Lessons in Practising Yoga
Author:
Vidya Sagar VermaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Lifestyle-and-wellness0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
Lessons in Practising Yoga’ is a comprehensive book on the philosophy of Yoga and how to practise it. Yoga is the workshop of Indian Philosophy and the soul of Indian Culture. For the proper understanding of what Yoga is and what its purpose is, the book covers, in detail, the whole gamut of Indian philosophy comprising the Trinity of God, Soul and Nature and the Triad of Bondage of Karma, Reincarnation of Soul and Liberation. Ashtanga Yoga
of Maharishi Patanjali is essentially a spiritual discipline. Accordingly, the book lays due emphasis on Moral Discipline and Meditation. The book contains tips as to how to elevate oneself spiritually and how to meditate apart from how to do the
Yoga-asanas and Pranayama exercises. The book is replete with relevant quotations of renowned philosophers and scientists as also references from the scriptures of major Religions of the world. The book stresses the universality of Yoga, stating that Yoga is both spiritual and secular. Those who meditate
on material subjects attain knowledge of worldly matters as did Newton discover the Law of Gravity. And those who meditate on spiritual matters, advance spiritually as did Swami Dayananda Sarasvati, Swami Vivekananda and Yogi Aurobindo Ghosh. Rev. Albert Mohler Jr. said ‘You may be twisting yourself into pretzels or grass hoppers, but if there is no meditation or direction of consciousness, you are not practising Yoga.
ISBN: 9789352669677
Pages: 264
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Vaivahik Jeewan
- Author Name:
K. P. Bhagwat
- Book Type:

-
Description:
यह पुस्तक विवाह और स्त्री-पुरुष सम्बन्धों पर एक समग्र अध्ययन है। मूल मराठी में कई संस्करणों में पढ़ी जा चुकी यह क्लासिक कृति न सिर्फ़ मानव समाज में विवाह संस्था के इतिहास तथा स्वरूपों पर विचार करती है, बल्कि एक साधारण दम्पति के लिए सुखमय वैवाहिक जीवन की व्यावहारिक मार्गदर्शिका भी उपलब्ध कराती है।
विश्व के विभिन्न क्षेत्रों तथा इतिहास के अलग-अलग चरणों में स्त्री-पुरुष सम्बन्धों की रूढ़ियों और रूपों की जो विस्तृत जानकारी इस पुस्तक में जुटाई गई है, वह जहाँ सेक्स से सम्बन्धित हमारे जड़ पूर्वग्रहों को भंग करती है, वहीं स्वस्थ और सन्तुलित यौन जीवन का मार्ग भी प्रशस्त करती है। जिन विषयों को यह कृति अपने दायरे में लेती है, उनमें से कुछ हैं : विवाह संस्था का स्वरूप, भविष्य व संरचना; विवाह में साथी का चुनाव, जननेन्द्रियों की रचना, कामपूर्ति, सन्तति नियोजन, मातृत्व, यौन-विकृतियाँ, मनोविकृतियाँ तथा वैवाहिक जीवन का मानसिक पक्ष आदि।
सभी स्त्री-पुरुषों व हर आयु के पाठकों के लिए एक बहुत ही उपयोगी पुस्तक।
Fact of Fate
- Author Name:
Muni Shri Pranamya Sagar
- Book Type:

- Description: Fact of fate, which is revealing the mantra of living life in a right manner, especially for youngsters.
Kanya Vama Janani
- Author Name:
Arun Kumar Mitra
- Book Type:

-
Description:
स्वाधीनता के बाद से ही हमारे देश के आर्थिक एवं सामाजिक ढाँचे में व्यापक परिवर्तन हुआ है। स्त्री शिक्षा का प्रसार एवं स्त्री स्वाधीनता अब विलास की वस्तु नहीं हैं वरन् जीवन के अपरिहार्य अंग बन गए हैं। स्त्री की भूमिका अब सिर्फ़ माँ, पत्नी या बेटी के रूप में घर तक सीमित नहीं है, बल्कि रोज़गार के क्षेत्र में भी अब वे समान रूप से आगे आ रही हैं। और इस परिवर्तित माहौल में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति ज़्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। लेकिन उच्च शिक्षित या पढ़ी-लिखी महिलाओं में भी अपने शरीर और स्वास्थ्य के प्रति ज़्यादा जागरूकता नहीं है।
जन्म से ही शारीरिक लक्षणों में भिन्नता, किशोरावस्था में प्रवेश, यौवनप्राप्ति, विवाह, मातृत्व, शिशु पालन, प्रौढ़ावस्था में प्रवेश, रजोनिवृत्ति एवं प्रजनन क्षमता की परिसमाप्ति—नारी जीवन की इन सभी अवस्थाओं पर विस्तृत जानकारी देनेवाली संग्रहणीय पुस्तक है—‘कन्या वामा जननी’।
अपने पेशेवर जीवन में डॉ. मित्र ने इस तरह के स्वास्थ्य के प्रति औरतों को भी लापरवाह पाया है। इसके साथ ही साथ उन्होंने यह भी देखा कि कुछ महिलाओं में अपने शरीर से जुड़े तमाम वैज्ञानिक तथ्यों को जानने में काफ़ी दिलचस्पी है; और इन्हीं महिलाओं के लिए लिखी गई यह महत्त्वपूर्ण पुस्तक है।
Aromatic Plants Miracle Healing
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Aromatic Plants Miracle Healing is a best-selling book that explores the power of plants for healing and wellness. Written by renowned scientist Dr. Sanjay Rout, this comprehensive guide takes readers on a journey through the world of aromatic plants and their therapeutic benefits. From ancient remedies to modern day applications, Aromatic Plants Miracle Healing covers everything from how to choose essential oils to recipes for creating your own natural beauty products at home. With detailed information on more than 100 different plant species, this book will teach you all about their unique properties so you can use them safely and effectively in your own health regimen or practice as an aromatherapist. Whether you're looking for relief from physical ailments or emotional stressors, Aromatic Plants Miracle Healing provides invaluable insight into harnessing nature's powerful healing potential!
First Aid
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
HIV AIDS : Satabdi Ka Sabase Bada Dhokha
- Author Name:
Kamlesh Jain
- Book Type:

-
Description:
अमेरिकी सत्ता, सूचनातंत्र और बौद्धिक समुदाय के अथक प्रयत्न के कारण आज एड्स सारी दुनिया में चिन्ता और चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। भारत में एड्स के बारे में लोगों को जानकारी बहुत कम है, लेकिन अफ़वाह की तरह उसका प्रसार और प्रभाव बहुत अधिक है। ऐसी स्थिति में कमलेश जैन ने सहज, सुबोध और जानदार भाषा में ‘एचआईवी/एड्स : शताब्दी का सबसे बड़ा धोखा’ नामक पुस्तक लिखकर एड्स के बारे में प्रचारित अनेक मिथकों का राज-रहस्य खोला है और उसके झूठ-सच से विशेषज्ञों को ही नहीं, सामान्य जनों को भी परिचित कराया है।
यह सतर्क सामाजिक संवेदनशीलता और गहरी मानवीय ज़िम्मेदारी से लिखी गई पुस्तक है। कमलेश जैन की पुस्तक यह साबित करती है कि विज्ञान के क्षेत्र में विचारधारा किस प्रकार काम करती है और यह भी कि विज्ञान को किस तरह जनविरोधी तथा जनता का पक्षधर बनाया जा सकता है। यह समझना मुश्किल नहीं है कि एड्स के बारे में विभिन्न देशों की सरकारों, ग़ैरसरकारी संगठनों और सूचना साम्राज्य के तंत्रजालों द्वारा जो झूठा सच रोज़-रोज़, बार-बार, लगातार प्रचारित किया जा रहा है; उसके विरुद्ध कुछ सुनना, समझना और स्वीकार करना आसान नहीं है। लेकिन जो एड्स सम्बन्धी जानलेवा झूठ से बचना चाहते हैं और अपने जीवन तथा अपने समाज के जीवन में आस्था रखते हैं, वे इस पुस्तक को ज़रूर पढ़ेंगे और इसके संजीवन सच को स्वीकार करेंगे।
Swasthya Ke Teen Sau Sawal
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

