Chiriya Udd
(0)
Author:
Poonam DubeyPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
400
₹ 320 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789353224714
-
Pages200
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Chhattisgarh Ka Bhugol
- Author Name:
Dr. Gitesh Kumar Amrohit
- Rating:
- Book Type:

- Description: Chhattisgarh Ka Bhugol
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Samajik Vigyan Practice MCQs (MPTET Social Science Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UP TGT Ganit 10 Practice Sets in Hindi Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Sewa Chayan Board (UPSESSB TGT Mathematics Practice Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CRPF Kendriya Reserve Police Bal Head Constable (Ministerial) Evam A.S.I. Steno Bharti Pariksha 20 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RSMSSB LDC (Lipik Grade–II Evam Kanisth Sahayak) Bharti Pariksha (Paper–I & II 15 Practice Sets)
- Author Name:
Singh +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokbharti Pramanik Hindi Bal Kosh
- Author Name:
Ramchandra Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aalim Sir Ki English Class
- Author Name:
Aalim
- Rating:
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vedic Ankganit
- Author Name:
Virendra Kumar +1
- Book Type:

- Description: अंकगणित का मूल आधार संख्याएँ तथा उनका योग, व्यवकलन, गुणन, विभाजन आदि प्रमुख संक्रियाएँ हैं । इसके अतिरिक्त संख्याओं के गुणनखंड, मूल तथा घात निकालने की भी आवश्यकता पड़ती है । दो संख्याओं का मध्यानुपाती ज्ञात करने, दिए क्षेत्रफल के वर्गाकार क्षेत्र की भुजा ज्ञात करने, दिए क्षेत्रफल के वृत की त्रिज्या ज्ञात करने, मानक विचलन निकालने आदि अनेक प्रकार के प्रश्नों में वर्गमूल निकालने की आवश्यकता होती है । क्षेत्रफल और आयतन के प्रश्नों में, बोधायन-पाइथागोरस प्रमेय के अनुप्रयोग में, दो बिंदुओं के बीच की दूरी की गणना करने में, चक्रवृद्धि ब्याज के प्रश्न हल करने में, संख्याओं के वर्गफल या घनफल निकालने की आवश्यकता होती है । हमारे देश के विद्वानों ने ऐसी अनेक विधियाँ खोजी हैं, जो गणनाओं को अति अल्प समय में करने में सहायक होती हैं तथा मौखिक रूप से गणनाएँ सरलता से की जा सकती हैं । प्रस्तुत पुस्तक का उद्देश्य ' वैदिक गणित ' के ज्ञान को व्यावहारिक बनाना है, जिससे जन-जन में इसकी पैठ हो सके । इसमें मात्र अंकगणित के क्षेत्र में ' वैदिक गणित ' की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया है । वैदिक विधियाँ अत्यंत सरल हैं, जो गणनाओं के करने में छात्रों के समय तथा श्रम की बचत करती हैं, जिसका लाभ प्राथमिक से लेकर उच्च कक्षाओं तक के सभी छात्र उठा सकते हैं । व्यावहारिक जीतन में तो. ये विधियों अति उपयोगी हैं ही, साथ ही जनसामान्य के लिए भी अति उपयोगी हैं ।
Civil Services Mein Safal Kaise Hon IAS IPS Kaise Bane
- Author Name:
Deepak Anand +1
- Book Type:

- Description: सिविल सेवाएँ देश की सबसे प्रतिष्ठित और महत्त्वपूर्ण सेवाएँ हैं। पढ़े-लिखे युवाओं में इनके प्रति विशेष आकर्षण रहता है। हर युवा इस मुकाम को पाना चाहता है। डेढ़ सौ करोड़ की जनसंख्या में से प्रति वर्ष करीब एक हजार सिविल सेवक चुने जाते हैं, जिनके लिए कई लाख उम्मीदवार आवेदन करते हैं। इन आँकड़ों से इन सेवाओं के प्रति आकर्षण और महत्ता को सहज ही समझा जा सकता है। इन सेवाओं के लिए उम्मीदवारों को त्रिस्तरीय कसौटी पर कसा जाता है। जो उम्मीदवार तीव्र आग सी तप्त इन कसौटियों पर खरा उतरता है, वही चुना जाता है और अपनी अनुपम आभा से देशसेवा का प्रण लेता है। प्रस्तुत पुस्तक सिविल सेवा में तैयारी की मार्गदर्शिका है। इसमें बताया गया है कि इन परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें, अध्ययन के दौरान किन बिंदुओं को विशेषतः ध्यान में रखना है। कुल मिलाकर यह पुस्तक परीक्षार्थियों की ज्यादातर मुश्किलें आसान कर देती है। पुस्तक के लेखक स्वयं एक आई.ए.एस. हैं और सिविल सेवा परीक्षा में टॉपर रहे हैं।. यह पुस्तक उनके विस्तृत व गहन अनुभव का सार है, जो पाठकों के सामने है। प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षार्थियों, अभ्यर्थियों और अपने करियर में सफल होने के लिए प्रबल इच्छाशक्ति रखनेवाले विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक ।
Bhartiya Islami Sanskriti
- Author Name:
Zafar Raza
- Book Type:

