Anna
(18)
₹
255
₹ 211.65 (17% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Everyone regarded Anna as one of the most remarkable figures produced by Tamil Nadu. His greatness stems from the widespread acclaim he received from prominent leaders of his era. His various talents demonstrate his capabilities as an effective administrator, deep thinker, prolific writer, insightful journalist, and above all, a humanitarian that leaves us in awe of his literary contributions. He observed the living conditions of Tamils during his time and aimed to instigate change through his writing and speeches. Inspired by Periyar's thoughts and pride in Tamil heritage, he emerged as a towering advocate for humanism, dedicated to protecting the Tamil community and working toward their advancement. Anna once referenced influential figures like Shelley, Byron, Keats, Coleridge, Emerson, and Bacon, remarking that they are not foreigners in the truest sense. Is Tiruvalluvar simply a Tamil? They are all global citizens and educators, and Anna holds a similar esteemed position as a worldwide citizen. Anna is recognised as a pioneer in short stories that explore the tension between tradition and modernity. He is a relentless journalist and a guiding light as a dramatist. In addition to being a remarkable orator, his political acumen further defines him as the genius of his century. In summary, Anna is a true phenomenon.
Read moreAbout the Book
Everyone regarded Anna as one of the most remarkable figures produced by Tamil Nadu. His greatness stems from the widespread acclaim he received from prominent leaders of his era. His various talents demonstrate his capabilities as an effective administrator, deep thinker, prolific writer, insightful journalist, and above all, a humanitarian that leaves us in awe of his literary contributions.
He observed the living conditions of Tamils during his time and aimed to instigate change through his writing and speeches. Inspired by Periyar's thoughts and pride in Tamil heritage, he emerged as a towering advocate for humanism, dedicated to protecting the Tamil community and working toward their advancement.
Anna once referenced influential figures like Shelley, Byron, Keats, Coleridge, Emerson, and Bacon, remarking that they are not foreigners in the truest sense. Is Tiruvalluvar simply a Tamil? They are all global citizens and educators, and Anna holds a similar esteemed position as a worldwide citizen.
Anna is recognised as a pioneer in short stories that explore the tension between tradition and modernity. He is a relentless journalist and a guiding light as a dramatist. In addition to being a remarkable orator, his political acumen further defines him as the genius of his century. In summary, Anna is a true phenomenon.
Book Details
-
ISBN9789386771582
-
Pages338
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIN
Recommended For You
Ameeri Rekha Ki Khoj Mein
- Author Name:
Vijay Kumar
- Book Type:

- Description:
काफी सिर खपाने के बाद पिछले दिनों मुझे इस बारे में अंतिम सत्य पता लग ही गया। वह यह है कि अमीरी की रेखा मकान, गाड़ी, घड़ी, कपड़े या कलम से नहीं, शौचालय से तय होती है। हमारे देश के महान् ‘योजना आयोग’ के कार्यालय में दो शौचालयों की मरम्मत में 35 लाख रुपए खर्च कर दिए गए। जरा सोचिए, मरम्मत में इतने खर्च हुए, तो नए बनने में कितने होते होंगे? जब कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति की, तो योजना आयोग के मुखिया श्री मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने इसे बिल्कुल ठीक बताया। मैं उनकी बात से सौ प्रतिशत सहमत हूँ। बहुत से विचारकों का अनुभव है कि यही एकमात्र ऐसी जगह है, जहाँ व्यक्ति बिल्कुल एकांत में कुछ देर बैठकर, शांत भाव से मौलिक चिंतन कर सकता है। कई लेखकों को कालजयी उपन्यासों के विचार यहीं बैठकर आए हैं। श्री अहलूवालिया और उनके परम मित्र मनमोहन सिंह की जिन योजनाओं से रुपया रसातल में जा रहा है, उसके बारे में चिंतन और मनन इतने आलीशान शौचालय में ही हो सकता है। —इसी संग्रह से ——1—— समाज की विषमताओं और विद्रूपताओं पर मारक प्रहार करके अंतरावलोकन करने का भाव जागृत करने वाले व्यंग्य। ये न केवल आपको हँसाएँगे-गुदगुदाएँगे, बल्कि आपके अंतर्मन को उद्वेलित कर मानवीय संवेदना को उभारेंगे।
Shrinkhala Ki Kariyan
- Author Name:
Mahadevi Verma
- Book Type:

