Holu ka Dimag Chalata Hai
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होलू का दिमाग चलता वरिष्ठ बाल साहित्यकार दिविक रमेश की सात नई कहानियों का यह संग्रह बच्चों के लिए ताज़गीभरी उद्भावनाओं और प्रेरक प्रसंगों से परिपूर्ण है। इन कहानियों में आवश्यक कल्पनाशीलता, सुसंगत और मनभावन ढंग से आती है, जो मनोरंजन के साथ जीवन के करीब भी ले जाती है। अनुभव की गहराई और वैज्ञानिक दृष्टि इन्हें और भी असरदार बनाती हैं। विविधता से भरपूर यह साहित्य हर उम्र के पाठकों को अपनत्व का एहसास कराता है और हर बार नए अनुभवों से परिचित कराता है।
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होलू का दिमाग चलता वरिष्ठ बाल साहित्यकार दिविक रमेश की सात नई कहानियों का यह संग्रह बच्चों के लिए ताज़गीभरी उद्भावनाओं और प्रेरक प्रसंगों से परिपूर्ण है। इन कहानियों में आवश्यक कल्पनाशीलता, सुसंगत और मनभावन ढंग से आती है, जो मनोरंजन के साथ जीवन के करीब भी ले जाती है। अनुभव की गहराई और वैज्ञानिक दृष्टि इन्हें और भी असरदार बनाती हैं। विविधता से भरपूर यह साहित्य हर उम्र के पाठकों को अपनत्व का एहसास कराता है और हर बार नए अनुभवों से परिचित कराता है।
Book Details
-
ISBN9789348497963
-
Pages64
-
Avg Reading Time2 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
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