Muslim Man Ka Aaina
Author:
Rajmohan GandhiPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
History-and-politics0 Ratings
Price: ₹ 399.2
₹
499
Available
स्वस्थ हिन्दू-मुस्लिम सम्बन्धों और भारतीय जनगण के बीच सहिष्णुता के लिए यह ज़रूरी है कि मुसलमान हिन्दुओं के और हिन्दू मुसलमानों के मानस को समझें। यह पुस्तक इसी भावना को लेकर भारत और पाकिस्तान के आठ प्रसिद्ध मुस्लिम नेताओं के जीवन को रेखांकित करती है, और उनके कहे-अनकहे पहलुओं को हमारे सामने लाती है। जिन लोगों के जीवनेतिहास के माध्यम से इस पुस्तक में लेखक ने भारतीय उपमहाद्वीप के मुसलमानों में झाँकने का प्रयास किया है, उनमें ये नाम शामिल हैं : सैयद अहमद ख़ाँ, मुहम्मद इक़बाल, मुहम्मद अली, मुहम्मद अली जिन्ना, फ़ज़लुल हक़, अबुल कलाम आज़ाद, लियाक़त अली ख़ाँ, ज़ाकिर हुसैन।</p>
<p>पुस्तक हमारे मन-मस्तिष्क में बनी मुसलमानों के प्रति उन सभी भ्रान्त धारणाओं को वैचारिक स्तर पर तोड़ती है जिन्हें हम तथाकथित ‘इतिहास’ के रूप में जानते आए हैं। हिन्दू और मुस्लिम समुदाय की मानसिक संरचना में कितनी एकरूपता है और कितनी भिन्नता तथा दोनों ही समुदाय हर पहलू से कितने एक-दूसरे के नज़दीक हैं, पुस्तक हमें विस्तार से बताती है।</p>
<p>‘अंडरस्टैंडिंग दि मुस्लिम माइंड’ अंग्रेज़ी पुस्तक से अनूदित राजमोहन गांधी की यह पुस्तक हमें अत्यन्त विनम्रता से उन ज़िन्दगियों को समझाने का प्रयत्न करती है, जिनके विषय में हम जानते हुए भी बहुत कम जानते हैं।
ISBN: 9789360869946
Pages: 400
Avg Reading Time: 13 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: "जीवन में शुभ के आगमन का प्रतीक है पद्म पुष्प। शुद्ध रूप में दैवी और आध्यात्मिक शक्तियोंवाला पुष्प। जल में उत्पन्न, नौ ग्रहों से जुड़ा, ऊर्जा का केंद्र। ऐसे कमल पुष्प के गुणों से युक्त महारानी पद्मावती और पद्मावती के अंदर की अग्नि! आश्चर्य है, कभी इस ओर ध्यान क्यों नहीं गया! चित्तौड़गढ़ के दुर्ग के आसपास फैले छोटे-छोटे ताल-जलाशय मानो पद्मावती की कथा को बूँद-बूँद में समाहित किए हैं। धरती के चप्पे-चप्पे पर वही गाथा लिखी हुई है। आकाश ऊपर से नीचे आकर अपने मन की बात कहना चाहता है। वायु कान में प्रवेश कर पद्मिनी की कहानी सुनाती है। और अग्नि? अनवरत ऊर्ध्व-गमन अग्नि की स्वाभाविक प्रकृति है। अग्नि का जो नाता है पद्मावती से, क्या उसे कहने की जरूरत है? क्या जौहर कुंड के पास आज भी गरम हवा का अहसास नहीं होता? क्या आज भी नारी पर होनेवाले अत्याचार की बात सुनते ही दाह का अनुभव नहीं होता? क्या रानी पद्मावती द्वारा प्रज्वलित अग्नि आज भी जल नहीं रही है? रानी पद्मावती के अद्भुत शौर्य, समर्पण और जिजीविषा का दिग्दर्शन कराता मार्मिक एवं हृदय-स्पर्शी उपन्यास। "
Delhi Dange : Sazish ka Khulasa
- Author Name:
Aditya Bhardwaj +1
- Book Type:

- Description: सामने आ रहा है, दिल्ली दंगों का सच : धीरे-धीरे ‘अपनी योजना के तहत 24 फरवरी को हमने कई लोगों को बुलाया और उन्हें बताया कि कैसे पत्थर, पेट्रोल बम और एसिड बोतल फेंकने हैं। मैंने अपने परिवार को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। 24 फरवरी, 2020 को दोपहर करीब 1.30 बजे हमने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।’ आम आदमी पार्टी से निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के इस बयान को सुनकर वे लोग चौंक सकते हैं जो आम आदमी पार्टी के चरित्र से परीचित नहीं हो। आम आदमी पार्टी ने मसजिदों और मदरसों के अपने अच्छे नेटवर्क और ताहिर हुसैन अमानतुल्ला खान जैसे नेताओं के दम पर ही पूरी दिल्ली के एकएक मुसलमान का वोट हासिल कर लिया था। जिसके बदले में मानों उत्तरपूर्वी दिल्ली को आग में झोंक देने का लाइसेंस समुदाय विशेष को दे दिया था। अब जब उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों पर चार्जशीट दिल्ली पुलिस तैयार कर चुकी है। उसके बाद 23 फरवरी को मौजपुर से भड़के हिंदू विरोधी दंगों को याद करते हुए, जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, गोकुलपुरी, करावल नगर, भजनपुरा, यमुना विहार में आग की तरह फैली उस हिंसा को सी.ए.ए. के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से अलग करके देखना भूल होगी। शाहीन बाग, जामिया नगर, सीलमपुर में सी.ए.ए. के विरोध में फैलाई गई हिंसा, वास्तव में बड़े दंगे का पूर्वाभ्यास ही थी। जिस बड़े दंगे को उत्तरपूर्वी दिल्ली में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगमन पर 23-26 फरवरी, 2020 तक अंजाम दिया गया। इस हिंसा के लिए 4 फरवरी से ही कई घरों में कबाड़ी से शराब और कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतलें, पत्थर लेकर छत पर इकट्ठा करना शुरू कर दिया गया था। मुस्लिम समुदाय ने अपनी गाडि़यों में फुल पेट्रोल, डीजल भरकर रख लिया था ताकि बोतलों में पेट्रोल डीजल भरकर बम की तरह उसे वक्त आने पर इस्तेमाल किया जा सके। मुस्लिम परिवारों में ऐसे परचे दंगों से पहले बाँट दिए गए जिसमें दंगों की स्थिति में हिंदूओं से निपटने की तरकीब लिखी गई थी। इन सारी बातों को देखने के बाद यह समझना कोई रॉकेट साइंस नहीं है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में होनेवाले दंगों के लिए यमुना पार का मुस्लिम समुदाय पहले से तैयार था। जबकि हिंदूओं को इससे सँभलने का बिलकुल मौका नहीं मिला। अब धीरे-धीरे दिल्ली दंगों की साजिश का सच सामने आ रहा है, जिसकी वजह से वामपंथी इको सिस्टम का झूठ चल नहीं पा रहा।
Lohiya Ke Vichar
- Author Name:
Rammanohar Lohia
- Book Type:

- Description: लोहिया भारतीय राजनीति के विचार-पुरुषों में अपना एक अलग स्थान रखते हैं। गांधी और नेहरू की तरह उनका भी देश तथा विश्व को लेकर एक बड़ा विज़न था। विभिन्न विचारधाराओं के गहन अध्ययन और अपने देश-काल के अन्वीक्षण से उन्होंने अपने विचारों को लगातार धार दी और प्रत्येक विचारधारा से आगे बढ़कर एक सन्तुलित दृष्टि के विकास पर ज़ोर दिया। वे स्वप्नदर्शी थे, और मानते थे कि परिस्थितियों की विपरीतताओं से संघर्ष करते हुए भी, हमें एक बड़े सपने को अपने सामने जीवित रखना चाहिए। विश्व नागरिकता उनका ऐसा ही सपना था। वे चाहते थे कि मानव किसी एक देश का नहीं, बल्कि विश्व का नागरिक हो। एक से दूसरे देश में जाने के लिए कोई क़ानूनी रुकावट न हो। विश्व सभ्यता का सपना यह होना चाहिए। यह सपना लोहिया की विराट मनीषा का द्योतक है। इसमें हर तरह के विभाजन और विरोध का निषेध शामिल है। यह पुस्तक लोहिया के ऐसे ही विचारों का पुंज है। विभिन्न अवसरों पर लिखे गए उनके आलेखों का यह संकलन उनकी मौलिक सोच का प्रमाण है। संस्कृति, दर्शन, इतिहास, भाषा के साथ-साथ स्त्री-पुरुष असमानता और जाति जैसी समस्याओं पर भी उन्होंने नवीन दृष्टि से विचार किया है। वे लकीर के फकीर नहीं थे। किसी भी वाद को उन्होंने आँख मूँदकर न समर्थन दिया और न उसका अनुकरण करने को कहा। गांधीवाद, मार्क्सवाद, सभी को उन्होंने तटस्थ दृष्टि से पढ़ने की सलाह दी क्योंकि हर विचार की अपनी एक काल-संगति होती है, और नए समय में हर विचार के नवीकरण की आवश्यकता होती है।
A Corner of a Foreign Field
- Author Name:
Ramchandra Guha
- Book Type:

- Description: A Corner of a Foreign Field seamlessly interweaves biography with history, the lives of famous or forgotten cricketers with wider processes of social change. C. K. Nayudu and Sachin Tendulkar naturally figure in this book but so, too, in unexpected ways, do B. R. Ambedkar, Mahatma Gandhi and M. A. Jinnah. The Indian careers of those great British cricketers, Lord Harris and D. R. Jardine, provide a window into the operations of Empire. The remarkable life of India’s first great slow bowler, Palwankar Baloo, provides an arresting new perspective on the struggle against caste discrimination. Later chapters explore the competition between Hindu and Muslim cricketers in colonial India and the destructive passions now provoked when India plays Pakistan. For this new edition, Ramachandra Guha has added a fresh introduction as well as a long new chapter, bringing the story up to date to cover, among other things, the advent of the Indian Premier League and the Indian team’s victory in the World Cup of 2011, these linked to social and economic transformations in contemporary India. A pioneering work, essential for anyone interested in either of those vast themes, cricket and India, a Corner of a Foreign Field is also a beautifully written meditation on the ramifications of sport in society at large.
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