Heeron Ki Kheti
(0)
Author:
Russell H. ConwellPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
General-non-fiction₹
95
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‘हीरों के खेती’ अथवा ‘एकर्स ऑफ डायमंड्स’ में मूलतः डॉ. रसेल कॉनवेल द्वारा 6,000 से अधिक नगरों, ग्रामों और शहरों में दिए गए व्याख्यान हैं। नए विचार के साहित्य के पहले उदाहरण के रूप में ‘एकर्स ऑफ डायमंड्स’ को प्रायः बौद्धिक गुरुओं द्वारा उद्धृत किया जाता है। इस छोटी सी पुस्तक से अब तक लाखों लोग प्रेरणा प्राप्त कर चुके हैं। कॉनवेल के प्रेरक विचार, उच्च आदर्श और अदम्य उत्साह यह शिक्षा देते हैं कि हमें संभावनाओं, उपलब्धियों एवं सौभाग्य के लिए कहीं और देखने की आवश्यकता नहीं है। ‘हीरों की खेती’ उनके इस मूल विचार को प्रतिध्वनित करती है कि इस धरती पर हममें से प्रत्येक व्यक्ति दूसरों की सहायता के प्रमुख उद्देश्य के साथ आया है। यदि हम सतत प्रयास करें तो खूब धन कमा सकते हैं, सुखी-संपन्न हो सकते हैं एवं हमारा ‘हीरों का खेती’ हमारी पहुँच में ही है।
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‘हीरों के खेती’ अथवा ‘एकर्स ऑफ डायमंड्स’ में मूलतः डॉ. रसेल कॉनवेल द्वारा 6,000 से अधिक नगरों, ग्रामों और शहरों में दिए गए व्याख्यान हैं। नए विचार के साहित्य के पहले उदाहरण के रूप में ‘एकर्स ऑफ डायमंड्स’ को प्रायः बौद्धिक गुरुओं द्वारा उद्धृत किया जाता है। इस छोटी सी पुस्तक से अब तक लाखों लोग प्रेरणा प्राप्त कर चुके हैं। कॉनवेल के प्रेरक विचार, उच्च आदर्श और अदम्य उत्साह यह शिक्षा देते हैं कि हमें संभावनाओं, उपलब्धियों एवं सौभाग्य के लिए कहीं और देखने की आवश्यकता नहीं है। ‘हीरों की खेती’ उनके इस मूल विचार को प्रतिध्वनित करती है कि इस धरती पर हममें से प्रत्येक व्यक्ति दूसरों की सहायता के प्रमुख उद्देश्य के साथ आया है। यदि हम सतत प्रयास करें तो खूब धन कमा सकते हैं, सुखी-संपन्न हो सकते हैं एवं हमारा ‘हीरों का खेती’ हमारी पहुँच में ही है।
Book Details
-
ISBN9789352668083
-
Pages96
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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हमारे समाज के हर वर्ग की वैधानिक आकांक्षाएँ हैं; लेकिन इन्हें पूरा कर पाने के लिए एक ऐसी समग्र सोच की जरूरत है, जो राष्ट्र-हित को ध्यान में रखती हो। व्यक्तियों का और समाज का सद्भावपूर्ण विकास पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद का प्रमुख गुण है, जिसे भाजपा अपना मार्गदर्शक दर्शन मानती है। भारत के वैकल्पिक आर्थिक मॉडल की पहली जरूरत के रूप में कृषि और ग्रामीण विकास की व्यवस्थित अनदेखी को बंद करना चाहिए। किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को कम लागत एवं आसान शर्तों पर पूँजी उपलब्ध करानी चाहिए। जल संसाधनों का प्रबंध कर पाने की हमारी अयोग्यता से सूखा और बाढ़ की स्थिति गंभीर हो रही है। दूसरी ओर, पानी के फिर से इस्तेमाल कर पाने की योजनाओं की कमी के कारण हम औद्योगिक विकास और बिजली उत्पादन के अवसर खो रहे हैं। जल प्रबंधन के लिए आवश्यक है पानी के फिर से इस्तेमाल की नई विधियों की खोज। बिजली उत्पादन के विकल्पों की गंभीरता से खोज आवश्यक है ताकि बिजली संकट खत्म हो सके। ऐसी दीर्घकालीन योजना बनानी चाहिए, जिसमें ऊर्जा वैकल्पिक स्रोतों को सही महत्त्व दिया जाए। जमीन से जुड़े वरिष्ठ राजनेता श्री नितिन गडकरी के चिंतनपरक विचारों का संकलन जिसमें विकसित भारत के स्वप्न को यथार्थ में बदलने का एक व्यावहारिक ब्यूप्रिंट है। ग्रामीण और शहरी में समान रूप से विकास का इंजन गतिशील हो, प्राकृतिक संसाधनों का कुशल प्रबंधन हो, हरित ऊर्जा का व्यापक प्रचार हो—इन सबका बहुत वस्तुपरक आकलन प्रस्तुत है ‘भविष्य का भारत’ में।
Krishi Mein Mahilaon Ki Bhoomika
- Author Name:
Sangita Aggarwal
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कृषि में महिलाओं की भूमिका पुस्तक उन महिला किसानों की कहानी है, जिन्होंने समाज, सरकार और अपनी किस्मत को कोसने की बजाय अपनी आत्मनिर्भरता से कुछ ऐसा करने की ठानी कि वे अब एक महिला किसान के साथ-साथ आनेवाली पीढिय़ों और समाज के लिए भी प्रेरणा-स्रोत बन गई हैं। आपने एक तसवीर अनेक बार देखी होगी, जिसमें कतार में खड़ी महिलाएँ धान की रोपाई करती हैं। कीचड़ में धँसी और झुकी, ये महिलाएँ पूरे दिन काम करती हैं और हमारे लिए अनाज उपजाती हैं। ऐसे अनेक उदाहरण देखने को मिलते हैं—उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सिर पर घड़ा रख पानी लाने मीलों दूर जाती महिलाएँ, फसल की कटाई के बाद उसे कटाई मशीन में डालती महिलाएँ; चाय के बागानों में महिला किसानों के पेट पर चुन्नी से बँधा बच्चा और चाय की पत्तियाँ तोड़ती वह महिला किसान। इस पुस्तक में महिला किसानों के साक्षात्कार के माध्यम से उनके संघर्ष और उन्हें सरकारी योजनाओं से मिले लाभों को पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है।
