Nagrikta Sanshodhan Adhiniyam Ke Virodh Ki Rajneeti
About the book
भारत के नागरिकता अधिनियम में हुए संशोधन (नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019) को लेकर देश भर में बहस शुरू हो गई। इस संशोधन के द्वारा पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बँगलादेश से भारत में आ चुके अल्पसंख्यक समुदाय के नागरिकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। विरोध करनेवाले दो समूह हैं। पहला ऐसा समूह, जो विरोध में अपना राजनीतिक स्वार्थ देखता है। दूसरा ऐसा समूह, जो जानबूझकर या फिर अनजाने में संशोधन को लेकर भ्रम का शिकार हो गया है। वह इस संशोधन को नागरिकों के राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के साथ नत्थी करके देखता है, जबकि दोनों का आपस में कुछ लेना-देना नहीं है। आज सत्तर साल बाद नरेंद्र मोदी ने इस शरणार्थी हिंदू समाज, अफगानी हिंदू-सिख समाज और भारतीय नागरिकता के बीच नेहरू और उनकी पार्टी द्वारा खड़ी की गई दीवार को तोड़ दिया है। यह कांग्रेस द्वारा किए गए भारत विभाजन से उपजे पाप के एक दाग को धोने का ऐतिहासिक फैसला है, लेकिन इसे क्या कहा जाए, कि आज कांग्रेस और मुसलिम लीग मिलकर एक बार फिर पाप की उस दीवार को बचाने का प्रयास कर रही हैं। प्रस्तुत पुस्तक में इस समस्या का भारत विभाजन के परिप्रेक्ष्य में अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।
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About the Book
भारत के नागरिकता अधिनियम में हुए संशोधन (नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019) को लेकर देश भर में बहस शुरू हो गई। इस संशोधन के द्वारा पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बँगलादेश से भारत में आ चुके अल्पसंख्यक समुदाय के नागरिकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। विरोध करनेवाले दो समूह हैं। पहला ऐसा समूह, जो विरोध में अपना राजनीतिक स्वार्थ देखता है। दूसरा ऐसा समूह, जो जानबूझकर या फिर अनजाने में संशोधन को लेकर भ्रम का शिकार हो गया है। वह इस संशोधन को नागरिकों के राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के साथ नत्थी करके देखता है, जबकि दोनों का आपस में कुछ लेना-देना नहीं है। आज सत्तर साल बाद नरेंद्र मोदी ने इस शरणार्थी हिंदू समाज, अफगानी हिंदू-सिख समाज और भारतीय नागरिकता के बीच नेहरू और उनकी पार्टी द्वारा खड़ी की गई दीवार को तोड़ दिया है। यह कांग्रेस द्वारा किए गए भारत विभाजन से उपजे पाप के एक दाग को धोने का ऐतिहासिक फैसला है, लेकिन इसे क्या कहा जाए, कि आज कांग्रेस और मुसलिम लीग मिलकर एक बार फिर पाप की उस दीवार को बचाने का प्रयास कर रही हैं। प्रस्तुत पुस्तक में इस समस्या का भारत विभाजन के परिप्रेक्ष्य में अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।
Book details
- Format
- Paperback
- Publisher
- Prabhat Prakashan
- Weight
- 175 grams
- ISBN-13
- 9789389982145
- Pages
- 80
- Reading time
- ~3 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 14 × 21.5 cm
- Language
- Hindi
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