Akalmand Gadha
(0)
₹
175
₹ 145.25 (17% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
पहले पढ़ी हर कहानी में गधा बेवक़ूफ़ निकला होगा, लेकिन यहाँ कुछ अलग है । इस गधे ने बेवक़ूफ़ी के अपने इतिहास से काफ़ी कुछ सीखा है। यह कहानी सिखाती है कि ग़लतियाँ करना और बेवकूफ़ बन जाना, ज़्यादा बड़ी कमी नहीं है । सबसे बड़ी कमी है, उससे न सीखना ।
Read moreAbout the Book
पहले पढ़ी हर कहानी में गधा बेवक़ूफ़ निकला होगा, लेकिन यहाँ कुछ अलग है । इस गधे ने बेवक़ूफ़ी के अपने इतिहास से काफ़ी कुछ सीखा है। यह कहानी सिखाती है कि ग़लतियाँ करना और बेवकूफ़ बन जाना, ज़्यादा बड़ी कमी नहीं है । सबसे बड़ी कमी है, उससे न सीखना ।
Book Details
-
ISBN9789348497369
-
Pages32
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Common Man Tackles Corruption
- Author Name:
R K Laxman
- Book Type:

- Description:
The Common Man Tackles Corruption
Dadu Takes Me To Gurudwara By Tanvi Nishchal
- Author Name:
Tanvi Nishchal
- Book Type:

- Description:
Tag along with Mahi as she visits Gurudwara for the first time with her best buddy, Dadu and how he answers her whats and whys
Hell & Heaven
- Author Name:
Shreeji
- Book Type:

- Description:
Suddenly we heard a scream, a sound of pure agony which ripped through our senses as we ran towards the sound, we were disgusted to see them eating so madly. Suddenly, a bone under her foot cracked, which caused the giant creatures to turn. around, she expected them to run towards us or take out their swords from their waist, but her eyes widened as she saw bright red blood running down their chin, their eyes dull and lifeless like empty shells and then Anestasia's and other's blood ran cold as they saw Henry's leg and Olivia's arm in their hands their body on their plates mouth open and eyes white.
Do Vyangya Natak
- Author Name:
Dr. Prem Janmejai
- Book Type:

- Description:
सुप्रसिद्ध व्यंगकार डॉ. प्रेम जनमेजय के दो व्यंग्य नाटक इस पुस्तक में संकलित किए गए हैं।
The Very Best of the Common Man
- Author Name:
R K Laxman
- Book Type:

- Description:
The Very Best of The Common Man features a collection of the various cartoons that were created by the master cartoonist, R K Laxman. The common man is a famous cartoon caricature that was consistently used throughout this cartoonist's works. These cartoons depict various socio-political situations from the perspective of the common man who lives everywhere in India. Political uncertainty, economic calamities, widespread corruption and middle-class angst are some of the themes used in these cartoons.
Nanhi aur Raja Dhumketu
- Author Name:
Advika Dubey
- Book Type:

- Description:
धूमकेतु नाम के एक राजा अज़ब-गज़ब सपने देखते रहते हैं। सपने में ख़ुद को ही चोट पहुँचाते रहते हैं। लेकिन उन्हें लगता है कि, उनके साथ ऐसा करने वाले ख़ुद वह नहीं बल्कि कोई और है । सारे सैनिक परेशान हैं। ऐसे में आती है- नन्ही । नन्ही अपनी चतुराई से न सिर्फ़ सैनिकों को राजा के गुस्से से बचाती है बल्कि ढेर सारा इनाम भी पाती है। यह सब वह कैसे करती है? इसके लिए तो किताब पढ़नी पड़ेगी!
Kaliyug Sarvashreshtha Hai
- Author Name:
Mahayogi Swami Buddha Puri
- Book Type:

- Description:
"सृष्टि के विकास क्रम में चार युगों का चक्र चलता है—सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग। प्रत्येक युग में धर्म का कुछ हृस होते-होते कलियुग में अधर्म अपने चरम पर पहुँच जाता है। कलियुग के बाद सतयुग का प्रादुर्भाव होता है, पर कैसे? क्या रहस्य है? अधर्म की वृद्धि से एकदम धर्मयुक्त सतयुग का कैसे प्रादुर्भाव होता है? इसमें क्या रहस्य है? कौन सा ईश्वरीय विधान छुपा हुआ है और उसका कलियुग में रहते हुए ही किन साधनाओं द्वारा प्रकट होना संभव है? शास्त्र कहते हैं कि कलियुग के बाद पुनः धर्मयुग अर्थात् सतयुग आएगा ही। इतना ही नहीं, महाभारत तथा अनेक पुराणों में लिखा है कि कलियुग सर्वश्रेष्ठ है। यह पुस्तक एक ओर शास्त्रों के इन गंभीर रहस्यों को अत्यंत सरल भाषा में और उपयुक्त प्रमाणों तथा युक्तियों के माध्यम से स्पष्ट करती है तो दूसरी ओर बताती है कि कलियुग के अवगुणों से कैसे बचना है और गुणों को कैसे धारण करना है? ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र—इन वर्णों का क्या महत्त्व है? जीवन का लक्ष्य क्या है और उसकी प्राप्ति हेतु किन स्तरों को पार करना होता है? धर्म का वास्तविक स्वरूप क्या है? उत्तरोत्तर धर्म की व्यापकता में साधक की चेतना का प्रवेश कैसे संभव है? "
Thalua Club and Phir Nirasha Kyon?
- Author Name:
Babu Gulab Rai
- Book Type:

- Description:
साहित्यकारों के विचार ‘‘पहली ही भेंट में उनके प्रति मेरे मन में जो आदर उत्पन्न हुआ था, वह निरंतर बढ़ता ही गया। उनमें दार्शनिकता की गंभीरता थी, परंतु वे शुष्क नहीं थे। उनमें हास्य-विनोद पर्याप्त मात्रा में था, किंतु यह बड़ी बात थी कि वे औरों पर नहीं, अपने ऊपर हँस लेते थे।’’ —राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ‘‘बाबूजी ने हिंदी के क्षेत्र में जो बहुमुखी कार्य किया, वह स्वयं अपना प्रमाण है। प्रशंसा नहीं, वस्तुस्थिति है कि उनके चिंतन, मनन और गंभीर अध्ययन के रक्त-निर्मित गारे से हिंदी-भारती के मंदिर का बहुत सा भाग प्रस्तुत हो सका है।’’ —पं. उदयशंकर भट्ट ‘‘आदरणीय भाई बाबू गुलाब रायजी हिंदी के उन साधक पुत्रों में से थे, जिनके जीवन और साहित्य में कोई अंतर नहीं रहा। तप उनका संबल और सत्य स्वभाव बन गया था। उन जैसे निष्ठावान, सरल और जागरूक साहित्यकार बिरले ही मिलेंगे। उन्होंने अपने जीवन की सारी अग्नि परीक्षाएँ हँसते-हँसते पार की थीं। उनका साहित्य सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरक बना रहेगा।’’ —महादेवी वर्मा ‘‘गुलाब रायजी आदर्श और मर्यादावादी पद्धति के दृढ समालोचक थे। भारतीय कवि-कर्म का उन्हें भलीभाँति बोध था। विवेचना का जो दीपक वे जला गए, उसमें उनके अन्य सहकर्मी बराबर तेल देते चले जा रहे हैं और उसकी लौ और प्रखर होती जा रही है। हम जो अनुभव करते हैं—जो आस्वादन करते हैं, वही हमारा जीवन है।’’ —पं. लक्ष्मीनारायण मिश्र ‘‘अपने में खोए हुए, दुनिया को अधखुली आँखों से देखते हुए, प्रकाशकों को साहित्यिक आलंबन, साहित्यकारों को हास्यरस के आलंबन, ललित-निबंधकार, बड़ों के बंधु और छोटों के सखा बाबू गुलाब राय को शत प्रणाम!’’ —डॉ. रामविलास शर्मा
Gillu
- Author Name:
Mahadevi Verma
- Book Type:

- Description:
अपने परिवेश से, मनुष्य का रिश्ता केवल लोभ-लाभ का नहीं हो सकता। यह संसार के साथ मनुष्य के अंतर्लोक के लिए भी घातक है। नन्ही गिलहरी 'गिल्लू' से महादेवी जी का जुड़ाव, पूरे परिवेश से उनकी आत्मीयता में बदल जाता है। गिल्लू संग धीरे-धीरे हमारे भीतर एक भावलोक निर्मित होता है, जो उसके साथ ही डूब जाता है- जैसे वीणा के तारों से उठी सरगम । इसे पढ़ने के बाद, अपने आसपास के पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं को देखने का हमारा तरीक़ा वही नहीं रह जाता। कलात्मक चित्रांकन, इस रेखाचित्र में शब्दों की निहित संवेदना को मूर्त कर देता है।
Khuli Ankhon Ka Sapna
- Author Name:
Arti Pandya
- Book Type:

- Description:
प्रस्तुत पुस्तक ‘खुली आँखों का सपना’ एक काल्पनिक उपन्यास है। इस उपन्यास की कहानी एक मध्यमवर्गीय परिवार की माँ के इर्दगिर्द घूमती है जिसे अपने बेटे के लिए बहू खोजने के चक्कर में किन-किन समस्याओं और विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इस गम्भीर समस्या को हास्य का ऐसा चोला पहनाने का प्रयास लेखिका द्वारा किया गया है कि पाठकगण हँसने को मजबूर हो जाएँगे। उपन्यास में सरल, सारगर्भित व उत्कृष्ट भाषा का प्रयोग किया गया है जो जनसाधारण के लिए उपयुक्त है। निश्चय ही पाठक जब इस उपन्यास को पढ़ना शुरू करेंगे तो अन्त तक पढ़ने को विवश हो जाएँगे।
Angootha Chhap Hastakshar
- Author Name:
Ravi Sharma 'Madhup'
- Book Type:

- Description:
फ्लैप मैटर-1 इस व्यंग्य संकलन की रचनाओं को पढ़कर मैं कह सकता हूँ कि डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ में विसंगतियों को पहचानने का माद्दा है। रचना में प्रत्येक शब्द उचित जगह पर प्रयोग करना उनकी खूबी है, इसलिए उनके व्यंग्य चाहे कथा हैं या लेख, वे सफल व्यंग्य हैं। —डॉ. शेरजंग गर्ग वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ ने विभिन्न विषयों पर अपने व्यंग्य-बाण चलाए हैं। उनके तरकश का सैंसेक्स काफी बढ़ता नजर आया है। जुगाड़, तिकड़म और चलते पुर्जों का जोर, लोकतांत्रिक शक्तियों की तानाशाही, समाजवादी अभिलाषाओं का असामाजिक होना, नई पीढ़ी की त्रिशंकुता और बुद्धिजीवियों का पलायनवाद—वे मुख्य मुद्दे हैं, जो इस व्यंग्य संकलन में उभरे हैं। समाज की नब्ज़ को पकड़ते और पढ़ते रहने की आदत ने डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ के व्यंग्यकार के कद को यकीनन बड़ा किया है। वे अपने सामाजिक सरोकारों से रूबरू होते हैं, इसका प्रमाण उनके सामाजिक विश्लेषण देते हैं। उनके लेखन में सूक्तियाँ बड़ी मारक होती हैं। इस संकलन में भी ये प्रभावित करती दिख रही हैं। व्यंग्यकार को अनेक शैलियाँ अपनाने की छूट होती है। डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ ने यह छूट लूट ली है—अनेकानेक शैलियों में कथ्य को बाँधा, कुछ अपनी शैली भी निर्मित की है। यह साधुवाद की बात है। —डॉ. हरीश नवल, प्रतिष्ठित व्यंग्यकार फ्लैप-2 डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ के इस व्यंग्य संकलन में उनका विषय-वैविध्य बहुत प्रभावित करता है। उनका शिल्प पक्ष बेजोड़ है। कई जगह वे ऐसे अनूठे प्रयोग करते हैं कि पाठक चौंक जाता है। वक्रोक्ति और वाग्वैदिग्ध्य का प्रभावी मिश्रण इस संकलन की उल्लेखनीय विशेषता है। डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ व्यंग्य निबंधों की अपेक्षा व्यंग्य कथा लिखने में अधिक सहज हैं। इस संकलन में उनकी जो व्यंग्य कथाएँ हैं, वे उच्च कोटि की हैं। —डॉ. सुभाष चंदर प्रसिद्ध व्यंग्यालोचक डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ के इस व्यंग्य संकलन से गुजरते हुए एक बात जो लगातार महसूस होती रही है, वह यह है कि वे सांस्कृतिक सवालों से इतर सामाजिक-प्रशासनिक, यहाँ तक कि कहीं-कहीं राजनीतिक सवालों तक में भी अपनी दृष्टि-संपन्नता का कुछ-कुछ परिचय अवश्य देते रहे हैं। बेशक सोच का यही आधार परिपक्व होने पर इस दमनचक्र को तोड़ने में कारगर भूमिका का निर्वाह भी करेगा। डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ अपनी प्रवाहमयी, सरस, रोचक शैली से पाठकों को अभिभूत करने के साथ बाँधने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। उनका यह प्रकाश्य व्यंग्य संकलन अपने कथ्य की ताजगी और उक्ति-वैचित्र्य की जीवंतता से आम पाठक को सम्मोहित करने में सफल होगा। —राजेंद्र सहगल प्रसिद्ध व्यंग्यकार
Halke-Phulke
- Author Name:
Pradeep Choubey
- Book Type:

- Description:
हल्के-फुल्के में दीर्घकाय रचनाएँ चंद ही हैं, ये मजाक की संजीदगी को परत-दर-परत, आहिस्ता-आहिस्ता उघाड़ती हैं। इनमें ‘भुखमरे’ और ‘साठवाँ’ खास तवज्जुह की डिमांड करती हैं। व्यक्तिगत त्रासदी किस तरह अनुभूति की गहराई में उमड़-घुमड़कर सामुदायिक विडंबना को रूपाकर दे सकती है, इसका उम्दा नमूना। और अंत में, दो बिल्कुल अलग तरह की रचनाओं का जिक्र न करना नाइनसाफी होगी। ये दोनों हिंदुस्तानी सिनेमा के प्रति उनके गहरे लगाव और समझ की नायाब मिसाल हैं। एक, हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णकालीन जादूगर ओ.पी. नैयर का इंटरव्यू यह ‘अहा! जिंदगी’ के अक्तूबर 2006 के अंक में प्रकाशित हुआ था। संयोग की विडंबना कि जनवरी 2007 में नैयर साहब का इंतकाल हुआ। यह उनकी जिंदगी का आखिरी इंटरव्यू है, जो उनकी पर्सनैलिटी के मानिंद ही बिंदास है। सिने-संगीत का वह करिश्मासाज संगीतकार, जिसने सार्वकालिक मानी जानेवाली गायिका भारत-रत्न लता मंगेशकर की आवाज का कभी इस्तेमाल नहीं किया। तब भी स्वर्ण युग में अपनी यश-पताका फहराकर दिखाई। दूसरी रचना है छह दशक पूर्व प्रदर्शित हुई राजकपूर निर्मित विलक्षण कृति ‘जागते रहो’ की रसमय मीमांसा। यह रचना ‘प्रगतिशील वसुधा’ के फिल्म-विशेषांक हेतु उनसे लिखवाने का सुयोग मुझे ही हासिल हुआ था। वहाँ वे कृति के मार्मिक विश्लेषण के साथ ही कृतिकार और समूचे सिनेमा से अपने अंतरंग लगाव का बेहद दिलचस्प, बेबाक बयान करने से भी नहीं चूकते। मुझे यकीन है कि रसिक पाठक इस पुरकशिश किताब का भरपूर लुत्फ उठाएँगे। —प्रह्लाद अग्रवाल सतना, 15 अगस्त, 2017
Gudgudate Sawal-Jawab
- Author Name:
J.P.S. Jolly
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Hasya Vinod Ki Kahaniyan
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description:
मैंने अपनी जिंदगी में बंबई को मुंबई, कलकत्ता को कोलकाता और मद्रास को चेन्नई बनते देखा। समय बदला, नाम बदला और अब अगर बॉण्ड बदलकर बोंडा हो जाए तो मुझे कोई ऐतराज नहीं होगा।’ इन पंक्तियों के साथ शुरू होता है उत्कृष्ट लेखक रस्किन बॉण्ड की रचनाओं का एक और अद्भुतसंकलन। साधारण स्थितियों की बेमिसाल समझ और तीक्ष्णता के साथ देखने की योग्यता के साथ रस्किन बॉण्ड हमें अपने घर, अपने गाँव और अपनी जिंदगी में झाँकने को आमंत्रित करते हैं। बंदरों, बनैले सुअरों, फूलों से डरनेवाली आंटी, खुद को महान् क्रिकेटर रणजी समझने वाला सनकी भतीजा और सात वर्षीय गौतम जैसे लोगों के साथ यह संकलन हर उम्र के पाठकों को दिलचस्प लगेगा। हास-परिहास, व्यंग्य-विनोद के विविध रंगों से सजा रोचक कहानियों का पठनीय संकलन।
Neta Banam Aaloo
- Author Name:
Alok Puranik
- Book Type:

- Description:
रिश्तों से लेकर फरिश्तों तक सबकुछ बाजार की चपेट में है। बाजार सिर्फ वही नहीं है, जहाँ वह दिखता है। बाजार अब घर के अंदर के रिश्तों में पसरा हुआ है, अमेरिका सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं, भारत में कई अमेरिका फल-फूल रहे हैं। कुल मिलाकर पंद्रह-बीस सालों में व्यंग्य के नए विषय और आयाम सामने आए हैं। प्रस्तुत संग्रह में आपको ऐसे व्यंग्य मिलेंगे, जिन्हें देखकर आप कह उठेंगे, अरे! इस विषय पर भी व्यंग्य हो सकता है क्या!
Dummy Book - Autobiography (MK Gandhi)
- Author Name:
Dummy User For Test
- Book Type:



- Description:
PLEASE DO NOT PURCHASE THIS BOOK. THIS IS DUMMY BOOK FOR APP STORE TESTS
Teddy Evam Anya Kahaniyan
- Author Name:
Pragya Mishra
- Book Type:

- Description:
यह पांच कहानियों का संकलन है। इस किताब में अच्छी सीख और कहानियाँ हैं। हर कहानी आपको हँसाएगी, सिखाएगी और ऐसे रास्ते दिखाएगी, जिन्हें सिर्फ़ लिटरेचर ही दिखा सकता है। ये कहानियाँ बच्चों में साहस, समझदारी, प्रकृति-प्रेम और कल्पनाशीलता की कलात्मक खेती हैं। जब बैग में रसदार फल की ख़ुशबू पाकर भालू माशा की ओर बढ़ने लगा तो उसने बचने के लिए क्या किया? और राजू ने अपने दोस्त खच्चर के लिए क्या किया जब उसे किसी व्यापारी को बेंच दिया गया? क्या दोनों आज़ाद हो पाये? डूबती हुयी चींटी को बचाने के लिए नीलकंठ ने महुए का एक पत्ता गिरा दिया। यह नीलकंठ और चींटी की दोस्ती की शुरुआत थी। लेकिन यह मिसाल कैसे बनी? निश्चय ही आप इनका जवाब चाहते होंगे पर जवाब तो ये कहानियाँ ही देंगी!
Neelkanth
- Author Name:
Mahadevi Varma
- Book Type:

- Description:
नीलकंठ एक मोर की कहानी है। महादेवी वर्मा ने इसे बड़े सरस और आत्मीय ढंग से लिखा है। इस सुंदर गद्य से गुज़रते हुए हम नीलकंठ के बचपन से लेकर उसके वयस्क मयूर बनने तक की यात्रा में साथ हो लेते हैं। हम उससे ऐसा जुड़ाव महसूस करने लगते हैं कि नीलकंठ का गुस्सा, उसकी उदासी और उसका प्यार हमें महसूस होने लगता है। इस संस्मरण के परिदृश्य में लेखिका का पशु पक्षियों के प्रति अनुराग भी जैसे गूँजता रहता है। नीलकंठ की कथा पढ़ते हुए हम एक सुंदर और मार्मिक प्रेमकथा से भी रूबरू होते हैं।
Chanchal Fluffy
- Author Name:
Prachi Kaul
- Book Type:

- Description:
Awaiting description
Hathi Ka Baccha
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description:
Awaiting description
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book