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Prabandh Pratima

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निराला कवि होने के साथ-साथ विचारक भी थे, अपने देश-काल के प्रति सजग विचारक। यही कारण है कि उनका रचना-कर्म केवल कविता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने कहानी, उपन्यास, आलोचना, निबन्ध आदि भी लिखे और इन विधाओं में भी अपना विशिष्ट स्थान बनाया। ‘प्रबंध प्रतिमा’ निराला जी के लेखों का दूसरा संकलन है। इसमें अधिकांश विचार-प्रधान लेख हैं, कुछ संस्मरणात्मक भी हैं, जैसे : ‘गांधी जी से बातचीत’, ‘नेहरू जी से दो बातें’, ‘प्रान्तीय साहित्य सम्मेलन’। विचार-प्रधान लेखों में पाँच लेख सामाजिक समस्याओं पर हैं तथा ‘महर्षि दयानन्द सरस्वती और युगान्तर’ एवं ‘साहित्यिक सन्निपात या वर्तमान धर्म’ शीर्षक लेखों में निराला के धर्मविषयक चिन्तन को अभिव्यक्ति मिली है। बाक़ी सब लेख साहित्यिक विषयों पर हैं, लेकिन यहाँ भी उन्होंने एक तरफ़ विद्यापति और चंडीदास सरीखे प्राचीन कवियों पर विचार किया है, तो दूसरी तरफ़ अपने समकालीन साहित्यकारों तथा प्रवृत्तियों पर टिप्पणियाँ की हैं। ‘प्रबंध प्रतिमा’ साहित्यिक, सामाजिक एवं राजनीतिक विषयों पर निराला के विचारोत्तेजक लेखों का महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ है।

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निराला कवि होने के साथ-साथ विचारक भी थे, अपने देश-काल के प्रति सजग विचारक। यही कारण है कि उनका रचना-कर्म केवल कविता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने कहानी, उपन्यास, आलोचना, निबन्ध आदि भी लिखे और इन विधाओं में भी अपना विशिष्ट स्थान बनाया।

‘प्रबंध प्रतिमा’ निराला जी के लेखों का दूसरा संकलन है। इसमें अधिकांश विचार-प्रधान लेख हैं, कुछ संस्मरणात्मक भी हैं, जैसे : ‘गांधी जी से बातचीत’, ‘नेहरू जी से दो बातें’, ‘प्रान्तीय साहित्य सम्मेलन’। विचार-प्रधान लेखों में पाँच लेख सामाजिक समस्याओं पर हैं तथा ‘महर्षि दयानन्द सरस्वती और युगान्तर’ एवं ‘साहित्यिक सन्निपात या वर्तमान धर्म’ शीर्षक लेखों में निराला के धर्मविषयक चिन्तन को अभिव्यक्ति मिली है। बाक़ी सब लेख साहित्यिक विषयों पर हैं, लेकिन यहाँ भी उन्होंने एक तरफ़ विद्यापति और चंडीदास सरीखे प्राचीन कवियों पर विचार किया है, तो दूसरी तरफ़ अपने समकालीन साहित्यकारों तथा प्रवृत्तियों पर टिप्पणियाँ की हैं। ‘प्रबंध प्रतिमा’ साहित्यिक, सामाजिक एवं राजनीतिक विषयों पर निराला के विचारोत्तेजक लेखों का महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ है।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Hardbound
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
2nd
Publication year
1993
Weight
322 grams
ISBN-13
9788119835867
Pages
208
Reading time
~7 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 22 cm
Language
Hindi

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