Samvad Purush Prof. Devendra Swarup
- Author Name:
Jitendra Tiwari
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प्रो. देवेंद्र स्वरूप एक निमित्त हैं, जो राष्ट्रीय हैं। जिनमें सांस्कृतिक प्रवाह है। जिनमें गांधी और राष्ट्रीयता का संगम है। उसे दूसरी तरह से भी कह सकते हैं। भारत की सनातन यात्रा में जो-जो और जब-जब प्रवाह पैदा हुए, उसे अगर समझना हो तो देवेंद्र स्वरूप को पढ़ना जरूरी होगा। उन्हें सुनना भी ऐसा अनुभव होता है मानो इतिहास की तरंगों में आप खेल रहे हों। जिन्हें यह भ्रम है कि राष्ट्रीयता की संघ धारा में बौद्धिक विमर्श कर सकने लायक व्यक्ति नहीं होते, वे प्रो. देवेंद्र स्वरूप को जानें और समझें। जैसे ही वे ऐसा करेंगे, उनका भ्रम गिर जाएगा। आग्रह की वह दीवार ढह जाएगी। सामने होगा खुला मैदान, जो संवाद का होगा।
Chetna Hero English
- Author Name:
Mission Chetna
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Chetna is a movement to recognise, appreciate and support goodness in the world. Living up to its mission of ‘Spreading Goodness’ and with the aim of inspiring many to follow goodness in life, the Chetna honours men and women across India, who are brave enough to go against the flow and reach out to help other individuals and families in need. These men and women are recognised as Chetna Heroes. Chetna Heroes are those people who have chosen to speak up through their deeds. None of them began their activities for social good as a broad-based, well-planned and well-funded programme. They simply responded to silent cries for help of people they came into contact with and they did not stop after answering the first cry. These Chetna Heroes continued to ask themselves—“What more can I do?”, “Who else needs this type of assistance?” The answers to these questions shaped their lives into the stories of inspiration that they are today. Chetna is presenting this Coffee Table Book—CHETNA HEROES—To appreciate applaud the dedication and selfless service of these great human beings. We believe that the stories of ‘Chetna Heroes’ will inspire many to follow suit, in embracing and supporting goodness. This very thought is the basis of publishing this Coffee Table Book.
Bhawaniprasad Mishra Sanchayita
- Author Name:
Prabhat Tripathi
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Bhawaniprasad Mishra Sanchayita
Ubharate Sawal
- Author Name:
M. Hamid Ansari
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भारत के उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी एक कुशल राजनयिक, समर्पित शिक्षाविद् तथा प्रखर वक्ता हैं। यह पुस्तक अनेक विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, सेमिनारों, व्यवसायियों की बैठकों में, पुस्तकों के लोकार्पणों, समारोहों और औपचारिक उद्घाटनों में दिए गए महत्त्वपूर्ण भाषणों का संकलन है। इसमें विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के अनेक जटिल और अनुत्तरित प्रश्न तथा ज्वलंत मुद्दे शामिल हैं। इन भाषणों में राष्ट्रीय कार्यसूची के बहुत व्यापक विषय भी आ गए हैं, और ये भारत की वर्तमान और भविष्य की अवस्थाओं को बनानेवाले मूल तत्त्वों को प्रकट करते हैं। भारतीय लोकतंत्र विशाल है, तो इसकी समस्याएँ भी अधिक संख्या में हैं। भारत का भविष्य उज्ज्वल है, स्वर्णिम है। भारत वैश्विक स्तर पर उभर रहा है और आज पूरे विश्व में इसकी एक विशिष्ट पहचान है। उभरते भारत के समक्ष खड़े कुछ सवालों को भारत के द्वितीय सर्वोच्च नागरिक डॉ. हामिद अंसारी ने देखा-समझा है और अपनी चिंतनपरक लेखनी से इनका समाधान देने का प्रयास किया है।
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