- Description:
प्रस्तुत संग्रह में कुछ ऐसे निबन्ध जा रहे हैं जिनमें मैंने भारतीय नारी की विषम परिस्थितियों को अनेक दृष्टि-बिन्दुओं से देखने का प्रयास किया है। अन्याय के प्रति मैं स्वभाव से असहिष्णु हूँ, अत: इन निबन्धों में उग्रता की गन्ध स्वाभाविक है, परन्तु ध्वंस के लिए ध्वंस के सिद्धान्त में मेरा कभी विश्वास नहीं रहा। —महादेवी वर्मा।
Diya (Illustrated)
- Author Name:
Yogita Warde
- Book Type:

- Description:
दीया अब आपके सामने दूसरे संस्करण में उपलब्ध है। पहले संस्करण में दीया को लिटफेस्ट 2020 ऑथर ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड और टैगोर कमेम्रटिव ऑनरेरी अवॉर्ड 2021 मिल चुका है। दीया की कहानी एक सच्ची घटना से प्रेरित है। यह कहानी समाज के उन सभी रीति-रिवाजों का खुलासा करती है, जिनका हम बिना किसी आपत्ति के आँखें बंदकर पालन करते आ रहे हैं। इस कहानी में दीया ने अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा। वह सब कुछ सहती रही और खुद से नफरत करती रही। वह क्यों चुप थी? क्या समाज के कारण या परिवार के कारण? क्या वह अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों को रोक पाती है? क्या होता है आगे? क्या वह अपने पति और समाज के खिलाफ आवाज उठा पाती है? क्या हुआ होगा दीया की ज़िंदगी में? उसके जीवन में कितने मोड़ आए? सभी सवालों के जवाबों के लिए जुड़िये इस सफर में दीया के साथ।
Door Desh Ke Parinde
- Author Name:
Anamika
- Book Type:

- Description:
यह आवश्यक नहीं कि स्त्री-पुरुष का सम्बन्ध नर-मादा का ही हो; एक स्तर ऊपर उठकर वह दो व्यक्तियों, दो मनुष्यों, दो सखाओं का भी हो सकता है। सार्वजनिक स्पेस में एक स्वस्थ सन्तुलन भी तभी साधा जा सकता है जब सम्बन्धों में एक अहैतुक सजगता मौजूद रहे, और स्त्री की सहज सकारात्मकता इसमें निर्णायक भूमिका निभा सकती है। ‘दूर देश के परिन्दे’ उपन्यास बीसवीं सदी में, स्वतंत्रता-प्राप्ति के आसपास के वर्षों में दीप्तिमान ऐसे विश्व-प्रसिद्ध लोगों के जीवन में आईं स्त्रियों की कथा कहता है जो अपने समय की स्त्रियों के विशेष प्रिय रहे; कुछ था उनमें जिसके चलते स्त्री-मन उन्हें उम्मीद से देखता था कि उनकी अगुवाई में जो समाज बनेगा उसमें धैर्य, ममता, सहिष्णुता और त्याग जैसे गुण स्त्री और पुरुष दोनों में बराबर बँटेगे; दोनों साहचर्य का एक अधिक सृजनात्मक मॉडल विकसित करेंगे। टैगोर, निराला, गांधी, रोमां रोलां आदि इनमें से कुछ थे। कई स्त्रियाँ इनके जीवन में आयीं, विवाद भी उठे। इनका ज्यादा त्रास तो स्त्रियों ने ही अनुभव किया जिसके विवरण इस उपन्यास के दृश्यबन्धों और संवादों में अनुस्यूत हैं। उपन्यास का पहला खंड निराला पर केन्द्रित है जहाँ नायिका उनकी अपनी ही बेटी सरोज है; दूसरे खंड की नायिका है ज्याँ क्रिस्तोफ की माँ डोरोथी जिनके विषय में कल्पना की गई है कि वे रोमां रोलां की केयरटेकर टाइपिस्ट थीं, तीसरे खंड की नायिकाएँ गांधी के ब्रह्मचर्य-विषयक प्रयोगों की साक्षी और सहचर रहीं मीरा बेन और कस्तूरबा हैं। चौथे खंड के केन्द्र में है भारत में ग्रामोफ़ोन की प्रथम गायिका गौहर जान और पाँचवाँ खंड समर्पित है टैगोर की प्रेरणा कही जाने वाली रानू को। यहाँ वे सब अपनी कथा कहती हैं और दोस्त-समाज की इस संकल्पना को बल देती हैं कि जिस आत्म-परिवर्तन की उम्मीद स्त्रियाँ पुरुषों से करती रही हैं, संसार के सुदीर्घ, स्थायी और ऊर्ध्वमुखी बदलाव के लिए भी वह एक आधारभूत शर्त है।
Chir Parayi
- Author Name:
Kadambari Mehra
- Book Type:

- Description:
कादंबरी मेहरा की कहानियों का यह नया संग्रह एक बार फिर पाठकों के समक्ष, वास्तविक जीवन से उठाई गई आम आदमी की समस्याओं व उन्हें झेलनेवाले स्त्री-पुरुष पात्रों को उनके मूल स्वरूप में प्रस्तुत करता है। जागरूक व शिक्षित भारत में अभी भी पत्नी ‘चिर पराई’ है, विधवा को ‘दूसरी बार’ जीवनसंगिनी बना लेने में समाज की मान्यताएँ बाधित करती हैं, कमजोर पति की ब्याहता केवल एक मानहीन भोग्या मात्र है, जिसका प्रतिकार भगवान् उसे स्वस्थ और उत्तरजीवी बनकर लेता है। ‘बाबाजी’, ‘खादानों के शहर’, ‘विम्मी’ आदि कहानियाँ हिंदी जगत् के पाठकों को दूरस्थ देशों के पार्श्व से परिचित करवाती हैं तो ‘एक खत’, ‘मिलन हो कैसे’ समाज के अँधेरों को फरोलती हैं। कांदबरी मेहरा की संवेदनशील पैनी कलम से रँगी भारतीय समाज की सरल प्रस्तुति। भूमिका — 7 अपनी बात — 9 1. राखनवार — 15 2. चिर पराई — 17 3. टैटू — 26 4. एक खत — 33 5. कृष्णा की चूडि़याँ — 42 6. दूसरी बार — 52 7. बिखरे पंख — 63 8. बाबाजी — 73 9. उत्तरजीवी — 83 10. वह और उसकी माँ — 93 11. खदानों के शहर की अमर प्रेम-कहानी — 105 12. मिलन हो कैसे? — 110 13. विम्मी — 121
Hash Tag Zindagi
- Author Name:
Shyam Chandele
- Book Type:

- Description:
Book
Paapoo
- Author Name:
Rita Indiana
- Book Type:

- Description:
आठ साल की एक लड़की सांतो दोमिंगो में अपने पिता–पापू–का इन्तज़ार करती है। यह इन्तज़ार उसे एक लम्बी और दर्दनाक मौत जैसा लगता है लेकिन वह राह देखती है कि पापू अमेरिका से आएँगे और अपनी दौलत और शोहरत की शानदार उपलब्धियों—चमचमाती नई कारों, पोलो शर्टों, सोने की चेन और सुन्दर जूतों से उसे अभिभूत कर देंगे। जब पापू आते हैं तो वह उसे फ़िल्म ‘फ़्राइडे द थर्टींथ’ के जेसन जैसे मालूम पड़ते हैं—स्मार्ट, चतुर और निर्मम। वे एक डोमिनिकन माफ़िया बॉस हैं, एक ड्रग डीलर, एक ऐसा शख़्स जो अविश्वसनीय रूप से ख़तरनाक है, लेकिन इससे उसकी बेटी ख़ुद को बेहद ताक़तवर और जीवन्त महसूस करती है। लड़की के जीवन में पापू आते हैं, ग़ायब हो जाते हैं और फिर एक बार और प्रकट होते हैं पैसे, गाड़ियों और मार-तमाम तोहफ़ों से लदे हुए, प्रेमिकाओं से घिरे हुए। सांतो दोमिंगो और अपने पिता के साथ की गई अमेरिका की जगर-मगर यात्राओं के बीच विभाजित, एक लड़की की बचपन की यादों को समेटे यह उपन्यास एक बेटी के प्यार के अलावा अपराध और मर्दानगी के आकर्षण और बड़ों की दुनिया की हिंसा का कभी न भूलने वाला चित्र पेश करता है। एक बच्ची की कल्पना के साथ व्यंग्य और विज्ञान-कथा के साथ ख़ौफ़ का कुशल मिश्रण, कैरेबियाई संस्कृति की पृष्ठभूमि में बुनी गई इस कहानी को अत्यन्त प्रभावी बना देता है।
Phir Jeete Shri Ram
- Author Name:
Balveer Singh
- Book Type:

- Description:
वह रात जागरण वाली थी जी हाँ! वह जागरण की ही रात थी। मुलायम सिंह जागते रहे थे इस चाव में कि कल 30 अक्तूबर को डेढ़ कार सेवक भी उनकी प्रिय मसजिद की ओर नहीं बढ़ पाएगा तो मैं किन शब्दों में अपनी महान् विजय का बखान दूरदर्शन पर करूँगा। लाखों कार सेवक जागते रहे इस ललक, उछाह और सौभाग्य की प्रतीक्षा में कि कब दिन निकले और हमें अपने आराध्य रामलला के श्रीचरणों में जीवन पुष्प चढ़ाने का सौभाग्य मिले। हवाएँ, तारक मालाएँ, अनंत आकाश और धवल चंद्रमा जागते रहे उन राम सेनानियों पर आशीषों की वर्षा करने में जो कल अपने प्राण हथेली पर लेकर निहत्थे मशीनगनों की गोलियों की बौछारों में सीने तानकर आगे बढ़ेंगे। और माँ सरयू जाग रही थी उस पावन रक्त के अपनी जलनाशि में आ मिलने की आशंका में दहती हुई जो कल अयोध्या की गलियों और उसके पुल पर बहने वाला है। उस रात तो स्वयं नींद भी जागी थी। पल-पल का मोल अमोल और अनमोल हो उठा था।
Dukhiyare
- Author Name:
Anis Ashfaq
- Book Type:

- Description:
वे ख़ुशियाँ, वे खिलखिलाहटें, वे रौनक़ें जिनसे लखनऊ कभी आबाद होता था, मुरझाती हुई धीरे-धीरे उदासियों में बदल गईं। कुछ हवेलियाँ बिक गईं, कुछ नीलाम और कुर्क हो गईं। खानदान जिनकी उपमा सितारों से दी जाती थी, वक़्त और अपनी लापरवाहियों से पिटते-पिटते सड़कों पर आ गए, सड़कों पर भी जगह न रही, तो पब्लिक मैदानों में जा टिके...कर्बलाओं, इमामबाड़ों और मस्जिदों में सिर छुपाते घूमने लगे। ये कहानी इसी दुखियारे वक़्त की है। एक भाई हैं जो छोटे भाइयों के मुक़ाबले अपनी माँ के बहुत लाडले हैं लेकिन उनके दिमाग़ में ख़लल है, बेचैनी कहीं टिकने नहीं देती...वक़्तन-फ़-वक़्तन कुछ औल-फौल बोलने लगते हैं, अपने ख़्वाबों की हवेलियों के नक्शे खींचने लगते हैं और कभी भी किधर भी निकल जाते हैं, छोटे भाई उनको ढूँढ़ते रहते हैं, जब मिलते हैं तो घर भी ले आते हैं, लेकिन बड़े फिर किसी दिन कोई पर्चा छोड़कर ग़ायब हो जाते हैं... शुरू से आख़िर तक यही सिलसिला चलता रहता है, खो जाने और मिल जाने का, और इस लामहदूद–से लगने वाले सफ़र में पुराने लखनऊ का इतिहास और भूगोल हमारी आँखों के सामने से गुज़रता जाता है, उस दुख को दर्ज करता हुआ जिन्हें वक़्त अपने उतरते दिनों की झोली में डालकर कभी न लौटने के लिए चला जाता है...
Ek Tukda Aasman
- Author Name:
Vinod Kushwaha
- Book Type:

- Description:
This book has no description
Sanyasi Ke Naam Patra
- Author Name:
Neela Prasad
- Book Type:

