Anatha Nuhe
Author:
Dr.Sanjay RoutPublisher:
ISL PUBLICATIONSLanguage:
OdiaCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 170
₹
200
Available
My name is Dr.Sanjay,and I am a best selling author. I have written several books that have made the top of the bestseller lists. My latest book, has been an international sensation. It tells the story of a orphan and has resonated with readers of all ages. I have always been passionate about writing and storytelling, and I strive for excellence in every word I write. My books often explore themes of courage, resilience, and self-discovery, and I hope that my writing can inspire readers to think more deeply about their own lives. I'm excited to share my story with the world and look forward to what the future holds for my writing.
ISBN: 1230004580843
Pages: 44
Avg Reading Time: 1 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Black Soil
- Author Name:
Ponneelan +1
- Book Type:

- Description: Kannappan is posted to Perumalpuram as the new schoolteacher. The village lies in the black soil region of Tamil Nadu where the river Tamirabarani flows. He's an outsider in this village with Veerayyan, a local farmer, as his only guide and friend. Once settled in his role, Kannappan observes the everyday brutality faced by the farmers at the hands of the sadistic, all-powerful landlord-the Master. Child marriage is common in the village and so is the appalling practice of marrying young lads to older women who then serve as their father-in-law's consort. Through his gentle yet probing conversations with the villagers, Kannappan tries his best to show the villagers a better way of life. The farmers who had begun protesting the excesses meted out to them by the upper-caste landlord soon find an ally in Kannappan. The schoolteacher's sympathies for their cause bolster their waning spirits and replenishes their resolve to fight back. Ponneelan's first novel is a tour de force. Now translated for the first time, Black Soil lays bare the atrocities faced by the farmers and the human cost of building a better tomorrow.
Vishay : Nar Nari
- Author Name:
Bimal Mitra
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत उपन्यास में सुशीतल चटर्जी और अल्का नायर का प्रेम है जो सुशीतल के संयमित और प्रतिज्ञाबद्ध विद्यार्थी जीवन से आरम्भ होकर सुशीतल के पक्के जुआरी और शराबी होने तक जाता है, और दूसरी तरफ़ अल्का के एक मान की ऊँची छवि में स्थापित होने तक जो सुशीतल की दूसरी पत्नी से हुए बेटे की पढाई पर अपने जमा पैसे बिना हिचक खर्च कर देती है। दूसरा चरण सरपति राय के ख़ानदान का क़िस्सा है जो पुनः स्त्री-पुरुष सम्बन्ध के झोंकों में ही झूल जाता है। तीसरे उपन्यास में कुसमिया है—एक ईमानदार और सेवा-भाव से सम्पन्न सेविका जिसे अन्त में अपनी मालकिन के बेटे के ख़ून के इल्ज़ाम में फाँसी की सज़ा होती है। ‘विषय नर-नारी’ में बिमल मित्र ने जैसे लेखक होने की अपनी पहचान को भी बार-बार रेखांकित किया और जिया है। स्वतंत्र रूप से लेखन को ही अपना जीवन-ध्येय बनानेवाले उस ज़माने के ऐसे लेखकों की रचनाएँ स्वयं लेखन की प्रतिष्ठा हैं जिससे जनसाधारण पाठक के रूप में एक सजीव उपस्थिति की तरह जुड़ा रहता था। इस लिहाज़ से भी साहित्य की थाती में सुरक्षित ऐसी रचनाओं को पढ़ा जाना चाहिए।
Ek Doctor Ki Kahani
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: ‘एक डॉक्टर की कहानी’ दरअसल जया की कहानी है और उसके देखे-महसूस किये जीवन की। जैसे जीवन का एक आम-सा चलचित्र एक फ़्रेम में विशिष्ट हो उठा हो। एक मध्यवर्गीय परिवार की लड़की जया अपनी पढ़ाई, विद्यार्थी जीवन और युवा सपनों की यात्रा करते हुए एक दिन गिनेस से मिलती है, और माँ-पिता की असहमति के बावजूद उससे शादी कर लेती है। गिनेस का सम्बन्ध भारतीय मूल के एक मॉरीशसवासी परिवार से है। दिल्ली में वह अपने अध्ययन के लिए एक अस्पताल में कार्यरत है। अत्यन्त संप्रेषणीय और रोचक ढंग से लिखी हुई इस कथा में हमें मुख्य रूप से अस्पताल के भीतर की ज़िन्दगी के दर्शन होते हैं जिन्हें ममता जी ने बहुत सूक्ष्म ऑब्ज़र्वेशन के साथ उकेरा है। डॉक्टरों का निर्मम और स्वार्थी रवैया, पैसे का लोभ, मरीजों की बेबसी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का जीवन आदि का एक कैलाइडोस्कोपिक विवरण हमें इस उपन्यास में मिलता है। गिनेस इस सबमें शामिल नहीं है, वह एक कर्तव्यनिष्ठ और संवेदनशील डॉक्टर है लेकिन अपने काम के प्रति उसका यह निष्ठा-भाव जया को कई बार अकेला-सा कर जाता है। सबकुछ अच्छा होने के बावजूद जया को लगता है कि उसके पास वही नहीं रह गया जिसकी ज़रूरत उसे सबसे ज़्यादा है। दिल्ली और मॉरीशस का भूगोल इस उपन्यास को एक अलग आस्वाद प्रदान करता है।
Firki Wali
- Author Name:
Ram Badan Ray
- Book Type:

- Description: Hindi Novel
Jahaz Paanch Paal Wala
- Author Name:
Savita Bhargav
- Book Type:

- Description: ‘जहाज़ पाँच पाल वाला’ के केन्द्र में तीन ख़ुद-मुख़्तार स्त्रियाँ—वर्तिका, चारुचित्रा और एमिली— हैं जिन्होंने लीक तोड़ते हुए, अपने घर-परिवार, परम्परा और आसपास की पितृसत्तात्मक दुनिया के द्वारा आरोपित तमाम अवरोधों से जूझते हुए अपने लिए अलग राह चुनी और रंगमंच और जीवन दोनों ही इलाकों में एक क़ाबिले-रश्क जगह बनाई। यहाँ परदे के पीछे से समय और घटनाओं के दबाव के बीच रंगमंच की राजनीति है तो मंच पर इन नायिकाओं का हलचल पैदा करनेवाला बिन्दास जीवन, जहाँ जीवन और रंगमंच एक दूसरे का आईना बनते जा रहे हैं और बरसों पहले खेले गए नाटकों के अनेक प्रसंगों की त्रासद छायाएँ उनके वास्तविक जीवन में एक उदास निरन्तरता में गिर रही हैं। अपने निजी सम्बन्धों में ये कई बार ऐसे विरोधाभासों से युक्त दिखाई पड़ती हैं जो बताते हैं कि मुक्ति और बराबरी की यह लड़ाई कितनी मुश्किल होनेवाली है। असल में खोजे जा रहे रास्ते और दुनिया उनके लिए इतनी नई है कि यह नितान्त स्वाभाविक है कि इस खोज में कई बार भटकाव भी दिखें। चारुचित्रा और उसकी बेटी का पहाड़ी बाबा के सम्मोहन में फँसकर जान गँवाना त्रासद है लेकिन यही बात इन्हें एक वास्तविक दुनिया की रहवासी भी बनाती है। यह उपन्यास सांस्कृतिक रूप से उर्वर शहर भोपाल में घटित होता है। भोपाली हिन्दी का प्रयोग इसे एक गाढ़ा स्थानीय रंग और विश्वसनीयता देता है जहाँ से यह उन सारी स्त्रियों की गाथा बन जाता है जो अपने-अपने शहरों में अपने मन का जीवन जीने की लड़ाई लड़ रही हैं।
Mishri
- Author Name:
Anoop Bajpai
- Book Type:

- Description: "‘मिश्री’ के किरदार उसी प्राचीन धार्मिक नगरी वृंदावन की रज ( मिट्टी) में खेल-कूदकर बडे़ हुए हैं, जहाँ की असंख्य लीलाएँ और कहानियाँ दुनिया भर में सुनी-सुनाई जाती हैं। सँकरी गलियों से निकली कहानी के पात्र खुद को सात समंदर पार भी ले जाते हैं। कहानी में वृंदावन के सभी चटख रंग भी दिखेंगे और परंपरा, आस्था के अनोखे ढंग भी। यही कारण हैं ‘मिश्री’ के किरदार करीब से देखने में अपने और जाने-पहचाने से लगेंगे। ऐतिहासिक कहानियाँ जो हमारे चिंतन में या चेतन में कहीं दबी होती हैं, अकसर नए किरदारों, बदलते परिवेश में नए रूप में सामने आती हैं। किसी कहानी में सभी किरदारों का अपना महत्त्व है, लेकिन ‘मिश्री’ में एक आधुनिक नारी का एकतरफा समर्पण दिखेगा। उसने एक पात्र के तौर पर दमदार पहचान बनाई, लेकिन खुद के लिए तो बिलकुल नहीं। एक अदृश्य प्रेम जिसका मकसद कुछ पाना नहीं बल्कि खो देना है। कहानी के अंत में ‘मिश्री’ सभी पात्रों और लेखक को भी यह अहसास कराने में सफल है कि इस कहानी की पहचान तो उसके नाम से ही है।"
5 Point Someone
- Author Name:
Chetan Bhagat
- Book Type:

- Description: "रेयान दौड़कर बोर्ड के पास पहुँचा और पहली पंक्ति के नाइन पॉइंटर मुसकराए कि एक फाइव पॉइंटर क्लास के लिए योगदान देगा। यद्यपि समीकरण सही था; रेयान बोर्ड तक नहीं जाता, जब तक कि वह यह न जान ले कि वह सही है। “बहुत अच्छा, धन्यवाद रेयान। अच्छा, पिछले टर्म पेपर में स्कूटर के पेट्रोल के उपयोग पर लूब्रीकेंट की कार्य-क्षमता के बारे में तुमने ही लिखा था?” “जी हाँ, सर।” “क्या यह सच है कि यह परिणाम तुमने अपने स्कूटर पर टेस्ट किया है?” “हाँ, मैंने किया है, सर। यद्यपि बिलकुल सही तरीके से नहीं।” “वह मुझे अच्छा लगा।” प्रो. वीरा ने नाइन पॉइंटर्स की तरफ देखते हुए कहा, जो रट्टू तोतों की तरह नोट्स बनाने में व्यस्त थे—“मुझे वास्तव में अच्छा लगा।” —इसी उपन्यास से आज की गलाकाट प्रतिस्पर्द्धा के दौर में कैसे अपनी क्षमता, इच्छाशक्ति और कुछ हासिल करने की शिद्दत से युवा सफल हो सकते हैं-यह मूल संदेश है 5 पॉइंट समवन का । लेखन के क्षेत्र में पदार्पण करते ही अपनी सरल-सुबोध भाषा, आकर्षक शिल्प तथा किस्सागोई के कारण लाखों युवाओं को लुभा लेनेवाले बेस्टसेलर लेखक चेतन भगत का उपन्यास है 5 पॉइंट समवन। "
Rang Zindagi Ke
- Author Name:
Mukesh Dubey
- Book Type:

- Description: Book
Mahashweta
- Author Name:
Tarashankar Bandyopadhyay
- Book Type:

- Description: सुविख्यात बांग्ला उपन्यासकार ताराशंकर बंद्योपाध्याय की यह पुस्तक कथावस्तु और रचना-शिल्प की दृष्टि से एक अनूठी और मार्मिक कथाकृति है। माता-पिताविहीन नीरजा नामक एक बालिका का जैसा चरित्र-चित्रण यहाँ हुआ है, वह सिर्फ़ तारा बाबू जैसे कथाकार ही कर सकते हैं। पशुवत् मनुष्यों के लोभ, कुत्सा और समाज की कुरूपताओं से अनथक संघर्ष करती हुई नीरजा मानो तेजोद्दीप्त भारतीय नारी का प्रतीक बनकर उभरती है, जिसमें परदुख-कातरता भी है और उसके लिए आत्मोत्सर्ग की भावना भी। एक ओर वह अनाचार से जूझने के लिए जलती हुई मशाल है, तो दूसरी ओर उसके अन्तर में प्रेम की अन्तःसलिला प्रवाहित हो रही है। नारी की आत्मनिर्भरता उसके जीवन का मूलमंत्र है, जिसे वह सम्मानपूर्वक जीने की पहली शर्त मानती है। वस्तुतः तारा बाबू ने इस उपन्यास में स्थितियों और परिवेश को नाटकीयता प्रदान करके विलक्षण प्रभाव उत्पन्न किया है।
Lakh Ki Naak
- Author Name:
Sarveshwardayal Saxena
- Book Type:

- Description: लाख की नाक’ सर्वेश्वरदयाल सक्सेना द्वारा लिखा गया बाल नाटक है। इस नाटक के विषय में सर्वेश्वर कहते हैं, यदि आप बच्चों के साथ खेल नहीं सकते तो बच्चों के लिए लिख भी नहीं सकते, चाहे नर्सरी कविता हो चाहे नाटक। बच्चों के अनुभव संसार से जुड़कर ही किसी भी आयु वर्ग का अनुभव बच्चों का अपना अनुभव बन पाता है जिसमें तर्क से अधिक बाल अभिरुचि का महत्त्व है। ‘लाख की नाक’ एक ऐसा ही नाटक है। यह नाटक बाल-गीतों के प्रवाह में अपने संवादों को पूर्ण बनाता है।
The Roof Beneath Their Feet
- Author Name:
Geetanjali Shree +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: In this beautifully crafted novel, roofs have a special place; they are meant for wild things, for romance and for play, they are places to dry pickles and grains while exchanging gossip about quiet caresses. But above all, they are realms of freedom. In The Roof Beneath their Feet, Chachcho and Lalna use their roofs to build a friendship that transcends time and memory. Suddenly one day, Lalna has to leave, to return only after Chachcho’s passing. Amidst rumors and gossip in the neighborhood, Chachcho’s nephew tries to piece together his memories of the two women, one of whom is his mother. The truth he is searching for could destroy him forever, but to not find out is no longer an option. A story of twists and turns, The Roof Beneath Their Feet, translated from the original Hindi by Rahul Soni, is easily one of the best contemporary novels you have read in a long time.
Dhibri Tight
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Meghdoot Ki Raah Ke Pathik
- Author Name:
Manisha Kulshreshtha
- Book Type:

- Description: ‘मेघदूत की राह के पथिक’ कालिदास की अमर कृति मेघदूत के साथ एक सघन रचनात्मक सम्वाद है—प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक जैकब एल मोरेनो की उस स्थापना के संदर्भ में जो रचनात्मकता को शारीरिक-मानसिक सक्रियता और सामुदायिक पारस्परिकता के साथ जोड़ती है। यानी रचनात्मकता वह जो हर तरह की जड़ता का भंजन करे। इस दृष्टिकोण से देखें तो यह कृति बन्द कमरे का विशुद्ध मानसिक और किताबी सम्वाद नहीं, जीवन और प्रकृति के प्रकट और प्रच्छन्न के रमता योगी कालिदास के साथ एक जीवन्त यात्रात्मक जुगलबन्दी है। जिन मार्गों पर चलकर कालिदास ने मेघदूत का भौगोलिक आधार पाया होगा और कथा और जीवन के जिन धुँधलकों में बिखरे उच्छ्वासों को अन्तर्भूत कर ‘कविताया’ होगा, मनीषा रामगिरि और अलकापुरी के बीच उच्छ्वसित धुँधलके में बिखरे उन सारे सम्भावित मार्गों पर चलीं और आज के कण्ठ में अवशिष्ट धुनें और लोककथाएँ सुनते-चुनते लौटीं; तब कहीं जाकर इस सम्वाद को सम्भव किया। जब आप प्रकाशित पृष्ठों से गुज़रेंगे तो पाएँगे कि यहाँ भौगोलिक ही नहीं ज्ञानमार्ग की यात्रा से हासिल निधियाँ भी हैं। कालिदास की ही तरह यहाँ भी मिथक और यथार्थ के बीच विश्वसनीय आवाजाही की गई है और पार्थिव और प्राकृतिक पता वाला साहित्य और इतिहास का एक सुन्दर साझा लोक भी रचा गया है। भौगोलिक मेघ-मार्ग और सांस्कृतिक मेघदृष्टि को समझने के लिए यह एक पुस्तक एक रम्य और रोचक शाहकार है। —डॉ. विनय कुमार
Mahua Ka Ped
- Author Name:
P. Baidyanath
- Book Type:

- Description: ‘महुआ का पेड़’ गाँव और शहर के विरोधाभास और उनके बीच आवाजाही करते सीधे-सादे पात्रों की ऐसी कहानियों का संग्रह है जो हमारे समय के यथार्थ को एकदम सरल और सहज भाषा में रेखांकित करती हैं। सरल हृदय लोगों की उदारता और स्वार्थ में अन्धे हुए लोगों की विद्रूपता के कई लोमहर्षक चित्र ये कहानियाँ हमारे सामने उपस्थित करती हैं। मनुष्यता को लेकर एक अन्तहीन उम्मीद इन कहानियों का वह आधार है जो कहीं कमजोर नहीं पड़ता। राबिया का सरल समर्पण हो या सुकुल बाबू और सुलक्षणा का मानवता के प्रति उदात्त व्यवहार; लेखक की निगाह अपने सूक्ष्म पर्यवेक्षण से जीवन में उन तन्तुओं की तलाश कर ही लेती है, जिनसे मनुष्य समाज प्रेरणा ग्रहण कर सकता है, और हताशा के अँधेरों में भी अपनी राह पा सकता है। ‘झूठी शान’ कहानी के नितेश और चन्दा अपने समाज की रूढ़ियों को ही किस तरह एक आधुनिक मोड़ देते हैं, यह देखने लायक है, इसी तरह जुम्मन द्वारा अपनी बकरी और उसके बच्चों को बचाने का संघर्ष मानव-मन की जटिल प्रकृति के उजले पक्ष को दिखाता है। इन कहानियों की एक उल्लेखनीय विशेषता इनकी सरल संरचना है जो इन्हें हर पाठक के लिए पठनीय बनाती है। कथाकार ने कहीं भी उपदेश देने का प्रयास नहीं किया, बल्कि जीवन के यथार्थ को एक सुन्दर कथा के रूप में ढालते हुए वे पाठक को सोचने के लिए प्रेरित करते हैं, ताकि वह अपने परिवेश के स्याह-सफ़ेद को स्वयं देख सके।
Kulta
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

- Description: प्यार और मुक्ति इनसान की बुनियादी आकांक्षाएँ हैं। स्वाभाविक और दुर्निवार। लेकिन यही प्यार अगर उसे अपनी सहज गति को बाधित करने वाला बन्धन लगने लगे तो उसे तोड़कर आगे बढ़ने में भी वह एकपल की देरी नहीं करना चाहता। स्वेच्छा से चुनी गई एक राह को छोड़कर किसी और रास्ते पर बढ़ने का यह निर्णय निर्द्वन्द्व नहीं होता लेकिन प्यार की तलाश में इनसान नए रास्ते पर बढ़ने का जोखिम उठा ही लेता है। ‘कुलटा’ प्यार के इसी प्रमेय को साबित करने वाली कहानी है। मिसेज तेजपाल अपने पति के अनुशासनबद्ध अभिजात परिवेश में खुद को बँधा महसूस करती है जबकि उसका व्यक्तित्व किसी निर्बन्ध झरने जैसा है। यौन सम्बन्धों के असन्तुलन और सैनिक जकड़बन्दी से मुक्ति के लिए वह अपने पवित्र प्यार की राह चुनती है। लेकिन एक स्त्री के अपने चुनाव को हमारा आधुनिक समाज कोई मान्यता नहीं देता। यदि वह अपनी राह स्वयं चुनती है तो उसके लिए कोई क्षमा नहीं है। इसे ही वह चुनौती देती है!... मिसेज तेजपाल पागल और कुलटा नहीं तो क्या है ?
Daatu
- Author Name:
S.L. Bhyrappa +2
- Rating:
- Book Type:

- Description: Daatu is a powerful portrayal of turbulences and troubles caste system causes in Indian society. A unique novel, it was chosen for Sahitya Akademi award in 1975. Its problem is relevant even today and it seems it continues to be relevant for many decades to come. The author deftly uses myths and mystical images to connect the present with the past. Set in Thirumalapura and through the takes of a daughter of a Brahmin priest who chooses to marry a non-Brahmin, son of a powerful minister, the novel vividly on individuals and societal structures. It is a stunning saga of courageous forthright and intelligent women of tremendous will power.
Jinhen Jurme Ishq Pe Naaz Tha
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: यह उपन्यास 'जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था' हमारे चारों ओर पसरते जा रहे अंधकार को चीरकर एक प्रकाश-पुंज की तरह सामने आता है। निराशा के इस जानलेवा समय में पंकज सुबीर की यह कृति हमें हौसला और उम्मीद बँधाती है। इसे पाठ्यक्रमों में सम्मिलित किया जाना चाहिए और युवाओं तक निःशुल्क पहुँचाया जाना चाहिए। आज के पुस्तक और प्रेम विरोधी दौर में ऐसा कुछ किया जाना चाहिए कि 'जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था' उपन्यास घर-घर में पढ़ा जाए। हिन्दी के चर्चित लेखक पंकज सुबीर का तीसरा उपन्यास। पंकज सुबीर के पहले दोनो उपन्यास "ये वो सहर तो नहीं" और "अकाल में उत्सव" बहुत अधिक चर्चित रहे हैं। कई सारे सम्मान इन दोनो उपन्यासों पर प्राप्त हुए। और अब पंकज सुबीर का तीसरा उपन्याास "जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था" प्रकाशित होकर आया है। पंकज सुबीर अपनी अलग तरह की शैली तथा विशिष्ट भाषा के लिए पहचाने जाते हैं। यह उपन्यास भी उसी कड़ी में एक प्रयोग है। यह उपन्यास मानव सभ्यता के पिछले पाँच हज़ार वर्षों की कहानी कहता है। और तलाशने की कोशिश करता है कि आख़िर वो क्या है, जिसके कारण मानव सभ्यता पिछले पाँच हज़ार साल केवल लड़ाई और युद्ध में ही गँवा चुकी है। यह उपन्यास बहुत सूक्ष्मता के साथ पिछले पाँच हज़ार सालों की कहानी का अवलोकन करता है। पाठक को एक ऐसी दुनिया में ले जाता है, जहाँ वर्तमान और भविष्य के संकेत मिलते हैं।
Jalti Hui Basti
- Author Name:
Basudev Sunani
- Book Type:

-
Description:
ओड़िशा के एक गाँव में उच्च जाति के लोग दलितों की बस्ती में आग लगा देते हैं। नतीजतन चालीस परिवार अपनी ज़मीन से एक झटके में उखड़ जाते हैं। इस तरह एक तरफ़ जहाँ सदियों से जड़ जमाए बैठी जाति-व्यवस्था का क्रूर चेहरा झलक उठता है वहीं दूसरी तरफ़ बेघर हो चुके दलितों का कठिन-कठोर जीवन-संघर्ष शुरू हो जाता है। ‘जलती हुई बस्ती’ उपन्यास इन्हीं दोनों छोरों के बीच पसरे यथार्थ को आधार बनाकर भारतीय समाज के भविष्य की सम्भावनाओं की तलाश करता है।
गाँव से विस्थापित होकर एक शहर में ठौर पाने वाला मकारू बरसों बाद जब अपने पुश्तैनी गाँव की यात्रा पर निकलता है तो पीढ़ी-दर-पीढ़ी भुगते गए भेदभाव, अपमान और उत्पीड़न की स्मृतियाँ सजीव होने लगती हैं। वह उस पीड़ा और सदमे को फिर से महसूस करता है जिन्हें वह हमेशा बिसरा देना चाहता था। इस तरह उसकी यह यात्रा महज अपनी जड़ों की तलाश नहीं, जातिगत हिंसा और उसकी गहरी जड़ों की पड़ताल बन जाती है— और, उस गतिशीलता का संकेतक भी जिस पर मकारू और उस जैसे दूसरों का स्वप्न निर्भर है।
उपन्यास आगाह करता है कि जब तक जाति रहेगी, तब तक उसकी आग हमारे इतिहास और भविष्य को खत्म करती रहेगी। इसका सन्देश स्पष्ट है—जाति के दायरे से बाहर होकर ख़ुद को जानना आज़ादी की दिशा में पहला क़दम है।
ओड़िया दलित साहित्य की एक प्रतिनिधि कृति! अवश्य पठनीय!
Proud Convicts Of Love
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: Pankaj Subeer is well known for his writings on unique subjects and his mesmerizing extraordinary ways of storytelling. He is a novelist, short story writer and an editor of two magazines. He has written three novels, eight short story books and his writings have appeared in many magazines, daily newspapers and books. In his writings, he depicts social injustice, ugliness and discrimination in the society, and hope through love. His one novel ''Akaal mein utsav'' is on farmer's problems. Another novel 'Yeh woh sehar to nahin' is written on those historical characters which had been forgotten and forbidden by the time. In his short stories, he has succeeded in riveting the reader's attention towards his characters with different, very engrossing, styles of writings in Indian literature. He has won numerous national and international awards for his contribution to literature. ''Proud convicts of love'' is a translation of his very popular Hindi novel ''Jinhe jurm e ishq par naaz tha.'' Rachana Tyagi has translated this novel. The novel was published in 2019 by Shiva publications and was sold out very quickly and its second edition was also published in 2019.Third and fourth editions came out in 2020 and fifth edition in 2021. Although all his books have been very popular, this novel has broken all records and is his best creation to date. ''Proud convicts of love'' is a beautiful journey of five thousand years of civilizations portraying the role religion played in shaping and dividing societies and nation building based on unfounded and selfish interpretations of religious teachings. In this novel Pankaj Subeer has been successful in bringing forward a new ideology of love, faith and belief. I'm confident that this English translation will enthrall the readers as much as the Hindi version continues to do till this day!. -Sudha Om Dhingra, USA
Neem Ka Ped
- Author Name:
Rahi Masoom Raza
- Rating:
- Book Type:

- Description: “मैं अपनी तरफ़ से इस कहानी में कहानी भी नहीं जोड़ सकता था। इसीलिए इस कहानी में आपको हदें भी दिखाई देंगी और सरहदें भी। नफ़रतों की आग में मोहब्बत के छींटे दिखाई देंगे। सपने दिखाई देंगे तो उनका टूटना भी।...और इन सबके पीछे दिखाई देगी सियासत की काली स्याह दीवार। हिन्दुस्तान की आज़ादी को जिसने निगल लिया। जिसने राज को कभी भी सु-राज नहीं होने दिया। जिसे हम रोज़ झंडे और पहिए के पीछे ढूँढ़ते रहे कि आख़िर उसका निशान कहाँ है? गाँव मदरसा ख़ुर्द और लछमनपुर कलाँ महज़ दो गाँव-भर नहीं हैं और अली ज़ामिन खाँ और मुस्लिम मियाँ की अदावत बस दो ख़ालाज़ाद भाइयों की अदावत नहीं है। ये तो मुझे मुल्कों की अदावत की तरह दिखाई देती है, जिसमें कभी एक का पलड़ा झुकता दिखाई देता है तो कभी दूसरे का और जिसमें न कोई हारता है, न कोई जीतता है। बस, बाक़ी रह जाता है नफ़रत का एक सिलसिला... “मैं शुक्रगुज़ार हूँ उस नीम के पेड़ का जिसने मुल्क को टुकड़े होते हुए भी देखा और आज़ादी के सपनों को टूटे हुए भी देखा। उसका दर्द बस इतना है कि वह इन सबके बीच मोहब्बत और सुकून की तलाश करता फिर रहा है।”
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book