information provided in this book will help you plan your strategy for dealing with these conditions, as well as providing guidance for what steps to take if one does occur.
Vaivahik Jeewan
- Author Name:
K. P. Bhagwat
- Book Type:

-
Description:
यह पुस्तक विवाह और स्त्री-पुरुष सम्बन्धों पर एक समग्र अध्ययन है। मूल मराठी में कई संस्करणों में पढ़ी जा चुकी यह क्लासिक कृति न सिर्फ़ मानव समाज में विवाह संस्था के इतिहास तथा स्वरूपों पर विचार करती है, बल्कि एक साधारण दम्पति के लिए सुखमय वैवाहिक जीवन की व्यावहारिक मार्गदर्शिका भी उपलब्ध कराती है।
विश्व के विभिन्न क्षेत्रों तथा इतिहास के अलग-अलग चरणों में स्त्री-पुरुष सम्बन्धों की रूढ़ियों और रूपों की जो विस्तृत जानकारी इस पुस्तक में जुटाई गई है, वह जहाँ सेक्स से सम्बन्धित हमारे जड़ पूर्वग्रहों को भंग करती है, वहीं स्वस्थ और सन्तुलित यौन जीवन का मार्ग भी प्रशस्त करती है। जिन विषयों को यह कृति अपने दायरे में लेती है, उनमें से कुछ हैं : विवाह संस्था का स्वरूप, भविष्य व संरचना; विवाह में साथी का चुनाव, जननेन्द्रियों की रचना, कामपूर्ति, सन्तति नियोजन, मातृत्व, यौन-विकृतियाँ, मनोविकृतियाँ तथा वैवाहिक जीवन का मानसिक पक्ष आदि।
सभी स्त्री-पुरुषों व हर आयु के पाठकों के लिए एक बहुत ही उपयोगी पुस्तक।
Ayurvedic Bhojan Sanskriti
- Author Name:
Vinod Verma
- Rating:
- Book Type:

-
Description:
आयुर्वेद आयु का विज्ञान है जो जीवन के प्रत्येक पहलू से जुड़ा है। ‘आयुर्वेदिक भोजन’ आयुर्वेदिक जीवन-शैली का अंग है और भोजन बनाने के अन्य अंगों को अपनाए बिना यह प्रयास अपूर्ण है।
आयुर्वेदिक भोजन क्या है? आयुर्वेदिक भोजन संस्कृति के प्रमुख तत्त्व, बुनियादी ज्ञान एवं
आधारभूत बातें, रसों का व्यावहारिक स्वरूप, भोजन बनाने की मूल वस्तुओं का संकलन, भोजन के छह आयाम तथा आयुर्वेदिक भोज्य व्यंजन (नाश्ते के व्यंजन, प्रमुख भोजन, सूप, सहायक खाद्य पदार्थ आदि) पर सम्पूर्ण सामग्री के अलावा खाद्य पदार्थों, जड़ी-बूटियों और मसालों की पूर्ण जानकारी।
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार वर्मा के वर्षों के शोध और परिश्रम का निष्कर्ष यह पुस्तक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आयुर्वेदिक भोजन बनाने और खाने की कला के विषय में सम्पूर्ण जानकारी देती है।
Yog Bhagaye Rog
- Author Name:
Swami Akshay Atmanand
- Book Type:

- Description: "' जिसे मृत्यु छीन ले, वह सब ' पर ' है । जिसे मृत्यु भी न छीन पाये, वह ' स्व ' है । इस ' स्व ' में जो स्थित है, सिर्फ वही स्वस्थ है, बाकी सब अस्वस्थ हैं । '' अपने चारों ओर ' पर ' का जो आग्रह है, संग्रह है, उसे ही परिग्रह कहा गया है । परिग्रह कोई वस्तु नहीं है, जिसका त्याग कर देने से परिग्रह हो जायेगा । यदि ' पर ' का आग्रह छूट जाये, सिर्फ ' स्व ' ही रह जाये, शुद्ध-बुद्ध आत्मा में निवास हो जाये, तो यह मनुष्य उसी क्षण परम आत्मा यानी परमात्मा बन जायेगा । कितना कठिन है स्वस्थ होना और कितना सरल है अस्वस्थ बना रहना! अध्यात्म तो सिर्फ आत्मा को स्वस्थ बनाने की विधि बताता है । आज की उन्न्त कहलाने वाली शिक्षा ने आत्मा को बकवास कहा है । इसके अस्तित्व से भी इनकार किया है । उसके लिए शरीर ही सबकुछ है । वही मनुष्य का आदि भी है और अन्त भी है । अत: यह शिक्षा-प्रणाली शरीर के इर्द-गिर्द ही घूमती रहती है । शरीर से बीमारियों को निकाल बाहर करने के नाम पर एक दिन शरीर को ही निकाल बाहर कर देती है । जिन्हें आत्मा के रहस्य को जानने के लिए स्वस्थ शरीर चाहिए उनके शरीर को अच्छा स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन देने में यह पुस्तक पूर्ण समर्थ है; क्योंकि योग का यही नारा है । - इसी पुस्तक से ' योगासनों से चिकित्सा ' विषय पर लिखी गयी मौलिक और श्रेष्ठ कृति है ' योग भगाये रोग ' । इसमें विभिन्न आसनों को सरल भाषा तथा अति रोचक शैली में चित्रों के माध्यम से समझाया गया है । सभी पाठकों के लिए यह संग्रहणीय कृति है । "
5 Pills Depression-Stress Se Mukti Ke Liye
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swasth Hridaya : Dekhrekh Aur Upchar
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

-
Description:
जीवन का सुर-संगीत दिल की धड़कनों में ही बसा है। ये धड़कनें ताउम्र मज़बूत बनी रहें, इसके लिए जीवन में थोड़ा-सा संयम और अनुशासन बरतना ज़रूरी है।
दिल की हिफ़ाज़त, बीमारियों और उनके इलाज के बारे में सरल-सुबोध शैली में रची गई यह एक अनूठी पुस्तक है, जिसमें पाठकों के सभी सवालों पर उपयोगी जानकारियाँ हैं : जानें अपने हृदय का भविष्यफल, कैसे घटाएँ कोलेस्टेरॉल, बायपास ऑपरेशन और उसके नए रूप, दिल की हिफ़ाज़त के उपाय, ऐंजाइना और दिल का दौरा : लक्षण और उपचार, कोरोनरी ऐंजियोप्लास्टी में क्या करते हैं, दिल के दुश्मनों को पहचानें, व्यायाम कितना और कैसे करें, दिल के वाल्व के रोग और उनका इलाज, दिल के टेस्ट : कब और कैसे, बेसुर, बेताल दिल (एरिद्मिया) के रहस्य और पेसमेकर, जन्मजात हृदय विकार, दिल के दौरे के बाद सामान्य जीवन में वापसी।
पुस्तक में इलाज के व्यावहारिक पहलुओं को इस प्रकार संयोजित किया गया है कि न सिर्फ़ रोगी, बल्कि स्वस्थ लोग भी इस पुस्तक से लाभ उठा सकते हैं।
Khatarnak Rog
- Author Name:
Premchandra Swarnkar
- Book Type:

-
Description:
इस पुस्तक में वयस्कों में होनेवाली प्राय: सभी ख़तरनाक और जानलेवा बीमारियाँ जैसे—कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गुर्दों की अक्षमता, लकवा, दमा, पेट के छाले, लू, काला मोतिया, ड्रॉप्सी, ऑस्टियोपोरोसिस के साथ ही भयानक संक्रामक रोग—रेबीज, सार्स, एन्थ्रेक्स, स्वाइन फ्लू, क्षय रोग, कुष्ठ रोग, प्लेग, हैजा, फ़ूड पॉयजनिंग, यकृत-शोथ, टायफ़ाइड, डेंगू, चिकुन गुन्या, मस्तिष्क-शोथ और एड्स के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई हैं। इसके अलावा बच्चों में होनेवाले ख़तरनाक संक्रमण जैसे—पोलियो, निमोनिया, खसरा, डिफ्थीरिया, टिटनेस, मस्तिष्क ज्वर, रूमेटिक ज्वर, रोटावाइरस आंत्रशोथ इत्यादि की पूर्ण जानकारी और बचाव के उपायों के साथ ही विभिन्न रोगों के कारणों और नियंत्रण के बारे में विस्तार से बताया गया है। साथ ही गम्भीर रोगों की पहचान और पैथोलॉजी की जाँचों के बारे में भी ज़रूरी जानकारियाँ दी गई हैं।
एक अत्यन्त उपयोगी और प्रत्येक घर के लिए ज़रूरी पुस्तक है ‘ख़तरनाक रोग’।
Rog Nirog
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

- Description: प्रख्यात डॉक्टर, लेखक और स्तम्भकार डॉ. यतीश अग्रवाल की यह कृति हर दिन सामने आनेवाली स्वास्थ्य उलझनों का सरल समाधान प्रस्तुत करती है। पुस्तक के प्रथम खंड में छोटी–छोटी सावधानियों और शरीर की देखरेख के बारे में अनेक उपयोगी जानकारियाँ हैं; जैसे—बालों की साज–सँभाल, अच्छी नींद के नुस्खे, लो ब्लड प्रेशर का इलाज, यहाँ तक कि जूते लेते समय किन–किन बातों पर ध्यान देने की ज़रूरत है आदि। सलाहों जिन पर अमल क़तई मुश्किल नहीं और उपयोगी इतनी कि जीवन का सुख कई गुना हो जाए। दूसरा खंड परख पर केन्द्रित है जिसमें लेबोरेटरी टेस्ट, बायोप्सी, एक्स-रे, रंगीन एक्स–रे, अल्ट्रासाउंड, सी.टी. स्केन, एम.आर.आई. जैसे सभी प्रमुख जाँच-परीक्षणों पर व्यावहारिक जानकारियाँ हैं। तीसरे खंड में दवाएँ और हम में डॉक्टर के परचे के संकेत, दवाओं के साथ सावधानियाँ और उनके पार्श्व-प्रभाव पर छोटी-छोटी बेशक़ीमती जानकारियाँ हैं। चौथे खंड में जब ज़रूरत हो ऑपरेशन की में ऑपरेशन के फ़ैसले, उससे सम्बन्धित तैयारियों और अस्पताल से छुट्टी लेते समय डॉक्टर से पूछे जानेवाले ज़रूरी सवालों के बारे में बताया गया है। सरल बोलचाल की भाषा में पूरी प्रमाणिकता के साथ रची गई यह ‘रोग-निरोग’ हर घर और हर पुस्तकायल के लिए एक ज़रूरी पुस्तक है।
The Painkiller With No Side Effects
- Author Name:
Prafful Garg
- Rating:
- Book Type:

- Description: This book is a pandora’s box for those in a quest for motivation and desperate to seize control of their lives. Perhaps, a treasure trove to the youngsters who are yearning for a direction and seek a mental reboot through the everyday clutter. The Gen-Z that is talented, however, is exasperated and confused. Unlock your potential by diving deep into this book, perhaps, a pool of words that is an antidote to your psychological pain.
Brain Supermacy
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Brain Supermacy is a groundbreaking book that provides readers with the tools and knowledge to unlock their inner potential. Written by renowned neuroscientist Dr. Sanjay Rout, this book is an essential guide for those interested in unlocking their full mental capacity. Through an exploration of the latest research in neuroscience, Dr. Sanjay presents a comprehensive look at the workings of the human brain and provides practical techniques to maximize its potential. He covers topics such as memory, focus, creativity, and problem solving, as well as exploring the power of positive thinking and the impact of multitasking on productivity. As readers work their way through the book, they will gain a better understanding of their own brain and how to maximize its potential for success. By the end of the book, readers will have gained the skills and knowledge needed to be a Brain Supermacy expert.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book