- Description:
पत्र अन्त:करण की ओर खुलने वाली खिड़कियाँ होते हैं। उनसे किसी व्यक्ति के जीवन और संसार के उस हिस्से का साक्षात्कार होता है जो उसके इतर जाहिर जीवन-संसार की ओट में रह गया होता है। इस तरह वे अज्ञात-अलक्षित को उद्घाटित करने का जरिया बनते हैं जो सम्बद्ध व्यक्ति के व्यक्तित्व और कृतित्व को समग्रता में समझने में सहायक होता है। ‘संन्यासी के नाम पत्र’ ऐसी ही एक पुस्तक है जिसके केन्द्र में हैं फ़ादर कामिल बुल्के। समर्पित मिशनरी और रामकथा और तुलसीदास के मान्य विशेषज्ञ ही नहीं, अंगरेजी-हिन्दी शब्दकोश के प्रणेता के रूप में भी उनकी कीर्ति से प्राय: लोग परिचित होंगे, लेकिन एक पुत्र, एक भाई, एक शिष्य और एक मित्र के रूप में उनके व्यक्तित्व की विशिष्टता से अधिकतर लोगों का परिचय नहीं होगा। कारण, भारत भूमि पर फ़ादर का आगमन ही तब हुआ जब वे मिशनरी हो चुके थे और उसके लिए आवश्यक नियम—परिवार से विदाई—का पालन कर चुके थे। यह संग्रह फ़ादर के संन्यासी बनने के बाद उनके परिजनों द्वारा उनको लिखे गए पत्रों का है जिसमें उनका पारिवारिक इतिहास और संन्यासी जीवन, दोनों के ऐसे प्रसंग सामने आते हैं जिनसे उनके दृढ़ और उदात्त व्यक्तित्व की झलक बार-बार मिलती है। इन पत्रों से यह भी पता चलता है कि फ़ादर के संन्यास ग्रहण करने का ‘दुख’ सहकर उनके परिवार ने किस प्रकार उनका सहयोग किया। जैसा कि उनकी माँ ने उन्हें सम्बोधित पत्र में लिखा है—हम लोगों के लिए जितना दुख मसीह ने उठाया था, उसकी तुलना में यह तो एक छोटी बात थी। (9 सितम्बर, 1931)
Ham Gunahgar aur Besharm Auraten
- Author Name:
Kavita Kadambari
- Book Type:

- Description:
Collection of Hindi Poems
Swarg Dadda! Pani, Pani
- Author Name:
Vidya Sagar Nautiyal
- Book Type:

- Description:
Novel
agedashtu nakshatra
- Author Name:
Sumangala
- Book Type:

- Description:
ಅಗೆದಷ್ಟೂ ನಕ್ಷತ್ರ' ಭೂಮಿಯ ಜೊತೆಗಿನ ಮನುಷ್ಯನ ಅನುಬಂಧವನ್ನು ಕುರಿತು ಆತ್ಮದ ಭಾಷೆಯಲ್ಲಿ ಮಾತನಾಡುವ ಅಪರೂಪದ ಕಾದಂಬರಿ. ಪತ್ನಿ ತೀರಿದ ಬಳಿಕ ಪ್ರೊಫೆಸರ್ಗೆ ಆತ್ಮೀಯರಾದ ಜಲಜ ಮೇಡಂ, ಮನೆಕೆಲಸದ ಸೀತಮ್ಮ, ಮದುವೆಯೇ ಆಗದೆ ಕುಟುಂಬದ ಸರ್ವಸದಸ್ಯರ ಸಂಸಾರದ ಸೇವೆಯಲ್ಲೇ ಸಾರ್ಥಕ್ಯ ಕಂಡ ಪದ್ದಜ್ಜಿ, ಮದುವೆಯಾಗಿ ಎರಡು ತಿಂಗಳಾದರೂ ಗಂಡನ ಸುಖ ಕಾಣದೆ ವಿಧವೆಯಾದ ರಾಜಿ ಹೀಗೆ ಸಂಬಂಧಗಳ ಆಕರ್ಷಣೆ– ವಿಕರ್ಷಣೆಯನ್ನು ಶೋಧಿಸುತ್ತಾ ಕಾದಂಬರಿ ಮುಂದುವರಿಯುತ್ತದೆ. ಕಾದಂಬರಿಯ ನಿಜವಾದ ಉತ್ಖನನ ಆರಂಭವಾಗುವುದು ಮಂಡ್ಯ ಜಿಲ್ಲೆಯಲ್ಲಿ ಆತ್ಮಹತ್ಯೆ ಮಾಡಿಕೊಂಡ ಐವರು ರೈತ ಪಾತ್ರಗಳ ಪ್ರವೇಶದೊಂದಿಗೆ. ನಾಗರಿಕತೆ ಹುಟ್ಟುವುದಕ್ಕೂ ಮುನ್ನವೇ ಈ ಭೂಮಿ ಮನುಷ್ಯನ ಅನುಬಂಧ ಹುಟ್ಟಿದೆ. 4000 ವರ್ಷಗಳ ಹಿಂದಿನ ನಾಗರಿಕತೆಯನ್ನು ಶೋಧಿಸಲು ಉತ್ಖನನ ನಡೆದ ಧೊಲಾವೀರಾ, ಲೋಥೆಲ್ ಮತ್ತು ರೈತರು ಆತ್ಮಹತ್ಯೆ ಮಾಡಿಕೊಂಡ ಮಂಡ್ಯದ ಬಳಿಯ ಹಳ್ಳಿಗಳಲ್ಲಿ ಓಡಾಡಿರುವ ಲೇಖಕಿ, ಕಂಡುಕೊಂಡ ಭೂತಾಯಿಯ ಕಟು ಸತ್ಯಗಳ ಕುರಿತು ಈ ಕೃತಿಯಲ್ಲಿ ವಿವರಗಳನ್ನು ನೀಡಿದ್ದಾರೆ.
Khairiyat Hai Huzoor
- Author Name:
Urmila Shirish
- Book Type:

- Description:
Book
Mango Colored Fish
- Author Name:
Kavery Nambisan
- Book Type:

- Description:
An exciting new novel from the best-selling author of The Scent of Pepper. Shari’s life has always been controlled by others—a domineering mother, a too-perfect sister and a kind but passive father have seen to it that her choices are shaped more by the demands of social propriety than by her own will. Inevitably, she finds herself agreeing to marry the man of their choice. But tormented by the ghosts of the past and increasingly uncertain about her decision to marry, she flees to her brother’s house in Vrindaban a few weeks before the wedding—much to the shock and dismay of her mother. Even as she gets drawn into the busy and entirely unpredictable lives of her brother and sister-in-law, both doctors, Shari grapples with her memories: her relationship with Naren, her blind friend, and the traumatic discovery of the truth about Uncle and Aunt Paru whom she had always considered her surrogate parents. And as she makes peace with her past, she finds in herself the strength to confront her own future. Richly textured and boldly perceptive, Mango-Coloured Fish is the heartwarming story of a young woman’s attempt to strike out on her own.
Tootate Rishte Darakte Ghar
- Author Name:
Tarun Pithode
- Book Type:

- Description:
Book
Pyar Mein Shaheen Bagh
- Author Name:
Rathor Bichitramani Singh
- Book Type:

- Description:
‘प्यार में शाहीन बाग’ राठौर विचित्रमणि सिंह का पहला उपन्यास है जो देश के बदलते हालात को ऐतिहासिक, राजनैतिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में देखते हुए प्रेम और घृणा, हिंसा और अहिंसा के मुद्दे को तथ्य और तर्क की कसौटी पर लेकर कसते हैं और अंत में स्वीकार करते हैं कि जानना और समझना मानवीय संबंधों को बहाल करने की कसौटी है। उपन्यास हिमांशु नामक युवक के बचपन से शुरु होता है जहां उसके अवलोकन और समझ की जगह उस पर झूठा सच थोपा जाता है। इससे नफरत की इकहरी दृष्टि लेकर वह शाहीन बाग के आंदोलन को ध्वस्त करने के इरादे से जाता है जहां विष भरे हृदय में प्यार अंकुर उगता महसूस करता है सोफिया से जो गांधी से प्रभावित है। उपन्यास का यह हिस्सा फसाद, गलत प्रचार, दुखद घटनाओं व हत्याओं से पाठक के मन पर गहरा असर डालता है और स्वयं हिमांशु के अंदर की इंसानियत उसकी हैवानियत पर भारी पड़ती है। वह इसी भावना के वेग में आकर असम आंदोलन में शिरकत करता है और कहता है कि जहां-जहां शाहीन बाग उभरेगा, वहां वहां मैं मौजूद रहूंगा। देशप्रेम, आपसी भाईचारा व सकारात्मक व नकारात्मक सोच को बिना किसी लंबी व्याया के लेखक ने समय के सूप से पछोड़ कर अलग व सराहनीय काम किया है। उपन्यास पढ़ा जाना चाहिए जिसके लिए लेखक बधाई का पात्र है।-नासिरा शर्मा
Satrupa
- Author Name:
Shivendra
- Book Type:

- Description:
समकालीन लेखन में शिवेन्द्र की विशिष्ट पहचान ऐसे कहानीकार के रूप में है जो चित्र-विचित्र घटनाओं वाली पुराकथाओं और परीकथाओं के ढब-ढाँचे में ठेठ आधुनिक जीवन के प्रश्नों और संकटों से हमें रू-ब-रू कराता है। पिछले लगभग सवा सौ सालों से हिन्दी कहानी अपनी बात कहने के लिए जिस ‘वेरिसिमिलीट्यूड’ पर, विश्वसनीय अंकन की जिस विधि पर भरोसा करती आई है, उसे तोड़ या छोड़ कर शिवेन्द्र एक वयस्क आधुनिक पाठक को झटका देते हैं; ऐसा लगता है कि वे उसे एकबारगी आधुनिक के मुक़ाबले पुरातन या वयस्क के मुक़ाबले बालसुलभ कथा-आस्वाद की ओर ले जाना चाहते हैं, लेकिन उनके द्वारा सम्बोधित सवाल इस भ्रम की गुंजाइश नहीं रहने देते। उनके यहाँ अपनी जाति बताकर प्यार से वंचित हो जाने वाले और सीवर में ही ज़िन्दगी खपा देने वाले दलित हैं; ‘किसी ऊबे हुए बन्दर की तरह फ़ेसबुक की एक दीवाल से दूसरी दीवाल पर यूँ ही कूदने’ वाले बेरोज़गार हैं; गेम न खेलने पर गोली मार देने वाले कमांडोज़ से डर कर अपने-अपने मोबाइल में घुसे, अपने आसपास की दुनिया से नावाक़िफ़ लोग हैं; आज़ादी प्रतीत होने वाली नई ग़ुलामी है; ऐसे चुनाव हैं जिनमें जनता उन्हीं को चुनती है जिनकी सरकार बनाने का ठेका बड़ी कम्पनियों ने लिया है; ‘बिना कुछ सोचे-समझे ऐसी चीज़ों को पाने में नष्ट होती’ ज़िन्दगियाँ हैं ‘जिनकी असल में कोई ज़रूरत ही नहीं’; और सबसे बड़ी बात, दूसरों की आज़ादी छीनने वालों और आज़ादी चाहने वालों के बीच का संघर्ष है जिसमें एक ओर तानाशाहों से लेकर उनके पक्ष के विचारक, हत्यारे और आज की दुनिया में मसीहा की तरह पूजे जानेवाले धनकुबेर तक हैं, तो दूसरी ओर बेरोज़गार, मज़लूम और अपने को बेचने के लिए तैयार न होने वाले चैतन्य लोग। हमारे इस वर्तमान को शिवेन्द्र जिस कल्पनाशीलता के साथ कहानी में लाना सम्भव करते हैं, वह आपको बार-बार चकित करती है और आप साश्चर्य कहानी के इस आदिम गुण की वापसी के साक्षी बनते हैं। वे निस्सन्देह हमारे समय के सबसे उर्वर रचनात्मक मस्तिष्कों में से एक हैं। —संजीव कुमार
Vinayak
- Author Name:
Ramesh Chandra Shah +1
- Book Type:

- Description:
Vinayak, a Sahitya Akademi-award winning Hindi Novel, as a sequel to the author;s first novel 'Gobar Ganesh', according to the novelist, is the "pratismriti" (remembrance of our national-cultural memories) and the katha or narrative of India as a civilizational state. Its multi-perspectiveal, multi-centric kathana (plot), involving characters representing a cross section of Indian Society, is marked by engaging and interesting debates on such issues as gender-politics, culturalimperialism, casteism, communalism, the Kashmir-question and the condition of Kashmiri Pundits, sustainable development, ecological consciouness, swaraj or decolonization of mind, role of "Breaking India" forces comouflaged as NGO-activism, and the all0embracing nature of the spiritual that subsumes the secular, the significance of purusharthas or cardinal principles of life, etc. A sahridaya or cultivaed reader whould also relish how deftly the narrative echoes the voices of such great masters as Valmiki, Vyas, Krishna, Keats, Rike, Yeats, Eliot, Naipaul, Proust, Prasad and others.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
4.56 out of 5
Book