- Description: भोजन हमारे जीवन का भी आधार है, और सेहत का भी। उसी से यह शरीर बनता है, हमें शक्ति मिलती है और हम हृष्ट-पुष्ट रह पाते हैं। स्वस्थ तन और मन के लिए क्या खाएँ, कितना खाएँ, किस खाद्य पदार्थ में कौन-सा पोष तत्त्व है, विटामिन और खनिज हमें किस-किस भोजन से मिलते हैं, उनकी शरीर को कितनी ज़रूरत है, यह कृति जीवन से जुड़े इन सभी बुनियादी पक्षों पर बेहद सरल और व्यावहारिक जानकारी प्रस्तुत करती है।
Nari Shareer Ke Rahashya
- Author Name:
Rekha Agrawal +1
- Book Type:

-
Description:
‘नारी शरीर के रहस्य’ सरल और दिलचस्प शैली में रची गई अनूठी पुस्तक है। इसमें नारी शरीर के भीतर छुपी विराट दुनिया, उसके सातों सुरों और सम्पूर्ण रागों की सुरुचिपूर्ण प्रामाणिक व्याख्या है। किशोर अवस्था से प्रौढ़ा होने तक नारी के शरीर में क्या-क्या परिवर्तन आते हैं—तरुणाई में तन-मन कैसे सयानेपन की ओर बढ़ एक नया सफ़र शुरू करते हैं? कैसे और कब मासिक-धर्म की शुरुआत होती है? हर चन्द्र मास के साथ स्त्री की देह की आन्तरिक लय-ताल में क्या-क्या परिवर्तन आते हैं, कैसे वह अपने भीतर नए जीवन का बीज रोपने की तैयारी करती है, और कैसे रजोनिवृत्ति का समय आने पर वह मासिक चक्र के बन्धन से मुक्त हो जाती है, इसका साफ़-सुथरा वर्णन हमें इस पुस्तक में मिलता है।
जानकारियाँ ऐसी कि ये न सिर्फ़ हर स्त्री के लिए उपयोगी हैं, बल्कि पुरुषों के लिए भी बोधकर हैं, इससे वह अपनी संगिनी के तन-मन की भाषा पढ़ सकता है।
Prakritik Jeevan Shaili Dwara Rogon Se Bachav
- Author Name:
Acharya Mohan Gupta
- Book Type:

- Description: क्या आप बीमारियों से परेशान हैं? क्या आप रोजाना की दवाइयों से और गैर जरूरी ऑपरेशनों से तंग आ चुके हैं? यदि आप अपनी लगभग सभी बीमारियों, जैसे कि शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, दमा, साइनस, अस्थमा, जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, रसौली, पथरी, थायरायड, पी.सी.ओ.डी., हृदय रोग, गैस, तेजाब, बलगम, कब्ज, माइग्रेन इत्यादि से आजीवन छुटकारा पाना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए ही लिखी गई है।
Coaching Explore Expectations
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Coaching Explore Expectations is an inspiring and thought-provoking book that provides readers with the tools they need to break through limitations, increase their confidence, and achieve success in their lives. Written by a certified life coach, the book explores expectations from both sides of the coaching relationship – from the coach’s perspective and from the client’s perspective. Through powerful stories and practical exercises, readers learn how to identify their goals, understand what is holding them back, build a plan for success, and measure progress over time. This comprehensive guide helps people recognize their true potential, unlock their inner strength and courage to reach for even greater heights.
Swasth Hridaya : Dekhrekh Aur Upchar
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

-
Description:
जीवन का सुर-संगीत दिल की धड़कनों में ही बसा है। ये धड़कनें ताउम्र मज़बूत बनी रहें, इसके लिए जीवन में थोड़ा-सा संयम और अनुशासन बरतना ज़रूरी है।
दिल की हिफ़ाज़त, बीमारियों और उनके इलाज के बारे में सरल-सुबोध शैली में रची गई यह एक अनूठी पुस्तक है, जिसमें पाठकों के सभी सवालों पर उपयोगी जानकारियाँ हैं : जानें अपने हृदय का भविष्यफल, कैसे घटाएँ कोलेस्टेरॉल, बायपास ऑपरेशन और उसके नए रूप, दिल की हिफ़ाज़त के उपाय, ऐंजाइना और दिल का दौरा : लक्षण और उपचार, कोरोनरी ऐंजियोप्लास्टी में क्या करते हैं, दिल के दुश्मनों को पहचानें, व्यायाम कितना और कैसे करें, दिल के वाल्व के रोग और उनका इलाज, दिल के टेस्ट : कब और कैसे, बेसुर, बेताल दिल (एरिद्मिया) के रहस्य और पेसमेकर, जन्मजात हृदय विकार, दिल के दौरे के बाद सामान्य जीवन में वापसी।
पुस्तक में इलाज के व्यावहारिक पहलुओं को इस प्रकार संयोजित किया गया है कि न सिर्फ़ रोगी, बल्कि स्वस्थ लोग भी इस पुस्तक से लाभ उठा सकते हैं।
Yog Bhagaye Rog
- Author Name:
Swami Akshay Atmanand
- Book Type:

- Description: "' जिसे मृत्यु छीन ले, वह सब ' पर ' है । जिसे मृत्यु भी न छीन पाये, वह ' स्व ' है । इस ' स्व ' में जो स्थित है, सिर्फ वही स्वस्थ है, बाकी सब अस्वस्थ हैं । '' अपने चारों ओर ' पर ' का जो आग्रह है, संग्रह है, उसे ही परिग्रह कहा गया है । परिग्रह कोई वस्तु नहीं है, जिसका त्याग कर देने से परिग्रह हो जायेगा । यदि ' पर ' का आग्रह छूट जाये, सिर्फ ' स्व ' ही रह जाये, शुद्ध-बुद्ध आत्मा में निवास हो जाये, तो यह मनुष्य उसी क्षण परम आत्मा यानी परमात्मा बन जायेगा । कितना कठिन है स्वस्थ होना और कितना सरल है अस्वस्थ बना रहना! अध्यात्म तो सिर्फ आत्मा को स्वस्थ बनाने की विधि बताता है । आज की उन्न्त कहलाने वाली शिक्षा ने आत्मा को बकवास कहा है । इसके अस्तित्व से भी इनकार किया है । उसके लिए शरीर ही सबकुछ है । वही मनुष्य का आदि भी है और अन्त भी है । अत: यह शिक्षा-प्रणाली शरीर के इर्द-गिर्द ही घूमती रहती है । शरीर से बीमारियों को निकाल बाहर करने के नाम पर एक दिन शरीर को ही निकाल बाहर कर देती है । जिन्हें आत्मा के रहस्य को जानने के लिए स्वस्थ शरीर चाहिए उनके शरीर को अच्छा स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन देने में यह पुस्तक पूर्ण समर्थ है; क्योंकि योग का यही नारा है । - इसी पुस्तक से ' योगासनों से चिकित्सा ' विषय पर लिखी गयी मौलिक और श्रेष्ठ कृति है ' योग भगाये रोग ' । इसमें विभिन्न आसनों को सरल भाषा तथा अति रोचक शैली में चित्रों के माध्यम से समझाया गया है । सभी पाठकों के लिए यह संग्रहणीय कृति है । "
Out of Clutter - Find Simplicity
- Author Name:
Medha Sarin
- Rating:
- Book Type:

- Description: Life is simple, yet we make it difficult. We make it difficult because we are not aware of the actual laws of God. Some of us have misinterpreted them and some of us make them according to our selfish desires. God’s law should not be made by humans, we make our life difficult by not setting ourselves free from stray feelings. This book will answer all questions that you usually ask God. It will tell you what spirituality actually is. Read this interpretation of God’s law and make your life happy and fulfilling!
Nari Kamasutra
- Author Name:
Vinod Verma
- Book Type:

-
Description:
पुरातन काल में नारी और काम, दोनों विषयों पर हमारे देश में बहुत कुछ लिखा गया। वात्स्यायन द्वारा रचित ‘कामसूत्र’ में तथा चरक और सुश्रुत के आयुर्वेद गन्थों में नारी के काम से सम्बन्धित कई पहलुओं पर ज्ञान प्राप्त हुआ। आयुर्वेद के आचार्यों ने गर्भ, प्रसव आदि विषयों पर भी बहुत विस्तार से लिखा। किन्तु पुरुषों द्वारा रचित इन सभी गन्थों में नारी को पुरुष-दृष्टि से देखते हुए उसमें सहचरी एवं जननी का रूप ही देखा गया है। नारी की इच्छाएँ, अनिच्छाएँ, उसकी आर्तव सम्बन्धी समस्याएँ तथा उनका उसके काम-जीवन से सम्बन्ध और ऐसे अनेक विषय पुरुष-दृष्टि से छिपे ही रहे।
‘नारी कामसूत्र’ की रचना में एक भारतीय नारी ने न केवल इन सब विषयों का विस्तार से वर्णन किया है, बल्कि आधुनिक नारियों की समस्याओं तथा हमारे युग के बदलते पहलुओं के सन्दर्भ में भी नारी और नारीत्व को देखा है। इस पुस्तक में लेखिका ने त्रिगुण पर आधारित एक नए सिद्धान्त का प्रतिपादन करते हुए नारी-तत्त्व और पुरुष-तत्त्व के आधार पर नर-नारी की मूल प्रकृति के अन्तर को रेखांकित किया है और उनको एक-दूसरे का पूरक सिद्ध किया है, न कि प्रतिस्पर्द्धी।
यह पुस्तक लेखिका के दस वर्षों के अनुसन्धान और परिश्रम का परिणाम है। नर और नारी दोनों को नारी के भिन्न-भिन्न रूप समझने की प्रेरणा देना तथा काम को आत्मज्ञान की चरम सीमा तक ले जाना ही इस पुस्तक का ध्येय है।
लेखिका की पश्चिमी देशों में आयुर्विज्ञान की शिक्षा तथा आयुर्वेद और योग का लम्बे समय तक अध्ययन, अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसन्धान और अनुभव इस ग्रन्थ को एक सम्पूर्ण कृति बनाते हैं।
यह पुस्तक इससे पहले जर्मन (1994) में, फ्रेंच (1996) में, अंग्रेज़ी (1997) में तथा डच (1998) भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी है।
Capacity Building Technology Myths
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Capacity Building Technology Myths, written by Dr. Sanjay Rout and published in 2020, is an essential resource for those looking to understand the current landscape of technology-driven capacity building initiatives. The book examines how myths about technology can lead organizations astray when it comes to developing their digital capabilities and provides a comprehensive overview of the various approaches available for leveraging existing infrastructure and resources to build organizational capacity through new technologies. The book begins with a discussion on why many organizations struggle with implementing effective technological solutions despite having access to cutting-edge tools such as cloud computing or artificial intelligence (AI). It then dives into the different types of capacity building activities that are necessary in order for an organization’s digital transformation efforts to be successful, including software engineering best practices; data science techniques; user experience design principles; security protocols; project management strategies; and more. In addition, Capacity Building Technology Myths explores several key topics related directly or indirectly connected with these activities such as ethical considerations around AI development processes, corporate culture shifts needed during times of rapid technological change, open source versus proprietary software decisions among others which will help readers make informed decisions regarding their own projects moving forward.. Finally Dr Sanjay provides actionable advice on how individuals can navigate this complex environment while still achieving success in terms of both short term goals like meeting customer demands quickly while also laying out long term plans focused on sustainable growth within their respective industries over time . This is done through case studies from some well known companies who have successfully implemented technologically driven initiatives along side practical tips that are easy enough even beginners can follow without any prior tech knowledge . As one reads throughout this informative work , they will gain valuable insights into what works best when attempting large scale changes within organisations using modern day technologies .
Yog Vashishth
- Author Name:
Swami Venkateshanand
- Book Type:

- Description: भारतीय मनीषा के प्रतीक ग्रन्थों में एक ‘योग वासिष्ठ’ की तुलना विद्वत्जन ‘भगवद्गीता’ से करते हैं। गीता में स्वयं भगवान मनुष्य को उपदेश देते हैं, जबकि ‘योग वासिष्ठ’ में नर (गुरु वशिष्ठ) नारायण (श्रीराम) को उपदेश देते हैं। विद्वत्जनों के अनुसार सुख और दु:ख, जरा और मृत्यु, जीवन और जगत, जड़ और चेतन, लोक और परलोक, बन्धन और मोक्ष, ब्रह्म और जीव, आत्मा और परमात्मा, आत्मज्ञान और अज्ञान, सत् और असत्, मन और इन्द्रियाँ, धारणा और वासना आदि विषयों पर कदाचित् ही कोई ग्रन्थ हो, जिसमें ‘योग वासिष्ठ’ की अपेक्षा अधिक गम्भीर चिन्तन तथा सूक्ष्म विश्लेषण हुआ हो। अनेक ऋषि-मुनियों के अनुभवों के साथ-साथ अनगिनत मनोहारी कथाओं के संयोजन से इस ग्रन्थ का महत्त्व और भी बढ़ जाता है। स्वामी वेंकटेसानन्द जी का मत है कि इस ग्रन्थ का थोड़ा-थोड़ा नियमित रूप से पाठ करना चाहिए। उन्होंने पाठकों के लिए 365 पाठों की माला बनाई है। प्रतिदिन एक पाठ पढ़ा जाए। पाँच मिनट से अधिक समय नहीं लगेगा। व्यस्तता तथा आपाधापी में उलझा व्यक्ति भी प्रतिदिन पाँच मिनट का समय इसके लिए निकाल सकता है। स्वामी जी का तो यहाँ तक कहना है कि बिना इस ग्रन्थ के अभी या कभी कोई आत्मज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता। स्वामी जी ने इस ग्रन्थ का सार प्रस्तुत करते हुए कहा है कि बिना अपने को जाने मोक्ष प्राप्त नहीं हो सकता। मोक्ष प्राप्त करने का एक ही मार्ग है आत्मानुसन्धान। आत्मानुसन्धान में लगे अनेक सन्तों तथा महापुरुषों के क्रियाकलापों का विलक्षण वर्णन आपको इस ग्रन्थ में मिलेगा। प्रस्तुत अनुवाद स्वामी वेंकटेसानन्द द्वारा किए गए ‘योग वासिष्ठ’ के अंग्रेज़ी अनुवाद ‘सुप्रीम योग’ का हिन्दी रूपान्तरण है जिसे विख्यात भाषाविद् और विद्वान बदरीनाथ कपूर ने किया है। स्वामी जी का अंग्रेज़ी अनुवाद 1972 में पहली बार छपा था जो निश्चय ही चिन्तन, अभिव्यक्ति और प्रस्तुति की दृष्टि से अनुपम है। लेकिन विदेश में छपने के कारण यह भारतीय पाठकों के समीप कम ही पहुँच पाया। आशा है, यह अनुवाद उस दूरी को कम करेगा, और हिन्दी पाठक इस महत्त्वपूर्ण पुस्तक का लाभ उठा पाएँगे।
Rog Nirog
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

- Description: प्रख्यात डॉक्टर, लेखक और स्तम्भकार डॉ. यतीश अग्रवाल की यह कृति हर दिन सामने आनेवाली स्वास्थ्य उलझनों का सरल समाधान प्रस्तुत करती है। पुस्तक के प्रथम खंड में छोटी–छोटी सावधानियों और शरीर की देखरेख के बारे में अनेक उपयोगी जानकारियाँ हैं; जैसे—बालों की साज–सँभाल, अच्छी नींद के नुस्खे, लो ब्लड प्रेशर का इलाज, यहाँ तक कि जूते लेते समय किन–किन बातों पर ध्यान देने की ज़रूरत है आदि। सलाहों जिन पर अमल क़तई मुश्किल नहीं और उपयोगी इतनी कि जीवन का सुख कई गुना हो जाए। दूसरा खंड परख पर केन्द्रित है जिसमें लेबोरेटरी टेस्ट, बायोप्सी, एक्स-रे, रंगीन एक्स–रे, अल्ट्रासाउंड, सी.टी. स्केन, एम.आर.आई. जैसे सभी प्रमुख जाँच-परीक्षणों पर व्यावहारिक जानकारियाँ हैं। तीसरे खंड में दवाएँ और हम में डॉक्टर के परचे के संकेत, दवाओं के साथ सावधानियाँ और उनके पार्श्व-प्रभाव पर छोटी-छोटी बेशक़ीमती जानकारियाँ हैं। चौथे खंड में जब ज़रूरत हो ऑपरेशन की में ऑपरेशन के फ़ैसले, उससे सम्बन्धित तैयारियों और अस्पताल से छुट्टी लेते समय डॉक्टर से पूछे जानेवाले ज़रूरी सवालों के बारे में बताया गया है। सरल बोलचाल की भाषा में पूरी प्रमाणिकता के साथ रची गई यह ‘रोग-निरोग’ हर घर और हर पुस्तकायल के लिए एक ज़रूरी पुस्तक है।
Business Impacted by Various Pandemic (Series-2)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Business Impacted by Various Pandemic (Series-2) book is an excellent reference guide to all the various pandemics that may break out in future and how they can affect our lives. The information provided in this book will help you plan your strategy for dealing with these conditions, as well as providing guidance for what steps to take if one does occur.
Khatarnak Rog
- Author Name:
Premchandra Swarnkar
- Book Type:

-
Description:
इस पुस्तक में वयस्कों में होनेवाली प्राय: सभी ख़तरनाक और जानलेवा बीमारियाँ जैसे—कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गुर्दों की अक्षमता, लकवा, दमा, पेट के छाले, लू, काला मोतिया, ड्रॉप्सी, ऑस्टियोपोरोसिस के साथ ही भयानक संक्रामक रोग—रेबीज, सार्स, एन्थ्रेक्स, स्वाइन फ्लू, क्षय रोग, कुष्ठ रोग, प्लेग, हैजा, फ़ूड पॉयजनिंग, यकृत-शोथ, टायफ़ाइड, डेंगू, चिकुन गुन्या, मस्तिष्क-शोथ और एड्स के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई हैं। इसके अलावा बच्चों में होनेवाले ख़तरनाक संक्रमण जैसे—पोलियो, निमोनिया, खसरा, डिफ्थीरिया, टिटनेस, मस्तिष्क ज्वर, रूमेटिक ज्वर, रोटावाइरस आंत्रशोथ इत्यादि की पूर्ण जानकारी और बचाव के उपायों के साथ ही विभिन्न रोगों के कारणों और नियंत्रण के बारे में विस्तार से बताया गया है। साथ ही गम्भीर रोगों की पहचान और पैथोलॉजी की जाँचों के बारे में भी ज़रूरी जानकारियाँ दी गई हैं।
एक अत्यन्त उपयोगी और प्रत्येक घर के लिए ज़रूरी पुस्तक है ‘ख़तरनाक रोग’।
Jatil Rog Saral Upchar
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

- Description: कायासुख ही जीवन की सबसे बड़ी दौलत है। मन और शरीर बीमार और लाचार हों, तो जीवन की हर प्राप्ति, हर ख़ुशी आधी-अधूरी और बेमायने-सी लगने लगती है। पर जीवन की रौ में आदमी अक्सर ही इस साधारण से सत्य को भुला बैठता है। बिरले ही ऐसे होते हैं जो शुरू से ही तन्दुरुस्ती का महत्त्व समझते हैं और उसी के रास्ते पर चलते हैं। पर ज़्यादातर लोग न तो क़िस्मत के इतने धनी होते हैं, न ही आनुवंशिक काठी के, और न ही समय से चेतते हैं कि जीवन की सबसे बड़ी दौलत उनके पास बनी रहे। यंत्रवत् जीवन की चकाचौंध में जीता आदमी जब होश सँभालता है, तब तक अक्सर वह अपनी उदासीनता की क़ीमत दे चुका होता है। उसके असंयमित रहन-सहन, खान-पान, चाल-चलन में कब कौन-सा अंग बीमार हो जाता है, इसका भी उसे तब पता चलता है जब पानी सर तक चढ़ चुका होता है। इस भँवर से बचकर निकलने के लिए दुगुने संकल्प की ज़रूरत होती है। न सिर्फ़ दवा की अनिवार्यता होती है, बल्कि जीने का ढंग भी बदलना पड़ता है। तभी कहीं जीवन ढंग से आगे बढ़ पाता है। सबसे अच्छा तो यह है कि आदमी शुरू से ही जगा रहे। बचाव इलाज से लाख गुना अच्छा है। उसी में शहनाई की मिठास है। क़ुदरत के साधारण नियमों का अनुसरण करना इसका सत्य-सार है। आपके जीवन में सुख का अमृत-कलश सदा भरा रहे, यही मेरी प्रार्थना है। किसी समय रुग्णता के बादल घिर आएँ, चारों तरफ़ अँधियारा दिखे, तब भी यह कृति आपको उस घटाटोप अँधेरे से बाहर खींच लाए, तभी इसकी रचना सफल समझूँगा।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book