-
Description:
लब्धप्रतिष्ठ लेखक प्रोफ़ेसर जाफ़र रज़ा की 'भारतीय इस्लामी संस्कृति' एक महत्त्वपूर्ण विषय पर एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है। उसके नौ अध्याय इस्लामी धर्म और व्यवस्था, ज्ञान और विज्ञान, कला और संगीत के विस्तृत आयामों का संक्षिप्त पर विशद वर्णन प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने इस्लामी परम्परा के भारतीय विकास पर विशेष रूप से प्रकाश डाला है। उनका दृष्टिकोण सन्तुलित और युक्तिसंगत है। अनेकता में एकता के प्रसिद्ध सूत्र को अपनाए रखने और आगे बढ़ाने की आवश्यकता को लेखक ने रेखांकित किया है। औपनिवेशिक भेद नीति से उबरने के लिए यह आवश्यक है कि हिन्दू और मुस्लिम परम्पराओं का समन्वित अध्ययन किया जाए।
प्रस्तुत पुस्तक जिज्ञासुओं को आवश्यक तथ्यों और विचारों से अवगत कराने में सहायक सिद्ध होगी। प्रोफ़ेसर जाफ़र रज़ा को इतनी सुन्दर पुस्तक लिखने के लिए बधाई।
—प्रो. गोविन्द चन्द्रपाण्डे; नई दिल्ली; 20 अप्रैल, 2011
Sati & Vilasi
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: शरतकथा' की यह तीसरी पुस्तक है। इस संग्रह में पाँच कहानियाँ हैं, जिनमें 'बालकों का चोर ' कहानी शरतबाबू की बचपन की कहानियों में से ली गई है। 'सती ', 'दर्पचूर्ण', ' अँधेरे में उजाला' तथा *अनुपमा का प्रेम' उनकी सुप्रसिद्ध कहानियाँ हैं। शरतबाबू की अन्य बड़ी कहानियाँ हिंदी में स्वतंत्र पुस्तकों के रूप में अलग-अलग प्रकाशित हो चुकी हैं। इस कथा-माला का उद्देश्य उनकी छोटी-छोटी कहानियों को मूल बँगला से अक्षरश: अनूदित एवं संकलित कर हिंदी-पाठकों तक पहुँचाना मात्र था, अतः यह सीरीज इस पुस्तक 'सती' के साथ यहीं समाप्त हो रही है। आशा है, शरतकथा-माला की तीनों पुस्तकों--' अभागी का स्वर्ग ', 'विलासी ' एवं 'सती' को पाठक स्नेहपूर्वक अपनाएँगे।
GS SCORE Concept Mapping Workbook Indian Polity & Governance
- Author Name:
Manoj K. Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ruskin Bond Ki Diary (Hindi Translation of A Book of Simple Living)
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: जब हिमालय की घाटियाँ कोहरे में लिपट जाती हैं और मानसूनी बारिश पहाडिय़ों को सराबोर कर देती है, तब दिन के समय, कभी-कभी एक चिडिय़ा मेरे पास आती है—गहरे बैंगनी रंग की चहचहाती चिडिय़ा। वह खिडक़ी की चौखट पर बैठती है, और मेरे साथ बाहर की ओर बारिश को देखती है। यह पुस्तक ऐसे अनेक छोटे-छोटे पलों को दर्ज करती है, जो स्वयं के साथ ही इस प्राकृतिक जगत्, दोस्तों और परिवार ही नहीं आने-जानेवालों को मिलाकर भी एक सामंजस्यपूर्ण जीवन की रचना करती है। इन पन्नों में हम एक जंगली बेर को फलते और देवदार के पेड़ों के बीच से चंद्रमा को निकलते देखते हैं। हम रेडस्टार्ट पक्षियों को चहचहाते और टिन की छत पर बारिश को ढोल बजाते सुनते हैं। हम क्षति के परिणामों और पुराने साथियों की सांत्वना को समझते हैं। नैतिक मूल्यों, संवेदना, पारस्परिकता, समभाव और सद्ïभाव के साथ जीवन जीने के सरल-सुबोध उपाय बताती एक रोमांचक और प्रेरक पुस्तक।
HSSC Group D Bharti Pariksha–2019 (20 Practice Sets)
- Author Name:
Mohit Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Ke Purodha : Shri Mahesh Chandra Sharma
- Author Name:
Acharya 'Anmol'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Angreji Madhyam Ka Bhramjaal
- Author Name:
Sankrant Sanu
- Book Type:

- Description: भारत में आज यह अवधारणा व्याप्त हो गई है कि केवल अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा ही विकास का आधार है। इंजीनियरिंग, चिकित्सा, कानून और उच्च न्यायालयों का संचालन केवल अंग्रेजी में होने से इसी माध्यम का वर्चस्व बना हुआ है। ‘अंग्रेजी माध्यम का भ्रमजाल’ पुस्तक इसी मिथ्या भ्रम को खंडित करती है। समृद्ध देशों में लोग विज्ञान एवं अन्यान्य उच्च शिक्षा अपनी मातृभाषा में प्राप्त करते हैं। शोध विवरणों से पता चला है कि छात्र अपनी मातृभाषा में विज्ञान को बेहतर समझते हैं। भारत को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा सभी भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होनी चाहिए। इस पुस्तक में विशिष्ट नीति प्रस्तावों के अंतर्गत भारत की प्रतिभा को विश्व स्तर पर उभारने हेतु एक व्यावहारिक मार्ग प्रशस्त किया गया है। निजभाषा के प्रति सचेत और जागरूक करने वाली, स्वाभिमान और गर्व के साथ विकास करने को प्रेरित करती पठनीय पुस्तक।
Ayodhya Ne Kaise Badal Di Bambai (Hindi Translation of Bombay After Ayodhya: A City In Flux)
- Author Name:
Jitendra Dixit
- Book Type:

- Description: 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में बाबरी ढाँचे के विध्वंस के बाद पूरा भारत दंगों की चपेट में आ गया था। सांप्रदायिक अशांति को लेकर हमेशा ही अतिसंवेदनशील रही मुंबई में दिसंबर 1992 और फिर जनवरी 1993 में जो हिंसा हुई, वह अभूतपूर्व थी। दो महीने बाद, मार्च के महीने में सिलसिलेवार धमाकों ने शहर को दहला दिया, जिसमें 250 से अधिक लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हो गए। सांप्रदायिक दंगों के बाद छिड़े गैंगवार और अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं ने शहर को तहस-नहस कर दिया। इन सबने मुंबई को हमेशा के लिए बदल दिया। प्रस्तुत पुस्तक बताती है कि पिछले तीन दशकों में मुंबई ने अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव का कैसा दौर देखा है। 1992 के बाद, मुंबई अंडरवल्र्ड में एक विभाजन ने राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दिया, जिसने शहर की जनसांख्यिकी को बदल दिया और नई नई बस्तियों को जन्म दिया। कुछ समय की खामोशी के बाद, वर्ष 2002 में एक बार फिर धमाकों और आतंकवादी हमलों ने इसे हिला दिया। यह हिंसा का एक ऐसा चक्र था, जो 2008 में 26/11 के भयानक आतंकवादी हमलों के साथ चरमोत्कर्ष पर पहुँच गया। मुंबई को जिन प्रमुख घटनाओं और लोगों ने वर्तमान रूप दिया है, उनके विषय में बताने के साथ ही, इस पुस्तक ने शहर के चरित्र में बदलाव, इसके भौतिक रूप और नागरिक मुद्दों से लेकर इसकी अर्थव्यवस्था, रियल एस्टेट और राजनीति तक में बदलाव को शब्दों में बुना है।
Lokbharti Brihat Pramanik Hindi Kosh
- Author Name:
Ramchandra Verma +1
- Book Type:

-
Description:
आचार्य रामचन्द्र वर्मा द्वारा सम्पादित ‘बृहत् प्रामाणिक हिन्दी कोश’ का उपयोग पिछले कई वर्षों से हिन्दी-प्रेमी निरन्तर करते चले आ रहे हैं।
प्रस्तुत बृहत् संस्करण वर्मा जी के मानदंडों के अनुरूप तथा वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सैकड़ों शब्दों को ढूँढ़-ढूँढ़कर इस कोश में स्थान दिया गया है जो पहले से हमारी भाषा के अंग हैं, परन्तु जिनका आज तक कोशों में समावेश नहीं हो पाया। आंचलिक तथा प्रादेशिक रचनाकारों के कुछ ऐसे शब्दों को भी इस कोश में स्थान दिया गया है जो हिन्दी साहित्य में अपना स्थान बना पाए हैं। समस्त पदों में पूर्वपद या उत्तरपद के रूप में कुछ विशिष्ट शब्दों के योग से बने नए शब्दों की बहुलता भी इस कोश में दर्शनीय है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, वाणिज्य, प्रशासन, जनसंचार आदि क्षेत्रों में प्रयुक्त होनेवाले अंग्रेज़ी भाषा के ऐसे शब्दों को भी इस कोश में स्थान दिया गया है, जिनका व्यापक रूप से इधर प्रयोग हो रहा है। इस कोश में पहली बार ऐसे सैकड़ों क्रिया-विशेषण, विशेषण तथा संज्ञा शब्दों की प्रविष्टियाँ मिलेंगी जो सम्बन्धबोधकों की तरह प्रयुक्त होते हैं। इधर सहस्रों हिन्दी शब्दों में नए अर्थ विकसित हुए हैं। ऐसे अर्थों को सँजोने तथा विश्लेषित करने का काम इस बृहत् संस्करण का विशेष ध्येय रहा है।
अरबी, फ़ारसी, तुर्की आदि के अधिकतर प्रचलित शब्दों को मूल शुद्ध रूप में दिखाने का प्रयास किया गया है। अनेक शब्द भेदों में जिन शब्दों को बाँटा जा सकता है, ऐसे शब्दों को प्रयोग के आधार पर क्रिया-विशेषण, योजक, निपात, विस्मयादिक, सम्बन्धबोधक आदि नामों से अभिहित किया गया है। लिंग-सम्बन्धी भी अनेक भूलें ठीक की गई हैं। अनेक शब्दों की व्युत्पत्ति में भी सुधार किया गया है।
इधर सहस्रों नए शब्द हमारी भाषा में प्रविष्ट हुए हैं। इनमें से जिनका पत्र-पत्रिकाओं में विशेष रूप से प्रयोग देखने को मिला, उन्हें इस नवीन संस्करण में सम्मिलित कर लिया गया है।
निश्चय ही यह कोश, विद्यार्थियों, लेखकों, अध्यापकों, सम्पादकों, पत्रकारों, शोधार्थियों इत्यादि के लिए अत्यन्त उपयोगी तथा विश्वसनीय है।
Roohani Safar
- Author Name:
Sanjay Agarwal
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक 'रूहानी सफ़र' प्रेम और मार्मिक भावनाओं पर आधारित शेरो- शायरी और कविताओं का संग्रह है। जेसे-जेसे पाठक इस रोचक और भावनापूर्ण सरोवर में डूबेंगे, हर नज्म जटिल मानवीय रिश्तों के एक नए पहलू को सुलझाने का प्रयास करेगी | स्त्री-पुरुष के संबंधों के खट्ठे-मीठे पलों का अनूठा व्याख्यान आपको इसे बार-बार पढ़ने के लिए आकर्षित करेणा | लेखक मानते हैं कि दिल के एहसासों को कागज के आईने में उतारने की कोशिश में उनकी कलम कब एक कवि बनने का नया स्वप्न लिखने लगी, उन्हें पता भी नहीं चला। पारिवारिक सभाओं में उनके काव्य पर मिली प्रशंसाओं एवं हौसला अफजाई ने उनके आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया, जिसका फल '“रूहानी सफर” पाठकों के समक्ष है। यह पुस्तक मानवीय संबंधों और सामाजिक मूल्यों की एक अनूठा सफर है, जिसमें आपको जीवन के प्रति एक नई दृष्टि प्राप्त होगी |
Vaigyanik Kosh
- Author Name:
Shanti Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: विज्ञान और वैज्ञानिकों का मनुष्य-जीवन और सभ्यता के लिए अतुल्य योगदान रहा है। विकास के रथ को तीव्र गति से आगे बढ़ाने में उन्होंने बहुधा अपने जीवन और जीवन की सुख-सुविधाओं तक को महत्त्व नहीं दिया। यह ‘वैज्ञानिक कोश’ संसार के ऐसे ही वैज्ञानिकों से हमारा परिचय कराता है जिनके आविष्कारों और खोजों ने दुनिया को इतना उन्नत और सुविधाजनक बनाया है जिसमें रहते हुए हम मानव-जाति के भविष्य के बारे में सोच सकते हैं। इनमें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक भी शामिल हैं जिनका परिचय अलग से दिया गया है। हिन्दी में अभी तक ऐसी और इतनी विस्तृत पुस्तक उपलब्ध नहीं थी। यह हिन्दी के प्रमुख विज्ञान-लेखक गुणाकर मुळे के बरसों के श्रम का नतीजा है, जिसे अन्तिम रूप उनकी पत्नी और सुपुत्र ने सावधानी और यत्नपूर्वक दिया है। हर पाठक के लिए उपयोगी यह कोश न सिर्फ़ विश्व के महान वैज्ञानिकों के जीवन, उनके आविष्कारों और उपलब्धियों के विषय में आवश्यक जानकारी देता है, बल्कि हमें वैज्ञानिक ढंग से सोचने को भी प्रेरित करता है। परिशिष्ट में प्रस्तुत की गई सामग्री इस अध्ययन को और भी उपयोगी बनाती है जिसमें भौतिकी, रसायन और चिकित्सा विज्ञान आदि विषयों की संक्षिप्त एवं सारगर्भित जानकारी दी गई है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book