Aap Bhi IAS Ban Sakte Hain
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789351868682
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Is Us Mod Par
- Author Name:
Chandrakala Tripathi
- Book Type:

- Description: Memories, Women
I—The Inception of Jiriki
- Author Name:
Jagriti Shivpuri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Success Ke Vaigyanik Sootra
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Urmila Shirish ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Urmila Shirish
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahan Rashtravadi Dadabhai Nauroji
- Author Name:
Prakhar Kundan
- Book Type:

- Description: " ‘द ग्रैंडमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से विख्यात दादाभाई नौरोजी ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे कि जो भी उनके संपर्क में आता, वह उनसे प्रभावित हुए बिना न रहता था। यह कहना अप्रासंगिक न होगा कि वे एक साधारण परिवार में जनमे असाधारण व्यक्ति थे। दादाभाई ने न केवल एक शिक्षाविद् के रूप में, बल्कि एक समाजसुधारक के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने भारतीयों के हितों और अधिकारों की आवाज ब्रिटेन की संसद् में भी उठाई। यही नहीं, बल्कि वे ऐसे प्रथम भारतीय भी बने, जिन्हें ब्रिटेन की संसद् का सदस्य चुना गया। यह दादाभाई के व्यक्तित्व का ही प्रभाव था कि भारतीय ही नहीं, बल्कि अंग्रेज भी उनका बहुत सम्मान किया करते थे। दादाभाई नौरोजी ही वे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने ‘स्वराज्य’ का नारा देकर स्वशासन की माँग की थी। दादाभाई ही वे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने अपनी विलक्षण योग्यता से भारत में प्रति व्यक्ति आय का आकलन किया और संपन्न भारत के गरीब भारतीयों की दयनीय दशा स्पष्ट करते हुए अंग्रेज शासकों द्वारा किए जा रहे शोषण की पोल खोली। भारत माँ के अमर सपूत दादाभाई नौरोजी के प्रेरक जीवन पर प्रकाश डालती पठनीय जीवनगाथा। "
Tum Kahan Ho, Naveen Bhai ?
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Partitioned Freedom
- Author Name:
Ram Madhav
- Book Type:

- Description: At the stroke of the midnight on 14-15 August 1947, India secured independence. That moment also witnessed the tragic partition of India and birth of Pakistan. Nobody wanted it. Yet it couldn't be averted. Four decades earlier, in 1905, Bengal was partitioned by the British. A massive movement, called Vande Mataram Movement, was launched against it by the Indian National Congress. British were forced to annul partition of Bengal in 1911. A country that defeated the British designs to partition one province failed when the whole country was being partitioned four decades later. Why? What missteps had led to the disaster? Who were responsible? 'Partitioned Freedom' explores answers to these questions.
Rani Laxmi Bai
- Author Name:
Kapil
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
ROBINSON CRUSOE
- Author Name:
Gaurav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dharma Aur Vigyan
- Author Name:
Dr. Hariprasad Somani
- Book Type:

- Description: "भारतीय संस्कार, रीति-रिवाज, परंपराएँ, प्रथाएँ एवं धार्मिक कृत्य शास्त्रीय हैं या ऐसा कहें कि अपना धर्म और शास्त्र एक ही सिक्के के दो बाजू हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। अपने ऋषियों और प्राचीन काल के निष्णात गुरुओं ने अपनी अंतरात्मा की अनंत गहराई में उतरकर चेतना का जाग्रत् आनंद लिया था। अपने अंतर्ज्ञान के अनुभव और आध्यात्मिक परंपराओं को संस्कार एवं संस्कृति के रूप में उन्होंने जनमानस में वितरित किया। परंपराएँ तो चलती जा रही हैं, किंतु इनके मूल ज्ञान और मूल आधार से हम अनभिज्ञ होते जा रहे हैं। भारतीयों को गुलामी झेलनी पड़ी। विशेष करके मुगलों के शासन काल में काफी धार्मिक अत्याचार सहने पड़े। हिंदुओं को धर्म-परिवर्तन के लिए बाध्य किया जाने लगा। इसलिए उस समय के धार्मिक गुरुओं ने अपनी संस्कृति बचाने के लिए हर कर्म को धार्मिक रूप दे दिया, जिससे धर्म के नाम पर ही सही, जो संस्कार ऋषि-मुनियों ने दिए थे, उन्हें हमारे पूर्वज अपनाकर, अपनी धरोहर मानकर, सँजोकर रखने में सफल रहे। समय के साथ इन प्रथाओं ने धार्मिक विधि का रूप ले लिया और बिना कुछ सोचे-समझे ही धर्म की आज्ञा मानकर ये रीतियाँ चलती रहीं। किंतु आज की युवा पीढ़ी हर कर्म, विधि या संस्कार को मानने से पूर्व इसके पीछे क्या कारण है, यह जानने को उत्सुक है। हिंदू धर्म की विभिन्न परंपराओं और प्रथाओं को वैज्ञानिकता के आधार पर प्रमाणित करती पठनीय पुस्तक। "
Katha Yatra
- Author Name:
Ramesh Nayyar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar Samagra by IAS Ranjit Kumar Singh for For Primary Teacher BPSC BSSC in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khushhaal Jeevan Ki Kahaniyan
- Author Name:
J.P. Vaswani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Veer Yoddha Maharana Pratap
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: "अपनी आन के पक्के महाराणा प्रताप को मेवाड़ का शेर कहा जाता है। हल्दीघाटी के युद्ध में वह मुगल सेना से हार गए और उन्हें जंगलों में अपने परिवार के साथ शरण लेनी पड़ी। वहाँ कई-कई दिन उन्होंने भूखे-प्यासे और घास-पात की रोटियाँ खाकर गुजारे। महाराणा प्रताप का जन्म सिसोदिया राजपूतों के वंश में हुआ। उनके पिता उदय सिंह स्वयं एक प्रबल योद्धा थे। उन्होंने कभी मुगलों के सामने घुटने नहीं टेके। युद्ध से बचने के लिए आस-पास के कई राजपूत राजाओं ने अपनी पुत्रियों के विवाह अकबर के साथ कर दिए, लेकिन उदय सिंह ने वैसा नहीं किया। महाराणा प्रताप ने भी अपने पिता की नीति का अनुसरण किया। मुगल बादशाह अकबर को यह बात बहुत खटकती थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने मानसिंह और राजकुमार सलीम के नेतृत्व में सेना भेजी। हल्दीघाटी के मैदान में हुए युद्ध में महाराणा प्रताप के अंतिम सैनिक तक ने बलि दे दी। तब जाकर मुगल सेना बढ़त बना पाई। जंगल में भूख से बिलबिलाते बच्चों को महाराणा प्रताप कब तक देख पाते। आखिर उन्होंने अकबर को आत्मसमर्पण का खत लिखने का फैसला किया। लेकिन तभी देशभक्त भामा शाह मदद लेकर आ गया। आगे फिर संघर्ष जारी रखा। साहस, शौर्य, निडरता, राष्ट्रप्रेम और त्याग की प्रतिमूर्ति भारत के वीर योद्धा महाराणा प्रताप की प्रेरणाप्रद जीवनी। "
The Little Book of Rumi
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Rating:
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dalit Crorepati 15 Prernadayak Kahaniyan
- Author Name:
Milind Khandekar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dalit Sahitya : Nai Chunautiyan
- Author Name:
Ramshankar Katheria
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Deendayal Upadhyaya Sampoorna Vangmaya (Set 15 Vol.)
- Author Name:
Deendayal Upadhyay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Na Gopi, Na Radha
- Author Name:
Rajendra Mohan Bhatnagar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aapki Jeet
- Author Name:
Zig Ziglar +1
- Book Type:

- Description: पचासी वर्ष की आयु और पचास वर्ष से भी अधिक समय तक दुनिया को बहुत कुछ देते रहनेवाले जिग जिगलर प्रेरणादायी और उत्साहवर्धक बातचीत का एक ऐसा प्रतिष्ठित नाम बन चुके हैं, जिन्हें कई लोग प्रेरणा और संतुलित जीवन का जनक तक कहते हैं। उनकी आखिरी और अब तक की सबसे विस्तृत और समग्र पुस्तक पेश है आपकी जीत! जानिए अपनी सफलता का सूत्र। जिग जिगलर की आखिरी पुस्तक में जीवन का कायाकल्प करनेवाले साधनों और उपायों से जुड़े साढ़े चार दशक के अनुभवों को प्रेरक, संक्षिप्त और सरल रूप में समेटा गया है, जिनका उपयोग अंतिम पंक्ति के वे लोग आसानी से कर सकते हैं, जो अपने जीवन का विस्तार और सुधार अभी-की-अभी करना चाहते हैं। पाठक यह जान जाएँगे कि जब आपके पास चीजों को बदलने की उम्मीद और उस बदलाव को संभव बनाने की योजना होती है, तब आप कर सकते हैं और करते भी हैं। जिग जिगलर के संपूर्ण व्यक्तित्व, जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण ने करोड़ों लोगों को अच्छा स्वास्थ्य, परिवार और मित्रों के प्रति अगाध प्रेम और आभार, वित्तीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता, तथा मन की आध्यात्मिक शांति दी है। आप जब सही मायने में समझ जाते हैं कि आपकी जीत निश्चित है, तब आप दुनिया को बदल सकते हैं!
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book